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अमरोहा जिले में किसानों की आय दोगुनी करने और उनके उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) ने आम उत्पादक किसानों को 'मैंगो बैग' वितरित किए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अमरोहा के आमों को निर्यात गुणवत्ता वाला बनाना है। सरकार की इस पहल से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि इन मैंगो बैग्स के उपयोग से उनके आम एक्सपोर्ट क्वालिटी के बन सकेंगे और वे विदेशों तक पहुँच सकेंगे। यह वितरण कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और अमरोहा के आमों को निर्यात बाजार में स्थापित करने की महत्वपूर्ण सौगात है।
Kapil kumar Chawla Amroha
अमरोहा जिले में किसानों की आय दोगुनी करने और उनके उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी (डीएम) ने आम उत्पादक किसानों को 'मैंगो बैग' वितरित किए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अमरोहा के आमों को निर्यात गुणवत्ता वाला बनाना है। सरकार की इस पहल से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि इन मैंगो बैग्स के उपयोग से उनके आम एक्सपोर्ट क्वालिटी के बन सकेंगे और वे विदेशों तक पहुँच सकेंगे। यह वितरण कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने और अमरोहा के आमों को निर्यात बाजार में स्थापित करने की महत्वपूर्ण सौगात है।
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- अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।3
- संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने गाजियाबाद में हुए असद एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक ऑटोमोबाइल शोरूम के उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बुलडोजर कार्रवाई या एनकाउंटर को न्याय का माध्यम नहीं माना जा सकता। सांसद बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी अपराध के लिए सजा का प्रावधान केवल न्यायालय द्वारा ही किया जाना चाहिए। सांसद बर्क ने यह भी कहा कि वह असद की तरफदारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने घटना के पीछे के संदर्भ पर सवाल उठाया, जैसे कि असद की बहन के साथ छेड़छाड़ हुई थी या वास्तविक स्थिति क्या थी। उन्होंने एक बार फिर दुहराया कि न्याय और सजा का निर्धारण सिर्फ अदालतों को ही करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, सपा सांसद ने नीट परीक्षा पेपर लीक और सीबीएसई इंटरमीडिएट की मार्किंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा, यह मांग करते हुए कि दोषियों को बचाया नहीं जाना चाहिए बल्कि उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।1
- बदायूं में बृहस्पतिवार को न्यायालय सुरक्षा में तैनात 52 वर्षीय दरोगा मेघश्याम गौतम का शव उनके किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला। मथुरा निवासी दरोगा शहर के सिविल लाइंस कोतवाली थाना क्षेत्र की मधुबनी कॉलोनी में किराए के कमरे में रहते थे। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इस घटना को आत्महत्या बताया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि अब तक की जांच में दरोगा के आत्महत्या करने की पुष्टि हुई है। वहीं, एसएसपी अंकिता शर्मा ने भी घटना स्थल का जायजा लिया। पुलिस ने यह भी बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता परिजनों के आने और उनसे बातचीत के बाद ही चल पाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित एक पुलिस चौकी में दारोगा जी ने एक प्रेमी जोड़े का ब्याह करवा दिया। जानकारी के अनुसार, रोहन और प्रियंका नामक यह जोड़ा हाल ही में अपने घर से भाग गया था, क्योंकि उनके परिवार वाले उनकी शादी के लिए राजी नहीं थे। घरवालों द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस दोनों को पकड़कर लाई थी। हालाँकि, पुलिस चौकी में दोनों ने साथ ही रहने पर अपनी दृढ़ता व्यक्त की। इसके बाद, चौकी इंचार्ज ने पहल करते हुए दोनों परिवारों को इस शादी के लिए रजामंद किया। आखिरकार, पुलिस चौकी के भीतर ही उनका 'गंधर्व विवाह' संपन्न कराया गया।1
- सीजेपी (cjp) के संस्थापक अभिजीत दीपके 6 जून को भारत आ रहे हैं। दावा किया गया है कि वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों के साथ मिलकर प्रदर्शन करेंगे और शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी आवाज उठाएंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र नीट पेपर लीक का मामला रहेगा। अभिजीत दीपके 6 जून को ही नीट पेपर लीक के संबंध में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। यह प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का एक बड़ा विषय बनने की संभावना रखता है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील के गांव वैर में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 14 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जब वह करंट दौड़ रहे बिजली के खंभे की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि बालक घर का सामान लेने जा रहा था और इसी दौरान रास्ते में उसका पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे बिजली के खंभे से चिपक गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, आरोप लगाया कि विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। यह घटना इसलिए भी अधिक दुखद है क्योंकि मृतक बालक बेहद गरीब परिवार से था; उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका था, और अब इकलौते बेटे की मौत ने उसके पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और शासन स्तर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने बालक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मां के बाद इकलौते बेटे को खोने का यह दर्द, गांव में छाए मातम और बिजली विभाग के खिलाफ लोगों के गुस्से ने पूरे वैर गांव को गमगीन कर दिया है।2
- अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गाँव में 26 वर्षीय कमलेश नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पूरे गाँव में तनाव का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार में पैसों के लेन-देन और घरेलू बातों को लेकर अनबन चल रही थी। हाल ही में गंगा स्नान के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। कमलेश अपने पीछे एक पाँच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को छोड़ गई है, जो अपनी माँ को खोने के बाद रो-रोकर बेहाल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और भारी बल गाँव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- अमरोहा पुलिस ने नौगांवा थाना क्षेत्र में आम के बाग ठेकेदार की सनसनीखेज हत्या के मामले का महज दो दिन में खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक की जान किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके अपने बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ली थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव गजस्थल निवासी रईस अहमद टेंट हाउस का कारोबार करते थे और आम के बाग भी ठेके पर लेते थे। बीती एक-दो जून की रात वह बाग में अपनी चारपाई पर सो रहे थे, जब उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया। उपचार के लिए पहले उन्हें जिला अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित टीम ने जब मामले की गहन जांच की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। विवेचना में पता चला कि रईस अहमद ने व्यापार से करीब दो लाख रुपये कमाए थे, जिन्हें लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी शाहजहां उर्फ सज्जो के साथ मारपीट और अभद्रता करता था, जिसके कारण बच्चे भी अपनी माँ का पक्ष लेते थे। पुलिस पूछताछ में मृतक के पुत्र आयान ने स्वीकार किया कि घरेलू विवाद और माँ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से परेशान होकर उसने अपने दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत तीनों रात में बाग पहुँचे और सो रहे रईस के सिर में गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस ने आयान, दीपांशु और दीपक को देहरा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- नोएडा में बुधवार को जोरदार बारिश हुई, जिसके साथ तेज तूफान भी आया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई पेड़ उखड़ गए। विशेष रूप से, नोएडा फिल्म सिटी क्षेत्र में तूफान और बारिश के चलते कई गाड़ियों पर पेड़ गिरने की घटनाएँ सामने आईं, जिससे वाहनों को नुकसान पहुँचा।1