आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा खादी बोर्ड के जमीन वर्षों से कब्जा एवं अतिक्रमण पर जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा खादी बोर्ड के जमीन वर्षों से कब्जा एवं अतिक्रमण पर जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक गयाजी शहर के डण्डीबाग, घुघरीटांड स्थित पांच बीघा जमीन पर स्थित गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के भवन, जमीन, करोड़ों रुपया जमा फंड, अस्पताल का सामना को यहां के चंद पूर्ववर्ती स्टाफ तथा स्थानीय स्वास्थ्य माफियाओं द्वारा कब्जा कर उसे पूरी तरह हड़पने पर उतारू है, तो दुसरी तरफ गया- बोधगया रोड पर माँ मंगला आई टी आई के सामने वर्षो से चाहरदीवारी किया हुआ बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन को स्थानीय लोगों द्वारा धीरे-धीरे चाहरदीवारी तोड़ कर कब्जा एवं अतिक्रमण करने का काम जारी है। बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह गयाजी महानगर विकास संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, ओंकार नाथ सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, उग्र नारायण मिश्र, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, डॉ त्रिगुणायन झा, आदि ने कहा कि गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थापना एकीकृत गया जिला में आज से 52 वर्ष पहले सन 1972 में हुआ था, तथा 1980 में गयाजी शहर के डण्डी बाग मुहल्ला में फल्गु नदी के किनारे 05बीघा जमीन पर इसका भव्य दो मंजिला भवन, हॉस्पिटल बना जो राज्य सरकार द्वारा गठित सरकारी शासी निकाय द्वारा संचालित होते आ रहा था, यहां से दर्जनों बैच यानी हज़ारों विद्यार्थी आयुर्वेद की पढ़ाई कर देश, विदेश में कार्यरत हैं, इसके शासी निकाय के अध्यक्ष मगध प्रमंडल के आयुक्त तथा सचिव गया जिला के उप विकास आयुक्त हुआ करते थे, बाद में इस आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्ण सरकारीकरण नहीं होने तथा 90 प्रतिशत शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर चंद कर्मचारी स्थानीय माफियाओं के साथ मिलकर कई उल्टा-पुल्टा आदेश, जाली कागजात, आदि बना कर इसे पूरी तरह अपने कब्जा में ले लिया है, जबकि इससे मुक्त कराने तथा बिहार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे द्वारा 2025 में गया जी में एक सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल खोलने की घोषणा के बाद कॉंग्रेस पार्टी, एवं गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज चालू कराओ संघर्ष समिति के लोग दर्जनों बार स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार को इस कॉलेज को माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने तथा करोड़ों के जमीन, भवन, फंड का उपयोग कर गया जी वासियों के लिये इसे बेहतर आयुर्वेद कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है। दुसरी ओर बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन पर 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी त्याग राजन जी ने खादी मॉल बनाने की घोषणा किए थे परन्तु वो भी ठंढे बस्ते में पड़ा हुआ है, जबकि गया जी का मानपूर जो सूती, हैंडलूम कपड़ा के लिए विश्व विख्यात है, तथा गया जी में ग्राम निर्माण मंडल ( खादी भंडार) में भी खादी, सूती कपड़ा बनता है। इसलिए गयाजी में खादी, सूती कपड़ा का मॉल एवं वृहद बिक्री केंद्र खुलने से यहां के बुनकरों, पटवा, तांती जाती के लोगों को काफी फायदा होगा। नेताओं ने कहा कि इन दोनों संस्थाओं एक स्वास्थ्य तो दूसरा वस्त्र से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है, तथा दोनों संस्थानों के जमीन से लेकर सभी मह्त्वपूर्ण काग़ज़ात भी भवन सभी चीजें उपलब्ध है। नेताओं ने स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार से गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा बिहार राज्य खादी बोर्ड के जमीन को कब्जा, अतिक्रमण मुक्त करा कर दोनों को विकसित करने की मांग दोहराई है। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा खादी बोर्ड के जमीन वर्षों से कब्जा एवं अतिक्रमण पर जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा खादी बोर्ड के जमीन वर्षों से कब्जा एवं अतिक्रमण पर जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक गयाजी शहर के डण्डीबाग, घुघरीटांड स्थित पांच बीघा जमीन पर स्थित गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के भवन, जमीन, करोड़ों रुपया जमा फंड, अस्पताल का सामना को यहां के चंद पूर्ववर्ती स्टाफ तथा स्थानीय स्वास्थ्य माफियाओं द्वारा कब्जा कर उसे पूरी तरह हड़पने पर उतारू है, तो दुसरी तरफ गया- बोधगया रोड पर माँ मंगला आई टी आई के सामने वर्षो से चाहरदीवारी किया हुआ बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन को स्थानीय लोगों द्वारा धीरे-धीरे चाहरदीवारी तोड़ कर कब्जा एवं अतिक्रमण करने का काम जारी है। बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह गयाजी महानगर विकास संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, ओंकार नाथ सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, उग्र नारायण मिश्र, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, डॉ त्रिगुणायन झा, आदि ने कहा कि गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थापना एकीकृत गया जिला में आज से 52 वर्ष पहले सन 1972 में हुआ था, तथा 1980 में गयाजी शहर के डण्डी बाग मुहल्ला में फल्गु नदी के किनारे 05बीघा जमीन पर इसका भव्य दो मंजिला भवन, हॉस्पिटल बना जो राज्य सरकार द्वारा गठित सरकारी शासी निकाय द्वारा संचालित होते आ रहा था, यहां से दर्जनों बैच यानी हज़ारों विद्यार्थी आयुर्वेद की पढ़ाई कर देश, विदेश में कार्यरत हैं, इसके शासी निकाय के अध्यक्ष मगध प्रमंडल के आयुक्त तथा सचिव गया जिला के उप विकास आयुक्त हुआ करते थे, बाद में इस आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्ण सरकारीकरण नहीं होने तथा 90 प्रतिशत शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर चंद कर्मचारी स्थानीय माफियाओं के साथ मिलकर कई उल्टा-पुल्टा आदेश, जाली कागजात, आदि बना कर इसे पूरी तरह अपने कब्जा में ले लिया है, जबकि इससे मुक्त कराने तथा बिहार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे द्वारा 2025 में गया जी में एक सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल खोलने की घोषणा के बाद कॉंग्रेस पार्टी, एवं गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज चालू कराओ संघर्ष समिति के लोग दर्जनों बार स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार को इस कॉलेज को माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने तथा करोड़ों के जमीन, भवन, फंड का उपयोग कर गया जी वासियों के लिये इसे बेहतर आयुर्वेद कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है। दुसरी ओर बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन पर 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी त्याग राजन जी ने खादी मॉल बनाने की घोषणा किए थे परन्तु वो भी ठंढे बस्ते में पड़ा हुआ है, जबकि गया जी का मानपूर जो सूती, हैंडलूम कपड़ा के लिए विश्व विख्यात है, तथा गया जी में ग्राम निर्माण मंडल ( खादी भंडार) में भी खादी, सूती कपड़ा बनता है। इसलिए गयाजी में खादी, सूती कपड़ा का मॉल एवं वृहद बिक्री केंद्र खुलने से यहां के बुनकरों, पटवा, तांती जाती के लोगों को काफी फायदा होगा। नेताओं ने कहा कि इन दोनों संस्थाओं एक स्वास्थ्य तो दूसरा वस्त्र से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है, तथा दोनों संस्थानों के जमीन से लेकर सभी मह्त्वपूर्ण काग़ज़ात भी भवन सभी चीजें उपलब्ध है। नेताओं ने स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार से गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा बिहार राज्य खादी बोर्ड के जमीन को कब्जा, अतिक्रमण मुक्त करा कर दोनों को विकसित करने की मांग दोहराई है। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू
- आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा खादी बोर्ड के जमीन वर्षों से कब्जा एवं अतिक्रमण पर जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक गयाजी शहर के डण्डीबाग, घुघरीटांड स्थित पांच बीघा जमीन पर स्थित गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के भवन, जमीन, करोड़ों रुपया जमा फंड, अस्पताल का सामना को यहां के चंद पूर्ववर्ती स्टाफ तथा स्थानीय स्वास्थ्य माफियाओं द्वारा कब्जा कर उसे पूरी तरह हड़पने पर उतारू है, तो दुसरी तरफ गया- बोधगया रोड पर माँ मंगला आई टी आई के सामने वर्षो से चाहरदीवारी किया हुआ बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन को स्थानीय लोगों द्वारा धीरे-धीरे चाहरदीवारी तोड़ कर कब्जा एवं अतिक्रमण करने का काम जारी है। बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता सह गयाजी महानगर विकास संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, ओंकार नाथ सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, उग्र नारायण मिश्र, डॉ अनिल कुमार सिन्हा, डॉ त्रिगुणायन झा, आदि ने कहा कि गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थापना एकीकृत गया जिला में आज से 52 वर्ष पहले सन 1972 में हुआ था, तथा 1980 में गयाजी शहर के डण्डी बाग मुहल्ला में फल्गु नदी के किनारे 05बीघा जमीन पर इसका भव्य दो मंजिला भवन, हॉस्पिटल बना जो राज्य सरकार द्वारा गठित सरकारी शासी निकाय द्वारा संचालित होते आ रहा था, यहां से दर्जनों बैच यानी हज़ारों विद्यार्थी आयुर्वेद की पढ़ाई कर देश, विदेश में कार्यरत हैं, इसके शासी निकाय के अध्यक्ष मगध प्रमंडल के आयुक्त तथा सचिव गया जिला के उप विकास आयुक्त हुआ करते थे, बाद में इस आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्ण सरकारीकरण नहीं होने तथा 90 प्रतिशत शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर चंद कर्मचारी स्थानीय माफियाओं के साथ मिलकर कई उल्टा-पुल्टा आदेश, जाली कागजात, आदि बना कर इसे पूरी तरह अपने कब्जा में ले लिया है, जबकि इससे मुक्त कराने तथा बिहार राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे द्वारा 2025 में गया जी में एक सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल खोलने की घोषणा के बाद कॉंग्रेस पार्टी, एवं गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज चालू कराओ संघर्ष समिति के लोग दर्जनों बार स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार को इस कॉलेज को माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने तथा करोड़ों के जमीन, भवन, फंड का उपयोग कर गया जी वासियों के लिये इसे बेहतर आयुर्वेद कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है। दुसरी ओर बिहार राज्य खादी बोर्ड के पांच बीघा जमीन पर 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी त्याग राजन जी ने खादी मॉल बनाने की घोषणा किए थे परन्तु वो भी ठंढे बस्ते में पड़ा हुआ है, जबकि गया जी का मानपूर जो सूती, हैंडलूम कपड़ा के लिए विश्व विख्यात है, तथा गया जी में ग्राम निर्माण मंडल ( खादी भंडार) में भी खादी, सूती कपड़ा बनता है। इसलिए गयाजी में खादी, सूती कपड़ा का मॉल एवं वृहद बिक्री केंद्र खुलने से यहां के बुनकरों, पटवा, तांती जाती के लोगों को काफी फायदा होगा। नेताओं ने कहा कि इन दोनों संस्थाओं एक स्वास्थ्य तो दूसरा वस्त्र से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है, तथा दोनों संस्थानों के जमीन से लेकर सभी मह्त्वपूर्ण काग़ज़ात भी भवन सभी चीजें उपलब्ध है। नेताओं ने स्थानीय प्रशासन एवं राज्य सरकार से गया आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तथा बिहार राज्य खादी बोर्ड के जमीन को कब्जा, अतिक्रमण मुक्त करा कर दोनों को विकसित करने की मांग दोहराई है। भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- प्रेस विज्ञप्ति प्रतिभा सम्मान समारोह (समापन के पश्चात) हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के तत्वावधान में दिनांक 25 अप्रैल 2026, शनिवार को हरिदास सेमिनरी स्कूल, गया के सभागार में आयोजित भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह अत्यंत गरिमामय एवं ऐतिहासिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह आयोजन शिक्षा, सम्मान और सामाजिक जागरूकता का सशक्त संगम बनकर उभरा। कार्यक्रम का उद्घाटन देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय मंत्री सह पार्टी संरक्षक जीतन राम मांझी द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मंत्री संतोष मांझी की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा को चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, माननीय विधायकगण एवं अनेक वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला अध्यक्ष नारायण प्रसाद मांझी एवं युवा जिला अध्यक्ष संतोष सागर द्वारा संयुक्त रूप से की गई, जबकि सफल संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता शंकर मांझी द्वारा किया गया। अपने ओजस्वी एवं दूरदर्शी संबोधन में जीतन राम मांझी ने समान शिक्षा व्यवस्था (कॉमन स्कूलिंग सिस्टम) लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि “राष्ट्रपति का पुत्र हो या समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का बच्चा—सभी को समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा में समानता स्थापित नहीं होगी, तब तक गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चे अग्रिम पंक्ति तथा उच्च पदों तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था कहीं न कहीं पूंजीवादी प्रभाव में सिमटती जा रही है, जिससे सामाजिक असमानता बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवनशैली अपनाने, निरंतर परिश्रम करने एवं दृढ़ संकल्प के साथ शिक्षा ग्रहण करने का संदेश दिया तथा उपस्थित छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, संतोष मांझी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि प्रतिभा सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को सुदृढ़ करता है और उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम विगत पाँच वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे हैं। मांझी समाज के विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा इस वर्ष पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी वर्ष यह आयोजन राज्य स्तरीय स्वरूप में और अधिक भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिहार के विभिन्न जिलों से मांझी समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को कृष्ण मेमोरियल हॉल, पटना में आमंत्रित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 की मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मांझी-मुसहर समाज के लगभग 500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके अंकों के आधार पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस सम्मान ने विद्यार्थियों के मनोबल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। यह समारोह केवल प्रतिभाओं के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने, सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने तथा समान अवसर के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ। गया जिला सहित बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आए अभिभावकों, छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल बनाया। कार्यक्रम के सफल संचालन में पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर शंकर मांझी (राष्ट्रीय सचिव), नारायण प्रसाद मांझी (जिला अध्यक्ष), राकेश कुमार (जिला सचिव), सुनील मांझी (जिला महासचिव), दीना मांझी (जिला अध्यक्ष, दलित प्रकोष्ठ), संतोष सागर (युवा जिला अध्यक्ष), रामसनेही मांझी (जिला संगठन सचिव), सदानंद प्रेमी एवं जिला प्रवक्ता इंजीनियर दिवाकर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में, हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने सभी आगंतुकों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी एवं समाजोपयोगी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया। — जारीकर्ता इंजी. दिवाकर सिंह जिला प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) गया, बिहार1
- गयाजी में आयोजित हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा और राजनीति दोनों का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके हौसले को नई उड़ान मिली। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने मंच से कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंता जताई और इसे नियंत्रित करने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही महिला सम्मान को समाज की प्राथमिकता बताते हुए महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मांझी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल सिर्फ बयानबाजी तक सीमित हैं, जबकि उनकी पार्टी जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में उनकी पार्टी सामाजिक मुद्दों को लेकर और मुखर होगी। इस कार्यक्रम के जरिए एक तरफ जहां छात्रों को प्रोत्साहन मिला, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक संदेश भी साफ तौर पर सामने आया कि पार्टी शिक्षा, सामाजिक सुधार और जनसंख्या नियंत्रण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।1
- Post by Pintu kumar1
- बीती रात सुखनार–खटांगी रोड पर बागेश्वरी और भटौनिया के बीच दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल युवक का पैर मौके पर ही टूट गया। घायल की पहचान रामरैचक गांव निवासी के रूप में की गई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत उसके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और युवक को उठाकर इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए। वहीं, दूसरी मोटरसाइकिल का चालक मौके से फरार बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- लंगूर को अंगूर कहां से मिल गया1
- बिहार के रोहतास जिले से एक बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है, जहाँ एक स्कूल परिसर से संदिग्ध मांस मिलने की सूचना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।बिहार के रोहतास जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। राजपुर प्रखंड स्थित एक उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय में कथित रूप से गोमांस मिलने की सूचना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया और लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर तुरंत पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी तरह से सतर्क है।1