बिहार में बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, दीपक प्रकाश बने रह सकते हैं मंत्री.... * बीजेपी के देवेश कुमार के स्थिति के साथ ही बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची... * बिहार में बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, दीपक प्रकाश बने रह सकते हैं मंत्री.... * बीजेपी के देवेश कुमार के स्थिति के साथ ही बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची... * by: Tarun Kumar Singh Patna khabar.. नई दिल्ली: बिहार में बीजेपी विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। देवेश कुमार के इस्तीफे के साथ ही सम्राट सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची रह सकती है। माना जा रहा है कि देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद की सीट पर दीपक प्रकाश नामांकन दाखिल कर सकते हैं और विधान परिषद का सदस्य बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मांगा है जवाब बता दें कि दीपक प्रकाश के मंत्री बने रहने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट सरकार से जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट सरकार से पूछा कि अगर दीपक प्रकाश किसी सदन के सदस्य नहीं हैं तो वह अपने पद पर क्यों बने हुए हैं? सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल देने करने के लिए 4 अगस्त तक का समय दिया है। किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं दीपक प्रकाश दीपक प्रकाश को मंत्री बने 6 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी भी वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के अनुसार किसी भी मंत्री को पद पर बने रहने के लिए 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना होता है। भाजपा के देवेश कुमार ने शुक्रवार को सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे। इस्तीफा सौंपने के बाद देवेश कुमार ने मीडिया कर्मियों से बातचीत नहीं की। देवेश कुमार राज्यपाल कोटे से 17 मार्च 2021 को एमएलसी बने थे। उनका कार्यकाल 16 मार्च 2027 को पूरा होने वाला था। हालांकि उससे पहले ही उन्होंने सदस्यता छोड़ दी। ऐसे में देवेश कुमार की सीट पर राज्यपाल ही नए सदस्य को मनोनीत करेंगे। ऐसे माना जा रहा है कि दीपक प्रकाश का नाम इस पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि दीपक प्रकाश अगर एमएलसी बनते हैं तो उनका कार्यकाल अगले साल मार्च तक होगा। यानी उन्हें आगे मंत्री बनने के लिए फिर से एमएलसी बनना पड़ेगा। जब 2025 के दिसंबर में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो पहली बार दीपक प्रकाश मंत्री बने थे। हालांकि वह तब भी किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इसके बाद अप्रैल में जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब भी दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। इस दौरान सवाल उठने लगे कि बिना किसी सदन के सदस्य बने दीपक प्रकाश कब तक मंत्री बने रहेंगे?
बिहार में बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, दीपक प्रकाश बने रह सकते हैं मंत्री.... * बीजेपी के देवेश कुमार के स्थिति के साथ ही बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची... * बिहार में बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, दीपक प्रकाश बने रह सकते हैं मंत्री.... * बीजेपी के देवेश कुमार के स्थिति के साथ ही बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची... * by: Tarun Kumar Singh Patna khabar.. नई दिल्ली: बिहार में बीजेपी विधान परिषद सदस्य देवेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। देवेश कुमार के इस्तीफे के साथ ही सम्राट सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी बची रह सकती है। माना जा रहा है कि देवेश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई विधान परिषद की सीट पर दीपक प्रकाश नामांकन दाखिल कर सकते हैं और विधान परिषद का सदस्य बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मांगा है जवाब बता दें कि दीपक प्रकाश के मंत्री बने रहने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट सरकार से जवाब मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने सम्राट सरकार से पूछा कि अगर दीपक प्रकाश किसी सदन के सदस्य नहीं हैं तो वह अपने पद पर क्यों बने हुए हैं? सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल देने करने के लिए 4 अगस्त तक का समय दिया है। किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं दीपक प्रकाश दीपक प्रकाश को मंत्री बने 6 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी भी वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संविधान के अनुसार किसी भी मंत्री को पद पर बने रहने के लिए 6 महीने के अंदर किसी सदन का सदस्य बनना होता है। भाजपा के देवेश कुमार ने शुक्रवार को सभापति अवधेश नारायण सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद रहे। इस्तीफा सौंपने के बाद देवेश कुमार ने मीडिया कर्मियों से बातचीत नहीं की। देवेश कुमार राज्यपाल कोटे से 17 मार्च 2021 को एमएलसी बने थे। उनका कार्यकाल 16 मार्च 2027 को पूरा होने वाला था। हालांकि उससे पहले ही उन्होंने सदस्यता छोड़ दी। ऐसे में देवेश कुमार की सीट पर राज्यपाल ही नए सदस्य को मनोनीत करेंगे। ऐसे माना जा रहा है कि दीपक प्रकाश का नाम इस पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि दीपक प्रकाश अगर एमएलसी बनते हैं तो उनका कार्यकाल अगले साल मार्च तक होगा। यानी उन्हें आगे मंत्री बनने के लिए फिर से एमएलसी बनना पड़ेगा। जब 2025 के दिसंबर में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो पहली बार दीपक प्रकाश मंत्री बने थे। हालांकि वह तब भी किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इसके बाद अप्रैल में जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब भी दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया। इस दौरान सवाल उठने लगे कि बिना किसी सदन के सदस्य बने दीपक प्रकाश कब तक मंत्री बने रहेंगे?
- अरियरी पैक्स चुनाव: नवनिर्वाचित अध्यक्ष यदुनंदन प्रसाद का स्वागत, राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने दी बधाई शेखपुरा। अरियरी प्रखंड डीहा पंचायत के पैक्स चुनाव में नवनिर्वाचित अध्यक्ष यदुनंदन प्रसाद की जीत के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लगभग 200 से अधिक मतों से शानदार जीत दर्ज करने के बाद समर्थकों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उत्साहपूर्वक स्वागत किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और जीत की खुशी मनाई। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिला अध्यक्ष देवनंदन प्रसाद एवं पार्टी नेता फज़ल ईमान ने नवनिर्वाचित पैक्स अध्यक्ष को अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास, मेहनत और विकास की भावना की जीत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदुनंदन प्रसाद अपने कार्यकाल में किसानों, पैक्स सदस्यों तथा ग्रामीणों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ग्रामीणों ने भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पैक्स के माध्यम से किसानों को बेहतर सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। जीत के बाद क्षेत्र में समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेताओं ने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ अभिनंदन प्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी है, वे उस विश्वास पर खरा उतरेंगे और पैक्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे।1
- रामगढ़ चौक बीडीओ ने आवास कर्मियों के साथ की बैठक पी एम आवास में 379 घर पूर्ण, 121 लंबित। कर्मियों ने 8 माह से वेतन न मिलने पर जताई रामगढ़ चौक बीडीओ ने आवास कर्मियों के साथ की बैठक पी एम आवास में 379 घर पूर्ण, 121 लंबित। कर्मियों ने 8 माह से वेतन न मिलने पर जताई लखीसराय। रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय में शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने आवास कर्मियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में पी एम आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। पीएम आवास में 379 आवास पूर्ण । बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 500 लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त भेजी गई थी। इसमें से 379 लाभुकों का आवास पूर्ण हो चुका है, जबकि 121 आवास अभी लंबित हैं। मुख्यमंत्री आवास और सहायता योजना की स्थिति मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 30 लाभार्थियों को प्रथम किस्त और 15 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त भेजी गई थी। इसमें से अब तक 5 आवास पूर्ण हुए हैं और 25 लंबित हैं। वहीं मुख्यमंत्री सहायता योजना के तहत 7 लाभुकों को राशि दी गई थी, जिसमें से 6 का आवास पूर्ण और 1 लंबित पाया गया। बीडीओ का निर्देश: रिपोर्ट शून्य भेजें समीक्षा के बाद बीडीओ अभिषेक कुमार ने सभी आवास सहायक और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि पी एम आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जितने भी आवास लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए ताकि शून्य रिपोर्ट भेजी जा सके। बैठक में आवास पर्यवेक्षक अमित कुमार, लेखपाल संजीव कुमार, आवास सहायक रवि कुमार, अजीत कुमार, अमन कुमार, मिंटू कुमारी, विजय कुमार उपस्थित थे। 8 माह से वेतन न मिलने पर कर्मियों ने जताई नाराजगी बैठक के दौरान आवास कर्मियों ने बीडीओ के समक्ष पिछले 8 माह से मानदेय भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। कर्मियों ने संयुक्त रूप से कहा पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। आने-जाने का भाड़ा तक नहीं है। बच्चों की पढ़ाई और घर चलाना मुश्किल हो गया है। अगर जल्द वेतन नहीं मिला तो आवास योजना का कार्य प्रभावित होगा। बीडीओ ने कर्मियों की समस्या सुनकर आश्वासन दिया कि वेतन भुगतान के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।1
- मोकामाघाट सीआरपीएफ़ में भावुक विदाई, सेवानिवृत्त डीआईजी रविंद्र भगत को जवानों ने अनोखे अंदाज़ में किया सम्मानित1
- सिग्नल का पालन करना जरूरी हैं परन्तु. Emergency बहन चलाये, जा सकते हैं इसका बिरोध नही करें. सिग्नल का पालन करना जरूरी हैं परन्तु. Emergency बहन चलाये, जा सकते हैं इसका बिरोध नही करें.1
- सिग्नल का पालन करना जरूरी हैं परन्तु. Emergency बहन चलाये, जा सकते हैं इसका बिरोध नही करें.1
- नालंदा जिला प्रशासन के विरोध में जन कल्याण संघ का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान जन कल्याण संघ, एक आवाज़ द्वारा नालंदा जिला प्रशासन के विरोध में 29 जुलाई 2026 से बिहारशरीफ के हॉस्पिटल मोड़ पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की गई। पोस्टर में प्रशासन से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन की जानकारी दी गई है तथा संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।1
- शेखपुरा स्थापना दिवस पर अमर ज्योति पब्लिक स्कूल की रही शानदार भागीदारी शेखपुरा। शेखपुरा जिले के 32वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित प्रभात फेरी एवं जागरूकता कार्यक्रम में अमर ज्योति पब्लिक स्कूल की भागीदारी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने ढोल-बाजे के साथ उत्साहपूर्वक प्रभात फेरी में हिस्सा लिया और जिले के स्थापना दिवस समारोह की गरिमा बढ़ाई। विद्यालय के निदेशक सियाराम सिंह के नेतृत्व में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों का दल कार्यक्रम में शामिल हुआ। इस दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों, सरकारी विभागों एवं सामाजिक संगठनों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रभात फेरी में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया और जिले के विकास एवं सामाजिक एकता का संदेश दिया। अमर ज्योति पब्लिक स्कूल पिछले लगभग 20 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। विद्यालय ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, खेलकूद एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई अवसरों पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि छात्रों का सर्वांगीण विकास ही उनका मुख्य उद्देश्य है। स्थापना दिवस जैसे आयोजनों में भागीदारी से विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, अनुशासन और अपने जिले के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है।1
- लखीसराय क्यूल स्टेशन पर ट्रेन से गिरकर वृद्ध घायल सदर अस्पताल में उपचार जारी लखीसराय। जिले के किऊल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल वृद्ध को बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल, लाया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। घायल की पहचान बड़हिया थाना क्षेत्र के इंदुपुर गांव निवासी स्व. मिश्री राम के पुत्र जगदीश राम के रूप में हुई है। बताया जाता है कि जगदीश राम लखीसराय शहर में खरीदारी करने के बाद अपने घर बड़हिया लौटने के लिए किऊल रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन में चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।1