देवी गीतों व सजीव झांकियों ने दर्शकों को रात भर झूमने को किया मजबूर अजीतमल - क्षेत्र के एक गांव में महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव मंदिर परिसर में शिव जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में रात भर श्रद्धालु भगवान भोले नाथ , देवी गीतों व मनमोहक झांकियों पर झूमे श्रद्धालु। रविवार सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम मौहारी में शिव मंदिर पर तुलसी म्यूजिकल आर्केस्ट्रा पार्टी के द्वारा जगराते का आयोजन किया गया जिसमें भगवान भोले नाथ, देवी गीतों व मनमोहक सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को भोर सुबह तक पंडाल में झूमने को मजबूर कर दिया। वही प्रदेश के अलग जनपदों से आये हुए गायकों ने अपनी मधुर आवाज से दर्शकों का खूब मन लुभाया जिस्मेबआगरा से आये धीरेंद्र मस्ताना ने मेहंदी पुर बाले मेरे बाला जी , जैसे सुंदर गीतों को गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया वही बुन्देलखण्ड से पधारी बेबी आस्था ने केला मइया के भवन में घुटुअन खेले लांगुरिया, कानपुर महानगर से आई पूजा ने चलो बुलावा आया है, देवा ओ देवा भोले महादेवा जैसे गीतों को गाकर खूब लुभाया तो संचालक शिवांगी व दरोगा जी नर संयुक्त रूप से भोले नाथ व मां की सुंदर भेंटे सुनाकर दर्शकों को खूब लुभाया। तो वही गीतों के बीच मे सजीव झांकियों ने दर्शकों को भोर सुबह तक डटे रहने को मजबूर कर दिया। सुबह के समय तारा रानी की कथा के बाद में प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम समाप्त हुआ। वही कार्यक्रम की व्यबस्था में नगेन्द्र त्रिपाठी, धीरज मिश्रा, धर्मवीर सिंह, निर्वेश पाल, मनोज पांडे, पंकज पाल, धर्मेंद्र, निखिल, सोनू शर्मा, निक्की, सत्यम, शिवम, रामजी लाल, मुहर सिंह सहित तमाम लोगो ने व्यबस्था को संभाला।
देवी गीतों व सजीव झांकियों ने दर्शकों को रात भर झूमने को किया मजबूर अजीतमल - क्षेत्र के एक गांव में महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव मंदिर परिसर में शिव जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में रात भर श्रद्धालु भगवान भोले नाथ , देवी गीतों व मनमोहक झांकियों पर झूमे श्रद्धालु। रविवार सोमवार की रात में क्षेत्र के ग्राम मौहारी में शिव मंदिर पर तुलसी म्यूजिकल आर्केस्ट्रा पार्टी के द्वारा जगराते का आयोजन किया गया जिसमें भगवान भोले नाथ, देवी गीतों व मनमोहक सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को भोर सुबह तक पंडाल में झूमने को मजबूर कर दिया। वही प्रदेश के अलग जनपदों से आये हुए गायकों ने अपनी मधुर आवाज से दर्शकों का खूब मन लुभाया जिस्मेबआगरा से आये धीरेंद्र मस्ताना ने मेहंदी पुर बाले मेरे बाला जी , जैसे सुंदर गीतों को गाकर
श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया वही बुन्देलखण्ड से पधारी बेबी आस्था ने केला मइया के भवन में घुटुअन खेले लांगुरिया, कानपुर महानगर से आई पूजा ने चलो बुलावा आया है, देवा ओ देवा भोले महादेवा जैसे गीतों को गाकर खूब लुभाया तो संचालक शिवांगी व दरोगा जी नर संयुक्त रूप से भोले नाथ व मां की सुंदर भेंटे सुनाकर दर्शकों को खूब लुभाया। तो वही गीतों के बीच मे सजीव झांकियों ने दर्शकों को भोर सुबह तक डटे रहने को मजबूर कर दिया। सुबह के समय तारा रानी की कथा के बाद में प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम समाप्त हुआ। वही कार्यक्रम की व्यबस्था में नगेन्द्र त्रिपाठी, धीरज मिश्रा, धर्मवीर सिंह, निर्वेश पाल, मनोज पांडे, पंकज पाल, धर्मेंद्र, निखिल, सोनू शर्मा, निक्की, सत्यम, शिवम, रामजी लाल, मुहर सिंह सहित तमाम लोगो ने व्यबस्था को संभाला।
- औरैया जिले के तहसील मुख्यालय बिधूना के रामलीला मैदान में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा की भव्य एवं विशाल कलश शोभायात्रा कस्बे के बेला रोड नदी तिराहा लोहा बाजार फीडर रोड अंबेडकर चौराहा से निकल गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में कलश लेकर भजनों के साथ शामिल रही।1
- महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर देवकली मंदिर औरैया पर लाखों की संख्या में पधारे श्रद्धालु बम बम भोले हर हर महादेव के गूंजे जय कारें3
- फफूंद (औरैया): आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि पर जहाँ पूरा देश रोशनी से सराबोर है, वहीं नगर पंचायत फफूंद का आधा हिस्सा अंधेरे की आगोश में डूबा रहा। पुराने सरकारी अस्पताल से लेकर मुख्य चौराहे तक स्ट्रीट लाइटें और रंगीन लाइटें पूरी तरह ठप रहीं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।1
- महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इटावा, औरैया और जालौन जनपदों की सीमा पर स्थित पवित्र पांच नदियों यमुना, चंबल, सिंध, पहूज और कुंवारी के पवित्र महासंगम पंचनद धाम तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पांच पवित्र नदियों—यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और कुंवारी—के संगम पर स्थित शिवालयों में भक्तों ने जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तीनों जनपदों का पुलिस प्रशासन चाक-चौबंद रहा। प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन और सुचारू व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़िए एवं श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से जलाभिषेक कर सकें।2
- *जनपद में हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्व* *-शहर के दुर्गम बीहड़ में स्थित महाकालेश्वर देवकली मंदिर पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब* *औरैया।* जनपद में शहर सहित विभिन्न कस्बों व ग्रामीणांचलों में महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर्षोल्लास लाश की वातावरण में शिव भक्तों ने शिव मंदिरों एवं घरों पर भूत भावन भगवान शिव की आराधना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तगणों ने महाशिवरात्रि को लेकर व्रत धारण किया। इसके साथ ही शिव मंदिरों में शिव स्तुति के साथ मत्था टेका एवं मान्यता मांगी। श्रद्धालु भक्तगणों ने भगवान शिव का जिला अभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ बेलपत्र, पुष्प, धतूरा आदि सप्रेम चढ़ाते हुए भेट किए। महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव की साथ मनाया। जनपद की विभिन्न कस्बों व ग्रामीणांचलों में महाशिवरात्रि का पर्व मनाए जाने की समाचार प्राप्त हुए हैं। . रविवार 15 फरवरी को जनपद में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर दुर्गम बिहार में स्थित महाकालेश्वर देवकली मंदिर पर श्रद्धालुओं का बड़ी संख्या में हुजूम उमड़ा। श्रद्धालु भक्तगणों ने भूत भावन भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ ही जिला अभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ ही बेलपत्र, पुष्प,धतूरा आदि पूजन सामग्री के साथ पूजा अर्चना करते हुए मन्नतें मांगी। मंदिर परिसर में शिव दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रही। शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। श्रद्धालु भक्तगणों ने देवकली मंदिर परिसर में लगे मेला में खरीदारी करते हुए लुफ्त उठाया। मंदिर परिषद एवं मंदिर के अंदर बम बम भोले हर हर महादेव के जयकारे गुंजायमान होते रहें। जनपद के विभिन्न कस्बों दिबियापुर, सहायल, कंचौसी, सहार, बेला, याकूबपुर, उमरैन, एरवाकटरा, कुदरकोट, बिधूना, रुरूगंज,नेविल गंज, अछल्दा फफूंद अटसू अजीतमल बावरपुर मुरादगंज व अयाना आदि के अलावा महा शिवरात्रि से संबंधित समाचार प्राप्त हुए हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अजीतमल तहसील क्षेत्र पूर्णतः शिवमय नजर आया। प्रातः लगभग 4 बजे से ही शिवालयों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ निरंतर उमड़ती रही।6
- Post by Kanhaiya lal1
- औरैया। औरैया जनपद की अजीतमल तहसील क्षेत्र के गांव जलूपुर में आयोजित पावर शिव पुराण कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य रामसेवक तिवारी जी ने भावपूर्ण कथा विवेचन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आचार्य श्री ने बताया कि किस प्रकार भोले बाबा ने त्रिपुरासुर के तीनों महलों को भगवान गणेश की पूजा के प्रभाव से एक सीधी रेखा में स्थापित किया, जिससे उनका संहार संभव हो सका। उन्होंने जालंधर के जन्म का भी विस्तार से वर्णन किया कि कैसे समुद्र से उत्पन्न जालंधर, भगवान शिव के अंश से प्रकट हुआ और महालक्ष्मी का भाई बना। आगे बताया कि जालंधर ने अपने बल और अभिमान से देवताओं को अत्यंत परेशान किया तथा तीनों लोकों में आतंक मचाया। कथा में यह प्रसंग भी आया कि माता पार्वती की आज्ञा से भगवान विष्णु ने जालंधर की पत्नी वृंदा के साथ छल किया, जिससे जालंधर का अंत संभव हुआ और उसका उद्धार हुआ। आचार्य जी ने शंखचूर्ण की कथा का भी भावपूर्ण वर्णन किया। सुंदर भजनों की प्रस्तुति के साथ पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। कथा के अंत में तुलसी-शालिग्राम विवाह का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़े भाव से सहभागिता की। उपस्थित भक्त ज्ञान गंगा में गोता लगाते हुए आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करते दिखाई दिए। आयोजन में राम प्रकाश गौर, लल्लू भदौरिया, ऋषि सेंगर, राजकमल, कल्लू भदौरिया, सोनू भदौरिया, कल्लू सेंगर, मुनेश्वर पाल, विनोद पाल, लल्लू पाल और शीलू पाल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- औरैया जिले के बेला व याकूबपुर कस्बे में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न जगहों में हर्षोल्लास के साथ भगवान शिव की बारात निकाली गई, जो शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। इस बारात में भूत-पिशाच, देवी-देवता और जीव-जंतुओं के रूप में सजे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ पारंपरिक गीतों पर झूमते नजर आए। अनेक स्थानों पर भव्य झांकियों और भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें अपार जनसमूह उमड़ पड़ा।1
- कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता में शुक्रवार की देर रात्रि खेत की रखवाली कर रहे किसान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी घटनास्थल पर बिखरे सामान और परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर अपराधियो की धरपकड़ शुरू कर दी थी। रविवार को मृतक अर्जुन सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद गॉव अमावता तो वहा कोहराम मच गया तथा सैकड़ो की संख्या में उपस्थिति जनसमूह के सभी के आखे नम हो गयी। कोतवाली अजीतमल पुलिस की मौजूदगी में शव यात्रा सिकरोड़ी घाट पर पहुची जहा परिजनो द्वारा दाहसंस्कार किया गया।1