Shuru
Apke Nagar Ki App…
गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।
Akhlesh jain Reportar
गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।1
- नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट को 'मौत का स्पॉट' बताया गया है, जहाँ रोजाना हादसे हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर बरमान घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब नाविकों ने एक डूबते युवक को खींचकर उसकी जान बचा ली। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि खतरनाक हादसों के बीच नाविक किस तरह लोगों की जिंदगी के रखवाले बन गए हैं।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा में, गुलमोहर के पेड़ों की लालिमा के बीच गोपाल भार्गव अपनी बाइक पर निकले। इस दौरान गढ़ाकोटा की नैसर्गिक सुंदरता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।1
- साईंखेड़ा पुलिस ने एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 8 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत आवश्यक कार्यवाही की गई है।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने दरियादिली का परिचय देते हुए एक गरीब बुजुर्ग के गुम हुए पैसे को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला और उन्हें वापस कर दिया है।1
- नरसिंहपुर के रेलवे हॉस्पिटल में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आज दिनांक 27 मई 2026 को एक विशेष स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हॉस्पिटल परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।1
- सागर जिले की गौरझामर पंचायत में सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। यह स्थिति तब है जब आमतौर पर नदी, तालाब और अन्य जल संवर्धन के स्रोतों की सफाई और गहराई बढ़ाने की बात की जाती है, लेकिन यहाँ इसके विपरीत नदी में कचरा भरकर उसकी गहराई कम की जा रही है। इस कृत्य से लोगों के लिए नदी का उपयोग भी कम हो रहा है, और यह कार्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। जिम्मेदार लोगों को इस बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद, पंचायत प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। जो कचरा निपटान पहले किसी तरह हो रहा था, वह अब खुलेआम रोजाना सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5