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पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, वे सागर जिले के गढ़ाकोटा में उन गुलमोहर के पेड़ों को देखकर भावुक होते नज़र आ रहे हैं, जिन्हें उनके प्रयासों से करीब 14 वर्ष पहले लगाया गया था। बाइक से भ्रमण के दौरान इन पेड़ों तक पहुंचे भार्गव ने लाल फूलों से लदे गुलमोहर और सुनार नदी के किनारे के मनमोहक दृश्य को देखकर फिल्म 'देवता' का मशहूर गीत "गुलमोहर तुम्हारा नाम होता" याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की यह सुंदरता केवल देखी ही नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं।
Gajendra Thakur Khabar Ka Asar
पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, वे सागर जिले के गढ़ाकोटा में उन गुलमोहर के पेड़ों को देखकर भावुक होते नज़र आ रहे हैं, जिन्हें उनके प्रयासों से करीब 14 वर्ष पहले लगाया गया था। बाइक से भ्रमण के दौरान इन पेड़ों तक पहुंचे भार्गव ने लाल फूलों से लदे गुलमोहर और सुनार नदी के किनारे के मनमोहक दृश्य को देखकर फिल्म 'देवता' का मशहूर गीत "गुलमोहर तुम्हारा नाम होता" याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की यह सुंदरता केवल देखी ही नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं।
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- पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में, वे सागर जिले के गढ़ाकोटा में उन गुलमोहर के पेड़ों को देखकर भावुक होते नज़र आ रहे हैं, जिन्हें उनके प्रयासों से करीब 14 वर्ष पहले लगाया गया था। बाइक से भ्रमण के दौरान इन पेड़ों तक पहुंचे भार्गव ने लाल फूलों से लदे गुलमोहर और सुनार नदी के किनारे के मनमोहक दृश्य को देखकर फिल्म 'देवता' का मशहूर गीत "गुलमोहर तुम्हारा नाम होता" याद किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की यह सुंदरता केवल देखी ही नहीं जाती, बल्कि इसे महसूस भी किया जाता है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की एक प्रेरणादायक मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं।1
- लिटिल स्टार शैलेश मेमोरियल स्कूल में आयोजित समर कैंप का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस दौरान कैंप में शामिल हुए बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।1
- सागर जिला अस्पताल में ईद की छुट्टी के सन्नाटे और भीषण गर्मी के बीच एक दिल छू लेने वाला दृश्य सामने आया, जहाँ एक बीमार माँ का लगभग ढाई साल का मासूम बच्चा अपनी प्यास बुझाने के लिए लगे वाटर कूलर के पास पहुँचा। अस्पताल के माहौल में छाई उदासी और चिंता से बेखबर, बच्चे के गले में सूखती प्यास ने उसे पानी की तलाश में धकेल दिया। जैसे ही ठंडे पानी की धार बही, मासूम के चेहरे पर एक अद्भुत चमक आ गई। बिना किसी संकोच या दुनियादारी की परवाह किए, उस बच्चे ने तुरंत अपने कपड़े उतारे और उसी वाटर कूलर के पानी से नहाने की ज़िद पकड़ ली। ठंडी बूँदें पड़ते ही वह पहले तो सिहर उठा, लेकिन अगले ही पल उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसके लिए वह वाटर कूलर सिर्फ़ एक मशीन नहीं, बल्कि खुशियों से भरा एक निजी स्विमिंग पूल बन गया था। उसने खिलखिलाते हुए ठंडे पानी का भरपूर आनंद लिया, और फिर दौड़कर अपनी माँ के पास लौट गया। इस हृदयस्पर्शी पल को देखकर वहाँ मौजूद लोग भी भावुक हो उठे और कहने लगे, 'यही तो बचपन है, जो एक बार चला जाए तो फिर कभी लौटकर नहीं आता।' यह घटना दर्शाती है कि परिस्थितियाँ कितनी भी विषम क्यों न हों, खुश रहने और हर पल में आनंद ढूँढने का अद्भुत हुनर सिर्फ़ एक बच्चे के पास होता है। वाकई, बचपन हर फिक्र से बेगाना और खुशियों का एक अनमोल खज़ाना होता है।2
- सागर स्थित बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय में दिवंगत गीता देवी अग्रवाल को 11वें देहदान के अवसर पर 'गार्ड ऑफ ऑनर' के साथ सम्मानपूर्ण अंतिम विदाई दी गई।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा में, गुलमोहर के पेड़ों की लालिमा के बीच गोपाल भार्गव अपनी बाइक पर निकले। इस दौरान गढ़ाकोटा की नैसर्गिक सुंदरता ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।1
- सूरत में सकल जैन समाज द्वारा कल एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। यह जुलूस रीवा की घटना के बाद, चोटिला राजकोट में एक साधु की रोड एक्सीडेंट से हुई हत्या के विरोध में निकाला जाएगा। आयोजकों ने सभी श्रावक और श्राविकाओं से कल सुबह 8:30 बजे तक पार्ले प्वाइंट पर अधिक से अधिक संख्या में पहुँचने का आग्रह किया है ताकि रैली का उद्देश्य सफल हो सके। रैली के दौरान, प्रतिभागियों से चार-चार की पंक्ति में चलने का निवेदन किया गया है। विशेष रूप से शासन, प्रशासन, आम जनता और कलेक्टर कार्यालय में अनुशासित, संयमित और सहयोगपूर्ण रवैया बनाए रखने पर जोर दिया गया है। सभी को मौन धारण कर, हाथ पर काली पट्टी (जो रैली स्थल पर उपलब्ध रहेगी) बाँधकर, अपनी पीड़ा प्रशासन तक पहुँचाने का भाव रखने को कहा गया है। साथ ही, किसी भी तरह के हँसी-मज़ाक से दूर रहकर रैली की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की गई है। सूरत जैन समाज के सभी संगठन, मंडल, संस्थाएँ और महिला ग्रुप से जुड़े वर्किंग टीम के सदस्यों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं आगे आकर सभी व्यवस्थाओं को नियंत्रित करें। कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन देने के लिए चारों फिरकों से तीन-तीन लोग मिलकर यह कार्य करेंगे। रैली के दौरान पानी की बोतलों की व्यवस्था की गई है, और प्रतिभागियों से खाली बोतलें सड़क पर न फेंककर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया गया है। रैली मैनेजमेंट टीम और समस्त जैन समाज, सूरत ने अपील की है कि सभी लोग कल सुबह भारी संख्या में आकर जैन एकता का परिचय दें।1
- सागर में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ सागर-खुरई ओवरब्रिज के पास टाटा की पेयजल पाइपलाइन से भारी मात्रा में पानी का रिसाव हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन से लगातार बड़ी मात्रा में पानी बह रहा है, जिससे लाखों गैलन पेयजल की बर्बादी की आशंका है। एक ओर शहर के कई क्षेत्रों में गर्मी के मौसम में लगातार पेयजल संकट की शिकायतें आती रहती हैं, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की पानी की बर्बादी एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से तत्काल मौके पर पहुँचकर रिसाव को रोकने और पाइपलाइन की मरम्मत कराने की मांग की है, क्योंकि हर बूंद कीमती है और जिम्मेदार विभाग को इस पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5