काशी विश्वनाथ मंदिर के पास टीका लगाने को लेकर महिलाओं में भिड़ंत काशी विश्वनाथ मंदिर के पास टीका लगाने को लेकर महिलाओं में भिड़ंत, श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानी वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर एक बार फिर अव्यवस्था देखने को मिली। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को टीका लगाने और पैसे मांगने को लेकर महिलाओं के बीच जमावड़ा लग गया, जो देखते ही देखते आपसी विवाद और हाथापाई में बदल गया। जानकारी के अनुसार, मैदागिन और गोदौलिया दोनों तरफ से दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते में चार नंबर गेट के पास टीका लगाने वाली महिलाओं का रोजाना जमावड़ा लग रहा है। इसी दौरान टीका लगाने और श्रद्धालुओं से पैसे वसूलने को लेकर महिलाओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। बीच सड़क पर हुई इस भिड़ंत से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में इस तरह की किचकिच और झगड़े की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। श्रद्धालुओं को जबरन रोककर टीका लगाने और पैसे मांगने से न केवल दर्शन में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि धार्मिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन इस समस्या पर पूरी तरह काबू नहीं पा सका है। सुरक्षा और व्यवस्था के तमाम दावों के बीच मंदिर के मुख्य मार्गों पर इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और महिलाओं को वहां से हटाया, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर क्षेत्र में स्थायी समाधान किया जाए, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की असुविधा और विवाद से बचा जा सके।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास टीका लगाने को लेकर महिलाओं में भिड़ंत काशी विश्वनाथ मंदिर के पास टीका लगाने को लेकर महिलाओं में भिड़ंत, श्रद्धालुओं को हो रही भारी परेशानी वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के बाहर एक बार फिर अव्यवस्था देखने को मिली। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को टीका लगाने और पैसे मांगने को लेकर महिलाओं के बीच जमावड़ा लग गया, जो देखते ही देखते आपसी विवाद और हाथापाई में बदल गया। जानकारी के अनुसार, मैदागिन और गोदौलिया दोनों तरफ से दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के रास्ते में चार नंबर गेट के पास टीका लगाने वाली महिलाओं का रोजाना जमावड़ा लग रहा है। इसी दौरान टीका लगाने और श्रद्धालुओं से पैसे वसूलने को लेकर महिलाओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। बीच सड़क पर हुई इस भिड़ंत से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में
इस तरह की किचकिच और झगड़े की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। श्रद्धालुओं को जबरन रोककर टीका लगाने और पैसे मांगने से न केवल दर्शन में बाधा उत्पन्न हो रही है, बल्कि धार्मिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन इस समस्या पर पूरी तरह काबू नहीं पा सका है। सुरक्षा और व्यवस्था के तमाम दावों के बीच मंदिर के मुख्य मार्गों पर इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और महिलाओं को वहां से हटाया, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर क्षेत्र में स्थायी समाधान किया जाए, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की असुविधा और विवाद से बचा जा सके।
- वाराणसी: सीमांकन के बाद भी रास्ते के नाम पर जमीन में घुसकर कब्जे का आरोप, गांव में बढ़ा विवाद वाराणसी। लोहता थाना क्षेत्र के कोटवां गांव में बुधवार को राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में 10 कड़ी चौड़े रास्ते का सीमांकन कराया गया था। टीम ने मौके पर रास्ते की सीमा चिन्हित करते हुए निशान भी लगा दिए थे। इसके बावजूद आरोप है कि सीमांकन के बाद भी बहुसंख्यक समाज के कुछ लोगों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय की जमीन में घुसकर काम कराया जा रहा है, जिससे गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार सीमांकन के दौरान राजस्व टीम और पुलिस की निगरानी में रास्ते की स्पष्ट पहचान कर दी गई थी, लेकिन बाद में ग्राम प्रधान और क्षेत्र के बीडीसी सदस्य पर आरोप लगा कि वे रास्ते के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय की जमीन को खराब कर उसमें कब्जा कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में प्रधान पति रिजवान ने बताया कि उक्त निर्माण कार्य ब्लॉक प्रमुख की निधि से कराया जा रहा है और इसे बीडीसी सदस्य की ओर से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस काम की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। गांव में जमीन और रास्ते को लेकर चल रहे इस विवाद को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सीमांकन के बावजूद निर्माण कराया गया तो विवाद और बढ़ सकता है।4
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- बनारस के पांडेपुर हुकुल गंज मे आज अचानक अफरातफरी मच गयी जब कुछ लोगो ने एक युवक पर हमला कर दिया और मार कर फरार भी हो गये। varanasi varanasi News varanasi local News1
- बीमारी से जूझ रहे शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का निधन, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन खबर है वाराणसी के चोलापुर विकासखंड के कौवापुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र शेख मोहम्मद असगर का बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मृत्यु को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत एसआईआर ड्यूटी के दौरान बीमारी के कारण हुई है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। जानकारी के अनुसार शेख मोहम्मद असगर पिछले कुछ समय से पीलिया से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने 14 तारीख को प्रार्थना पत्र देकर ड्यूटी से राहत की मांग की थी। इसके बाद 16 तारीख को एईआरओ चोलापुर द्वारा उनकी एसआईआर ड्यूटी समाप्त कर दी गई थी। उनकी जगह सुपरवाइजर के रूप में जितेंद्र कुमार तथा सहयोगी के रूप में बिरनाथीपुर के सहायक अध्यापक राम जन्म की ड्यूटी लगा दी गई थी। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी चोलापुर नागेंद्र सरोज ने बताया कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की संवेदनाएं शोक संतप्त परिवार के साथ हैं और बेसिक शिक्षा विभाग हर संभव सहयोग के लिए परिवार के साथ खड़ा है। वहीं दिवंगत शिक्षामित्र के भाई एवं पूर्व प्रधान ने भी बताया कि शेख मोहम्मद असगर लंबे समय से बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को निराधार बताते हुए सरकार से परिवार की मदद की अपील की है। इधर शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। टीएससीटी चोलापुर के प्रभारी चंदन विश्वकर्मा के नेतृत्व में करीब 20 शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने एकत्रित की गई धनराशि परिवार को सौंपी और आगे भी हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान योगेंद्र यादव, बसंत यादव, बनारसी यादव, दुर्गेश चौबे सहित कई शिक्षक मौजूद रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया।देखे हमारे संवादाता लईक आफताब की खास रिपोर्ट1
- Post by डॉ सतीश कुमार कसेरा1
- अंबरनाथ कंपनी स्फोटाचा मुद्दा विधानसभेत गाजला नागरिकांच्या भीतीवर ज्ञानेश्वर म्हात्रे यांनी अधिवेशन मध्ये आवाज उठवला1
- खुल गया स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज! भारत के लिए ईरान ने क्यों खोला स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज?1
- बाबतपुर में रसोई गैस के लिए लगी लंबी कतारें, उपभोक्ता परेशान वाराणसी। बाबतपुर स्थित एचपी गैस गोदाम पर रसोई गैस को लेकर गुरुवार को उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह करीब 7 बजे से ही लोग खाली सिलेंडर लेकर गोदाम के बाहर लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिल सकी। इससे लोगों में नाराजगी और आक्रोश नजर आया। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग कराने के कई दिन बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है, जिसके कारण उन्हें खुद गोदाम पर आकर लाइन लगानी पड़ रही है। बाबतपुर के सिसवा गांव निवासी माया प्रसाद त्रिपाठी ने बताया कि रसोई गैस की किल्लत से आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगी, अन्यथा खासकर महिला वर्ग में नाराजगी बढ़ सकती है। वहीं चुरापुर निवासी दिलीप ने बताया कि उन्होंने आठ दिन पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें गोदाम पर आकर लाइन में लगना पड़ रहा है। बाबतपुर निवासी अनिल मिश्रा ने कहा कि बुकिंग की संख्या कम है लेकिन गैस लेने वालों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में सभी को एक साथ सिलेंडर मिल पाना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में गैस गोदाम के इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के पास बुकिंग का ओटीपी है, उन्हें ही गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार ही वितरण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।3