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कानपुर देहात की तहसील अकबरपुर में 20 जून 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल और प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने जनसामान्य की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, पेयजल, पेंशन, आवास और अन्य जनहित से जुड़े कुल 95 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग की 67, पुलिस विभाग की 13, विद्युत विभाग की 5, खंड विकास अधिकारी से संबंधित 6 और अन्य 4 शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, यह स्पष्ट करते हुए कि शासन की प्राथमिकता आमजन को त्वरित एवं पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार जनकल्याण और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, इसलिए जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए ताकि प्रशासन पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। मुख्य विकास अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनुपस्थिति को सहन नहीं किया जाएगा। समाधान दिवस के दौरान अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत रनिया, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अकबरपुर, सहायक विकास अधिकारी (सहकारी समितियां), चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद यूनानी) और सहायक अभियंता विकास प्राधिकरण विभाग के अधिकारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब करने और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने तक उनका वेतन बाधित रखने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच करने और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करने हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय और तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

13 hrs ago
user_Anand shukla
Anand shukla
अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
13 hrs ago
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कानपुर देहात की तहसील अकबरपुर में 20 जून 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल और प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने जनसामान्य की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, पेयजल, पेंशन, आवास और अन्य जनहित से जुड़े कुल 95 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व विभाग की 67, पुलिस विभाग की 13, विद्युत विभाग की 5, खंड विकास अधिकारी से संबंधित 6 और अन्य 4 शिकायतें शामिल थीं। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, यह स्पष्ट करते हुए कि शासन की प्राथमिकता आमजन को त्वरित एवं पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार जनकल्याण और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है, इसलिए जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए ताकि प्रशासन पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। मुख्य विकास अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनुपस्थिति को सहन नहीं किया जाएगा। समाधान दिवस के दौरान अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत रनिया, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अकबरपुर, सहायक विकास अधिकारी (सहकारी समितियां), चिकित्सा अधिकारी (आयुर्वेद यूनानी) और सहायक अभियंता विकास प्राधिकरण विभाग के अधिकारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से इन अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब करने और संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने तक उनका वेतन बाधित रखने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने, प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच करने और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारित करने हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय और तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • जनपद कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अपराध व अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पुलिस ने बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की। इस विशेष अभियान के दौरान कुल 195 वाहनों का चालान किया गया। कानपुर देहात पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की है। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार जारी रहेगा।
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    जनपद कानपुर देहात में पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में अपराध व अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत पुलिस ने बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की।

इस विशेष अभियान के दौरान कुल 195 वाहनों का चालान किया गया। कानपुर देहात पुलिस ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की है। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लगातार जारी रहेगा।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया।

इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Kumar MEDIA
    Anupam Kumar MEDIA
    Cinematographer अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • कानपुर देहात जनपद की एक महिला ने जालौन के पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर प्लॉट विवाद से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि भूमि विवाद के चलते उसके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके तहत झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और समझौते के बहाने बुलाकर उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया। रसूलपुर निवासी रागिनी देवी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने उरई क्षेत्र के जगदेवपुर और बनफरा में प्लॉट खरीदे थे, जिनके आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। महिला के अनुसार, प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया में सहयोग करने वाले एक व्यक्ति के यहां वह कुछ समय तक रहीं, लेकिन बाद में परिस्थितियाँ बदलने पर उन्होंने वहाँ से रहना छोड़ दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने कथित तौर पर रंजिशवश उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए, जिससे उनका परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है। शिकायत में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि समझौते के नाम पर उन्हें उरई बुलाया गया, जहाँ उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, अभद्रता की गई और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र एवं लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी वास्तविक सत्यता एवं परिस्थितियां पुलिस/प्रशासनिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेंगी।
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    कानपुर देहात जनपद की एक महिला ने जालौन के पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर प्लॉट विवाद से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि भूमि विवाद के चलते उसके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके तहत झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और समझौते के बहाने बुलाकर उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया।

रसूलपुर निवासी रागिनी देवी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने उरई क्षेत्र के जगदेवपुर और बनफरा में प्लॉट खरीदे थे, जिनके आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। महिला के अनुसार, प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया में सहयोग करने वाले एक व्यक्ति के यहां वह कुछ समय तक रहीं, लेकिन बाद में परिस्थितियाँ बदलने पर उन्होंने वहाँ से रहना छोड़ दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने कथित तौर पर रंजिशवश उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए, जिससे उनका परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है।

शिकायत में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि समझौते के नाम पर उन्हें उरई बुलाया गया, जहाँ उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, अभद्रता की गई और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है।

इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र एवं लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी वास्तविक सत्यता एवं परिस्थितियां पुलिस/प्रशासनिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेंगी।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।
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    जालौन जिले में मौरंग माफियाओं ने कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए जिला प्रशासन और पूरी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दी है। खदानें बंद होने का समय नजदीक आते ही जोल्हूपुर पुल पर ओवरलोड डंपरों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है। इस घटना ने पूरे सिस्टम की साख पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में दर्जनों ओवरलोड डंपर जोल्हूपुर पुल पर जाम में फंसे साफ देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि माफिया मानसिकता के लोग खुद इस अवैध गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं और सरेआम सिस्टम का मजाक उड़ा रहे हैं।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।
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    जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो।

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?

फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    38 min ago
  • प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।
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    प्रभु श्रीराम के मंदिर से जुड़े ज़मीन सौदों में गंभीर घोटाले का आरोप लगाया गया है, जिसमें 'ED पार्टी' और चंपत राय पर करोड़ों की लूट करने का दावा किया गया है। आरोपों के अनुसार, 2 करोड़ रुपये की ज़मीन को 18.5 करोड़ रुपये में, 3 करोड़ रुपये की ज़मीन को 24 करोड़ रुपये में, और 9 करोड़ रुपये की ज़मीन को 55 करोड़ रुपये में बेचा गया। इन सभी लेनदेन को 'प्रभु श्रीराम के नाम पर' किए गए घोटाले बताया गया है, जो मंदिर से संबंधित धन की कथित लूट को उजागर करते हैं।
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। 23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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    माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की है। इस पहल के तहत, देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना का उद्देश्य पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करके उनकी आय बढ़ाना और खेती-किसानी को सशक्त बनाना है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

23वीं किस्त के जारी होने से करोड़ों किसान परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। किसानों ने केंद्र सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह आर्थिक सहायता खेती-किसानी के खर्चों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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    जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव, तथा राजस्व एवं जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित और सुरक्षित संधारण पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों को श्रेणीबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संरक्षित किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हो सकें। नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जांच करते हुए, जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही तथा आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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