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फिरोजाबाद: बेटे-बहू के उत्पीड़न से त्रस्त बुज़ुर्ग दंपति, न्याय और सुरक्षा की गुहार फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बुज़ुर्गों की सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 65 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला और उनके पैरालाइसिस से पीड़ित पति अपने ही बेटे-बहू पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
PCT News Firozabad
फिरोजाबाद: बेटे-बहू के उत्पीड़न से त्रस्त बुज़ुर्ग दंपति, न्याय और सुरक्षा की गुहार फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बुज़ुर्गों की सुरक्षा और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 65 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला और उनके पैरालाइसिस से पीड़ित पति अपने ही बेटे-बहू पर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
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- Post by Avdhesh3
- यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक विवाहिता की हत्या कर शव फेंकने का सनसनीखेज मामला शुक्रवार शाम सामने आया है। करीब 25 वर्षीय महिला का शव कंबल में लपेटकर पानी निकासी के नाले में फेंका गया था। आशंका है कि गला दबाकर हत्या करने के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को काले टेप से पैक किया। घटना का पता तब चला जब गांव सौरई के पास माइल स्टोन 148 के निकट बकरी चरा रहे ग्रामीणों की नजर नाले में पड़े संदिग्ध शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही एक्सप्रेस-वे पेट्रोलिंग टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार के नेतृत्व में एसओजी, फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने जांच शुरू की। मृतका ने मेहंदी रंग का सलवार-सूट पहन रखा था और पैरों में बिछुए थे। पुलिस को एक हाथ पर गुदा हुआ नाम खुरचा हुआ मिला, जिससे पहचान मिटाने की कोशिश की आशंका जताई जा रही है। गले और चेहरे पर चोट के निशान भी पाए गए हैं, जो हत्या की ओर इशारा करते हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को वाहन से लाकर एक्सप्रेस-वे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस दिल्ली दिशा से आने-जाने वाले वाहनों की गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान कर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। शव की स्थिति से प्रतीत होता है कि महिला ने हत्या से पहले सामान्य श्रृंगार किया हुआ था — आंखों में काजल और हाथ में अंगूठी मिली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे वारदात का पूर्वाभास नहीं था, जो मामले को और उलझा रहा है।1
- Post by Sumer Sumer1
- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट एटा में जीटी रोड पर छ्छेना फ्लाईओवर के पास अज्ञात ट्रक ने ऑटो के मारी टक्कर कई लोग गंभीर हालत में हुए घायल1
- Bahraich kaiserganj Rajan1
- Post by Nasir chicken song Imran Khan Bazar Nasir chicken song Imran Khan1
- विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के आईजी नॉर्थ सेक्टर नवज्योति गोगोई ने वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ताजमहल परिसर की सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से जायजा लेते हुए हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने प्रवेश द्वारों, निगरानी व्यवस्था, ड्यूटी पॉइंट्स तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए, ताकि विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सके। आईजी नवज्योति गोगोई ने CISF जवानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मनोबल बढ़ाया। उन्होंने जवानों की तत्परता और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ समन्वय, सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। CISF अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किया।1
- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट जलेसर। एटा। उत्तर प्रदेश। जनपद एटा में जलेसर क्षेत्र के दरोगा की मनमानी से हजारों जिंदगियां लगी दांव पर, 25 फीट गहरे गड्डे के किनारे भारी वाहनों की लम्बी दौड़, जिले के एटा-बरहन रेलवे लाइन पर गेट संख्या 22 सी (समपार क्रॉसिंग) के पास फ्लाईओवर (रेलवे ओवर ब्रिज) निर्माण कार्य के दौरान एक चौंकाने वाली लापरवाही और मनमानी का मामला आया सामने। स्थानीय दरोगा ने बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश, बिना लिखित अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रास्ते को पूरी तरह खोल दिया, जिससे भारी-भरकम वाहनों और अन्य यानों का आवागमन किया जा रहा है। यह फैसला इतना जोखिम भरा है, कि विशेषज्ञों की मानें तो किसी भी क्षण बड़ा हादसा हो सकता है। मौके पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में साफ दिख रहा है, कि निर्माण स्थल पर 25 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें फ्लाईओवर के लिए आरसीसी सरिया (रॉड) का जाल बिछाया जा रहा है। इसी गड्ढे के ठीक किनारे से सड़क गुजर रही है, जहां भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य यातायात बिना किसी बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था के आवाजाही कर रहे हैं। आसपास की भीड़ में हजारों लोग की भीड़ जमा दिखाई दे रही है, जिनमें स्थानीय निवासी, स्कूली छात्र-छात्राएं और अभिभावक शामिल हैं। पुलिस के जवान भी मौके पर मौजूद हैं, लेकिन कोई सख्त कार्यवाही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ा सवाल: है, कि दरोगा जी ने यह निर्णय अकेले कैसे ले लिया? उत्तर मध्य रेलवे निर्माण खंड कानपुर या उपजिलाधिकारी जलेसर जैसी उच्च स्तरीय अनुमति के बिना रास्ता खोलना क्या नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है? निर्माण कार्य के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद रखने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने के प्रावधान हैं, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है, कि स्कूली छात्र-छात्राओं की मुख्य मांग थी, कि परीक्षा के दौरान (फरवरी-मार्च 2026 सत्र चल रहा है) दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित निकासी हो, लेकिन दरोगा के इस फैसले ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया है। अब भारी वाहन गुजर रहे हैं, जिससे गड्ढे में गिरने या दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है। एक छोटी सी चूक भी दर्जनों जिंदगियों को तहस-नहस कर सकती है। यह निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के तहत एटा-बरहन खंड पर चल रहा है, जहां कुल 6 समपार फाटकों पर आरओबी बनाए जा रहे हैं। गेट 22 पर काम 2025-26 में तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सुरक्षा और स्थानीय सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। पहले से ही सड़क अवरुद्ध होने से स्कूली बच्चों का भविष्य दांव पर था, अब यह मनमानी फैसला मौत को दावत दे रहा है। प्रशासन से सवाल है: बिना आदेश के रास्ता खोलने वाले दरोगा पर क्या कार्यवाही होगी? क्या सुरक्षा मानकों की जांच होगी? क्या तत्काल बैरिकेडिंग, साइनेज और वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी? स्थानीय लोग आक्रोशित हैं, और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो जनहित याचिका तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। यह मामला न केवल निर्माण की लापरवाही का है, बल्कि आम जनता की जान से खिलवाड़ का भी है। प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस मौत के गड्ढे को सुरक्षित बनाना होगा, वरना कोई बड़ा हादसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।1
- Post by Sumer Sumer4