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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में उल्दन बांध परियोजना से प्रभावित तीन किसान मुआवजे की मांग को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही तहसीलदार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन पर गांव खाली करने का दबाव बना रहा है, जबकि उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है।
नीलेश विश्वकर्मा
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में उल्दन बांध परियोजना से प्रभावित तीन किसान मुआवजे की मांग को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही तहसीलदार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन पर गांव खाली करने का दबाव बना रहा है, जबकि उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है।
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- यह सुनिश्चित किया गया है कि दुनिया में कितना भी बड़ा संकट आ जाए, भारत में कोई व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। देश के अन्न भंडार पूरी तरह से भरे हुए हैं, जिसके कारण किसी भी तरह की चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।1
- गेहूं उपार्जन के मामले में मध्य प्रदेश ने देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। सरकार ने किसानों के साथ अपनी मजबूत व्यवस्था के दम पर यह नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे प्रदेश गेहूं खरीदी में अव्वल बन गया है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा में, गुलमोहर के पेड़ों की लालिमा के बीच गोपाल भार्गव अपनी बाइक पर निकले। इस दौरान गढ़ाकोटा की नैसर्गिक सुंदरता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।1
- पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को अजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम बीहरपुरवा स्थित नयापुरवा गांव का दौरा किया। उन्होंने पिछले मंगलवार को कुआं धसकने की दुखद घटना में अपनी जान गंवाने वाले पांच श्रमिकों के परिवारजनों से मुलाकात की। मंत्री परमार ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया। इस दौरान, प्रभारी मंत्री परमार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद और सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक श्रमिकों की बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इन परिवारों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने घटना के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में रहेंगे, ताकि उनकी सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस मौके पर सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक एवं पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, जनपद अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इनके साथ ही कलेक्टर ऊषा परमार और पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू भी मौजूद थीं।2
- सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।1
- कटनी जिले के विकासखंड बहोरीबंद अंतर्गत ग्राम हथियागढ़ में ग्रामीणों को शुद्ध और सुगम पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। नल-जल योजना के तहत गांव में पाइपलाइन विस्तारीकरण, घरेलू नल कनेक्शन, नलकूप खनन, विद्युत कार्य और उच्च स्तरीय पानी की टंकी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह योजना सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है और वर्तमान में इसका ट्रायल रन तथा टेस्टिंग का कार्य जारी है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता ने आज गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम हथियागढ़ में कुल 296 परिवार निवासरत हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत घरों तक नल-जल योजना के माध्यम से पेयजल पहुंचना शुरू हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि शेष 30 प्रतिशत घरों में कनेक्शन जोड़ने और तकनीकी टेस्टिंग का कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। गर्मी के मौसम और भू-जल स्तर में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए गांव में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में गांव के 5 हैंडपंप सुचारु रूप से चालू हैं, जबकि भू-जल स्तर कम होने के कारण 3 हैंडपंप प्रभावित हुए हैं। हथियागढ़ में शुरू हुई इस नल-जल योजना की आपूर्ति उच्च स्तरीय टंकी, पाइपलाइन विस्तार और घर-घर कनेक्शन के जरिए ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल प्रदान कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में उल्दन बांध परियोजना से प्रभावित तीन किसान मुआवजे की मांग को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही तहसीलदार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास शुरू कर दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन उन पर गांव खाली करने का दबाव बना रहा है, जबकि उन्हें अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5