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इटवा थानाक्षेत्र में चीर हरण पुलिस बनी मूकदर्शक, महिला सशक्तिकरण बना छलावा
INDIA TIMES NEWS AGENCY SDR Riyaj khan journalist
इटवा थानाक्षेत्र में चीर हरण पुलिस बनी मूकदर्शक, महिला सशक्तिकरण बना छलावा
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- Post by INDIA TIMES NEWS AGENCY SDR Riyaj khan journalist1
- Post by दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान सिद्1
- भ्रष्टाचार के आरोप में चौकी प्रभारी दरोगा सुनील कुमार पाल को एसपी विनीत जायसवाल ने निलंबित कर दिया। आरोप है कि उन्होंने दौलतपुर निवासी गुलाम हैदर को वारंट के मामले में चौकी पर बुलाकर करीब 6 घंटे बैठाए रखा और छोड़ने के बदले 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी। पीड़ित का कहना है कि पत्नी के जेवर गिरवी रखकर पैसे देने पड़े। मामले का वीडियो सामने आने के बाद कार्रवाई की गई और दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई।1
- Panchayat Karma Kala se suarvada hatwane ke sambandh mein jald se jald karvai karne ki kripa Karen ramkesh Putra Birju Ne suar bara palkar sarkari jameen mein kabja kiye hue hain Sarkar se nivedan hai ki jald se jald karvai kar Gram Panchayat Karma Kala se 3 kilometer dur swar bade ko transfer kiya jaaye ha1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दौरे को लेकर बलरामपुर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने जिले में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। जिले के नहरबालागंज जोकहिया चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लगातार साफ-सफाई का कार्य जारी है। सफाईकर्मी युद्धस्तर पर गंदगी हटाते हुए नजर आ रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हो सकें। इसके साथ ही, सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को भी पकड़कर अलग किया जा रहा है। यह कदम सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।1
- ईरान इजरायल अमेरिका मेडलिस्ट में बढ़ रहे तनाव से अभी हमारे इंडिया में भी असर दिखने लगा है घरेलू गैस का यह हाल है क्योंकि सप्लाई वहीं से सब आता है अभी तो पेट्रोल का हाल बाकि है1
- बस्ती। उत्तर प्रदेश में सुशासन के दावों की पोल एक बार फिर बस्ती जनपद में खुल गई है। यहाँ बड़ेबन पुलिस चौकी से महज 30 मीटर की दूरी पर आधा दर्जन बेखौफ गुंडों ने एक पत्रकार के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उनकी जान लेने की कोशिश और असलहा छीनने का दुस्साहस भी किया। यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि बस्ती में अब गुंडों को न तो कानून का डर है और न ही वर्दी का खौफ। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, पत्रकार ने जब देखा कि कुछ दबंग एक छोटे दुकानदार के साथ गाली-गलौज और अभद्रता कर रहे हैं, तो उन्होंने अपने पेशेवर धर्म का पालन करते हुए वीडियो बनाना शुरू किया। बस यही बात उन 'सफेदपोश' गुंडों को नागवार गुजरी। पुलिस की नाक के नीचे तांडव हैरानी की बात यह है कि जहाँ परिंदा भी पर मारने से पहले पुलिस की मौजूदगी महसूस करता है, वहाँ चौकी से चंद कदमों की दूरी पर: आधा दर्जन गुंडों ने पत्रकार को घेर लिया। हाथों से मोबाइल छीनकर साक्ष्य (वीडियो) डिलीट कराया गया। पत्रकार का असलहा छीनने का प्रयास किया गया। सरेराह गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। बड़ा सवाल: क्या बस्ती की पुलिस इतनी लाचार हो गई है कि उसकी चौखट पर पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं? अगर बीच सड़क पर एक सजग पत्रकार के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या? चौकी इंचार्ज और कप्तान साहब ध्यान दें यह हमला सिर्फ पत्रकार पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। वीडियो डिलीट करा देना इस बात का प्रमाण है कि हमलावर पेशेवर अपराधी हैं और उन्हें साक्ष्य मिटाने की तकनीक बखूबी पता है। पत्रकार के साथ हुई यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती है। क्या इन गुंडों पर बुलडोजर वाली कार्रवाई होगी या फिर पुलिस 'जांच जारी है' का रटा-रटाया जुमला बोलकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगी? सम्पादकीय टिप्पणी: पत्रकारिता का गला घोंटने की कोशिश करने वाले ये तत्व समाज के लिए कैंसर हैं। अगर समय रहते इन पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो बस्ती की गलियों में कलम की आवाज दब जाएगी और गुंडाराज का उदय होगा।1
- Post by Raj A patrakaar Sant Kabir Nagar mehdawal1