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भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन खतरा टला नहीं! SDRF ने लोगों को किया अलर्ट
BHOLA KUMAR
भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन खतरा टला नहीं! SDRF ने लोगों को किया अलर्ट
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- भागलपुर में गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन खतरा टला नहीं! SDRF ने लोगों को किया अलर्ट1
- गोराडीह राहत शिविर में भोजन के लिए इंतजार, 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर 2 बजे तक नहीं मिला खाना भागलपुर। बाढ़ के कारण जिले के कई पंचायतों के ग्रामीण आपदा की मार झेल रहे हैं। इसी बीच गोराडीह प्रखंड के उस्तु पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविर में जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठे। राहत शिविर में राशन उपलब्ध होने के बावजूद खाना बनाने के लिए जलावन की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर दो बजे तक भोजन नहीं मिल सका। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि राहत शिविर में भोजन बनाने के लिए आवश्यक राशन तो मौजूद था, लेकिन जलावन नहीं होने के कारण समय पर खाना नहीं बन पाया। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी छोटू यादव राहत शिविर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अपने निजी कोष से खाना बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया, जिसके बाद भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू की गई। इसके बाद छोटू यादव ने गोराडीह प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गांवों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन पानी घटने के बाद कई इलाकों में बदबू फैल रही है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित हर गांव में मेडिकल कैंप लगाने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बीमारी से बचाया जा सके।1
- तेज धार में बह गई भैंस, SDRF के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश साहिबगंज,मुफस्सिल थाना क्षेत्र। हाजीपुर पश्चिमी पंचायत स्थित कटहवा पुल के समीप रविवार शाम पानी की तेज धार में बहने से एक कुछ महीने बाद बच्चे देने वाली भैंस लापता हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने भैंस को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार, पीरपैंती थाना क्षेत्र के सलेमपुर, हाजीपुर फौजदारी गांव निवासी शिवमुनि यादव रविवार शाम कटवा पुल के समीप अपनी भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी की तेज धार की चपेट में आने से भैंस का संतुलन बिगड़ गया और वह बहने लगी। भैंस को बहता देख आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते भैंस पुल की धार में समा गई। घटना की सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम के पहुंचने के बावजूद तत्काल प्रभावी राहत-बचाव अभियान शुरू नहीं हो सका। स्थानीय लोगों द्वारा SDRF को भी सूचना दी गई, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी बचाव दल मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाढ़ और तेज धार की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को पहले से ही आवश्यक बचाव व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर SDRF अथवा अन्य प्रशिक्षित बचाव दल की त्वरित तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इंसानों के साथ-साथ मवेशियों को भी समय रहते बचाया जा सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित पशुपालक को उचित मुआवजा देने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी बचाव व्यवस्था करने की मांग की है।4
- जब आपका साम्राज्य आपके हाथ से बिखर जाए तो उसे समय आपको सोच समझकर फैसला लेना1
- कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर रविवार को सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर उमड़ा सैलानियों का हुजूम कैमूर बिहार रिपोर्ट. अरशद रज़ा कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर रविवार को सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कैमूर की पहाड़ियों की गोद में बसा तेल्हाड़ कुंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरने की कल-कल धारा और मनोरम वादियों के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है। रविवार को बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे और प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया। चारों ओर हरियाली, पहाड़ और झरने का मनमोहक दृश्य तेल्हाड़ कुंड की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है।4
- गंगा मिशन कोलकाता साहिबगंज की ओर से जैप - 9 में लगाए गए 105 फलदार वृक्ष साहिबगंज :गंगा मिशन कोलकाता साहिबगंज की ओर से 13 सितंबर दिन रविवार को अहले सुबह जैप - 9 के जवानों ने झारखंड सशस्त्र पुलिस - 9 (जैप -9) के परिसर में 105 फलदार वृक्ष लगाकर गंगा मिशन के तहत गंगा के तटीय जिलों में वृक्ष लगाने के अभियान को आगे बढ़ाया। इस अवसर पर झारखंड सशस्त्र पुलिस - 9 के पदाधिकारी सुदान बुढ़ ने कहा कि वृक्षारोपण जनजीवन के लिए बहुत जरूरी है। वृक्ष लगाना हर व्यक्ति का परम कर्तव्य है। बिना वृक्ष के जन जीवन की कल्पना भी व्यर्थ है।गंगा मिशन कोलकाता साहिबगंज की ओर से झारखंड सशस्त्र पुलिस - 9 के परिसर में वृक्षारोपण कार्य हो रहा है यह काफी सराहनीय कार्य है। मौके पर कविवर सुधीर श्रीवास्तव ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डाला। कवि आनंद मोदी ने "छुईमुई" कविता का पाठ कर आम जन - जीवन में जल जंगल और पर्यावरण की जरूरत को रेखांकित किया। वहीं, अधिवक्ता राजीव सिंह, बचनेश्वर पाठक, बृजमोहन यादव, अशोक सर्राफ ने भी पर्यावरण के विषय पर अपनी बातें कही और निरीक्षक सत्येंद्र पासवान, हवलदार मेजर जनार्दन सिंह, धर्मनाथ लोहार, अनिल कुमार सिंह, अजय कुमार यादव, उमेश उरांव, आरक्षी गोकुल पंडित, बृजेश कुमार सिंह, बिहारी मरांडी, मिंटू गुप्ता आदि उपस्थित थे*।1
- भागलपुर में बाढ़ का कहर जारी! गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर, मंत्री बोले—सरकार पूरी ताकत से जुटी1
- मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z, आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है। ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा। मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है। नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंग/1
- कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर रविवार को सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर उमड़ा सैलानियों का हुजूम कैमूर बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात पर रविवार को सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कैमूर की पहाड़ियों की गोद में बसा तेल्हाड़ कुंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरने की कल-कल धारा और मनोरम वादियों के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है। रविवार को बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे और प्रकृति के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया। चारों ओर हरियाली, पहाड़ और झरने का मनमोहक दृश्य तेल्हाड़ कुंड की खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है।4