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राजधानी में खुलेआम मनचलों द्वारा बहन बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक है। दूर दराज से प्रदेश की राजधानी में कई उम्मीदों के साथ हमारी बहन-बेटियां पढ़ने लिखने और अपना भविष्य सँवारने के लिए आती है लेकिन ऐसे लोगों की वजह से कई परिवार अपनी बेटियों को यहाँ भेजने से कतराते हैं आख़िर कब तक सरकार की लापरवाही और ढीले रवैये से इन्हें घर में बंद रहना पड़ेगा? प्रशासन से माँग है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान कर उनपर सख्त कार्रवाई करें। Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan Rajasthan Polic
Babulal kaswan
राजधानी में खुलेआम मनचलों द्वारा बहन बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक है। दूर दराज से प्रदेश की राजधानी में कई उम्मीदों के साथ हमारी बहन-बेटियां पढ़ने लिखने और अपना भविष्य सँवारने के लिए आती है लेकिन ऐसे लोगों की वजह से कई परिवार अपनी बेटियों को यहाँ भेजने से कतराते हैं आख़िर कब तक सरकार की लापरवाही और ढीले रवैये से इन्हें घर में बंद रहना पड़ेगा? प्रशासन से माँग है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान कर उनपर सख्त कार्रवाई करें। Bhajanlal Sharma CMO Rajasthan Rajasthan Polic
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- l सोशल मीडिया पर छोटू सिंह रावणा को अनफॉलो करने का ट्रेंड तेजी से वायरल हुआ, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बता रहे हैं। जहां एक तरफ लोग अनफॉलो के वीडियो बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके फॉलोअर्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं। क्या ये ट्रेंड सिर्फ वायरल होने के लिए था या फिर जनता आज भी छोटू सिंह रावणा के साथ खड़ी है? इस रिपोर्ट में जानिए पूरी सच्चाई। #BikanerNews #news #ChotuSinghRavana #ravsa #Rajasthan1
- Post by Babulal kaswan1
- राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने दो आरोपियों—सलमान और शंकराराम—को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े तस्करी गिरोह के साथ उनके गहरे संबंध सामने आए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में थे और सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों को भारत में सप्लाई करने का काम कर रहे थे। यह नेटवर्क से लेकर तक फैला हुआ था, जिससे बड़े स्तर पर ड्रग्स की सप्लाई की जा रही थी। जांच में सामने आया है कि तस्कर सीमा के पास सुनसान इलाकों का इस्तेमाल करते थे, जहां रात के समय ड्रोन या अन्य तरीकों से ड्रग्स की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद सलमान और शंकराराम जैसे स्थानीय सहयोगी उसे उठाकर आगे नेटवर्क के जरिए विभिन्न राज्यों में पहुंचाते थे। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कई अहम राज उगले हैं, जिनमें पाकिस्तान स्थित तस्करों के नाम, संपर्क के तरीके और भारत में उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जानकारी शामिल है। एजेंसियां अब इन खुलासों के आधार पर पूरे गिरोह को पकड़ने के लिए अभियान चला रही हैं। यह भी सामने आया है कि तस्करी के इस नेटवर्क में बड़ी रकम का लेन-देन होता था और हवाला के जरिए पैसे पाकिस्तान तक पहुंचाए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इस एंगल से भी जांच कर रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती ड्रग्स तस्करी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और सख्त कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा कर लिया जाएगा और इसमें शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।1
- Post by SSSO News1
- श्री गंगानगर घमुड़वाली से खबर1
- श्री डूंगरगढ़ अतिक्रमण हटाया जा रहा है #न्यूज़ #डूंगरगढ़1
- कोलायत। आज दिनांक 09.04.2026 को कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी, कोलायत में अष्टम पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई तथा रंगोली बनाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी राजेश नायक मुख्य अतिथि रहे। उपखंड अधिकारी राजेश नायक ने कहा कि जीवन के प्रथम 6 वर्षों में मस्तिक का अधिकतम विकास होता है। इस पखवाडे के माध्यम से गांव के बच्चों को पोष्टिक आहार दे, जिससे मस्तिक अच्छे से विकसित हो सकेगा। उपखंड अधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कहा कि इस पखवाडे का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कर ग्रामीणों को इसका लाभ दिलाएं। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेश बीका ने कहा कि देशभर में 9 से 23 अप्रेल तक आठवां पोषण पखवाडा मनाया जा रहा है। प्रतिदिन थीम के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गतिविधियां आयोजित करवाई जाएगी। जिसकी ऑनलाईन एंट्री भी की जाएगी। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने कहा कि इसके लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए है। इस दौरान कनिष्ठ लेखाकार लीलाधर, सहायक प्रशासनिक अधिकारी श्वेता जैन, महिला पर्यवेक्षक बाईला कुमारी, ज्योति कड़वासरा, महिला अधिकारिता महिला पर्यवेक्षक विमला बिश्नोई, देवी सिंह भाटी आदि मौजूद थे।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ के चेयरमैन का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्हें बीजेपी नेताओं के साथ ₹1,000 करोड़ की डील पर चर्चा करते हुए सुना जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में कथित तौर पर हुमायूँ कबीर यह कहते सुनाई देते हैं कि वह किसी भी कीमत पर को सत्ता से हटाना चाहते हैं। इस दावे ने राज्य की सियासत को और गरमा दिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी “टीम B” और “टीम C” बनाकर हुमायूँ कबीर जैसे नेताओं के जरिए मतुआ, हिंदू और मुस्लिम वोटरों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक चुप क्यों है। हुमायूँ कबीर का जवाब: ‘AI से बनाया गया वीडियो’ विवाद बढ़ने पर हुमायूँ कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार किया गया है और पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। कबीर ने साफ कहा कि उनका कोई संपर्क या से नहीं है, और न ही उन्होंने कभी उनसे मुलाकात की है। वीडियो में बड़े नेताओं से संपर्क के दावे वायरल वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि कबीर ने बंगाल में विपक्ष के नेता से बातचीत की है और उन्हें दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिलने का प्रस्ताव मिला था। साथ ही, वीडियो में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और अन्य वरिष्ठ नेताओं से संपर्क होने की भी बात कही गई है। वीडियो में यह संकेत भी मिलता है कि अगर कथित रणनीति सफल होती है, तो कबीर को उपमुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चुनावी पृष्ठभूमि हुमायूँ कबीर की पार्टी इस बार 294 में से 118 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और की पार्टी के साथ गठबंधन में है। राज्य में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जबकि नतीजे 4 मई को आने की उम्मीद है। TMC की जांच की मांग TMC ने इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि पैसे और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला है। कुणाल घोष ने यह भी दावा किया कि वीडियो में ₹200 करोड़ एडवांस मिलने की बात कही गई है और PMO का जिक्र किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। फिलहाल, यह मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है। वीडियो की सत्यता की पुष्टि और जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।1