राजकीय महाविद्यालय बसवा में 'न्यायिक चर्चा': छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा और कानून के गुर बसवा (दौसा) रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू। राजकीय महाविद्यालय बसवा में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर तथा अपर जिला न्यायालय बांदीकुई की अधिवक्ता दीपांशा सक्सेना ने 'न्यायिक चर्चा' विषय पर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। अधिवक्ता सक्सेना ने कहा कि वर्तमान युग में छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए और अपने खिलाफ होने वाले किसी भी अपराध को सहन नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच व बैड टच की पहचान करने, लोगों की संकीर्ण सोच को समझने और उनसे बचने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद लेने की सलाह दी गई। सत्र के दौरान नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बने पॉक्सो (POCSO) एक्ट, भारतीय न्याय संहिता, बाल विवाह, घरेलू हिंसा तथा महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार को रोकने वाले कड़े कानूनों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि छात्राएं समाज में निडर होकर और पूरी आत्मरक्षा के साथ आगे बढ़ सकें।
राजकीय महाविद्यालय बसवा में 'न्यायिक चर्चा': छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा और कानून के गुर बसवा (दौसा) रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू। राजकीय महाविद्यालय बसवा में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्र में राजस्थान
उच्च न्यायालय जयपुर तथा अपर जिला न्यायालय बांदीकुई की अधिवक्ता दीपांशा सक्सेना ने 'न्यायिक चर्चा' विषय पर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। अधिवक्ता सक्सेना ने कहा कि वर्तमान युग में छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए और अपने खिलाफ होने
वाले किसी भी अपराध को सहन नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच व बैड टच की पहचान करने, लोगों की संकीर्ण सोच को समझने और उनसे बचने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद लेने की सलाह दी गई। सत्र
के दौरान नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बने पॉक्सो (POCSO) एक्ट, भारतीय न्याय संहिता, बाल विवाह, घरेलू हिंसा तथा महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार को रोकने वाले कड़े कानूनों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि छात्राएं समाज में निडर होकर और पूरी आत्मरक्षा के साथ आगे बढ़ सकें।
- बसवा में रामलीला के तीसरे दिन राम जन्म और ताड़का वध की लीला का मंचन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ बसवा (दौसा)। रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू।कस्बे में श्री कृष्ण क्लब बसवा के तत्वाधान में आयोजित की जा रही भव्य रामलीला के तीसरे दिन कलाकारों ने राम जन्म से लेकर ताड़का वध तक के प्रसंगों का जीवंत मंचन किया। लीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उमड़े, जिससे पूरा माहौल धार्मिक रंग में रंग गया। यज्ञ से लेकर गुरुकुल शिक्षा तक के प्रसंगों का मंचन तीसरे दिन की लीला की शुरुआत राजा दशरथ द्वारा पुत्र प्राप्ति की कामना के साथ हुई, जिसके लिए उन्होंने श्रृंगी ऋषि के सानिध्य में पुत्रेष्टि यज्ञ संपन्न किया। इसके बाद भगवान श्री राम सहित चारों भाइयों के जन्म लेते ही पूरा पंडाल "भये प्रगट कृपाला..." के जयकारों से गूंज उठा। लीला में आगे गुरु वशिष्ठ द्वारा चारों भाइयों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का नामकरण संस्कार किया गया। चारों भाइयों के गुरुकुल जाकर विद्या और धनुर्विद्या अध्ययन करने के दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ताड़का वध और मारीच को लंका पहुँचाने की लीला लीला के उत्तरार्ध में महर्षि विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को मांगने का प्रसंग दिखाया गया। वन में जाकर श्री राम और लक्ष्मण ने राक्षसों के आतंक को समाप्त करते हुए ताड़का एवं सुबाहु का वध किया। वहीं, प्रभु श्री राम द्वारा मारीच को एक ही बाण से उड़ाकर सीधे लंका पहुँचाने की लीला का मंचन आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देखकर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इन कलाकारों ने निभाया अहम किरदार रामलीला के मंचन में विभिन्न पात्रों के रूप में स्थानीय कलाकारों ने शानदार अभिनय किया: मुख्य पात्र: राम के रूप में पुष्पेंद्र सईवाल, लक्ष्मण के रूप में राजा साहू, भरत के रूप में मोहित साहू और शत्रुघ्न के रूप में विशाल मल्लाह ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। राजदरबार व ऋषिगण: राजा दशरथ का किरदार सुरेश छबीला, सुमंत का रामवतार शर्मा, गुरु वशिष्ठ का रामनारायण हलवाई, श्रृंगी ऋषि का विष्णु चुलीवाल, अग्निदेव का लक्षित कुचोरिया और महर्षि विश्वामित्र की भूमिका योगेश लखेरा ने निभाई। माताएं: माता कौशल्या का अभिनय अनिल प्रजापत, कैकेयी का मांगीलाल सैनी और सुमित्रा का पूरण सैनी ने किया। राक्षस व अन्य पात्र: ताड़का के रूप में मोती मल्लाह, सुबाहु के रूप में ओम प्रकाश साहू, मारीच के रूप में नवीन शर्मा और अहिल्या के रूप में लाला राम राणा ने भूमिका निभाई। व्यास गद्दी पर विराजमान होकर वतन मिश्रा ने प्रसंगों का सस्वर पाठ और संचालन किया। ये गणमान्य लोग रहे मौजूद इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर क्षेत्र के कई वरिष्ठ और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें संभावित जिला परिषद सदस्य कांग्रेस प्रत्याशी सूरज मल सैनी, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बांदीकुई सम्पत राम मीणा, विकास व्यास, विजय शर्मा टिक्कीवाल, पूर्व सरपंच रामकरण सैनी, मनोहर सोडिया, फूलचंद गुप्ता, बाबूलाल तलाव वाला, कैलाश सैनी, जितेंद्र योगी, बनवारी सैनी, बोदन लाल भेड़का और भगवान सैनी नेता व गिर्राज धोबी सहित कई गणमान्य नागरिक और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।1
- सेवा ज्योति कलश यात्रा से गूंजा अनंतवाड़ा, विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को दिया विकसित भारत का संदेश बांदीकुई(अमर चन्द बैरवा)विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत बुधवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अनंतवाड़ा में सेवा ज्योति कलश यात्रा निकाली गई। विद्यालय की उपप्रधानाचार्य रचना वर्मा के निर्देशन में आयोजित यात्रा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए ग्रामीणों को जनसेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत का संदेश दिया। विद्यालय परिसर से शुरू हुई सेवा ज्योति कलश यात्रा गांव के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को विकसित भारत-जन सेवा अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया और आमजन को अभियान से जुड़कर अपनी सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। सेवा और जनभागीदारी के माध्यम से गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। यात्रा के दौरान ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय परिसर से शुरू होकर यात्रा पुनः विद्यालय पहुंची, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर अशोक शर्मा, सरिता बैरवा, रेखा माली, रघुवीर गुर्जर, सुबेसिंह यादव, अर्जुन राम मीणा, विजय सैनी, गजराज कंवर, टेमराज सैनी, चन्द्रभान शर्मा, दीपक कुमार सहित विद्यालय स्टाफ एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- कई घंटे लाइन में लगने के बाद किसानों को मिले दो दो कट्टे खाद के वर्तमान में किसानों को खाद की अति आवश्यकता है ऐसे में सिकराय क्षेत्र में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं क्रय विक्रय सहकारी समिति पर खाद आया लेकिन किसानों के लिए मुसीबत बनकर आया है किसानों को परेशानियों का सामना करते हुए खाद मिल रहा है किसानों को कई घंटे लाइन में लगना पड़ता है उसके बाद दो कट्टे खाद के मिल रहे हैं2
- जिला कलक्टर ने वीसी के माध्यम से चुनाव तैयारियों एवं डीएपी वितरण व्यवस्था की समीक्षा की पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश, डीएपी वितरण में किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान जिले में कहीं भी ट्यूबवेल खुला नहीं रहे, सुरक्षित तरीके से बंद करवाना सुनिश्चित करें दौसा, 7 अक्टूबर। जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने बुधवार को उपखंड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियों, रबी सीजन के लिए डीएपी उर्वरक की वितरण व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा किसानों को डीएपी उर्वरक सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं, कार्मिकों से संबंधित तैयारियों, निर्वाचन सामग्री, कानून एवं व्यवस्था सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों की नियमित समीक्षा कर उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर व्यवस्थाओं में कमी नहीं रहे, इसके लिए संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव तैयारियों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सामने आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान करने तथा आवश्यक सूचनाओं एवं प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि पंचायती राज आम चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में जिला कलक्टर ने रबी सीजन में फसल बुवाई के लिए किसानों को आवश्यक डीएपी उर्वरक की उपलब्धता एवं फील्ड में वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुव्यवस्थित हो तथा वितरण स्थलों पर अनावश्यक भीड़ नहीं हो। इसके लिए किसानों को टोकन वितरित कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिला कलक्टर ने मंडावर, लालसोट, बांदीकुई, दौसा एवं सिकराय क्षेत्र में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से डीएपी वितरण व्यवस्था की संबंधित उपखंड अधिकारियों से विशेष रूप से समीक्षा की तथा आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने खराब पड़े एवं खुले ट्यूबवेलों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी खराब पड़ा ट्यूबवेल खुला नहीं रहे। ऐसे ट्यूबवेलों को सुरक्षित तरीके से बंद करवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामराज मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के अन्य उपखंड अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।1
- तिमावा में तीन दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक शरद पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक गुढ़ाचंद्रजी। नादौती उपखंड के समीपवर्ती गांव तिमावा स्थित प्राचीन गोपाल गुफा पर तीन दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों को लेकर बुधवार देर रात देवी चौक पर गोपाल गुफा संत राधाकिशन दास महाराज की अध्यक्षता में ग्रामीणों की बैठक हुई। श्रीगोपाल धाम विकास समिति के प्रवक्ता राजेंद्र तिमावा एवं कोषाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण गुप्ता ने बताया कि बैठक में रासलीला, सत्संग, टेंट, डेकोरेशन, आश्रम की रंगाई-पुताई, भोजन व्यवस्था, बैनर-पोस्टर एवं आमंत्रण पत्र सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां सौंपी गईं। महोत्सव में प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक वृंदावन की रासलीला, दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक संतों का सत्संग-कीर्तन तथा रात 9 से 12 बजे तक रासलीला का आयोजन होगा। 26 अक्टूबर को समापन अवसर पर मां शारदा कला केंद्र, गंगापुर सिटी के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। राम जानकी मंडल गंगापुर सिटी द्वारा जीवंत झांकियां भी सजाई जाएंगी। बैठक में समिति अध्यक्ष धर्मसिंह मीणा सहित कुआड़ा, घाटौली, ठोडी और तिमावा गांव के गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जिला कलक्टर ने वीसी के माध्यम से चुनाव तैयारियों एवं डीएपी वितरण व्यवस्था की समीक्षा की पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियां समयबद्ध रूप से पूरी करने के निर्देश, डीएपी वितरण में किसानों की सुविधा का रखें विशेष ध्यान * जिले में कहीं भी ट्यूबवेल खुला नहीं रहे, सुरक्षित तरीके से बंद करवाना सुनिश्चित करें दौसा, 7 अक्टूबर। जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने बुधवार को उपखंड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियों, रबी सीजन के लिए डीएपी उर्वरक की वितरण व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूरी करने तथा किसानों को डीएपी उर्वरक सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने पंचायती राज आम चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं, कार्मिकों से संबंधित तैयारियों, निर्वाचन सामग्री, कानून एवं व्यवस्था सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों की नियमित समीक्षा कर उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर व्यवस्थाओं में कमी नहीं रहे, इसके लिए संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव तैयारियों की निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सामने आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान करने तथा आवश्यक सूचनाओं एवं प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि पंचायती राज आम चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में जिला कलक्टर ने रबी सीजन में फसल बुवाई के लिए किसानों को आवश्यक डीएपी उर्वरक की उपलब्धता एवं फील्ड में वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुव्यवस्थित हो तथा वितरण स्थलों पर अनावश्यक भीड़ नहीं हो। इसके लिए किसानों को टोकन वितरित कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जिला कलक्टर ने मंडावर, लालसोट, बांदीकुई, दौसा एवं सिकराय क्षेत्र में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से डीएपी वितरण व्यवस्था की संबंधित उपखंड अधिकारियों से विशेष रूप से समीक्षा की तथा आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने खराब पड़े एवं खुले ट्यूबवेलों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी खराब पड़ा ट्यूबवेल खुला नहीं रहे। ऐसे ट्यूबवेलों को सुरक्षित तरीके से बंद करवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल, उपखंड अधिकारी संजू मीणा, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामराज मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के अन्य उपखंड अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक से जुड़े।1
- कचरा पात्रों में सड़ांध, नगर पालिका से जनता का सवाल—क्या कचरा गेट पर लाकर डालना पड़ेगा? नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। चुनाव से पहले नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में गीले और सूखे कचरे के लिए हरे और नीले कचरा पात्र लगाए गए थे। व्यवस्था का उद्देश्य था कि कचरे का सही तरीके से संग्रहण और निस्तारण हो सके। राजस्थान में भी गीले कचरे के लिए हरे और सूखे कचरे के लिए नीले डिब्बों की व्यवस्था को लेकर सरकारी स्तर पर निर्देश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन अब लोगों का सवाल है कि जिन कचरा पात्रों में नियमित रूप से कचरा जमा हो रहा है, आखिर उनकी सफाई कब होगी? कई स्थानों पर कचरा पात्र टूटे हुए बताए जा रहे हैं। इनमें लंबे समय से कचरा जमा होने के कारण सड़ांध और बदबू की शिकायतें सामने आ रही हैं। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गंदगी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर पालिका के मुख्य द्वार पर कचरा डालकर विरोध किया, तो उनकी मांग पर नगर पालिका प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी। 6 अक्टूबर को सफाई कर्मचारियों द्वारा नगर पालिका गेट पर कचरा डालकर धरना देने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। ऐसे में अब आमजन नगर पालिका प्रशासन से सवाल कर रहा है— जब नगर पालिका के गेट पर कचरा पहुंचा तो प्रशासन ने तुरंत ध्यान दिया, लेकिन वार्डों में लगे कचरा पात्रों में कई दिनों से जमा कचरे पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या नगर पालिका प्रशासन को इन कचरा पात्रों की सफाई के लिए किसी बड़े विरोध का इंतजार है? क्या अब नगर पालिका वासियों को भी अपने-अपने वार्डों में जमा कचरा उठाकर नगर पालिका के मुख्य द्वार के सामने डालकर अपनी समस्या बतानी पड़ेगी? लोगों की मांग है कि नगर पालिका प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी वार्डों में लगे कचरा पात्रों की तत्काल सफाई करवाए, टूटे हुए कचरा पात्रों को दुरुस्त या बदले और नियमित कचरा उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित करे। आखिर स्वच्छता व्यवस्था सिर्फ कागजों और चुनावी प्रचार तक सीमित रहेगी या धरातल पर भी दिखाई देगी?1
- राजकीय महाविद्यालय बसवा में 'न्यायिक चर्चा': छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा और कानून के गुर बसवा (दौसा) रिपोर्टर ओम प्रकाश साहू। राजकीय महाविद्यालय बसवा में आयोजित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्र में राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर तथा अपर जिला न्यायालय बांदीकुई की अधिवक्ता दीपांशा सक्सेना ने 'न्यायिक चर्चा' विषय पर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। अधिवक्ता सक्सेना ने कहा कि वर्तमान युग में छात्राओं को डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें अन्याय के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए और अपने खिलाफ होने वाले किसी भी अपराध को सहन नहीं करना चाहिए। कार्यक्रम में छात्राओं को गुड टच व बैड टच की पहचान करने, लोगों की संकीर्ण सोच को समझने और उनसे बचने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद लेने की सलाह दी गई। सत्र के दौरान नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बने पॉक्सो (POCSO) एक्ट, भारतीय न्याय संहिता, बाल विवाह, घरेलू हिंसा तथा महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार को रोकने वाले कड़े कानूनों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि छात्राएं समाज में निडर होकर और पूरी आत्मरक्षा के साथ आगे बढ़ सकें।4