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चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला अंतर्गत संगेसरा स्थित राधा कृष्ण गौशाला में 151 पौधे लगाए गए। इस दौरान 'राम ढूंढ' करते हुए सभी ग्रामवासी, स्कूल शिक्षक और आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता वहां मौजूद रहे।
सुनील कुमार खटीक
चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला अंतर्गत संगेसरा स्थित राधा कृष्ण गौशाला में 151 पौधे लगाए गए। इस दौरान 'राम ढूंढ' करते हुए सभी ग्रामवासी, स्कूल शिक्षक और आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता वहां मौजूद रहे।
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- डूंगला ब्लॉक आयुर्वेद अधिकारी और चिकारड़ा राजकीय आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बनवारीलाल शर्मा ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत दो दिनों के लिए खोड़ीप स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर राजकीय आयुर्वेद औषधालय में कार्यभार ग्रहण किया है। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विद्यालय परिवार ने उपरना ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत व सम्मान किया। कार्यभार संभालने के बाद डॉ. शर्मा ने ग्रामीण सेवा शिविर के फॉलोअप कैंप में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें आवश्यक परामर्श व उपचार प्रदान किया। इस स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, खोड़ीप के प्रधानाचार्य जगदीशलाल मीणा के नेतृत्व में गुप्त नवरात्र के अष्टमी पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंच कन्याओं के पूजन-अर्चन से हुई। इस दौरान कन्याओं को कुमकुम, अक्षत, रक्षा सूत्र, उपरना और दक्षिणा भेंट कर देवी स्वरूप सम्मानित किया गया और उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद राज्य सरकार के "हरियालो राजस्थान–एक पौधा मां के नाम" अभियान के तहत औषधालय परिसर में पारस पीपल का पौधरोपण किया गया, जिसमें डॉ. शर्मा, प्रधानाचार्य मीणा, मधु कुमारी बैरागी, कन्याओं और ग्रामीणों ने पौधे के संरक्षण का संकल्प लिया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. शर्मा ने पारस पीपल को एक अत्यंत उपयोगी औषधीय वृक्ष बताते हुए कहा कि इसकी पत्तियां, छाल और फूल त्वचा रोग, घाव भरने तथा पेट संबंधी विकारों में काफी लाभकारी होते हैं। उन्होंने आयुर्वेद को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने नए चिकित्सा अधिकारी का स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके मार्गदर्शन में क्षेत्र के लोगों को बेहतर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।3
- चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला अंतर्गत संगेसरा स्थित राधा कृष्ण गौशाला में 151 पौधे लगाए गए। इस दौरान 'राम ढूंढ' करते हुए सभी ग्रामवासी, स्कूल शिक्षक और आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता वहां मौजूद रहे।1
- चितौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर मौजूद आयुष हॉस्पिटल में घुटने, साईटिका, सर्वाइकल और सिर दर्द का सफ़ल इलाज किया जा रहा है। मरीज इस इलाज और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए अस्पताल के मोबाइल नंबर 8302083835 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक कुल 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहां कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही रिक्त था। इस तरह विद्यालय में कुल सात शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक रिक्त पदों पर शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।1
- उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धमानिया में 'Transformative Tuesday – Legal Literacy & Sensitization Programme' के तहत विधिक जागरूकता एवं संवेदनशीलता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता और निर्देशन तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) प्रेम गढ़वाल ने किया। धमानिया स्कूल में आयोजित इस विधिक जागरूकता शिविर के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।1
- प्रतापगढ़ जिले के धरियावद में ग्राम पंचायत गोठड़ा के ग्राम खेड़ी मांगरोल में बिलानाम सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर धरियावद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण लालूराम मीणा ने बताया कि ग्राम खेड़ी मांगरोल की आराजी नंबर 27 की भूमि वर्तमान में बिलानाम सरकारी जमीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जमीन पर किसी व्यक्ति विशेष द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके पक्की बाउंड्री का निर्माण करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस कब्जे को जल्द से जल्द रुकवाया जाए और इस भूमि का उपयोग सरकारी कार्यों के लिए किया जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस भूमि से अतिक्रमण को जल्द नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में बदीया गमेती, रामलाल, धीरजमल, रूपा, रुपसी, गणेश, ईश्वर, लालूराम, आसुराम, कन्हैयालाल, गौतमलाल, प्रकाश, दिनेश, खातूराम और अर्जुन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।2
- मध्य प्रदेश के नीमच जिले की मनासा थाना पुलिस ने नशा मुक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एसप्रेसो कार से तस्करी कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा और तस्करी में इस्तेमाल कार जब्त की है। यह कार्रवाई 20 जुलाई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। मनासा पुलिस ने डिकेन वाले भेरू बावजी अखेपुर बावडा फंटा पर नाकाबंदी की और सफेद रंग की एसप्रेसो कार (आरजे 27 सीएल 8706) को रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 41 किलो 200 ग्राम अवैध डोडाचुरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से आरोपी पप्पुलाल (पिता छगनलाल गेहलोत, जाति नाई, निवासी बोरखेड़ी पाणेरी, थाना नीमच सिटी) को गिरफ्तार कर लिया। मनासा थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है और उससे उसके अन्य साथी आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। यह बड़ी कार्रवाई मध्य प्रदेश शासन व पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। यह सफलता नीमच के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल और अनुविभागीय अधिकारी मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी के मार्गदर्शन व थाना प्रभारी मनासा श्री निलेश अवस्थी के नेतृत्व में मिली है। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक निलेश अवस्थी, सउनि दिलीप कुमार, प्रआर 348 नरेन्द्र मालवीय, आर 112 विजयपाल सिंह, आर अंकित राठौर, आर दशरथ जाटव, आर अंकित जोशी और आर कुशलपाल जाट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।4
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला उपखंड में स्थित चिकारड़ा पुलिस चौकी को पुनः मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में शामिल करने की मांग पिछले आठ वर्षों से लगातार की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2018 में जब इस चौकी को मंडफिया थाना क्षेत्र के अधीन करने की कोशिशें शुरू हुई थीं, तभी से इसका कड़ा विरोध किया गया था। इसके बावजूद चौकी को मंडफिया थाने में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद से आम जनता को प्रशासनिक, कानूनी और न्यायिक कार्यों में अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सरपंच पद के उम्मीदवार व सामाजिक कार्यकर्ता हिम्मतलाल चौधरी और ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, आईजी, डीआईजी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। शनिवार को भी राजस्थान सरकार के गृहमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को पुनः ज्ञापन भेजकर इस मांग को दोहराया गया है। चिकारड़ा के प्रशासनिक और पुलिस क्षेत्राधिकार में विसंगति के कारण आमजन को समय और धन की हानि हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, चिकारड़ा प्रशासनिक रूप से डूंगला उपखंड, बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र और जिला परिषद क्षेत्र में आता है। लेकिन पुलिस थाना मंडफिया होने के कारण कई मामलों में भदेसर उपखंड और मंडफिया न्यायालय का क्षेत्राधिकार लागू हो जाता है। इस कारण लोगों को अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना पड़ता है। डूंगला थाना क्षेत्र में करीब 50 वर्षों तक रहने के बाद चिकारड़ा को पहले मंगलवाड़ और फिर वर्ष 2018 में मंडफिया थाने के अधीन कर दिया गया था, जिससे यह परेशानी खड़ी हुई है। इसके अलावा, मंगलवाड़-निंबाहेड़ा राजमार्ग पर होने वाले सड़क हादसों के दौरान भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों के कारण प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियां बढ़ जाती हैं। इस राजमार्ग का एक हिस्सा निकुम्भ थाने में, दूसरा मंगलवाड़ में और लगभग 5 किलोमीटर का हिस्सा मंडफिया थाना क्षेत्र में आने से क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकारड़ा के आसपास के अधिकांश गांव पहले से ही मंगलवाड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। ऐसे में इस पुलिस चौकी को भी पुनः मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में शामिल करने से पुलिस व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी, चौकी को अतिरिक्त स्टाफ मिल सकेगा और क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलेगी।1