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सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र में पिछले कई सालों से सड़क का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी जमा हो जाने की वजह से लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क को केवल आधा बनाकर ही छोड़ दिया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी नक्शे में इस सड़क को पूरी तरह से बना हुआ दर्ज कर दिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर आज भी यहाँ सिर्फ कच्ची सड़क ही मौजूद है। इस लापरवाही के कारण गाँव के लोग बेहद परेशान हैं और उन्हें रोज आने-जाने में भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है।
Sandeep Sharma
सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र में पिछले कई सालों से सड़क का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी जमा हो जाने की वजह से लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क को केवल आधा बनाकर ही छोड़ दिया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी नक्शे में इस सड़क को पूरी तरह से बना हुआ दर्ज कर दिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर आज भी यहाँ सिर्फ कच्ची सड़क ही मौजूद है। इस लापरवाही के कारण गाँव के लोग बेहद परेशान हैं और उन्हें रोज आने-जाने में भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है।
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- सिद्धार्थनगर के मिठवल विकासखंड के दानोकुईया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बने कूड़ाघर से उठ रही दुर्गंध और फैली गंदगी के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बरसात के मौसम में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया है। गांव में तीन सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद विद्यालय के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था ठप है। हालांकि, शिकायत के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर सफाई कराई गई और सफाईकर्मी दिलीप ने जल्द ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। विद्यालय में कुल 86 बच्चों का नामांकन है, लेकिन लगातार बारिश और अव्यवस्थाओं के चलते केवल 42 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। परिसर में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों में से एक खराब है, एक दूषित पानी उगलता है और केवल एक ही उपयोग के लायक है। इसके अलावा, पानी की टंकी खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। विद्यालय परिसर में शरारती तत्व घुसकर तोड़फोड़ करते हैं और हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को भारी कठिनाई होती है। बिना फर्श के बने ओपन जिम के कारण बच्चों के चोटिल होने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसलावती और विद्यालय स्टाफ के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और वे बरसात में जगह-जगह टपकती हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है। शौचालय होने के बावजूद उसके उपयोग में गंभीर असुविधा हो रही है। विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें सहायक अध्यापक वंदना द्विवेदी अवकाश पर थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी, निधि श्रीवास्तव, सुखमीरा पटेल और ध्रुपचंद शिक्षण कार्य में जुटे मिले। इस बदहाली से नाराज ग्रामीण राकेश कुमार कनौजिया और जय प्रकाश दुबे ने जिला प्रशासन से स्कूल के सामने से कूड़ाघर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, इस अव्यवस्था पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन न लगने के कारण बात नहीं हो पाई है।1
- सिद्धार्थनगर जनपद के बेलौहा (बांसी विधानसभा क्षेत्र) में रविवार को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के आगमन पर श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। शंकराचार्य के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस विशेष अवसर पर सनातन धर्म, सामाजिक समरसता और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि शंकराचार्य के सिद्धार्थनगर आगमन से क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा और बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन एवं आशीर्वाद लेने पहुंचे।1
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र में पिछले कई सालों से सड़क का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी जमा हो जाने की वजह से लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क को केवल आधा बनाकर ही छोड़ दिया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी नक्शे में इस सड़क को पूरी तरह से बना हुआ दर्ज कर दिया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर आज भी यहाँ सिर्फ कच्ची सड़क ही मौजूद है। इस लापरवाही के कारण गाँव के लोग बेहद परेशान हैं और उन्हें रोज आने-जाने में भारी मुसीबत उठानी पड़ रही है।1
- संतकबीरनगर जिले में चर्चित चेक बाउंस और धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी उर्फ 'नटवरलाल' की अपील को खारिज कर दिया है। जिला जज की अदालत ने शनिवार को सुनवाई के बाद एसीजेएम न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक वर्ष के साधारण कारावास और ₹1.26 करोड़ के अर्थदंड की सजा को यथावत बरकरार रखा, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। यह मामला वर्ष 2021 का है, जब महुली थाना क्षेत्र के भिटहां निवासी संतोष कुमार चतुर्वेदी जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव के बालू भंडारण लाइसेंस के अंतर्गत संविदा पर मैनेजर के रूप में कार्यरत था। बालू कारोबार के वित्तीय लेन-देन की जिम्मेदारी संभालते हुए उसने कथित रूप से 78 लाख रुपये का गबन कर लिया था। जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपनी धनराशि वापस मांगी, तो आरोपी ने ₹67 लाख का चेक दिया जो बैंक में बाउंस हो गया। जांच और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष के अलावा कई अन्य लोगों से भी बालू कारोबार, सप्लाई और लाइसेंस दिलाने के नाम पर बड़ी रकम वसूली थी। इसमें मझौवा एकडंगा निवासी सुनील मौर्या से ₹24 लाख, निरंजनपुर निवासी प्रत्यूष कुमार से ₹7.50 लाख, नीबा होरिल निवासी गुलाब चंद से ₹1.60 लाख तथा बलही निवासी अभयनन्दन सिंह से ₹4.50 लाख लेने के आरोप सिद्ध हुए हैं। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने इन सभी को जो चेक दिए थे, वे भी बैंक में बाउंस हो गए थे। एसीजेएम न्यायालय के फैसले के खिलाफ संतोष चतुर्वेदी ने जिला जज की अदालत में अपील दायर की थी, जिसे जिला जज ने सभी दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद निरस्त कर दिया। न्यायालय के आदेश के अनुसार, आरोपी को सभी पांच मामलों में एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा साथ-साथ भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त ₹1.26 करोड़ के अर्थदंड की राशि से पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दी जाएगी और शेष धनराशि राजकीय कोष में जमा होगी। यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे प्रत्येक मामले में छह-छह माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस फैसले का जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव सहित सभी पीड़ितों ने स्वागत किया है।1
- दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और सांसद डिंपल यादव की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के भीतर भारी आक्रोश व्याप्त है। इस कार्रवाई के विरोध में आक्रोशित सपाईयों ने लखनऊ की सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें छात्र सभा के सदस्यों और महिला कार्यकर्ताओं सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। दिल्ली की इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है और इसी आक्रोश के चलते लंबे समय के बाद पार्टी कार्यकर्ता लखनऊ की सड़कों पर इस तरह का विरोध प्रदर्शन करने उतरे हैं।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल से साझा की गई आकाशवाणी के अनुसार, आगामी 20-7-2026 ई0 को गुरुपूर्णिमा शीघ्र आ रहा है।1
- संतकबीरनगर के बेलहर थाना क्षेत्र में सुरसा-चमनजोत जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीव की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र में 'भागों भागों शेर आया' जैसी चर्चाओं और जंगल में तेंदुआ होने की संभावना से दहशत का माहौल बना हुआ है। इस खतरे को देखते हुए रविवार को वन विभाग की टीम ने विभिन्न प्रभावित स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाकर ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाव के उपाय बताए हैं। जागरूकता अभियान के तहत वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड गोविंद त्रिपाठी और उनके सहयोगी कर्मचारियों आदित्य सिंह, सूरज यादव, विशाल यादव और अजीत सिंह ने राजघाट, अकोलिहा, सुरसा-चमनजोत जंगल, पिपरा प्रथम चौराहा और सरबसडांडी सहित कई प्रमुख स्थानों व चाय की दुकानों पर जागरूकता बैनर लगाए हैं। इसके साथ ही लोगों से लगातार सतर्क रहने, जंगल के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना देने की अपील की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस संबंध में बेलहर वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि सुरसा-चमनजोत जंगल और आसपास के प्रभावित इलाकों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र में तेंदुए की पुष्टि होती है, तो सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।2
- अभिषेक भाई को ढांढस बंधाते हुए रोने से मना किया गया है। उन्हें सांत्वना देते हुए पूछा गया है कि क्या उन्हें पता है कि आज सोनम वांगचुक का समर्थन करने के लिए कौन-कौन लोग आ रहे हैं।1