हरदा जिले के करताना में एक तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 38 वर्षीय युवक सुधीर पिता सुरेश तोमर की दर्दनाक मौत हो गई। करताना चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुहिग्वाड़ी निवासी सुधीर तोमर, जो सेटिंग लगाने का काम करते थे, रविवार शाम को करताना में अपना काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान करताना और तजपुरा के बीच हनुमान मंदिर के पास यह भीषण दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में सुधीर ने दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के शव को रात भर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया, जिसका अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग रात में ही करताना चौकी पहुँच गए थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वाहन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के नाराज परिजन और सामाजिक लोग इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
हरदा जिले के करताना में एक तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 38 वर्षीय युवक सुधीर पिता सुरेश तोमर की दर्दनाक मौत हो गई। करताना चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुहिग्वाड़ी निवासी सुधीर तोमर, जो सेटिंग लगाने का काम
करते थे, रविवार शाम को करताना में अपना काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान करताना और तजपुरा के बीच हनुमान मंदिर के पास यह भीषण दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते
में सुधीर ने दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के शव को रात भर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया, जिसका अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग रात में ही करताना चौकी पहुँच गए थे। पुलिस ने इस
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वाहन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के नाराज परिजन और सामाजिक लोग इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में वार्ड नंबर 6 के निवासी गंदगी, साफ-सफाई की कमी और सड़कों पर अवैध कब्जों से बुरी तरह परेशान हैं। नागरिकों का आरोप है कि वर्तमान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) निखिलेश चिंतामन और वार्ड नंबर 6 के पार्षद आनंद चिंतामन को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वार्ड नंबर 6, विशेष रूप से कोयला मोहल्ले के निवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद साफ-सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं आ रहा है। इसके अतिरिक्त, कोयला मोहल्ले की सड़कों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन से जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। साफ-सफाई न होने के कारण नागरिक बीमारियों की आशंका से चिंतित हैं, जिसे एक गंभीर विषय बताया गया है। इतनी सारी शिकायतें, जिनमें सीधे खातेगांव सीएमओ को की गई शिकायतें भी शामिल हैं, दर्ज होने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। रहवासी प्रशासन से हस्तक्षेप कर इन समस्याओं का समाधान करने और अतिक्रमण हटाने की अपील कर रहे हैं।1
- सिवनी मालवा में गो-तस्करी से जुड़े एक चर्चित मामले में 14 गोसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद रविवार रात उत्तराखंड के गोसेवक दक्ष चौधरी सिवनी मालवा पहुँचे। उन्होंने सजा प्राप्त युवकों के परिजनों से मुलाकात की, उनकी समस्याएँ सुनीं और पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान, परिजनों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके परिवार के सदस्य गौवंश संरक्षण और गोसेवा की भावना से घटनास्थल पर गए थे। उनका आरोप था कि मामले के कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण वे न्यायालय के इस फैसले से निराश हैं। परिजनों ने अब उच्च न्यायालय से न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। दक्ष चौधरी ने परिजनों को धैर्य रखने की सलाह देते हुए आश्वस्त किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मामले को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ताओं से चर्चा की जाएगी और हाईकोर्ट में अपील की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इस दौरान, दक्ष चौधरी ने क्षेत्र के विधायक और सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाए और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। इस बैठक में स्थानीय गोसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता और परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने मामले के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए आगे की रणनीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। दक्ष चौधरी के सिवनी मालवा आगमन के बाद यह मामला एक बार फिर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है, और अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और इस कानूनी लड़ाई का अगला चरण किस दिशा में आगे बढ़ेगा।1
- मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव स्थित ग्राम सोमगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत काम कर रहे एक निजी ठेकेदार की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। ठेकेदार पर आरोप है कि उसने क्रशिंग कार्य के लिए एक अस्थाई क्रशर की अनुमति तो ली है, लेकिन क्रशर और पोकलैंड मशीनों को तालाबों तक ले जाने के लिए एक बुजुर्ग महिला के निजी खेत के रास्ते का जबरन उपयोग कर रहा है। जब पीड़ित बुजुर्ग महिला ने अपने खेत में हो रही फसल की बोनी (बुआई) और जमीन के खराब होने का विरोध किया, तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने उन्हें पुलिस से जेल भेजने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पीड़ित महिला का कहना है कि यह उनकी निजी संपत्ति का खेत है और बोनी का महत्वपूर्ण कार्य चल रहा है। बार-बार भारी मशीनों के निकलने से खेत और बोनी खराब हो रही है, जिससे उन्हें भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने बहादुरी से मशीनों के सामने खड़े होकर आपत्ति जताई और कहा कि वे अपना खेत खराब करके गाड़ियां नहीं निकलने देंगी, ठेकेदार शासकीय (सरकारी) रास्ते का उपयोग करे। ग्रामीण इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि ठेकेदार ने अस्थाई क्रशर और तालाबों पर क्रशिंग की अनुमति तो ले ली, लेकिन मशीनों को वहां तक पहुंचाने के लिए कोई वैध या वैकल्पिक रास्ता तय नहीं किया। नियमों के अनुसार, किसी भी अनुमति का मतलब यह नहीं है कि ठेकेदार किसी किसान की निजी जमीन को रौंदते हुए गाड़ियां निकाले, खासकर बोनी के समय खेत में दखल देना कानूनन 'क्रिमिनल ट्रेसपासिंग' के दायरे में आता है। वायरल वीडियो में ठेकेदार के कर्मचारियों को बुजुर्ग महिला को डराते-धमकाते और सत्ता के दम पर जेल भेजने की धौंस देते साफ सुना जा सकता है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं और निजी ठेकेदार अस्थाई अनुमति के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खातेगांव प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने, पीड़ित महिला के खेत में मशीनों के प्रवेश पर रोक लगाने और बदतमीजी करने वाले ठेकेदार के कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।2
- देश को आजाद हुए 78 साल बीत जाने के बाद भी, भीमपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंनखेड़ी के अंतर्गत आने वाले पालंगा और भट्टबोरी गाँव के सैकड़ों ग्रामीण आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। सरकार के गांव-गांव तक विकास पहुँचाने के दावों के बावजूद, पालंगा गाँव के लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद से लेकर आज तक उनके गाँव में नियमित बिजली व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। भीमपुर मुख्यालय से लगभग 50 से 60 किलोमीटर दूर स्थित पालंगा गाँव में लगभग 500 से 1000 लोग रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में गाँव में बिजली के पोल तो लगा दिए गए थे, जिससे उनमें जल्द ही बिजली आने की उम्मीद जगी थी। हालांकि, नौ साल बीत जाने के बाद भी न तो इन खंभों पर बिजली के तार लगाए गए हैं और न ही गाँव में बिजली आपूर्ति शुरू हो सकी है। ग्रामीणों ने अनेक बार जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और जिला प्रशासन के सामने अपनी समस्या उठाई है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बिजली न होने का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है, जहाँ छोटे बच्चे दिन के उजाले में पढ़ाई करते नजर आते हैं, क्योंकि शाम होते ही पूरा गाँव अंधेरे में डूब जाता है। एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली होती तो वे रात में भी पढ़ पाते और आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अंधेरा उनकी पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा है। आंगनवाड़ी के बच्चों ने भी बताया कि वे मोबाइल, टीवी देखना और उजाले में खेलना चाहते हैं, लेकिन बिजली न होने से उन्हें जल्दी सोना पड़ता है, जिससे उनका बचपन और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों पर निर्भर रहना पड़ता है, और रात के समय मोबाइल की टॉर्च ही उनके लिए अस्थायी रोशनी का एकमात्र साधन है। बिजली के अभाव का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है; एक महिला ने भावुक होकर बताया कि उनकी बेटी ने बिजली न होने के कारण ससुराल से वापस अपने गाँव आने से मना कर दिया है। महिलाओं का यह भी कहना है कि गाँव में बिजली न होने के कारण कई परिवारों को विवाह संबंधों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गाँव के बुजुर्गों ने तो बिजली मिलने की उम्मीद छोड़ दी है, लेकिन वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी को अंधेरे में न रहना पड़े, क्योंकि बच्चों की पढ़ाई और गाँव का विकास बिजली के बिना संभव नहीं है। पालंगा के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विद्युत विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से शीघ्र बिजली के पोलों पर तार बिछाकर आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास का आधार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेगा ताकि आजादी के 78 वर्ष बाद भी अंधेरे में जीवन गुजार रहे पालंगा गाँव के लोगों को भी उजाले का अधिकार मिल सके।3
- इटारसी और नर्मदापुरम से आज चार प्रमुख खबरें सामने आईं। इटारसी में यूनियन ऑफिस से तीन पुलिया रोड का निर्माण कार्य बंद होने के कारण कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सड़क पर लेटकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, उनका आरोप है कि काम बंद होने से आम जनता धूल और गड्ढों से बेहद परेशान है। वहीं, नर्मदापुरम में NEET परीक्षा केंद्र पर कुछ बच्चे निर्धारित समय से मात्र कुछ मिनट की देरी से पहुंचे, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद परीक्षा केंद्र के गेट पर ही बच्चों और उनके परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इटारसी के कपड़ा बाजार में नगर पालिका का विशेष सफाई अभियान लगातार सातवें सप्ताह भी जारी रहा। रविवार को बाजार बंद होने का फायदा उठाकर नपा की टीम ने नालियों की तली तक जमे मलबे और पॉलीथीन को पूरी तरह साफ किया। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे ने जयस्तंभ के पास सेठी बूट हाउस वाली गली का औचक निरीक्षण कर कड़े निर्देश दिए और व्यापारियों से अपनी दुकानों के सामने डस्टबिन रखने की अपील की। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों और आम जनता की एक और बड़ी मांग पूरी करते हुए स्टूडेंट्स स्टोर्स वाली सड़क का निर्माण कार्य अब युद्ध स्तर पर जारी है। नपा अध्यक्ष पंकज चौरे और पार्षद कीर्ति दुबे ने मौके पर पहुंचकर काम की गुणवत्ता का जायजा लिया। सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए जल निकासी हेतु विशेष ढाल देने और बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए हैं।1
- पिपरिया-पचमढ़ी मार्ग पर देर रात एक तेंदुआ दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो रविवार और सोमवार की दरमियानी रात का है, जो सोमवार सुबह करीब 11 बजे सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो में तेंदुआ सड़क किनारे घूमता नजर आ रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। इस सूचना के बाद वन विभाग का अमला तुरंत सतर्क हो गया है और इलाके में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। वन अधिकारियों ने राहगीरों और पर्यटकों से रात के समय विशेष रूप से सतर्क रहने और अकेले यात्रा न करने की अपील भी की है।1
- पिपरिया के लोहिया वार्ड में एक युवक का शव फ्रिज के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन रोड पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जाँच शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, लोहिया वार्ड स्थित घर में फ्रिज के पास युवक का शव संदिग्ध हालत में पाया गया, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि युवक की मृत्यु सामान्य नहीं लग रही है और इस मामले की गहराई से जाँच की जानी चाहिए। पुलिस ने शव को आज सुबह 10:00 बजे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, स्टेशन रोड पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर इस मामले की गहनता से जाँच में जुटी हुई है।1
- हरदा जिले के करताना में एक तेज रफ्तार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 38 वर्षीय युवक सुधीर पिता सुरेश तोमर की दर्दनाक मौत हो गई। करताना चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम कुहिग्वाड़ी निवासी सुधीर तोमर, जो सेटिंग लगाने का काम करते थे, रविवार शाम को करताना में अपना काम खत्म कर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान करताना और तजपुरा के बीच हनुमान मंदिर के पास यह भीषण दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में सुधीर ने दम तोड़ दिया। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के शव को रात भर जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया, जिसका अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम किया गया। घटना की सूचना मिलते ही कई लोग रात में ही करताना चौकी पहुँच गए थे। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक को गिरफ्तार कर लिया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि वाहन मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मृतक के नाराज परिजन और सामाजिक लोग इस मामले में दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।4