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जिला अस्पताल चम्पावत में एमआरआई मशीन की स्थापना शुरू, जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण। चम्पावत 15 मार्च 2026, सूवि। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से जनपद चम्पावत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला अस्पताल चम्पावत में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक एमआरआई मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य की शुरुआत हो गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट का स्थल निरीक्षण कर एमआरआई मशीन की स्थापना से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमआरआई कक्ष सहित क्रिटिकल केयर यूनिट के विभिन्न निर्माणाधीन हिस्सों जैसे आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू ब्लॉक, ऑपरेशन थियेटर एवं एक्स-रे कक्ष का अवलोकन किया तथा कार्यों को गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्रिटिकल केयर यूनिट में आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा CSR मद के अंतर्गत एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है, जो माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों का परिणाम है। क्रिटिकल केयर यूनिट के अंतर्गत 4 आइसोलेशन वार्ड, 2 आईसीयू वार्ड, 2 अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, एमआरआई कक्ष, एक्स-रे कक्ष सहित अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद में गंभीर एवं आपातकालीन रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार जिला स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा, जिससे बाहरी जनपदों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

13 hrs ago
user_Champawat news
Champawat news
Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
13 hrs ago

जिला अस्पताल चम्पावत में एमआरआई मशीन की स्थापना शुरू, जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण। चम्पावत 15 मार्च 2026, सूवि। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से जनपद चम्पावत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला अस्पताल चम्पावत में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक एमआरआई मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य की शुरुआत हो गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट का स्थल निरीक्षण कर एमआरआई मशीन की स्थापना से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमआरआई कक्ष सहित क्रिटिकल केयर यूनिट के विभिन्न निर्माणाधीन हिस्सों जैसे आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू ब्लॉक, ऑपरेशन थियेटर एवं एक्स-रे कक्ष का अवलोकन किया तथा कार्यों को गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्रिटिकल केयर यूनिट में आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा CSR मद के अंतर्गत एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है, जो माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों का परिणाम है। क्रिटिकल केयर यूनिट के अंतर्गत 4 आइसोलेशन वार्ड, 2 आईसीयू वार्ड, 2 अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, एमआरआई कक्ष, एक्स-रे कक्ष सहित अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद में गंभीर एवं आपातकालीन रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार जिला स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा, जिससे बाहरी जनपदों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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  • पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस जनपद चम्पावत के विकासखंड बाराकोट क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि बाराकोट क्षेत्र के एक गांव में करीब 15 दिन पहले जंगल गई एक स्थानीय महिला पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर जंगल में पिंजरा लगाया था। रविवार सुबह करीब 3 से 4 साल का एक नर तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला। रेंजर राजेश कुमार जोशी के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को फिलहाल क्षीणा वन चौकी में रखा गया है, जहां से जल्द ही रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वन विभाग की टीम में नंदा बल्लभ भट्ट, प्रकाश गिरी और रमेश त्रिवेदी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओखलंज और च्यूरानी गांवों से भी दो तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि क्षेत्र में अब भी सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। #Champawat #Barakot #LeopardCaptured #ForestDepartment #UttarakhandNews #ChampawatNews
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    पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
जनपद चम्पावत के विकासखंड बाराकोट क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।
बताया जा रहा है कि बाराकोट क्षेत्र के एक गांव में करीब 15 दिन पहले जंगल गई एक स्थानीय महिला पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे।
वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर जंगल में पिंजरा लगाया था। रविवार सुबह करीब 3 से 4 साल का एक नर तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला।
रेंजर राजेश कुमार जोशी के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को फिलहाल क्षीणा वन चौकी में रखा गया है, जहां से जल्द ही रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा।
वन विभाग की टीम में नंदा बल्लभ भट्ट, प्रकाश गिरी और रमेश त्रिवेदी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओखलंज और च्यूरानी गांवों से भी दो तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि क्षेत्र में अब भी सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।
#Champawat #Barakot #LeopardCaptured #ForestDepartment #UttarakhandNews #ChampawatNews
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
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    Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Pithoragarh, Uttarakhand•
    17 hrs ago
  • अल्मोड़ा। जनपद में रविवार को लोकपर्व फूलदेई उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में चैत्र माह की संक्रांति के अवसर पर मनाया जाने वाला यह विशेष लोकपर्व प्रकृति और संस्कृति के अनूठे संगम का प्रतीक माना जाता है। बच्चों के बीच इसकी विशेष लोकप्रियता के कारण इसे बालपर्व भी कहा जाता है। फूलों की खुशबू से महकता यह पर्व चैत्र माह के पहले दिन मनाया जाता है, जो प्रायः मार्च के मध्य में पड़ता है। इस वर्ष फूलदेई का पर्व रविवार, 15 मार्च को मनाया गया। इतिहासकारों के अनुसार यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसका संबंध उत्तराखंड के ग्रामीण समाज में सामूहिकता, प्रकृति के प्रति सम्मान और आपसी सद्भाव से जुड़ा है। इस दिन छोटे बच्चे सुबह जल्दी उठकर बगीचों और जंगलों से रंग-बिरंगे फूल तोड़कर लाते हैं और उन्हें गांव व कस्बों के घरों की दहलीज पर सजाते हैं। यह परंपरा घर-परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना से जुड़ी मानी जाती है। बच्चे घर-घर जाकर 'फूलदेई, छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार' गाकर आशीर्वाद मांगते हैं, जिसका अर्थ है कि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। बदले में उन्हें चावल, गुड़, पैसे या अन्य उपहार दिए जाते हैं। रात्रि में बच्चों द्वारा एकत्रित चावल और गुड़ से पारंपरिक पकवान ‘सेई’ बनाया जाता है। फूलदेई पर्व की जड़ें उत्तराखंड की कृषि परंपराओं से भी जुड़ी हुई हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है, जब पेड़-पौधे नई कोंपलों और फूलों से लद जाते हैं। घरों की चौखट पर फूल सजाने का अर्थ प्रकृति का स्वागत करना और परिवार की खुशहाली की कामना करना होता है। रविवार सुबह ठंड के मौसम के साथ हल्की बारिश के छींटे भी पड़े। इसके बावजूद अल्मोड़ा में फूलदेई के दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे एक घर से दूसरे घर जाकर दहलीज पर फूल डालते हुए 'फूलदेई, छम्मा देई' गाते नजर आए और पूरे क्षेत्र में पर्व का उल्लास दिखाई दिया।
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    अल्मोड़ा। जनपद में रविवार को लोकपर्व फूलदेई उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में चैत्र माह की संक्रांति के अवसर पर मनाया जाने वाला यह विशेष लोकपर्व प्रकृति और संस्कृति के अनूठे संगम का प्रतीक माना जाता है। बच्चों के बीच इसकी विशेष लोकप्रियता के कारण इसे बालपर्व भी कहा जाता है। फूलों की खुशबू से महकता यह पर्व चैत्र माह के पहले दिन मनाया जाता है, जो प्रायः मार्च के मध्य में पड़ता है। इस वर्ष फूलदेई का पर्व रविवार, 15 मार्च को मनाया गया। इतिहासकारों के अनुसार यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसका संबंध उत्तराखंड के ग्रामीण समाज में सामूहिकता, प्रकृति के प्रति सम्मान और आपसी सद्भाव से जुड़ा है। इस दिन छोटे बच्चे सुबह जल्दी उठकर बगीचों और जंगलों से रंग-बिरंगे फूल तोड़कर लाते हैं और उन्हें गांव व कस्बों के घरों की दहलीज पर सजाते हैं। यह परंपरा घर-परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना से जुड़ी मानी जाती है। बच्चे घर-घर जाकर 'फूलदेई, छम्मा देई, दैणी द्वार भर भकार' गाकर आशीर्वाद मांगते हैं, जिसका अर्थ है कि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। बदले में उन्हें चावल, गुड़, पैसे या अन्य उपहार दिए जाते हैं। रात्रि में बच्चों द्वारा एकत्रित चावल और गुड़ से पारंपरिक पकवान ‘सेई’ बनाया जाता है। फूलदेई पर्व की जड़ें उत्तराखंड की कृषि परंपराओं से भी जुड़ी हुई हैं। यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है, जब पेड़-पौधे नई कोंपलों और फूलों से लद जाते हैं। घरों की चौखट पर फूल सजाने का अर्थ प्रकृति का स्वागत करना और परिवार की खुशहाली की कामना करना होता है। रविवार सुबह ठंड के मौसम के साथ हल्की बारिश के छींटे भी पड़े। इसके बावजूद अल्मोड़ा में फूलदेई के दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे एक घर से दूसरे घर जाकर दहलीज पर फूल डालते हुए 'फूलदेई, छम्मा देई' गाते नजर आए और पूरे क्षेत्र में पर्व का उल्लास दिखाई दिया।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • हिन्दू नव वर्ष और चैत्र मास आगमन के अवसर पर नगर पालिका चिलियानौला की ओर से रविवार की देर शाम यहां चौमूथान मंदिर परिसर के निर्माणाधीन पार्क में झोड़ा गायन का आयोजन हुआ। पारम्परिक संस्कृति को बचाने और युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से झोड़ा गायन का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। पालिकाध्यक्ष अरुण रावत ने कहा कि भविष्य में इस आयोजन को वृहद रूप दिया जाएगा। सभासद सुंदर कुवार्बी ने बताया कि शार्ट नोटिस में महिलाएं पहुंच गई यह प्राचीन परम्परा को लेकर उनके उत्साह को दर्शाता है। यहां व्यापार मंडल अध्यक्ष कमलेश बोरा, ललित बिष्ट, हरीश सिंह देव, धर्मेंद्र सिंह अधिकारी सहित पालिका कि महिलाओं ने सहयोग किया।
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    हिन्दू नव वर्ष और चैत्र मास आगमन के अवसर पर नगर पालिका चिलियानौला की ओर से रविवार की देर शाम यहां चौमूथान मंदिर परिसर के निर्माणाधीन पार्क में झोड़ा गायन का आयोजन हुआ। पारम्परिक संस्कृति को बचाने और युवा पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से झोड़ा गायन का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। पालिकाध्यक्ष अरुण रावत ने कहा कि भविष्य में इस आयोजन को वृहद रूप दिया जाएगा। सभासद सुंदर कुवार्बी ने बताया कि शार्ट नोटिस में महिलाएं पहुंच गई यह प्राचीन परम्परा को लेकर उनके उत्साह को दर्शाता है। यहां व्यापार मंडल अध्यक्ष कमलेश बोरा, ललित बिष्ट, हरीश सिंह देव, धर्मेंद्र सिंह अधिकारी सहित पालिका कि महिलाओं ने सहयोग किया।
    user_Gopal Bisht
    Gopal Bisht
    अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • Post by Peshkar
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    Post by Peshkar
    user_Peshkar
    Peshkar
    अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ब्रह्मांड की अभी तक की जानकारी और मानव द्वारा विकसित तकनीकी को लेकर यूरोपीयन स्पेस एजेंसी ESA ने वीडियो जारी किया है। अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों को इसे जरूर देखना चाहिए।
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    अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ब्रह्मांड की अभी तक की जानकारी और मानव द्वारा विकसित तकनीकी को लेकर यूरोपीयन स्पेस एजेंसी ESA ने वीडियो जारी किया है। अंतरिक्ष में रुचि रखने वालों को इसे जरूर देखना चाहिए।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    2 hrs ago
  • विडियो देखें- विदाई ऐसी कि पत्थर दिल भी रो पड़े! हरीश राणा का ये वीडियो कर देगा आंखें नम। हरीश राणा का यह अंतिम भावुक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है । 19 साल का एक नौजवान बी-टेक करने के लिए चंडीगढ़ गया था। बहन से बात कर रहा था। और वही चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। और तब से ही बीमार और कोमा में हैं। माता -पिता जो कि गाजियाबाद में रहते हैं। लगातार बीमार बेटे के इलाज के लिए धन-दौलत पुरखों की जमीन सब चला गया। लेकिन बेटे का दर्द देखा नहीं जा रहा था सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु मांगी उसके बाद एम्स में एडमिट करने के लिए कहा गया। ब्रह्मकुमारी केंद्र की वरिष्ठ लवली दीदी जिसमें वो कहती नजर आ रही है सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ। जिसने भी यह विडियो देखी और सुनी बहुत ही भावुक हो गया।
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    विडियो देखें- विदाई ऐसी कि पत्थर दिल भी रो पड़े! हरीश राणा का ये वीडियो कर देगा आंखें नम।
हरीश राणा का यह अंतिम भावुक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है ।
19 साल का एक नौजवान बी-टेक करने के लिए चंडीगढ़ गया था। बहन से बात कर रहा था। और वही चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। और तब से ही बीमार और कोमा में हैं। माता -पिता जो कि गाजियाबाद में रहते हैं।
लगातार बीमार बेटे के इलाज के लिए धन-दौलत पुरखों की जमीन सब चला गया। लेकिन बेटे का दर्द देखा नहीं जा रहा था  सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु मांगी उसके बाद एम्स में एडमिट करने के लिए कहा गया। ब्रह्मकुमारी केंद्र की वरिष्ठ लवली दीदी जिसमें वो कहती नजर आ रही है सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ। 
जिसने भी यह विडियो देखी और सुनी बहुत ही भावुक हो गया।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    Nainital, Uttarakhand•
    10 hrs ago
  • चम्पावत 15 मार्च 2026, सूवि। जनपद चम्पावत के स्वाला क्षेत्र में संचालित सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्यों की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और सुरक्षा नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए विशेष रूप से हिल साइड में बैंच कटिंग तथा डाउनसाइड में सुरक्षा दीवार (सेफ्टी वॉल) के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा, जिससे सड़क की स्थिरता तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर मानकों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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    चम्पावत 15 मार्च 2026, सूवि।
जनपद चम्पावत के स्वाला क्षेत्र में संचालित सड़क चौड़ीकरण एवं सुधार कार्यों की प्रगति का जायजा लेने हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रगति, गुणवत्ता, तकनीकी मानकों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया। 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य की अपेक्षाकृत धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों, गुणवत्ता और सुरक्षा नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए विशेष रूप से हिल साइड में बैंच कटिंग तथा डाउनसाइड में सुरक्षा दीवार (सेफ्टी वॉल) के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा, जिससे सड़क की स्थिरता तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर मानकों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
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