पांगी : सुराल में 25 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक स्की प्रशिक्षण महत्वपूर्ण सूचना… पांगी स्की एसोसिएशन, सुराल (हिमाचल प्रदेश विंटर गेम्स एसोसिएशन, मनाली से संबद्ध) पांगी घाटी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांगी स्की एसोसिएशन, सुराल एक 14 दिवसीय बेसिक स्की प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन करने जा रही है। इस स्की कोर्स में इच्छुक प्रतिभागी 25 फरवरी 2026 से भाग ले सकते हैं। अब सुनिए — नियम एवं शर्तें — प्रतिभागी की आयु 13 वर्ष से कम तथा 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रतिभागी का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। प्रतिभागी के पास स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। यदि प्रतिभागी ठहरने की व्यवस्था स्वयं करता है, तो प्रशिक्षण शुल्क ₹2000/- होगा। यदि ठहरने की व्यवस्था एसोसिएशन द्वारा की जाती है, तो कुल शुल्क ₹8000/- (आठ हजार रुपये) अदा करना होगा। सुराल क्षेत्र के युवाओं के लिए कोई भी शुल्क नहीं लगेगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि — 20 फरवरी है। आवेदन प्राप्त करने एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें — मनोज गारमेंट्स (चिकू) निकट ग्रामीण बैंक, किलाड़, पांगी मोबाइल नंबर — 76499 66000 या संपर्क करें — 89880 21021 94184 62519 70184 69639 94187 42338 यह पांगी घाटी के युवाओं के लिए शीतकालीन खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक बेहतरीन अवसर है।
पांगी : सुराल में 25 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक स्की प्रशिक्षण महत्वपूर्ण सूचना… पांगी स्की एसोसिएशन, सुराल (हिमाचल प्रदेश विंटर गेम्स एसोसिएशन, मनाली से संबद्ध) पांगी घाटी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांगी स्की एसोसिएशन, सुराल एक 14 दिवसीय बेसिक स्की प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन करने जा रही है। इस स्की कोर्स में इच्छुक प्रतिभागी 25 फरवरी 2026 से भाग ले सकते हैं। अब सुनिए — नियम एवं शर्तें — प्रतिभागी की आयु 13 वर्ष से कम तथा 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रतिभागी का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। प्रतिभागी के पास स्वास्थ्य प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। यदि प्रतिभागी ठहरने की व्यवस्था स्वयं करता है, तो प्रशिक्षण शुल्क ₹2000/- होगा। यदि ठहरने की व्यवस्था एसोसिएशन द्वारा की जाती है, तो कुल शुल्क ₹8000/- (आठ हजार रुपये) अदा करना होगा। सुराल क्षेत्र के युवाओं के लिए कोई भी शुल्क नहीं लगेगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि — 20 फरवरी है। आवेदन प्राप्त करने एवं अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें — मनोज गारमेंट्स (चिकू) निकट ग्रामीण बैंक, किलाड़, पांगी मोबाइल नंबर — 76499 66000 या संपर्क करें — 89880 21021 94184 62519 70184 69639 94187 42338 यह पांगी घाटी के युवाओं के लिए शीतकालीन खेलों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक बेहतरीन अवसर है।
- भटियात की परछोड़ पंचायत में फिना सिंह सिंचाई परियोजना का काम फिर शुरू, 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य जिला चंबा के भटियात क्षेत्र की परछोड़ पंचायत में फिना सिंह बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना का कार्य आज से दोबारा शुरू कर दिया गया है। यह परियोजना लंबे समय बाद पुनः गति पकड़ने जा रही है, जिससे क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को वर्ष 2011 में भारत सरकार और राज्य सरकार के योजना आयोग द्वारा ₹204.51 करोड़ के निवेश के साथ स्वीकृति मिली थी। बाद में इसकी संशोधित लागत ₹643.68 करोड़ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2024 में पुनः स्वीकृत की गई। परियोजना के मुख्य स्रोत में व्यास नदी की छोटी सहायक धाराओं कलम नाला और चक्की खड्ड को आपस में जोड़ना शामिल है। इसके साथ ही चक्की खड्ड पर कंक्रीट ग्रेविटी बांध का निर्माण तथा 4307 मीटर लंबी सुरंग के माध्यम से जल परिवहन कर 4025 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस परियोजना का कमांड क्षेत्र औसतन 700 मीटर ऊंचाई पर स्थित है, जो तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा की 11 पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 60 गांवों में फैला हुआ है। इससे लगभग 26,189 निवासियों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। जल शक्ति विभाग धर्मशाला जोन के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने अधीक्षण अभियंता संजय ठाकुर, कार्यकारी अभियंता अमिंदर सिंह सहित पूरी टीम के साथ परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पहले चरण में ₹301.48 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जिससे परियोजना का लगभग 50% कार्य पूरा हो चुका है। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बांध, सर्च टैंक, डिस्ट्रीब्यूटरी D-1 तथा शेष कार्य के लिए मेसेज यूनिपरो इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चंडीगढ़ को ₹292.61 करोड़ में कार्य आवंटित किया गया है। परियोजना को पूरा करने के लिए 2 वर्ष का समय निर्धारित किया गया है, जबकि इसके बाद 5 वर्षों तक संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) का कार्य भी इसी के अंतर्गत रहेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस परियोजना हेतु ₹55.51 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। परियोजना के पुनः आरंभ होने की खुशी में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल वशिष्ठ द्वारा स्थानीय निवासियों के साथ भूमि पूजन किया गया तथा प्रसाद वितरण के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया। अनिल वशिष्ठ ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। इस परियोजना के पुनः शुरू होने से क्षेत्र में कृषि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।1
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- Post by Till The End News1
- Himachal Update 24 News प्रेस क्लब कुल्लू में अमर चंद ठाकुर, अध्यक्ष, किसान मोर्चा, राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी, हिमाचल प्रदेश, प्रेस वार्ता प्रदेश के किसानों से संबंधित मुद्दों पर आधारित,,,,, #appleeconomyhimachal #हिमाचलकेबागबान #देवभूमिपार्टी #किसानमोर्चा #कुल्लू #AmericaIndiatradeDeal #reelschallengereelschallenge1
- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ लगते जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के भेड़ी (बालक रूपी) में हिमाचल प्रदेश किसान संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव देस्ट, जयसिंहपुर के पूर्व विधायक रविंद्र धीमान तथा बैजनाथ के पूर्व विधायक मुल्क राज प्रेमी भी मौजूद रहे।2
- क्या ये सब हमारी आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं। हिंदू कब जागेगा। ओर अपनी आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।1
- हाल ही में हुई भारी बर्फबारी ने जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी में जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया था। लगातार कई घंटों तक हुई बर्फबारी के चलते मुख्य मार्गों सहित आंतरिक संपर्क सड़कें मोटी बर्फ की चादर में दब गई थीं। परिणामस्वरूप आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और घाटी के विभिन्न गांव एक-दूसरे से कट गए थे। लोगों को आवश्यक वस्तुओं, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बर्फबारी के बाद स्थिति ऐसी बन गई थी कि कई ग्रामीणों को पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। मरीजों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों के लिए हालात और भी चुनौतीपूर्ण थे। सार्वजनिक परिवहन सेवा भी पूरी तरह बंद हो गई थी, जिससे निजी वाहनों पर निर्भरता बढ़ गई और लोगों पर आर्थिक बोझ भी पड़ा। हालांकि इस बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारी कर रखी थी। मौसम विभाग की संभावित बर्फबारी की चेतावनी के बाद मशीनरी, स्नो कटर, जेसीबी और आवश्यक उपकरणों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात कर दिया गया था। कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया था ताकि बर्फबारी रुकते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की जा सके। जैसे ही मौसम साफ हुआ, विभागों की टीमें युद्धस्तर पर सड़कों से बर्फ हटाने में जुट गईं। मुख्य मार्गों को प्राथमिकता देते हुए कार्य आरंभ किया गया, ताकि घाटी का संपर्क बाहरी क्षेत्रों से शीघ्र बहाल किया जा सके। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आंतरिक संपर्क मार्गों पर भी कार्य किया गया। कई स्थानों पर बर्फ की मोटी परत और फिसलन के कारण मशीनरी संचालन में कठिनाई आई, लेकिन कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में भी डटे रहकर कार्य जारी रखा। बताया जा रहा है कि दिन-रात की अथक मेहनत के बाद रिकॉर्ड समय में पांगी के लगभग सभी मुख्य एवं संपर्क मार्गों को बहाल कर दिया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पांगी का दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र और अत्यधिक ठंड कार्य को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। उपमंडल प्रशासन भी पूरे घटनाक्रम के दौरान चौबीस घंटे सक्रिय रहा। अधिकारियों द्वारा लगातार विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की जाती रही। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय बनाए रखा गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि मार्ग बहाली के साथ-साथ आवश्यक सेवाएं भी जल्द से जल्द सामान्य हो सकें। मार्ग बहाल होते ही घाटी में जनजीवन ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से होने लगी है, स्कूलों और कार्यालयों में उपस्थिति बढ़ने लगी है और लोगों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई है। बस सेवा को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे आम जनता को और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग, बीआरओ और पांगी प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार विभागों ने जिस तत्परता, समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की पूर्व तैयारी और सक्रियता से काम किया जाएगा, ताकि बर्फबारी जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद आम जनता को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। कुल मिलाकर, कठिन मौसम और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद विभागों और प्रशासन की संयुक्त मेहनत ने यह साबित कर दिया कि बेहतर योजना, त्वरित निर्णय और समर्पित टीमवर्क से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। पांगी घाटी के लोगों के लिए यह राहत और विश्वास का क्षण है, जिसने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा मजबूत किया है।1
- चंबा में स्मार्ट मीटर को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बिजली बोर्ड ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अधिशाषी अभियंता परवेश ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाए और उपभोक्ताओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक पर आधारित हैं, जिससे बिजली खपत की सही जानकारी उपभोक्ताओं को समय पर मिल सकेगी। इससे बिलिंग प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और गलत बिल आने की शिकायतें भी कम होंगी। परवेश ठाकुर ने बताया कि स्मार्ट मीटर के जरिए उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर खुद नजर रख सकते हैं और जरूरत के अनुसार बिजली उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा बिजली चोरी पर भी रोक लगेगी और विभाग को राजस्व में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है और भविष्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। बिजली बोर्ड ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्मार्ट मीटर को लेकर सही जानकारी प्राप्त करें। बाइट परवेश ठाकुर अधिशाषी अभियंता।1
- Himachal Update 24 News #कुल्लू श्रम कानून के विरोध में सीटू के विभिन्न ट्रेड यूनियन का कुल्लू में जोरदार धरना प्रदर्शन सीटू के राज्य सचिव प्रेम गौतम1