सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा गौरी कुशवाहा ने सात मीटर गोला फेंक में प्रथम स्थान प्राप्त किया विद्या भारती अखिल शिक्षा संस्थान दिल्ली द्वारा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में 37वीं प्रांतीय खेल कूद प्रतियोगिता 2026-27 में बनखेड़ी सरस्वती विद्या मंदिर की कक्षा 11 वीं की छात्रा गौरी कुशवाहा पिता घासी राम कुशवाहा ने 7 मीटर गोला फेंक में प्रथम स्थान और 15 मीटर गोला फेंक प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपने स्कूल और नगर का नाम रोशन किया गौरी कुशवाहा को दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल सहित प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।गौरी कुशवाहा खो खो खेल में भी मेडल प्राप्त कर प्रथम स्थान पर जीत हासिल कर चुकी है।गौरी कुशवाहा के पिता को सभी ने सोशल मीडिया पर बधाई प्रेषित कर गौरी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं कामनाएं और बधाई दी है।
सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा गौरी कुशवाहा ने सात मीटर गोला फेंक में प्रथम स्थान प्राप्त किया विद्या भारती अखिल शिक्षा संस्थान दिल्ली द्वारा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में 37वीं प्रांतीय खेल कूद प्रतियोगिता 2026-27 में बनखेड़ी सरस्वती विद्या मंदिर की कक्षा 11 वीं की छात्रा गौरी कुशवाहा पिता घासी राम कुशवाहा ने 7 मीटर गोला फेंक में प्रथम स्थान और 15 मीटर गोला फेंक प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपने स्कूल और नगर का नाम रोशन किया गौरी कुशवाहा को दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल सहित प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।गौरी कुशवाहा खो खो खेल में भी मेडल प्राप्त कर प्रथम स्थान पर जीत हासिल कर चुकी है।गौरी कुशवाहा के पिता को सभी ने सोशल मीडिया पर बधाई प्रेषित कर गौरी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं कामनाएं और बधाई दी है।
- Post by Dharmendra sahu1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- Post by रितिक जैन साधना न्यूज़ बाड़ी1
- जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा। ग्राम पंचायत डूंगरिया नंबर पांच (पनारा) में इन दिनों पानी की भारी किल्लत और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नलों में नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्हें दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। 👉 ग्रामीणों की मांग: नियमित और पर्याप्त पानी सप्लाई सुनिश्चित की जाए गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाए नालियों की नियमित सफाई कराई जाए अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है और ग्रामीणों को राहत मिलती है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by Satish Vishwakarma1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में 'टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित नरसिंहपुर: भारत सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में, आज 29 अप्रैल 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में एक विशेष जागरूकता एवं स्क्रीनिंग स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे ने टीबी (तपेदिक) के लक्षण, बचाव, जांच और उसके संपूर्ण इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. कुर्रे ने जोर देकर कहा कि टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका सही समय पर पता चल जाए और इलाज पूरा किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि टीबी का सही समय पर उपचार नहीं कराया जाता है, तो यह 'एमडीआर' (MDR-TB) में परिवर्तित हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए अधिक घातक है।1
- सड़क की बदहाली बनी खतरा | गाडरवारा–करेली से जबलपुर मार्ग पर सफर मुश्किल गाडरवारा–करेली से जबलपुर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बेहद खराब हालत में पहुंच चुका है। दादा महाराज से लेकर गोटेगांव तक सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई परतें साफ देखी जा सकती हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता जानलेवा साबित हो सकता है। कई जगहों पर सड़क इतनी क्षतिग्रस्त है कि वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या रास्ता बदलकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। 👉 जिम्मेदारों पर सवाल: क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई गई है। यदि जल्द सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। 👉 प्रशासन से मांग: इस महत्वपूर्ण मार्ग की तत्काल मरम्मत करवाई जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।2