सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।
सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।
- सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।1
- पुलिस की सक्रियता के कारण एक युवती की जान बचा ली गई है। इस घटना की जानकारी धर्मेंद्र साहू ने दी है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा में, गुलमोहर के पेड़ों की लालिमा के बीच गोपाल भार्गव अपनी बाइक पर निकले। इस दौरान गढ़ाकोटा की नैसर्गिक सुंदरता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।1
- गडरवारा में चल रही जांच के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने एक बयान जारी किया है। यह बयान विशेष रूप से झोलाछाप डॉक्टरों और डॉ. ठारवानी से जुड़े मामलों की जांच को लेकर दिया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले की करेली तहसील के ग्राम सिमरिया निवासी आशा प्रजापति के बेटे ने अपनी मां की जमीन पर गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा जबरन कब्जे को लेकर कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि गांव के शिववरन गौरव नामक व्यक्ति ने उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह उनकी स्वयं की भूमि है और उसका अधिपत्य भी उन्हीं के पास था, परंतु कुछ समय से शिववरन सिंह ने इस पर जबरन कब्जा कर लिया है। पीड़ित बेटे ने आरोप लगाया है कि तहसील करेली में इस संबंध में कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, और पटवारी व आरआई सहित सभी संबंधित लोग कथित तौर पर कब्जेदार से मिले हुए हैं। प्रशासन की इस कथित शिथिलता के कारण अनावेदक के हौसले बुलंद हैं, जिससे आशा प्रजापति गंभीर मानसिक पीड़ा, आर्थिक क्षति और असुरक्षा की भावना का सामना कर रही हैं, क्योंकि उनका जीवन यापन इसी भूमि से होता था। बेटे ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि तहसील कार्यालय को उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया जाए।2
- पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, वे सागर जिले के गढ़ाकोटा में उन गुलमोहर के पेड़ों को देखकर भावुक होते नज़र आ रहे हैं, जिन्हें उनके प्रयासों से करीब 14 वर्ष पहले लगाया गया था। बाइक से भ्रमण के दौरान इन पेड़ों तक पहुंचे भार्गव ने लाल फूलों से लदे गुलमोहर और सुनार नदी के किनारे के मनमोहक दृश्य को देखकर फिल्म 'देवता' का मशहूर गीत "गुलमोहर तुम्हारा नाम होता" याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की यह सुंदरता केवल देखी ही नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं।1
- गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5