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चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग सीपीआईएम का सरकार पर हमला: चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग ​ चेस्टर हिल घोटाला मामले दिन ब दिन गर्माता जा रहा है।इस मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोलन के चेस्टर हिल और पंजाब के मोहाली में हुए करोड़ों रुपए के भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के होटल कॉम्बरमेयर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है। विओ: ​ राज्य सचिव संजय चौहान, ने ​मुख्य सचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 275 बीघा के चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव स्वयं सूत्रधार हैं। राजस्व सचिव रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।उन्होंने कहा कि नगर निगम सोलन के आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्टों को दरकिनार कर मुख्य सचिव द्वारा खुद को और अन्य को क्लीन चिट देना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्य सचिव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है और उन्होंने हिमाचल व पंजाब में करोड़ों की जमीनें "सस्ते दामों"पर खरीदी हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने धारा 118 को कमजोर किया है, जिससे भू-माफिया, नौकरशाही और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ सक्रिय हो गया है। ​ संजय चौहान ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने इस घोटाले को "अधिकारियों की आपसी खींचतान" बताया था।माकपा नेता ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने मांगक्रय हुए कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच बिठाई जाए। यदि दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया और मुख्य सचिव को पदमुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सचिवालय का घेराव करेगी। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ जनता को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।पार्टी ने चेतावनी दी है कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पने और बेनामी सौदों के इस खेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट : संजय चौहान राज्य सचिव माकपा

12 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
12 hrs ago

चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग सीपीआईएम का सरकार पर हमला: चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग ​ चेस्टर हिल घोटाला मामले दिन ब दिन गर्माता जा रहा है।इस मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोलन के चेस्टर हिल और पंजाब के मोहाली में हुए करोड़ों रुपए के भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के होटल कॉम्बरमेयर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है। विओ: ​ राज्य सचिव संजय चौहान, ने ​मुख्य सचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 275 बीघा के चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव स्वयं सूत्रधार हैं। राजस्व सचिव रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।उन्होंने कहा कि नगर निगम सोलन के आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्टों को दरकिनार कर मुख्य सचिव द्वारा खुद को और अन्य को क्लीन चिट देना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्य सचिव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है और उन्होंने हिमाचल व पंजाब में करोड़ों की जमीनें "सस्ते दामों"पर खरीदी हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने धारा 118 को कमजोर किया है, जिससे भू-माफिया, नौकरशाही और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ सक्रिय हो गया है। ​ संजय चौहान ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने इस घोटाले को "अधिकारियों की आपसी खींचतान" बताया था।माकपा नेता ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने मांगक्रय हुए कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच बिठाई जाए। यदि दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया और मुख्य सचिव को पदमुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सचिवालय का घेराव करेगी। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ जनता को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।पार्टी ने चेतावनी दी है कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पने और बेनामी सौदों के इस खेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट : संजय चौहान राज्य सचिव माकपा

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  • मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में प्रदेश मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में किसानों को जहां MSP के तोहफे पर मोहर लगी वही पुलिस और वन विभाग में नोकरियों का पिटारा खुला विओ: बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सरकार द्वारा लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है। इसी तरह, मक्की का मूल्य 40 से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी का दाम 90 से बढ़ाकर सीधा 150 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। चंबा की पांगी घाटी के किसानों को राहत देते हुए जौ का MSP भी 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो तय हुआ है। इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए कैबिनेट ने पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल के पद सृजित कर उन्हें तुरंत भरने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक के पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया है, जिसमें गौर करने वाली बात यह है कि 50 प्रतिशत पद 'वन मित्रों' के लिए आरक्षित रहेंगे। वन विभाग के कानूनी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों (नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी) और 10 विधि सलाहकारों की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब सेवानिवृत्त विशेषज्ञ फैकल्टी मेंबर्स को प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा, ताकि शिक्षण कार्य और अस्पतालों का संचालन प्रभावित न हो। इसके साथ युवाओं को सेना के लिए प्रेरित करने के लिए परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार 1 मई, 2026 से प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे। कैबिने में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पेंशन नियमों में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया गया है कि बुजुर्गों और पात्र लाभार्थियों को उनकी पेंशन का भुगतान समय पर हो सके। व्यापार और घर बनाने वालों की सुविधा के लिए फायर एनओसी की प्रक्रिया को अब बेहद सरल और सुगम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कैबिने ने राज्य में 71 लघु जल विद्युत परियोजनाओं के आवंटन को मंजूरी दी गई है। वहीं, सिरमौर जिला में जल शक्ति विभाग के मंडलों का पुनर्गठन अब निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर होगा ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। बाइट: हर्षवर्धन चौहान उद्योग मंत्री
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    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में प्रदेश मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में किसानों को जहां MSP के तोहफे पर मोहर लगी वही पुलिस और वन विभाग में नोकरियों का पिटारा खुला
विओ: बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सरकार द्वारा लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और बेरोजगारी दूर करने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि राज्य सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया है। इसी तरह, मक्की का मूल्य 40 से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी का दाम 90 से बढ़ाकर सीधा 150 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। चंबा की पांगी घाटी के किसानों को राहत देते हुए जौ का MSP भी 80 रुपये कर दिया गया है, जबकि अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति किलो तय हुआ है।
इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करते हुए कैबिनेट ने पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल के पद सृजित कर उन्हें तुरंत भरने की मंजूरी दी है। इसके अलावा, वन विभाग में 500 सहायक वन रक्षक के पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया है, जिसमें गौर करने वाली बात यह है कि 50 प्रतिशत पद 'वन मित्रों' के लिए आरक्षित रहेंगे। वन विभाग के कानूनी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों (नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी) और 10 विधि सलाहकारों की नियुक्ति को भी हरी झंडी दी गई है।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट में नए मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब सेवानिवृत्त विशेषज्ञ फैकल्टी मेंबर्स को प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा, ताकि शिक्षण कार्य और अस्पतालों का संचालन प्रभावित न हो।
इसके साथ युवाओं को सेना के लिए प्रेरित करने के लिए परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन संजय कुमार 1 मई, 2026 से प्रदेश के युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।
कैबिने में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पेंशन नियमों में संशोधन कर यह सुनिश्चित किया गया है कि बुजुर्गों और पात्र लाभार्थियों को उनकी पेंशन का भुगतान समय पर हो सके।
व्यापार और घर बनाने वालों की सुविधा के लिए फायर एनओसी की प्रक्रिया को अब बेहद सरल और सुगम बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि कैबिने ने राज्य में 71 लघु जल विद्युत परियोजनाओं के आवंटन को मंजूरी दी गई है। वहीं, सिरमौर जिला में जल शक्ति विभाग के मंडलों का पुनर्गठन अब निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर होगा ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
बाइट:   हर्षवर्धन चौहान उद्योग मंत्री
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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    बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे।  उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हिमकोफैड के नवनियुक्त निदेशक आशीष ठाकुर पत्रकारवार्ता का आयोजन शनिवार को बिलासपुर में होगी। आशीष ठाकुर
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    हिमकोफैड के नवनियुक्त निदेशक आशीष ठाकुर पत्रकारवार्ता  का आयोजन शनिवार को  बिलासपुर में होगी। आशीष ठाकुर
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    8 hrs ago
  • घुमारवीं (बिलासपुर), मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा
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    घुमारवीं (बिलासपुर), मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से  अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। 
उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। 
इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Dev Raj Thakur
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    Post by Dev Raj  Thakur
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सोलन में NH 5 पर मौ**त का खेल , यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां, अपनी और दूसरों की जान जोकिंग में डालता हुआ वाहन चालक का वीडियो हो रहा वायरल,
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    सोलन में NH 5 पर मौ**त का खेल , यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां, अपनी और दूसरों की जान जोकिंग में डालता हुआ वाहन चालक का वीडियो हो रहा वायरल,
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Lalankumar
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    Post by Lalankumar
    user_Lalankumar
    Lalankumar
    Farmer भरारी, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सीपीआईएम का सरकार पर हमला: चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग ​ चेस्टर हिल घोटाला मामले दिन ब दिन गर्माता जा रहा है।इस मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोलन के चेस्टर हिल और पंजाब के मोहाली में हुए करोड़ों रुपए के भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के होटल कॉम्बरमेयर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है। विओ: ​ राज्य सचिव संजय चौहान, ने ​मुख्य सचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 275 बीघा के चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव स्वयं सूत्रधार हैं। राजस्व सचिव रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।उन्होंने कहा कि नगर निगम सोलन के आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्टों को दरकिनार कर मुख्य सचिव द्वारा खुद को और अन्य को क्लीन चिट देना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्य सचिव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है और उन्होंने हिमाचल व पंजाब में करोड़ों की जमीनें "सस्ते दामों"पर खरीदी हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने धारा 118 को कमजोर किया है, जिससे भू-माफिया, नौकरशाही और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ सक्रिय हो गया है। ​ संजय चौहान ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने इस घोटाले को "अधिकारियों की आपसी खींचतान" बताया था।माकपा नेता ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने मांगक्रय हुए कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच बिठाई जाए। यदि दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया और मुख्य सचिव को पदमुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सचिवालय का घेराव करेगी। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ जनता को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।पार्टी ने चेतावनी दी है कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पने और बेनामी सौदों के इस खेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाइट : संजय चौहान राज्य सचिव माकपा
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    सीपीआईएम का सरकार पर हमला: चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव को हटाने और न्यायिक जांच की मांग
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चेस्टर हिल घोटाला मामले दिन ब दिन गर्माता जा रहा है।इस मामले को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने सोलन के चेस्टर हिल और पंजाब के मोहाली में हुए करोड़ों रुपए के भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिमला के होटल कॉम्बरमेयर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की है।
विओ:   ​ राज्य सचिव संजय चौहान,  ने ​मुख्य सचिव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया  कि 275 बीघा के चेस्टर हिल घोटाले में मुख्य सचिव स्वयं सूत्रधार हैं। राजस्व सचिव रहते हुए भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।उन्होंने कहा कि नगर निगम सोलन के आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्टों को दरकिनार कर मुख्य सचिव द्वारा खुद को और अन्य को क्लीन चिट देना नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा  कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्य सचिव की संपत्ति में बेतहाशा वृद्धि हुई है और उन्होंने हिमाचल व पंजाब में करोड़ों की जमीनें "सस्ते दामों"पर खरीदी हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कहा कि वर्तमान और पूर्ववर्ती सरकारों ने धारा 118 को कमजोर किया है, जिससे भू-माफिया, नौकरशाही और राजनीतिज्ञों का गठजोड़ सक्रिय हो गया है।
​ संजय चौहान ने मुख्यमंत्री के उस बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने इस घोटाले को "अधिकारियों की आपसी खींचतान" बताया था।माकपा नेता  ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे।उन्होंने मांगक्रय हुए  कहा कि मामले की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय न्यायिक जांच बिठाई जाए। यदि दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया और मुख्य सचिव को पदमुक्त नहीं किया गया, तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी और सचिवालय का घेराव करेगी। पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार और भू-माफिया के खिलाफ जनता को लामबंद कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।पार्टी ने चेतावनी दी है कि किसानों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हड़पने और बेनामी सौदों के इस खेल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
बाइट : संजय चौहान राज्य सचिव माकपा
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter शिमला (ग्रामीण), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
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