पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस। पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस जनपद चम्पावत के विकासखंड बाराकोट क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि बाराकोट क्षेत्र के एक गांव में करीब 15 दिन पहले जंगल गई एक स्थानीय महिला पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर जंगल में पिंजरा लगाया था। रविवार सुबह करीब 3 से 4 साल का एक नर तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला। रेंजर राजेश कुमार जोशी के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को फिलहाल क्षीणा वन चौकी में रखा गया है, जहां से जल्द ही रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वन विभाग की टीम में नंदा बल्लभ भट्ट, प्रकाश गिरी और रमेश त्रिवेदी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओखलंज और च्यूरानी गांवों से भी दो तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि क्षेत्र में अब भी सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। #Champawat #Barakot #LeopardCaptured #ForestDepartment #UttarakhandNews #ChampawatNews
पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस। पिंजरे में कैद हुआ महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस जनपद चम्पावत के विकासखंड बाराकोट क्षेत्र में पिछले दो हफ्तों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बताया जा रहा है कि बाराकोट क्षेत्र के एक गांव में करीब 15 दिन पहले जंगल गई एक स्थानीय महिला पर तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था और ग्रामीण लगातार तेंदुए को पकड़ने की मांग कर रहे थे। वन विभाग ने ग्रामीणों की मांग पर जंगल में पिंजरा लगाया था। रविवार सुबह करीब 3 से 4 साल का एक नर तेंदुआ पिंजरे में कैद मिला। रेंजर राजेश कुमार जोशी के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को फिलहाल क्षीणा वन चौकी में रखा गया है, जहां से जल्द ही रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वन विभाग की टीम में नंदा बल्लभ भट्ट, प्रकाश गिरी और रमेश त्रिवेदी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओखलंज और च्यूरानी गांवों से भी दो तेंदुए पकड़े जा चुके हैं। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि क्षेत्र में अब भी सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। #Champawat #Barakot #LeopardCaptured #ForestDepartment #UttarakhandNews #ChampawatNews
- अल्मोड़ा। जनपद के सल्ट क्षेत्र में रविवार शाम एक वैगनार कार दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गई और पेड़ पर अटक गई। हादसे में वाहन सवार तीन लोग घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार वाहन संख्या एचआर 26 ईएक्स 8497 लैणा डडरिया से सल्ट की ओर आ रहा था। इसी दौरान लैणा डडरिया के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया और एक पेड़ पर अटक गया। हादसे में वाहन सवार तीन लोग घायल हो गए। घायलों में एक व्यक्ति की हालत ठीक बताई जा रही है, जबकि दो अन्य को चोटें आई हैं। घटना के बाद डायल 112 पुलिस जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल भेजा, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। घायलों में पवन सिंह (26) पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम सौलती हरड़ा भौनखाल, तल्ला सल्ट, अजय रावत (25) पुत्र देवेंद्र सिंह रावत निवासी स्याली लैणा डडरिया, सल्ट तथा कपिल सिंह (20) पुत्र जीवन सिंह निवासी ग्राम सौलती हरड़ा भौनखाल, तल्ला सल्ट शामिल हैं। बताया गया कि तीनों लैणा डडरिया से मौलेखाल बाजार सामान लेने जा रहे थे।1
- रचनात्मक शिक्षक मंडल की पहल पर शिक्षकों एवं बच्चों की तीन दिवसीय हिंदी भाषा शिक्षण की कार्यशाला आज ज्योतिबा फुले सावित्रीबाई फुले सायंकालीन स्कूल सांवल्दे(पश्चिम) में शुरू हो गई. कार्यशाला की शुरुआत बच्चों द्वारा लोक पर्व फूलदेई मना कर हुई.कार्यशाला के पहले सत्र में आज शिक्षकों और विद्यार्थियों से उनके पढ़ने लिखने के अनुभवों पर बातचीत की गई. कार्यशाला में बतौर विषय विशेषज्ञ एस सी ई आर टी में रहे वरिष्ठ प्रवक्ता मदन पांडे जी रहे. बातचीत खासकर भाषा सीखने के उनके अनुभवों पर केंद्रित रही.प्रतिभागियों ने बताया कि बचपन में भाषा सीखने में उन्हें अलग अलग लोगों और कारणों से मदद मिली.कुछ मामलों में परिवारजनों ने भूमिका निभाई कुछ में शिक्षकों ने.अनेक ने बताया कि सीखने के दौरान उन्हें भय अनुभव होता था. अनुभवों का सत्र पूरा होने के बाद मदन पांडे जी द्वारा भाषा में विभिन्न तरीकों से भाषा निर्माण की गतिविधियों को कराया गया.इनमें एक चीज पर एक वाक्य बोलना,किसी एक चीज पर दो और तीन वाक्य बोलना,किसी वस्तु पर लगातार एक मिनट बोलना तथा एक चीज के पक्ष और विपक्ष में एक ही वाक्य में बोलने के अभ्यास कराए गए.फिर दो दो की टोलियों में किसी वस्तु की प्रशंसा और निंदा में तीन तीन वाक्य बोलने के अभ्यास कराए गए. इन गतिविधियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि जब हमारे सामने किसी विषय या वस्तु पर बोलने की चुनौती रखी जाती है तो हमारा दिमाग उसी के अनुसार भाषा खोजने लगता है. मदन पांडे जी ने कहा भाषा मनुष्य का आविष्कार है.पशु पक्षियों के पास दर्जनों ध्वनि संकेत तो होते हैं पर भाषा नहीं होती.स्कूलों और कक्षाओं में भाषा को सृजनात्मक ढंग से उपयोग करने की जरूरत होती है. बच्चों से जितना अधिक ढांचों ,तरीकों से भाषा निर्माण कराया जाएगा बच्चे उतनी ही अधिक भाषा सीखेंगे. प्रात 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और फिर सांय साढ़े तीन से 6 बजे तक चली कार्यशाला में 50 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही.कार्यशाला कल भी प्रात 9 बजे से शुरू होगी..4
- विडियो देखें-उत्तराखंड सर्तक रहे सावधान रहें,जनहित में जारी। आजकल व्हॉट्सएप पर चल रहा फोन हैकिंग का खेल, सावधान रहें वरना हो सकता है आपका बड़ा नुकसान,एक क्लिक और फोन हैक!!1
- Success is not permanent, but failure is not final. The courage to continue is what really matters. इसका सरल अर्थ यह है कि सफलता हमेशा हमेशा के लिए नहीं रहती और असफलता भी जिंदगी का अंत नहीं होती। जीवन में उतार–चढ़ाव आते रहते हैं। कभी हम जीतते हैं, कभी हारते हैं। लेकिन असली फर्क उस इंसान में होता है जो हारने के बाद भी हिम्मत नहीं छोड़ता और आगे बढ़ता रहता है। जब कोई व्यक्ति सफल होता है तो उसे यह नहीं सोचना चाहिए कि अब सब कुछ हासिल हो गया, क्योंकि समय के साथ परिस्थितियां बदल सकती हैं। उसी तरह अगर किसी को असफलता मिलती है तो उसे यह नहीं मान लेना चाहिए कि अब सब खत्म हो गया। असफलता अक्सर हमें कुछ नया सिखाती है और आगे बेहतर करने का मौका देती है। इतिहास और वर्तमान में ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं जहां लोगों ने कई बार असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और अंत में बड़ी सफलता हासिल की। उनकी सबसे बड़ी ताकत यही थी कि उन्होंने कठिन समय में भी प्रयास करना नहीं छोड़ा। इसलिए जीवन का असली मंत्र यही है कि सफलता आने पर विनम्र रहें और असफलता आने पर धैर्य रखें। लगातार प्रयास करने का साहस ही इंसान को आगे बढ़ाता है और अंततः वही उसे उसकी मंज़िल तक पहुंचाता है। संक्षेप में — सफलता और असफलता दोनों अस्थायी हैं, लेकिन आगे बढ़ते रहने का साहस ही असली जीत है। 💪1
- Post by Kanchan Kanchan1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- चम्पावत 15 मार्च 2026, सूवि। माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से जनपद चम्पावत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला अस्पताल चम्पावत में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक एमआरआई मशीन के इंस्टॉलेशन कार्य की शुरुआत हो गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट का स्थल निरीक्षण कर एमआरआई मशीन की स्थापना से संबंधित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एमआरआई कक्ष सहित क्रिटिकल केयर यूनिट के विभिन्न निर्माणाधीन हिस्सों जैसे आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू ब्लॉक, ऑपरेशन थियेटर एवं एक्स-रे कक्ष का अवलोकन किया तथा कार्यों को गुणवत्ता मानकों एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। क्रिटिकल केयर यूनिट में आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा CSR मद के अंतर्गत एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है, जो माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों का परिणाम है। क्रिटिकल केयर यूनिट के अंतर्गत 4 आइसोलेशन वार्ड, 2 आईसीयू वार्ड, 2 अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, एमआरआई कक्ष, एक्स-रे कक्ष सहित अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद में गंभीर एवं आपातकालीन रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार जिला स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा, जिससे बाहरी जनपदों में रेफर करने की आवश्यकता में कमी आएगी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- अल्मोड़ा। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने शनिवार देर रात जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली और कार्यों को प्रभावी तथा त्वरित ढंग से संपादित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के लिए स्थापित नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने प्राप्त हो रही शिकायतों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त होने वाली सभी सूचनाओं और शिकायतों का विधिवत अभिलेखीकरण किया जाए तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल भी मौजूद रहे।1
- हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिनांक 24 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के क्रम में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा जिला प्रशासन नैनीताल के साथ हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न 6 स्थानों- *रेलवे स्टेशन हल्द्वानी, अंजुमन इस्लामिया बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय किदवई नगर,राजकीय प्राथमिक विद्यालय बनभूलपुरा, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बनभूलपुरा, राजकीय इंटर कॉलेज बनभूलपुरा, मदरसा नैनीताल पब्लिक स्कूल बनभूलपुरा* में आगामी 20 मार्च से 31 मार्च 2026 तक शिविर लगाए जाने हैं। इन लगाए जाने वाले कैम्पों के आयोजन के संबंध में रविवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय हल्द्वानी में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल,जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, रेलवे के अधिकारियों के मध्य एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के समयबद्ध अनुपालन पर जोर दिया गया। बैठक में सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार मणि त्रिपाठी ने अवगत कराया कि हमारा प्रयास रहेगा कि इन 6 कैंप वाले स्थानों से अधिक से अधिक परिवारों तक हम पहुंच पाए और यह कोशिश करें कि कोई भी परिवार न छूटे और उन्हें इन पुनर्वास कैंपों के बारे में जागरूक करें। उनके प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो आवेदन हैं वह आमंत्रित किए जाएं और भरवाए जाएं। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि जिला प्रशासन नैनीताल के अनुसार लगभग 5300 से अधिक परिवार हैं, प्रयास रहेगा कि विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम तथा न्यायिक अधिकारियों टीम के साथ रेलवे और प्रशासन की टीम के साथ उन परिवारों तक पहुंच जाए और उनको इस योजना के बारे में बता पाएं जो पात्र व्यक्ति हैं उन तक इस योजना का लाभ पंहुचा जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रयास रहेगा कि 31 मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण कर माननीय उच्चतम न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकें। बैठक में 20 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित होने वाले कैंपों की आवश्यक तैयारी के बारे में विचार विमर्श किया गया तथा तैयारी की जानकारी से अवगत कराया गया। सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि प्रत्येक कैंप में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था हेतु आरपीएफ भी मौजूद रहेगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंगलवार से क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित फॉर्म का वितरण विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल एवं जिला प्रशासन की टीम के माध्यम से घर घर जाकर वितरित किए जाएंगे। साथ ही कैंपों में भी पर्याप्त संख्या में यह आवेदन रखे जाएंगे। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अवगत कराया कि इस कार्य में स्थानीय पार्षदों के अतिरिक्त सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी प्रचार प्रसार किया जाय, आवेदकों को फार्मों का वितरण सुनिश्चित करते हुए, उनकी पात्रता की गहनता से जांच का कार्य भी समय पर पूर्ण किया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टीम फार्म वितरण से संबंधित सूचना पंजिका में अंकित करेंगे और मॉनिटरिंग भी लगातार की जाएगी। जिला अधिकारी ने कहा कि फार्म वितरण से पूर्व संबंधित टीम को सोमवार को प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित अवधि में, सौपी गयी जिम्मेदारियों को पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। बैठक से पूर्व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम द्वारा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ इन सभी 6 कैम्प स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी,उप सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल पारुल थपलियाल, पुलिस अधीक्षक मनोज कत्याल, सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. वाजपेयी, आयुक्त नगर निगम परितोष वर्मा उपजिलाधिकारी हल्द्वानी प्रमोद कुमार, तहसीलदार कुलदीप पाण्डे सहित वीसी के माध्यम से रेलवे के एडीआरएम मनोज कुमार, सुरक्षा प्रभारी पवन, बृजेश कुमार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।4