चतरा जिले में हाल ही में घोषित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के परिणाम में चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के छह अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इस परीक्षा में बाजी मारने वाले सफल अभ्यर्थियों में नमिता कुमारी, नेहा कुमारी, खुशबू कुमारी, शारदा कुमारी, राकेश कुमार और आलोक कुमार शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सफलता से पंचायत का नाम रोशन किया है। इन नवचयनित अभ्यर्थियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया, जहाँ राजद नेता एवं चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के मुखिया पति जितेंद्र सार्थक ने सभी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जितेंद्र सार्थक ने सभी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धि पूरी पंचायत के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगी। कार्यक्रम के दौरान पंचायत के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
चतरा जिले में हाल ही में घोषित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के परिणाम में चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के छह अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इस परीक्षा में बाजी मारने वाले सफल अभ्यर्थियों में नमिता कुमारी, नेहा कुमारी, खुशबू कुमारी, शारदा कुमारी, राकेश कुमार और आलोक कुमार शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सफलता से पंचायत का नाम रोशन किया है। इन नवचयनित अभ्यर्थियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया, जहाँ राजद नेता एवं चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के मुखिया पति जितेंद्र सार्थक ने सभी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जितेंद्र सार्थक ने सभी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धि पूरी पंचायत के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगी। कार्यक्रम के दौरान पंचायत के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
- चतरा जिले में हाल ही में घोषित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के परिणाम में चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के छह अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इस परीक्षा में बाजी मारने वाले सफल अभ्यर्थियों में नमिता कुमारी, नेहा कुमारी, खुशबू कुमारी, शारदा कुमारी, राकेश कुमार और आलोक कुमार शामिल हैं, जिन्होंने अपनी सफलता से पंचायत का नाम रोशन किया है। इन नवचयनित अभ्यर्थियों के सम्मान में एक समारोह आयोजित किया गया, जहाँ राजद नेता एवं चन्द्री गोविंदपुर पंचायत के मुखिया पति जितेंद्र सार्थक ने सभी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर और फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जितेंद्र सार्थक ने सभी को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की उपलब्धि पूरी पंचायत के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का कार्य करेगी। कार्यक्रम के दौरान पंचायत के कई गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- चतरा जिले के लावालौंग में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की अपील की गई है। इस संगठन के साथ जुड़कर सही रास्ते पर चलने और संघर्ष करने का आह्वान किया गया है।1
- झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर में पूर्व मंत्री चंद्रशेखर उर्फ ददई दुबे की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और समर्थक एकत्रित हुए और उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। इस दौरान प्रभात (बडू) दुबे ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि बाबा ने अपना पूरा जीवन गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में समर्पित कर दिया था।1
- औरंगाबाद की स्थायी लोक अदालत ने जिलेवासियों के लिए यातायात चालान से संबंधित मामलों के निस्तारण को लेकर नई जानकारी साझा की है। स्थायी लोक अदालत, औरंगाबाद के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक राज ने बताया कि अब तक अदालत सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों को सुलझाती रही है, जिसमें परिवहन, डाक, टेलीफोन, विद्युत, जलापूर्ति, स्वास्थ्य, शैक्षणिक और आवास से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। पटना उच्च न्यायालय द्वारा सीडब्ल्यूजेसी संख्या- 20071/2025 में दिनांक 23.06.2026 को पारित न्यायादेश और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्रावधानों के आधार पर अब समझौता योग्य यातायात चालान मामलों का निपटारा भी स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को त्वरित, सुलभ और कम खर्चीला न्याय प्रदान करना है। अशोक राज ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि जिन लोगों के पास लंबित समझौता योग्य यातायात चालान के मामले हैं, वे उनके सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत, औरंगाबाद में अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।1
- औरंगाबाद के रफीगंज प्रखंड स्थित बलिगांव में 9 जुलाई को प्रस्तावित मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बारिश के कारण रद्द कर दिया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान जननायक जगदेव प्रसाद की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जाना था, जिसकी तैयारियों में पिछले करीब दो महीने से क्षेत्र के लोग जुटे हुए थे। कार्यक्रम रद्द होने की सूचना मिलने के बाद से ही ग्रामीणों में गहरा उत्साह निराशा में बदल गया है। ग्रामीणों के अनुसार, आयोजन को लेकर क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था, जिसके चलते कई लोग दूसरे राज्यों से भी अपने गांव पहुंचे थे। इस कार्यक्रम के लिए की गई तैयारियों के तहत प्रतिमा स्थल के पास स्थित करीब आधा दर्जन दुकानों और झोपड़ियों को हटा दिया गया था, जिससे अब उन परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एस.के. कुमार, उपेंद्र कुमार और विनोद चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की नई तिथि की घोषणा जल्द से जल्द की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यक्रम के दोबारा आयोजन से ही उनकी लंबे समय से की जा रही तैयारियों और उम्मीदों को पूरा किया जा सकेगा।1
- औरंगाबाद जिले के नबीनगर प्रखंड स्थित टंडवा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने पिपराडीह गांव के समीप वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक कार से 300 लीटर अवैध देशी टनाका शराब बरामद की है। यह शराब कुल 40 पेटियों में लदी हुई थी। थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि बीते शाम मिली सूचना के बाद पुलिस सतर्क थी और संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही तस्कर कार छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कार और अवैध शराब को जब्त कर बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत अज्ञात तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फरार तस्कर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है और क्षेत्र में शराब तस्करों पर नकेल कसने के लिए अभियान जारी रखने का दावा किया है।1
- गया जिले के आमस में शिक्षा के मंदिर में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। इस शर्मनाक मामले के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इसके लिए शिक्षा विभाग जिम्मेदार है या स्कूल प्रशासन। इस पूरी घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ऐसी घटना के लिए जवाबदेही किसकी है।1