मिर्जापुर में महिला IPS के साथ बॉडी शेमिंग, पुलिस को बंद करना पड़ा कमेंट सेक्शन उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में तैनात आईपीएस अधिकारी अपर्णा कौशिक सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग का शिकार हो गईं। मामला उस वक्त शुरू हुआ जब एसपी अपर्णा कौशिक ने एक क्राइम केस को लेकर प्रेस बाइट दी, जिसे मिर्जापुर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया। वीडियो के वायरल होते ही इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ने उनके काम की बजाय उनके शरीर को लेकर आपत्तिजनक और भद्दे कमेंट करने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह ट्रोलिंग बढ़ती चली गई, जिससे स्थिति असहज हो गई। हालात को देखते हुए मिर्जापुर पुलिस को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट का कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और ज्यादा तूल पकड़ गया। अब बड़ी संख्या में लोग महिला अधिकारी के समर्थन में सामने आ रहे हैं और ट्रोलर्स की मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत अधिकारी के काम को नजरअंदाज कर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद शर्मनाक है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और महिलाओं के प्रति सोच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मिर्जापुर में महिला IPS के साथ बॉडी शेमिंग, पुलिस को बंद करना पड़ा कमेंट सेक्शन उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में तैनात आईपीएस अधिकारी अपर्णा कौशिक सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग का शिकार हो गईं। मामला उस वक्त शुरू हुआ जब एसपी अपर्णा कौशिक ने एक क्राइम केस को लेकर प्रेस बाइट दी, जिसे मिर्जापुर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया। वीडियो के वायरल होते ही इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ने उनके काम की बजाय उनके शरीर को लेकर आपत्तिजनक और भद्दे कमेंट करने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह ट्रोलिंग बढ़ती चली गई, जिससे स्थिति असहज हो गई। हालात को देखते हुए मिर्जापुर पुलिस को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट का कमेंट सेक्शन बंद करना पड़ा। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर और ज्यादा तूल पकड़ गया। अब बड़ी संख्या में लोग महिला अधिकारी के समर्थन में सामने आ रहे हैं और ट्रोलर्स की मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत अधिकारी के काम को नजरअंदाज कर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद शर्मनाक है। यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और महिलाओं के प्रति सोच को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- Post by Naeem warsi1
- मिर्जापुर में सड़क के बीच खड़ा हैंडपंप बना खतरा, PWD की लापरवाही उजागर मिर्जापुर में पीडब्ल्यूडी विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां सड़क निर्माण के दौरान एक चालू हैंडपंप को हटाए बिना ही सड़क बना दी गई। नतीजा यह हुआ कि अब सड़क के ठीक बीचों-बीच हैंडपंप खड़ा है, जो राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए खतरा बन गया है। यह मामला विंध्याचल थाना क्षेत्र के कंतित इनारा के पास का है, जहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुजरते हैं। सड़क के बीच मौजूद हैंडपंप के कारण लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय या भीड़भाड़ के दौरान हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस मुद्दे की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो हैंडपंप हटाया गया और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था की गई। लोगों में विभाग और ठेकेदार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकती है। ऐसे में प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है, ताकि सड़क को सुरक्षित बनाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके।1
- मिर्जापुर के विंध्याचल क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान हैंड पंप के बाद बिजली के खंभे को शिफ्ट किए बिना ही उसके आसपास सड़क बना दी गई है। सड़क के बीच खड़ा यह खंभा कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कल से चैत्र नवरात्र मेला शुरू हो रहा है और इसी रास्ते से हजारों-लाखों श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी मंदिर पहुंचेंगे।1
- *सतना शहर के ऊपर लड़ाकू विमान (फाइटर जेट्स) के लग रहे चक्कर, लोगों में कौतूहल।*1
- मीरजापुर | जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध छेड़े गए अभियान में लालगंज पुलिस और एसओजी (SOG)/सर्विलांस की संयुक्त टीम को एक ऐसी कामयाबी हाथ लगी है, जिसने अंतर्राज्यीय स्तर पर चल रहे साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने टाटा डीसीएम ट्रक में बड़ी ही चालाकी से छिपाकर ले जाए जा रहे 11,605 पुराने मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। 👉 तेन्दुई टोल प्लाजा पर बिछाया गया जाल : पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशानुसार, क्षेत्राधिकारी लालगंज अमर बहादुर के नेतृत्व में पुलिस की टीमें सक्रिय थीं। इसी दौरान दिनांक 16 मार्च को मुखबिर से सटीक सूचना प्राप्त हुई कि एक डीसीएम ट्रक में अवैध सामान की बड़ी खेप बिहार की ओर जा रही है। थाना लालगंज और एसओजी की टीम ने तत्काल घेराबंदी करते हुए ग्राम तेन्दुई टोल प्लाजा के पास ट्रक (संख्या-UP 62 CT 5893) को रुकवाया। 👉 ट्रक की तलाशी और चौंकाने वाला खुलासा: जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। ट्रक के भीतर 874 एंड्रॉइड फोन और 10,731 की-पैड फोन ठसाठस भरे हुए थे। पुलिस ने मौके से 08 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जो बिहार के कटिहार और पूर्णिया जिलों के रहने वाले हैं। इनके पास से चोरी की 08 मोटरसाइकिलें और ₹48,800 नकद भी बरामद हुए हैं। पुराने फोन से 'डाटा' की तस्करी पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग राज्यों से इन पुराने फोन को इकट्ठा करते थे। इनका मुख्य उद्देश्य इन फोन को रिपेयर करना नहीं, बल्कि इनके भीतर छिपे व्यक्तिगत डाटा को रिकवर (Data Recovery) करना था। इस डाटा को वे साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेचते थे, जिसका इस्तेमाल बैंकिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। इस अवैध धंधे से होने वाली कमाई का उपयोग ये गिरोह अपनी सुख-सुविधाओं के लिए कर रहा था। पुलिस टीम को नकद पुरस्कार इस बड़ी सफलता से गदगद पुलिस अधीक्षक मीरजापुर ने गिरफ्तारी करने वाली संयुक्त टीम के उत्साहवर्धन हेतु 10,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। 👉 बरामदगी एक नजर में: कुल मोबाइल: 11,605 (कीमत करीब ₹70 लाख) 👉 वाहन: 01 टाटा डीसीएम और 08 मोटरसाइकिलें (कीमत करीब ₹33 लाख) 👉 नकद: ₹48,800 👉 गिरफ्तारी: 08 अभियुक्त (सभी बिहार निवासी)2
- जनपद में नवरात्र के पावन पर्व पर महिलाएं काफी संख्या में मंदिरों में जाती हैं, श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार ड्यूटी तैनात की जा रही है। सीसीटीवी के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग किया जाएगा। श्रद्धालुओं को आवागमन हेतु सुरक्षा-व्यवस्था सुदृढ़ किया जाएगा।अभिनव त्यागी,पुलिस अधीक्षक भदोही1
- Post by Guru Singh Singh10
- मिर्जापुर/विंध्याचल में खबर का बड़ा असर देखने को मिला है। विंध्याचल थाना क्षेत्र के विंध्याचल रोड पर बीच सड़क में खड़े हैंडपंप को लेकर उठे सवालों के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया है। सड़क निर्माण के दौरान चालू हैंडपंप को बिना शिफ्ट किए ही सड़क बना दी गई थी, जिससे बीच सड़क खड़ा हैंडपंप कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। मामले के सामने आने के बाद अब पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और हैंडपंप को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि नवरात्र मेले को लेकर एक दिन पहले ही सड़क को गड्ढा मुक्त किया गया था, और इसी रास्ते से लाखों श्रद्धालु विंध्याचल मंदिर दर्शन के लिए गुजरते हैं।1