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मेरठ में मंगलवार, 23 जून 2026 की देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली रोड पर करीब साढ़े 11 बजे एक युवती को काली स्कॉर्पियो सवार युवकों ने जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया। यह पूरी घटना उस समय हुई जब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोहित कपूर और उनके साथी एकांश गोयल अपनी स्कूटी पर वहाँ से गुजर रहे थे। उन्होंने युवती की चीखने की आवाज सुनी और देखा कि स्कॉर्पियो से उतरे एक युवक ने युवती को बलपूर्वक गाड़ी के अंदर खींच लिया। इन साहसी युवकों ने तुरंत अपनी स्कूटी पर स्कॉर्पियो का पीछा करना शुरू किया, जिसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
आशीष कुमार मिश्रा
मेरठ में मंगलवार, 23 जून 2026 की देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली रोड पर करीब साढ़े 11 बजे एक युवती को काली स्कॉर्पियो सवार युवकों ने जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा कर लिया। यह पूरी घटना उस समय हुई जब ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोहित कपूर और उनके साथी एकांश गोयल अपनी स्कूटी पर वहाँ से गुजर रहे थे। उन्होंने युवती की चीखने की आवाज सुनी और देखा कि स्कॉर्पियो से उतरे एक युवक ने युवती को बलपूर्वक गाड़ी के अंदर खींच लिया। इन साहसी युवकों ने तुरंत अपनी स्कूटी पर स्कॉर्पियो का पीछा करना शुरू किया, जिसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी।
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- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद के रामकोट थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब लकड़ियों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली निर्माणाधीन सड़क पर अनियंत्रित होकर पलट गई। गनीमत रही कि हादसे के दौरान आसपास मौजूद लोग समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली लकड़ियों का भारी बोझ लेकर गुजर रही थी और सड़क निर्माण कार्य के चलते मार्ग पर गिट्टी, मिट्टी और ऊबड़-खाबड़ स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान चालक का संतुलन बिगड़ा और ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई, जिससे लकड़ियां सड़क पर बिखर गईं और कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर आए दिन जाम और दुर्घटना जैसी स्थितियां बन रही हैं। उल्लेखनीय है कि एक दिन पूर्व इसी मार्ग पर लगे जाम में जिलाधिकारी (DM) की गाड़ी भी फंसी थी, जिसके बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। घटना की सूचना मिलते ही रामकोट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मार्ग को खाली करवाने का प्रयास किया ताकि यातायात सामान्य हो सके। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने निर्माणाधीन सड़क की बदहाल व्यवस्था को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- बहराइच जिले की महसी तहसील में क्षेत्र पंचायत की एक बैठक अधूरे कोरम के साथ सम्पन्न हुई। इस बैठक के दौरान शिवपुर में 15 प्रतिशत कमीशन के आरोपों को लेकर सदन में गरमागरमी का माहौल बन गया, जिससे सदन में गहमागहमी बढ़ गई।1
- बेहडा चौराहे पर 23 जून 026 मंगलवार को एक भव्य और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे के आयोजक खैरी घाट थाना के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह थे। यह भंडारा बड़ी धूमधाम से बनाया गया, जिसमें सभी पदाधिकारी शामिल हुए।1
- लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई जानकारी सामने आई है। इस सिलसिले में, सांसद संजय सिंह को विशेष जांच दल (SIT) ने कल सुबह 11 बजे का समय दिया है। वे विजय विश्वास पंत से मुलाकात करेंगे और मामले से जुड़े सबूत सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि संजय सिंह 20 जून से SIT से मिलने का समय मांग रहे थे। हाल ही में लगाए गए आरोपों के बाद SIT ने उन्हें बुलाया है। इस आगामी मुलाकात को जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।1
- जिला बाराबंकी की तहसील फतेहपुर और आसपास के इलाकों में 9 मुहर्रम यौमे आशूरा का मुख्य जुलूस कर्बला की शहादत की याद में शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से निकाला गया। इस दौरान अज़ादार काले कपड़े पहनकर 'या हुसैन' के नारे बुलंद करते हुए नज़र आए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकाला गया, जिसमें अलम और ताजिया उठाए गए। जुलूस में भारी भीड़ देखने को मिली, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुज़रा। इस अवसर पर थाना फतेहपुर प्रभारी अमित कुमार सिंह, चौकी प्रभारी अजय पांडे और पुलिस बल मौजूद रहा।4
- बाराबंकी जिले के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया और जोरदार नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि शाम के समय विद्युत कटौती को बंद किया जाए, क्योंकि रात्रि में बार-बार कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उन्होंने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लगभग 40 बार बिजली काटी जाती है, जिससे हर 10 मिनट की कटौती के कारण उपभोक्ताओं के टीवी, पंखे, फ्रिज, कूलर और इन्वर्टर जैसे उपकरण जलने का खतरा रहता है। संगठन ने बिजली विभाग को जल्द सुधार की चेतावनी देते हुए गांव में सरकार के निर्देशों का पालन करने की मांग की। किसानों ने यह भी मांग की कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदला जाए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में बिजली विभाग के कर्मचारी 24 घंटे लगाते हैं और फिर भी उन्हें ठीक करने नहीं जाते, जिसकी शिकायत ग्रामीण उपभोक्ता लगातार करते रहते हैं। आगामी धान की रोपाई के मद्देनजर खेतों में लटक रहे 11000 लाइन के तारों को तत्काल सही करने की मांग भी की गई। इसके अतिरिक्त, किसानों ने शिकायत की कि गांव में बिजली बिल रीडर समय पर नहीं आते, जिससे उपभोक्ताओं के काफी बिल जमा हो जाते हैं और फिर बिजली विभाग कैंप लगाकर कनेक्शन काट देता है; इसे रोका जाए और हर महीने बिजली बिल निकालकर उपभोक्ताओं को दिए जाएं। कुल मिलाकर, यह घेराव भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति की 10 सूत्री मांगों को लेकर किया गया था। इस दौरान, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गेट को अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलते ही बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने किसानों का प्रार्थना पत्र लिया और आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं पर जांच कर जल्द ही सुधार किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष सतीश के साथ मोहम्मद वास, जुबेर खान, आदित्य कुमार, पार्वती प्रसाद, सरवन यादव, गुड्डू, किरण देवी, शांति देवी, सीमा यादव, सुनीता देवी, माया देवी, लता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे।1
- बाराबंकी के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की अपनी मांग को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सतीश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली लगभग 40 बार काटी जाती है। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज, कूलर और इनवर्टर जैसे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शाम के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदलने, गांवों में छोटे-छोटे फॉल्टों को समय पर ठीक करने और खेतों व गांवों में लटक रहे 11000 वोल्ट के बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जाते, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक बिल का बोझ पड़ता है। बाद में विभाग द्वारा कैंप लगाकर कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज किसान और मजदूर गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।1
- सीतापुर शहर के आंख अस्पताल रोड स्थित एक्सिस बैंक शाखा में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बैंक के सर्वर रूम में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आग एमसीबी (MCB) में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसके बाद देखते ही देखते सर्वर रूम में काला धुआं भर गया। इससे बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्राहकों के बीच दहशत का माहौल बन गया। बैंक परिसर से धुआं निकलता देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बैंक कर्मचारियों ने तत्काल अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। कर्मचारियों की इस तत्परता के चलते आग को शुरुआती स्तर पर ही रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। बैंक में लगे फायर अलार्म के बजते ही दमकल विभाग को सूचना मिली और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने बैंक परिसर का निरीक्षण कर सुनिश्चित किया कि आग पूरी तरह बुझ चुकी है। राहत की खबर यह है कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी या ग्राहक के घायल होने की सूचना नहीं है। इस घटना के बाद बैंक का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और बैंक प्रशासन आग से सर्वर रूम में रखे कीमती उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। वहीं, घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के बाद बैंक कर्मचारी इस जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने और मामले को दबाने का प्रयास करते रहे। इस पूरे घटनाक्रम पर बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रहे हैं।1