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सागर जिले की गौरझामर पंचायत में सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। यह स्थिति तब है जब आमतौर पर नदी, तालाब और अन्य जल संवर्धन के स्रोतों की सफाई और गहराई बढ़ाने की बात की जाती है, लेकिन यहाँ इसके विपरीत नदी में कचरा भरकर उसकी गहराई कम की जा रही है। इस कृत्य से लोगों के लिए नदी का उपयोग भी कम हो रहा है, और यह कार्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। जिम्मेदार लोगों को इस बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद, पंचायत प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। जो कचरा निपटान पहले किसी तरह हो रहा था, वह अब खुलेआम रोजाना सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।
Akhlesh jain Reportar
सागर जिले की गौरझामर पंचायत में सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। यह स्थिति तब है जब आमतौर पर नदी, तालाब और अन्य जल संवर्धन के स्रोतों की सफाई और गहराई बढ़ाने की बात की जाती है, लेकिन यहाँ इसके विपरीत नदी में कचरा भरकर उसकी गहराई कम की जा रही है। इस कृत्य से लोगों के लिए नदी का उपयोग भी कम हो रहा है, और यह कार्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। जिम्मेदार लोगों को इस बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद, पंचायत प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। जो कचरा निपटान पहले किसी तरह हो रहा था, वह अब खुलेआम रोजाना सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।
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- सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।1
- पुलिस की सक्रियता के कारण एक युवती की जान बचा ली गई है। इस घटना की जानकारी धर्मेंद्र साहू ने दी है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा में, गुलमोहर के पेड़ों की लालिमा के बीच गोपाल भार्गव अपनी बाइक पर निकले। इस दौरान गढ़ाकोटा की नैसर्गिक सुंदरता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।1
- पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, वे सागर जिले के गढ़ाकोटा में उन गुलमोहर के पेड़ों को देखकर भावुक होते नज़र आ रहे हैं, जिन्हें उनके प्रयासों से करीब 14 वर्ष पहले लगाया गया था। बाइक से भ्रमण के दौरान इन पेड़ों तक पहुंचे भार्गव ने लाल फूलों से लदे गुलमोहर और सुनार नदी के किनारे के मनमोहक दृश्य को देखकर फिल्म 'देवता' का मशहूर गीत "गुलमोहर तुम्हारा नाम होता" याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की यह सुंदरता केवल देखी ही नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं।1
- श्री कृष्ण के कथनानुसार, ज्ञानी व्यक्ति को समझाना संभव है, और इसी प्रकार अज्ञानी व्यक्ति को भी समझाया जा सकता है। परंतु, जो अभिमानी होता है, उसे कोई भी नहीं समझा सकता; उसे केवल वक्त ही सही सीख देता है।1
- नरसिंहपुर के पाली मोहल्ला पाठक वार्ड के निवासी चिलचिलाती धूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचे, जहाँ उन्होंने नाली निर्माण से संबंधित विवाद पर न्याय की गुहार लगाई। वार्ड वासियों ने एक आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या बताते हुए कहा कि लगभग 25 से 30 वर्ष पहले सभी ने धर्मेंद्र पाली के पिता मूलचंद पाली से प्लाट खरीदे थे, और तब से करीब 40 परिवार इस वार्ड में निवास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में पानी निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, और मकानों के बीच बनी एक कच्ची नाली से ही सभी मोहल्ला वासियों के घरों का पानी पहले से निकलता आ रहा था। हालाँकि, मूलचंद पाली के पुत्र धर्मेंद्र पाली और उनकी पुत्री मीना उर्फ़ गुड़िया पाली ने मिलकर जबरन इस पानी निकासी की नाली को बंद कर दिया है। इसके चलते मोहल्ला वासियों के घरों में पानी घुसने की संभावना बढ़ गई है और घरों के सामने पानी भरना शुरू हो गया है। इस जमा हुए पानी से गंदगी फैल रही है, मच्छर पनप रहे हैं, जिससे उन्हें बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं के निवारण हेतु, मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से पक्की नाली के निर्माण का निवेदन किया है।4
- गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5