छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की प्रांताध्यक्ष श्रीमती पद्मावती साहू और जिलाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग कार्यालय में मुलाकात कर आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान, संघ के पदाधिकारियों ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और छोटे बच्चों के हित में 10 दिनों का विशेष अवकाश प्रदान किए जाने की मांग की गई है। संघ ने अपनी मांग के समर्थन में बताया कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे उनके लिए केंद्रों में नियमित रूप से काम करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसी विकट परिस्थिति में, बच्चों और कर्मियों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें आवश्यक राहत प्रदान की जानी चाहिए। मुलाकात के दौरान, बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न आवश्यक उपायों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य शासन और संबंधित विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे और शीघ्र ही कोई आवश्यक निर्णय लेंगे ताकि आंगनबाड़ी कर्मियों और बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।
छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ की प्रांताध्यक्ष श्रीमती पद्मावती साहू और जिलाध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वरी तिवारी ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग कार्यालय में मुलाकात कर आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान, संघ के पदाधिकारियों ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी, लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और छोटे बच्चों के हित में 10 दिनों का विशेष अवकाश प्रदान किए जाने की मांग की गई है। संघ ने अपनी मांग के समर्थन में बताया कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिससे उनके लिए केंद्रों में नियमित रूप से काम करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। ऐसी विकट परिस्थिति में, बच्चों और कर्मियों की सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें आवश्यक राहत प्रदान की जानी चाहिए। मुलाकात के दौरान, बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न आवश्यक उपायों पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य शासन और संबंधित विभाग इस महत्वपूर्ण मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे और शीघ्र ही कोई आवश्यक निर्णय लेंगे ताकि आंगनबाड़ी कर्मियों और बच्चों को गर्मी से राहत मिल सके।
- कोरिया जिले के पटना में श्री श्री 108 दुर्गा पूजा पंडाल के समीप चल रही भागवत कथा के षष्ठम दिवस पर कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग को भक्तों के सामने प्रस्तुत किया गया। सुयश देव महाराज द्वारा सुनाई जा रही इस कथा में भारी जनसैलाब उमड़ा। इस दौरान, भक्तों ने रुक्मिणी विवाह के प्रसंग का उत्साहपूर्वक आनंद लिया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की अत्यधिक भीड़ देखी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बैकुंठपुर, श्रीमती सुरेशा चौबे भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने विधिवत गद्दी का पूजन कर कथा का रसपान किया।2
- अधिक मास के पावन अवसर पर रावल स्थित राधा रानी मंदिर में देश-विदेश से पधारे श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। राधा रानी मंदिर के महंत और वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट राहुल अधिकारी कल्ला जी ने इस शुभ अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को अधिक मास की शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में, राहुल अधिकारी कल्ला जी ने धर्म, सेवा, भक्ति और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्रियों की सेवा और उनका स्वागत करना भारतीय संस्कृति की एक गौरवशाली परंपरा है। कल्ला जी ने राधा रानी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से सभी भक्तों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण हो। यह जानकारी संवाददाता राहुल शर्मा के साथ सुषमा ठाकुर ने 'प्रदेश खबर न्यूज़' के लिए दी। इस दौरान 'जय श्री राधे! जय राधा रानी!' के जयकारे भी लगाए गए।1
- सिंगरौली जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और बिना अनुमति खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में, कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देशों और खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने बिना वैध अभिवहन पास के गिट्टी का परिवहन कर रहे एक डंपर को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अवैध खनन के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 29 मई 2026 को खनिज विभाग की जांच के दौरान डंपर क्रमांक MP66ZD0758 गिट्टी का परिवहन करते हुए पाया गया। वाहन चालक वैध अभिवहन पास प्रस्तुत करने में विफल रहा, जिसके बाद विभागीय अधिकारी अशोक मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डंपर को जब्त कर पुलिस थाना चितरंगी में सुरक्षित खड़ा कराया। यह कार्रवाई केवल एक वाहन की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो शासन के नियमों को ताक पर रखकर खनिज संसाधनों के अवैध परिवहन में संलिप्त हैं। खनिजों का अवैध परिवहन न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाता है, बल्कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और वैधानिक व्यवस्था को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। हाल के दिनों में सिंगरौली जिले में खनिज विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है, जो यह दर्शाता है कि जिला प्रशासन अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों को लेकर बेहद गंभीर है और नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। खनिज विभाग के अनुसार, जब्त वाहन के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद संबंधित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सिंगरौली जैसे खनिज समृद्ध जिले में प्रशासन की ऐसी कार्रवाइयाँ न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती हैं, बल्कि ईमानदारी से कार्य कर रहे वैध परिवहनकर्ताओं और खनन व्यवसायियों के हितों की भी रक्षा करती हैं। यह आवश्यक है कि ऐसी कार्रवाई अभियान के रूप में निरंतर जारी रहे, ताकि अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोका जा सके। खनिज विभाग की यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी सजगता के साथ मैदान में मौजूद है।1
- मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके भाई, गोटेगांव विधायक जालम सिंह पटेल ने लगभग 250 सहयोगी एवं शुभेच्छु जनों के साथ मिलकर शुक्रवार (29 मई 2026) और शनिवार (30 मई 2026) को पवित्र मां नर्मदा के तटों पर एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया। यह अभियान प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन एवं संरक्षण अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। शुक्रवार को अमरकंटक के रामघाट क्षेत्र में नर्मदा स्वच्छता अभियान चलाया गया, जबकि शनिवार को प्रातः 8 बजे से नर्मदा उद्गम क्षेत्र स्थित पुष्कर बांध के उत्तर एवं दक्षिण तट और उसके नीचे स्थित माधव सरोवर बांध में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक जालम सिंह पटेल और सागर, दमोह, नरसिंहपुर, गोटेगांव तथा गाडरवारा से आए लगभग 250 सहयोगियों ने नदी एवं बांध के भीतर उतरकर श्रमदान किया। स्वच्छता कार्य में नदी में जमी घास, जलकुंभी तथा श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कचरे को निकालकर बाहर किया गया। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और विधायक जालम सिंह पटेल अपने सहयोगियों के साथ पूरे उत्साह, उमंग और समर्पण भाव से कंधे से कंधा मिलाकर सफाई करते रहे। उन्होंने बिना किसी संकोच के स्वयं नदी में उतरकर श्रमदान किया और उपस्थित लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि "मां नर्मदा हमारी जननी है। उनकी स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना हम सभी पुत्रों का कर्तव्य है। नर्मदा स्वच्छ और अविरल रहेगी तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा।" उन्होंने उपस्थित जनों से नर्मदा तटों को स्वच्छ रखने और जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। अभियान के दौरान दोनों जनप्रतिनिधि लगातार कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का उत्साहवर्धन करते रहे तथा उन्हें नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण का महत्व समझाते रहे। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं विधायक जालम सिंह पटेल को नर्मदा भक्त एवं नर्मदा पुत्र के रूप में जाना जाता है, जिनकी मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था रही है। उल्लेखनीय है कि वे प्रतिवर्ष नर्मदा स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए श्रमदान करते रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2024-25 में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारणों से यह अभियान आयोजित नहीं हो सका था, किंतु इस वर्ष पुनः बड़े स्तर पर अभियान चलाकर दोनों बंधुओं ने नर्मदा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। स्थानीय नागरिकों एवं श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- पेंड्रा रोड क्षेत्र के लोगों के लिए नौतपा और भीषण गर्मी से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आज पेंड्रा रोड में भारी बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह स्थिति सभी के लिए खुशी की बात है, क्योंकि भीषण गर्मी के बाद इस बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को राहत मिली है।1
- उमरिया, मध्य प्रदेश में कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।1
- अंबिकापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी लेते हुए एक बयान दिया। उन्होंने कहा, "पुलिस से कह देंगे मारपीट न करे..."। इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच हंसी और चर्चाओं का माहौल बन गया। भगत का यह बयान विधायक रामकुमार टोप्पो की उपस्थिति में आया, जिसे राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि इस टिप्पणी को मजाकिया अंदाज में किया गया था और कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल भी देखने को मिला, फिर भी इस बात को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। अमरजीत भगत की इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब यह बयान महज़ एक मज़ाक था या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा था, इसे लेकर चर्चाओं का दौर अभी भी जारी है।1
- आज कोरिया/पटना में लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। दिन के समय जब मौसम में बदलाव आ रहा था, तब तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा था। शाम करीब 4:30 बजे, क्षेत्र में अचानक तेज मूसलाधार बारिश हुई, जिसके परिणामस्वरूप गर्मी से छुटकारा मिला और मौसम सामान्य हो गया।1
- मथुरा जिला पंचायत के वार्ड नंबर 27 से संभावित प्रत्याशी चौधरी विश्वनाथ सिंह ने 84 कोस की परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं की सेवा की। उन्होंने यात्रियों को ठंडा जल, शरबत और फल वितरित कर जनसेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह पहल उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता से अधिक सेवा भावना को दर्शाती है, जैसा कि उन्होंने खुद बताया है कि वे राजनीति से ज्यादा सेवा में विश्वास रखते हैं। इस अवसर पर चौधरी विश्वनाथ सिंह ने कहा कि वे जनता के बीच नेता नहीं, बल्कि बेटा बनकर आए हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिलता है, तो वे वार्ड नंबर 27 के विकास के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करेंगे। उन्होंने स्वयं को जिला पंचायत सदस्य की बजाय एक कार्यकर्ता और वार्ड के चौकीदार के रूप में जनता की सेवा करने का इरादा व्यक्त किया। चौधरी विश्वनाथ सिंह जनसेवा, समर्पण और विकास के अपने संकल्प के साथ क्षेत्रवासियों के बीच लगातार सक्रिय हैं, जिसके चलते उन्हें क्षेत्र की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है।1