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मध्य प्रदेश के खंडवा में, मंत्री विजय शाह सोफे पर बैठकर आसन करते हुए देखे गए। इस पर मीडिया ने चुटकी ली, जिसका जवाब देते हुए मंत्री विजय शाह ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि 'टाइगर अभी जिंदा है'।

3 hrs ago
user_Ramchandra Kasde
Ramchandra Kasde
Newspaper distribution खलवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago
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मध्य प्रदेश के खंडवा में, मंत्री विजय शाह सोफे पर बैठकर आसन करते हुए देखे गए। इस पर मीडिया ने चुटकी ली, जिसका जवाब देते हुए मंत्री विजय शाह ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि 'टाइगर अभी जिंदा है'।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • खंडवा में शिव सेना के जिला प्रमुख गणेश भावसार ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सड़क और जल संवर्धन के नाम पर लोगों के पूर्वजों की कमाई से बने घरों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब यह सब सड़कों को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है, तो फिर शहर और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण कौन करता है और किसके संरक्षण में बड़े-बड़े आयोजन होते हैं, जिनसे रास्ते बंद हो जाते हैं? भावसार ने शहर विकास की बातें करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब माँगा कि सड़कों पर होने वाले आयोजनों के लिए, जिसमें गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर बड़े-बड़े मंच और स्वागत द्वार लगाकर रास्ता ही बंद कर दिया जाता है, कौन जिम्मेदार है। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में पुलिस थाने के पास ही सड़क पर टेंट लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। भावसार ने कहा कि आम नागरिक पड़ोसी रिश्तों के चलते चुप रहते हैं और डर के मारे अपनी पीड़ा नहीं बता पाते हैं। इस बीच, गार्डनों की भी अनदेखी की जा रही है। गणेश भावसार ने अपनी बात को दाधिची की हड्डियों के शस्त्र न बनने के दुख से जोड़ते हुए कहा कि सड़क के लिए अपने घरों की कुर्बानी देने वाले भी ऐसी ही पीड़ा महसूस करते हैं। उन्होंने नगर निगम, जिला प्रशासन और अतिक्रमणकारियों को इस गंभीर स्थिति को समझने का आग्रह किया।
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    खंडवा में शिव सेना के जिला प्रमुख गणेश भावसार ने नगर प्रशासन और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सड़क और जल संवर्धन के नाम पर लोगों के पूर्वजों की कमाई से बने घरों को तोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब यह सब सड़कों को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है, तो फिर शहर और सड़कों पर अवैध अतिक्रमण कौन करता है और किसके संरक्षण में बड़े-बड़े आयोजन होते हैं, जिनसे रास्ते बंद हो जाते हैं?

भावसार ने शहर विकास की बातें करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब माँगा कि सड़कों पर होने वाले आयोजनों के लिए, जिसमें गली-मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर बड़े-बड़े मंच और स्वागत द्वार लगाकर रास्ता ही बंद कर दिया जाता है, कौन जिम्मेदार है। उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जिसमें कुछ दिन पहले शहर की एक कॉलोनी में पुलिस थाने के पास ही सड़क पर टेंट लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया था, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। भावसार ने कहा कि आम नागरिक पड़ोसी रिश्तों के चलते चुप रहते हैं और डर के मारे अपनी पीड़ा नहीं बता पाते हैं। इस बीच, गार्डनों की भी अनदेखी की जा रही है।

गणेश भावसार ने अपनी बात को दाधिची की हड्डियों के शस्त्र न बनने के दुख से जोड़ते हुए कहा कि सड़क के लिए अपने घरों की कुर्बानी देने वाले भी ऐसी ही पीड़ा महसूस करते हैं। उन्होंने नगर निगम, जिला प्रशासन और अतिक्रमणकारियों को इस गंभीर स्थिति को समझने का आग्रह किया।
    user_Ganesh bhawsar
    Ganesh bhawsar
    Voice of people खंडवा नगर, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मुंबई में मिनारा मस्जिद के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा ने एक योगा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सड़क पर लोग योगा करते हुए देखे गए। इस पर एक सवाल उठाया गया है कि जहाँ इस योगा कार्यक्रम को सही बताया जा रहा है, वहीं यदि पाँच मिनट के लिए भी मस्जिद के बाहर नमाज़ अदा की जाती, तो क्या मीडिया तब भी इसी तरह की सकारात्मक खबरें चलाता।
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    मुंबई में मिनारा मस्जिद के बाहर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा ने एक योगा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान सड़क पर लोग योगा करते हुए देखे गए। इस पर एक सवाल उठाया गया है कि जहाँ इस योगा कार्यक्रम को सही बताया जा रहा है, वहीं यदि पाँच मिनट के लिए भी मस्जिद के बाहर नमाज़ अदा की जाती, तो क्या मीडिया तब भी इसी तरह की सकारात्मक खबरें चलाता।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • पुनासा/मुंदी नगर परिषद में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मांधाता विधायक नारायण पटेल, नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला चंद्रमोहन राठौर, स्कूल प्राचार्य और नगर परिषद के कर्मचारियों सहित अन्य कई सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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    पुनासा/मुंदी नगर परिषद में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मांधाता विधायक नारायण पटेल, नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला चंद्रमोहन राठौर, स्कूल प्राचार्य और नगर परिषद के कर्मचारियों सहित अन्य कई सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
    user_Shahrukh mansuri333
    Shahrukh mansuri333
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है। पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।
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    देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।

भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।

बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है।

पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।
    user_श्याम आर्य
    श्याम आर्य
    अनाज थोक विक्रेता भीमपुर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई। इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में बहू को मायके से विदा कराने गए एक परिवार पर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना रविवार शाम को हुई, जब मरामझिरी क्षेत्र निवासी प्रवीण मरकाम अपने परिवार के साथ बड़े बेटे की पत्नी को लेने भैंसदेही के ग्राम जूनापानी पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि लड़की पक्ष ने परिवार को पानी पीने के लिए दिया, लेकिन परिवार ने यह कहकर मना कर दिया कि वे पहले ही पानी पीकर आए हैं। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते लात-घूंसों से मारपीट में बदल गई।

इस मारपीट में 25 वर्षीय आकाश मरकाम और उनके 28 वर्षीय बड़े भाई विशाल मरकाम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के कारण जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने आकाश मरकाम को मृत घोषित कर दिया, जबकि विशाल मरकाम का इलाज ट्रॉमा सेंटर में जारी है। मृतक आकाश मरकाम सोनाघाटी में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे, वहीं विशाल मरकाम वन विभाग में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं। प्रवीण मरकाम ने बताया कि विशाल की पत्नी एक शादी समारोह में मायके गई थी और वापस नहीं लौटी थी, जिसके चलते परिवार उसे लेने जूनापानी पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही कुछ नाराजगी थी, जिसके कारण पानी न पीने जैसी मामूली बात भी हिंसक विवाद में बदल गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी आशीष कुमरे ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और मारपीट में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_भैंसदेही संवाददाता
    भैंसदेही संवाददाता
    Local News Reporter भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • खामला में सोमवार को तेज़ हवा के साथ बादलों का आगमन हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। मौसम कभी बादलों से घिरा होता है तो कभी भीषण गर्मी पड़ती है। 'मिरग' शुरू हुए पूरे 16 दिन हो चुके हैं, पर मौसम ने अब तक करवट नहीं ली है। सोमवार को खामला के कई इलाकों में बादल छाए रहे।
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    खामला में सोमवार को तेज़ हवा के साथ बादलों का आगमन हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। मौसम कभी बादलों से घिरा होता है तो कभी भीषण गर्मी पड़ती है। 'मिरग' शुरू हुए पूरे 16 दिन हो चुके हैं, पर मौसम ने अब तक करवट नहीं ली है। सोमवार को खामला के कई इलाकों में बादल छाए रहे।
    user_Om bele
    Om bele
    भैंसदेही, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत खंडवा में जिला प्रशासन और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने बी.एम. कृषि महाविद्यालय में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, जैव आदानों के निर्माण तथा रासायनिक उर्वरकों के न्यूनतम उपयोग के प्रति जागरूक करना था। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती की बढ़ती आवश्यकता पर बल देते हुए किसानों से ऐसी खेती पद्धति अपनाने का आग्रह किया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक कंचन मुकेश तंवे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, महापौर अमृता अमर यादव, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर तथा प्राकृतिक खेती प्रमुख नीरज कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि नितेश यादव, परियोजना संचालक आत्मा आनंद सिंह सोलंकी, कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में 325 किसान भाई-बहनों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न जैव आदानों की तैयारी, प्राकृतिक कृषि उत्पादों के उपयोग और कृषि लागत कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक लखन यादव एवं शुभम पटेल ने किसानों को प्राकृतिक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग तथा आत्मा परियोजना के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसके अंत में उपस्थित किसानों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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    किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत खंडवा में जिला प्रशासन और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने बी.एम. कृषि महाविद्यालय में प्राकृतिक खेती कार्यशाला का सफल आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, जैव आदानों के निर्माण तथा रासायनिक उर्वरकों के न्यूनतम उपयोग के प्रति जागरूक करना था।

समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती की बढ़ती आवश्यकता पर बल देते हुए किसानों से ऐसी खेती पद्धति अपनाने का आग्रह किया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक कंचन मुकेश तंवे, मांधाता विधायक नारायण पटेल, पंधाना विधायक श्रीमती छाया मोरे, महापौर अमृता अमर यादव, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर तथा प्राकृतिक खेती प्रमुख नीरज कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उप संचालक कृषि नितेश यादव, परियोजना संचालक आत्मा आनंद सिंह सोलंकी, कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में 325 किसान भाई-बहनों ने इस कार्यशाला में भाग लिया।

कार्यशाला के दौरान, विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न जैव आदानों की तैयारी, प्राकृतिक कृषि उत्पादों के उपयोग और कृषि लागत कम करने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक लखन यादव एवं शुभम पटेल ने किसानों को प्राकृतिक खेती एवं नर्सरी प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग तथा आत्मा परियोजना के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसके अंत में उपस्थित किसानों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हरदा जिले के करताना में एक तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 38 वर्षीय युवक सुधीर पिता सुरेश तोमर की दर्दनाक मौत हो गई। करताना चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुहिग्वाड़ी निवासी सुधीर तोमर, जो सेटिंग लगाने का काम करते थे, रविवार शाम को करताना में अपना काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान करताना और तजपुरा के बीच हनुमान मंदिर के पास यह भीषण दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में सुधीर ने दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के शव को रात भर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया, जिसका अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग रात में ही करताना चौकी पहुँच गए थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वाहन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के नाराज परिजन और सामाजिक लोग इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
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    हरदा जिले के करताना में एक तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 38 वर्षीय युवक सुधीर पिता सुरेश तोमर की दर्दनाक मौत हो गई। करताना चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुहिग्वाड़ी निवासी सुधीर तोमर, जो सेटिंग लगाने का काम करते थे, रविवार शाम को करताना में अपना काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान करताना और तजपुरा के बीच हनुमान मंदिर के पास यह भीषण दुर्घटना हुई।

टक्कर के बाद सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में सुधीर ने दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के शव को रात भर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया, जिसका अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग रात में ही करताना चौकी पहुँच गए थे।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वाहन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के नाराज परिजन और सामाजिक लोग इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
    user_संदीप अग्रवाल Agrawal
    संदीप अग्रवाल Agrawal
    Journalist हरदा, हरदा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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