धौलपुर में भ्रष्ट निर्माण की पोल खोल—लाखों का समुदाय भवन बना खतरा! घटिया सामग्री का आरोप, दीवारों और बीम में दिख रही बड़ी खामियां—ग्रामीणों में भारी आक्रोश. धौलपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर होता दिख रहा है। लाखों रुपये की लागत से बना समुदाय भवन अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि खतरा बन गया है। धौलपुर के भागीरथपुरा गांव में हाल ही में बने समुदाय भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। भवन की दीवारों और छत में बड़ी-बड़ी दरारें और खाली स्थान साफ दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि बीम में एक तरफ से दूसरी तरफ तक खाली जगह नजर आ रही है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सीधे सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सीमेंट और सरिया तय मानकों से काफी कम है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी रघुवर ने नाराज़गी जताते हुए कहा— "हमें बताया गया था कि शादी-ब्याह के लिए अच्छा हॉल बनेगा, लेकिन अब हालत ये है कि अंदर जाने से भी डर लगता है। कभी भी छत गिर सकती है।" ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और भवन का दोबारा निर्माण कराने की मांग भी तेज हो गई है। अब सवाल ये है कि जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई? और क्या ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित समुदाय भवन—या यूं ही चलता रहेगा घटिया निर्माण का खेल?
धौलपुर में भ्रष्ट निर्माण की पोल खोल—लाखों का समुदाय भवन बना खतरा! घटिया सामग्री का आरोप, दीवारों और बीम में दिख रही बड़ी खामियां—ग्रामीणों में भारी आक्रोश. धौलपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर होता दिख रहा है। लाखों रुपये की लागत से बना समुदाय भवन अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि खतरा बन गया है। धौलपुर के भागीरथपुरा गांव में हाल ही में बने समुदाय भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए
हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। भवन की दीवारों और छत में बड़ी-बड़ी दरारें और खाली स्थान साफ दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि बीम में एक तरफ से दूसरी तरफ तक खाली जगह नजर आ रही है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सीधे सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सीमेंट और सरिया तय मानकों से काफी कम है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी रघुवर
ने नाराज़गी जताते हुए कहा— "हमें बताया गया था कि शादी-ब्याह के लिए अच्छा हॉल बनेगा, लेकिन अब हालत ये है कि अंदर जाने से भी डर लगता है। कभी भी छत गिर सकती है।" ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और भवन का दोबारा निर्माण कराने की मांग भी तेज हो गई है। अब सवाल ये है कि जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई? और क्या ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित समुदाय भवन—या यूं ही चलता रहेगा घटिया निर्माण का खेल?
- हमारे गाम जरगा मै यह हेडपम्प 6/7महीने से ख़राब पड़ा है कई बार शिकायत कर दी जेयान बसेड़ी कई बार 181पर शिकायत कर दी कोई समाधान नहीं हुआ है और इसी प्रकार खरंजा निर्माण भी नहीं हुआ है और हमारी गाली मुसलमानो की गली से लेकर आगे तक गली मे सफाई भी नहीं हुई है4
- घटिया सामग्री का आरोप, दीवारों और बीम में दिख रही बड़ी खामियां—ग्रामीणों में भारी आक्रोश. धौलपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास के नाम पर बड़ा घोटाला उजागर होता दिख रहा है। लाखों रुपये की लागत से बना समुदाय भवन अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि खतरा बन गया है। धौलपुर के भागीरथपुरा गांव में हाल ही में बने समुदाय भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई है। भवन की दीवारों और छत में बड़ी-बड़ी दरारें और खाली स्थान साफ दिखाई दे रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि बीम में एक तरफ से दूसरी तरफ तक खाली जगह नजर आ रही है, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सीधे सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सीमेंट और सरिया तय मानकों से काफी कम है, जिससे भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासी रघुवर ने नाराज़गी जताते हुए कहा— "हमें बताया गया था कि शादी-ब्याह के लिए अच्छा हॉल बनेगा, लेकिन अब हालत ये है कि अंदर जाने से भी डर लगता है। कभी भी छत गिर सकती है।" ग्रामीणों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और भवन का दोबारा निर्माण कराने की मांग भी तेज हो गई है। अब सवाल ये है कि जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई? और क्या ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित समुदाय भवन—या यूं ही चलता रहेगा घटिया निर्माण का खेल?3
- प्रदेश में आज से जनगणना प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके अंतर्गत राजस्थान के सी एम भजनलाल शर्मा ने अपना स्वयं-गणना प्रपत्र डिजिटल माध्यम से भरकर पूर्ण किया है। तथा सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि जिम्मेदार नागरिक बनकर जनगणना को सफल बनाएँ और देश के विकास में अपना योगदान सुनिश्चित् करे. ।1
- overload Nali vilej Rajpura kalan teshil.seipau jila.dholpur vilej.ka sarpanch Mukesh hai aap log meri avaj bano ram ram sa coment and sher plz 🙏3
- धौलपुर । चंबल नदी में प्रतिबंध के बावजूद जारी अवैध रेत खनन को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वन्यजीवों के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे के बीच सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) की टीम ने राजघाट क्षेत्र में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सीईसी सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल के नेतृत्व में टीम ने राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के वन, प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ नाव से चंबल नदी के संवेदनशील हिस्सों का निरीक्षण किया। करीब 20 किलोमीटर लंबे दौरे के दौरान टीम ने उन इलाकों को भी देखा, जहां घड़ियाल प्रजनन करते हैं और मादा घड़ियाल अंडे देती हैं। अधिकारियों ने माना कि अवैध खनन से इन संवेदनशील क्षेत्रों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को अवैध रेत उत्खनन रोकने में लापरवाही पर नाराजगी जताई। इसके बाद केंद्रीय सशक्त समिति को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के निर्देश दिए गए थे। निरीक्षण के बाद देवरी स्थित घड़ियाल संरक्षण केंद्र पर अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और निगरानी बढ़ाने पर चर्चा की गई। वन विभाग ने चंबल किनारे नई चौकियां स्थापित करने, अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में हथियारबंद निगरानी की मांग रखी। वन विभाग की ओर से 16 नई पोस्ट, 3 चौकियों और 240 अतिरिक्त वनकर्मियों व एसएएफ जवानों की तैनाती का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जा सके। निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर गोपनीय रूप से सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी।3
- नीट परीक्षा-2026 का आयोजन 3 मई को दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक जिला मुख्यायल के सात परीक्षा केन्द्रों राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय महाराणा, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बाड़ा हैदरशाह तथा राजकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पर परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट श्रीनिधि बी टी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए परीक्षा के निष्पक्ष, निर्विघ्न व सफल संचालन, मॉनिटरिंग एवं राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी एनटीए द्वारा जारी निर्देशानुसार परीक्षा केन्द्रों पर 300 मीटर की परिधि में निषेध प्रतिबंधित किया गया है।1
- धौलपुर कपड़ा व्यापारी से मारपीट और लूट का मुख्य आरोपी गिरफ्तार2
- Post by सवीर खान3