घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में ठेकेदार की आत्महत्या से आक्रोश, 4 घंटे के धरने के बाद कंपनी-परिजनों में बनी सहमति नीमराना उपखंड क्षेत्र के घिलोठ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रॉयल प्लास्ट क्राफ्ट कंपनी से जुड़े भुगतान विवाद के बाद एएमसी अमन एंटरप्राइज के संचालक अमन यादव द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर बकाया भुगतान व मुआवजे की मांग की। परिजनों के अनुसार, अमन पिछले तीन वर्षों से कंपनी में करीब 80–90 मजदूरों की आपूर्ति कर रहे थे। उनका आरोप था कि मार्च पिछले वर्ष के लगभग 11.75 लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा जनवरी 2026 का लगभग 20 लाख रुपये का बिल लंबित था तथा फरवरी माह का भुगतान भी शेष था। करीब 6.5 लाख रुपये जीएसटी बकाया होने से पेनल्टी लगने की बात भी सामने आई। परिजनों का कहना है कि भुगतान को लेकर बार-बार प्रयास के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से अमन मानसिक तनाव में थे। अमन की शादी करीब एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिवार में छोटा भाई चिमन यादव है। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। धरने के दौरान सिरयानी सरपंच उमाशंकर यादव, जिला पार्षद वेद प्रकाश खबरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला। करीब चार घंटे तक चले धरने और वार्ता के बाद परिजन एवं कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति बन गई। सरपंच उमाशंकर यादव ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने बकाया राशि का पूर्ण भुगतान करने, परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, छोटे भाई चिमन यादव को कंपनी में नौकरी देने तथा ठेका कार्य जारी रखने पर सहमति जताई। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
घिलोठ औद्योगिक क्षेत्र में ठेकेदार की आत्महत्या से आक्रोश, 4 घंटे के धरने के बाद कंपनी-परिजनों में बनी सहमति नीमराना उपखंड क्षेत्र के घिलोठ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रॉयल प्लास्ट क्राफ्ट कंपनी से जुड़े भुगतान विवाद के बाद एएमसी अमन एंटरप्राइज के संचालक अमन यादव द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर
बकाया भुगतान व मुआवजे की मांग की। परिजनों के अनुसार, अमन पिछले तीन वर्षों से कंपनी में करीब 80–90 मजदूरों की आपूर्ति कर रहे थे। उनका आरोप था कि मार्च पिछले वर्ष के लगभग 11.75 लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा जनवरी 2026 का लगभग 20 लाख रुपये का बिल लंबित था तथा फरवरी माह का भुगतान भी शेष था। करीब 6.5 लाख रुपये जीएसटी बकाया होने से पेनल्टी लगने की बात भी सामने आई। परिजनों का कहना
है कि भुगतान को लेकर बार-बार प्रयास के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से अमन मानसिक तनाव में थे। अमन की शादी करीब एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिवार में छोटा भाई चिमन यादव है। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। धरने के दौरान सिरयानी सरपंच उमाशंकर यादव, जिला पार्षद वेद प्रकाश खबरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मोर्चा
संभाला। करीब चार घंटे तक चले धरने और वार्ता के बाद परिजन एवं कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति बन गई। सरपंच उमाशंकर यादव ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने बकाया राशि का पूर्ण भुगतान करने, परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, छोटे भाई चिमन यादव को कंपनी में नौकरी देने तथा ठेका कार्य जारी रखने पर सहमति जताई। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
- नीमराना उपखंड क्षेत्र के घिलोठ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में रॉयल प्लास्ट क्राफ्ट कंपनी से जुड़े भुगतान विवाद के बाद एएमसी अमन एंटरप्राइज के संचालक अमन यादव द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना के विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कंपनी के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर बकाया भुगतान व मुआवजे की मांग की। परिजनों के अनुसार, अमन पिछले तीन वर्षों से कंपनी में करीब 80–90 मजदूरों की आपूर्ति कर रहे थे। उनका आरोप था कि मार्च पिछले वर्ष के लगभग 11.75 लाख रुपये बकाया थे। इसके अलावा जनवरी 2026 का लगभग 20 लाख रुपये का बिल लंबित था तथा फरवरी माह का भुगतान भी शेष था। करीब 6.5 लाख रुपये जीएसटी बकाया होने से पेनल्टी लगने की बात भी सामने आई। परिजनों का कहना है कि भुगतान को लेकर बार-बार प्रयास के बावजूद स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से अमन मानसिक तनाव में थे। अमन की शादी करीब एक वर्ष पूर्व ही हुई थी। परिवार में छोटा भाई चिमन यादव है। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। धरने के दौरान सिरयानी सरपंच उमाशंकर यादव, जिला पार्षद वेद प्रकाश खबरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने भी स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला। करीब चार घंटे तक चले धरने और वार्ता के बाद परिजन एवं कंपनी प्रबंधन के बीच सहमति बन गई। सरपंच उमाशंकर यादव ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने बकाया राशि का पूर्ण भुगतान करने, परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने, छोटे भाई चिमन यादव को कंपनी में नौकरी देने तथा ठेका कार्य जारी रखने पर सहमति जताई। इसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।4
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- कोटपूतली-बहरोड़ अपर सत्र न्यायालय क्रमांक-01 ने दुष्कर्म के एक मामले में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। एडवोकेट ज्योति शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने यह फैसला साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन पक्ष द्वारा आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाने के आधार पर सुनाया। महिला पुलिस थाना कोटपूतली में दर्ज एफआईआर संख्या 17/2023 के अंतर्गत आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (डी), 506 व 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में अभियुक्त महराम उर्फ महाराम, रोहिताश एवं संदीप शामिल थे। अभियुक्तों की ओर से एडवोकेट ज्योति शर्मा, एडवोकेट अंकित स्वामी एवं एडवोकेट सुरेश कुमार वर्मा ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों में विरोधाभास, तथ्यों की कमजोरी और कानूनी कमियों को मजबूती से उजागर किया1
- किन्नर गुटों के बीच चल रहे विवाद के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिलीगुड़ी निवासी किन्नर रितु ने अपने साथ हुई हैवानियत की दर्दनाक आपबीती साझा की है। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने पहले जबरन उसके कपड़े उतरवाए और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई की। इस दौरान गन दिखाकर उसकी कनपटी पर वार किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे रितु को एक सुनसान इलाके में फेंक दिया गया। वहां से गुजर रहे एक अज्ञात व्यक्ति ने मानवता दिखाते हुए उसे 50 रुपये और अपनी टी-शर्ट दी, जिससे वह किसी तरह खुद को संभाल सकी। इसके बाद वह रास्ता पूछते हुए दुर्गा कॉलोनी स्थित अपने डेरे तक पहुंची। घटना की जानकारी मिलने पर उसके साथियों ने तुरंत उसे रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया, जहां उसका इलाज जारी है। सूत्रों के अनुसार, किन्नर गुटों के बीच अब तक चार गंभीर वारदातें हो चुकी हैं। हाल ही में रामपुरा थाना क्षेत्र में हुई खूनी झड़प के बाद रितु का कथित रूप से अपहरण किया गया था। बताया जा रहा है कि आरोपी गुट द्वारा क्षेत्र में दहशत फैलाकर पूर्ण गुरु रुखसार की गद्दी पर कब्जा करना ही इस हिंसा का मुख्य उद्देश्य है। इस घटना को लेकर किन्नर समाज में भारी आक्रोश है। समाज के लोगों का कहना है कि यदि पहले ही मामले में पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जाती, तो आज हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार हो रही घटनाओं से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। किन्नर समाज ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि आरोपी गुट के खिलाफ तुरंत कठोर कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए, ताकि वे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें। उनका कहना है कि अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाए।7
- नीमराना उपखंड क्षेत्र के कांकर गांव के पहाड़ पर शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग सूखी घास और झाड़ियों में तेजी से फैल गई, जिससे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सरपंच रविंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सूखी वनस्पति और तेज गर्मी के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि ग्रामीणों का अनुमान है कि अत्यधिक गर्मी और सूखे के चलते आग तेजी से फैली। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को अवगत कराया गया तथा रिको घीलोठ स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन को मौके पर बुलाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया है। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। पहाड़ी में ऊंचाई होने कारण फायरकर्मियों को आग बुझाने में समस्या का सामना करना पड़ रह। ग्रामीण अपने स्तर से आग बुझाने में जुटे हुए हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से आग पर शीघ्र नियंत्रण पाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।3