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rupnarayan Bhagwan Darshan 73 reporter Nandlal purbiya new dwarkesh news channel nandoli Rajsamand Rajasthan dwara janhit mein prasarit

6 hrs ago
user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
6 hrs ago

rupnarayan Bhagwan Darshan 73 reporter Nandlal purbiya new dwarkesh news channel nandoli Rajsamand Rajasthan dwara janhit mein prasarit

More news from राजस्थान and nearby areas
  • asha sahyogini News Rajsamand Asha sahyogini ke adhikar kai jankari aapka koi Agni sambandhi samasyaon se Samadhan hetu jatak
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    asha sahyogini News Rajsamand Asha sahyogini ke adhikar kai jankari 
aapka koi Agni sambandhi samasyaon se Samadhan hetu jatak
    user_Meena Dave
    Meena Dave
    Nurse राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को किया संबोधित, युवाओं को बताया देश का भविष्य
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को किया संबोधित, युवाओं को बताया देश का भविष्य
    user_Suresh Bagora
    Suresh Bagora
    Newspaper publisher राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    19 hrs ago
  • राजसमंद की चर्चित चारभुजा पुतला दहन प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है राजसमंद के चर्चित चारभुजा पुतला दहन प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता ने ही अपनी शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर सवाल खड़े करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी बिना जानकारी के एफआईआर दर्ज कर दी गई और मामले में वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता है, आपको बता दें कि राजसमंद जिले की चारभुजा तहसील कार्यालय के बाहर एक सप्ताह पूर्व कांग्रेस पार्टी द्वारा पेपर लीक प्रकरण और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन को दी गई थी और पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन संपन्न हुआ। अब इस मामले में शिकायतकर्ता कोयला गांव के निवासी गुमान सिंह खरवड़ ने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक को प्रार्थना पत्र देकर नया दावा किया है। उनका कहना है कि पुतले को सहारा देने के लिए नाली में पड़ा किसी पुराने संगीत कार्यक्रम का होर्डिंग इस्तेमाल किया गया था, जिसमें किसी देवी-देवता का चित्र नहीं था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक की मदद से तस्वीर में देवी माता का चित्र जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि कांग्रेस पार्टी की छवि खराब की जा सके। प्रार्थी का यह भी कहना है कि उसके नाम से दर्ज एफआईआर में कई ऐसे तथ्य शामिल किए गए, जो उसने कभी नहीं बताए और उसकी जानकारी के बिना ही मामला दर्ज कर लिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में फिलहाल कोई आगे की कार्रवाई नहीं करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    राजसमंद की चर्चित चारभुजा पुतला दहन प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है
राजसमंद के चर्चित चारभुजा पुतला दहन प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है। शिकायतकर्ता ने ही अपनी शिकायत पर दर्ज एफआईआर को लेकर सवाल खड़े करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी बिना जानकारी के एफआईआर दर्ज कर दी गई और मामले में वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहता है,
आपको बता दें कि
राजसमंद जिले की चारभुजा तहसील कार्यालय के बाहर एक सप्ताह पूर्व कांग्रेस पार्टी द्वारा पेपर लीक प्रकरण और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन को दी गई थी और पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन संपन्न हुआ।
अब इस मामले में शिकायतकर्ता कोयला गांव के निवासी गुमान सिंह खरवड़ ने अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक को प्रार्थना पत्र देकर नया दावा किया है। उनका कहना है कि पुतले को सहारा देने के लिए नाली में पड़ा किसी पुराने संगीत कार्यक्रम का होर्डिंग इस्तेमाल किया गया था, जिसमें किसी देवी-देवता का चित्र नहीं था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक की मदद से तस्वीर में देवी माता का चित्र जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, ताकि कांग्रेस पार्टी की छवि खराब की जा सके।
प्रार्थी का यह भी कहना है कि उसके नाम से दर्ज एफआईआर में कई ऐसे तथ्य शामिल किए गए, जो उसने कभी नहीं बताए और उसकी जानकारी के बिना ही मामला दर्ज कर लिया गया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में फिलहाल कोई आगे की कार्रवाई नहीं करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_Mithalal Gurjar
    Mithalal Gurjar
    Local News Reporter गढ़बोर, राजसमंद, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • 400 साल पुरानी 'आषाढ़ी तोल' परंपरा का संकेत: इस बार सामान्य से अधिक बारिश और अच्छी पैदावार के आसार 400 साल पुरानी 'आषाढ़ी तोल' परंपरा का संकेत: इस बार सामान्य से अधिक बारिश और अच्छी पैदावार के आसार रेलमगरा। राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड के गिलूण्ड कस्बे में करीब चार शताब्दियों से चली आ रही आस्था और लोकविश्वास से जुड़ी 'आषाढ़ी तोल' की अनूठी परंपरा का गुरुवार को विधिवत निर्वहन किया गया। लाल मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में विभिन्न कृषि उपज और अन्य वस्तुओं के पारंपरिक तोल के आधार पर इस वर्ष सामान्य से अधिक मानसूनी बारिश तथा बेहतर फसल उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया गया। गुरु पूर्णिमा की संध्या आरती के बाद सोना तौलने वाले पारंपरिक तराजू से विभिन्न जिंसों का तोल कर उनकी पोटलियों को मिट्टी के कलश में रखकर मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखा गया। पूरी प्रक्रिया ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुई तथा गर्भगृह को सील कर दिया गया। अगले दिन सुबह गर्भगृह खोला गया और विशेष पूजा-अर्चना के बाद सभी पोटलियों का पुनः तोल किया गया। इसी तुलना के आधार पर वर्षभर के मौसम और कृषि उत्पादन का पारंपरिक आकलन किया जाता है। इस वर्ष के तोल में काबुली चना, आजवाइन, उड़द, जौ, सौंफ, कुल्थ, लाल मिर्च, पीली सरसों, ग्वार, मूंगफली और कपास के वजन में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसे इन फसलों के लिए शुभ संकेत माना गया। वहीं जीरा, तिल, देशी चना, बाजरा, अफीम, पोस्ता तथा विभिन्न किस्म के गेहूं का वजन समान रहने से इनकी स्थिति स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया। दूसरी ओर देशी मूंगफली, चवला, सफेद मक्का, मोठ और सोयाबीन के वजन में कमी दर्ज होने से इनके उत्पादन पर असर की संभावना जताई गई। परंपरा के अनुसार पीली मिट्टी के वजन में वृद्धि को पुरुष जन्म एवं मृत्यु दर में बढ़ोतरी, जबकि काली मिट्टी के वजन में कमी को महिला जन्म एवं मृत्यु दर में कमी का संकेत माना गया। नमक का वजन समान रहने से सामाजिक सौहार्द और आपसी सामंजस्य गत वर्ष की तरह बने रहने का संकेत माना गया। ग्रामीणों का मानना है कि सदियों से चली आ रही यह परंपरा स्थानीय कृषि और मौसम संबंधी लोकज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इस बार अधिकांश प्रमुख जिंसों में बढ़ोतरी अथवा स्थिरता दर्ज होने से किसानों में अच्छी बारिश, भरपूर पैदावार और खुशहाल कृषि सीजन की उम्मीद जगी है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रतनलाल जाट, राधेश्याम सोनी, लक्ष्मीलाल गेलड़ा, प्रकाशचंद्र आंचलिया, नंदलाल लढ़ा, सोहनदास वैष्णव, गोपाल तंबोली, रामदास वैष्णव, जगदीशचंद्र व्यास, डालचंद जाट, नाथूलाल जाट, कैलाशचंद्र जाट, गोविंदलाल शर्मा, मिठुलाल जाट, रमेशचंद्र जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    400 साल पुरानी 'आषाढ़ी तोल' परंपरा का संकेत: इस बार सामान्य से अधिक बारिश और अच्छी पैदावार के आसार
400 साल पुरानी 'आषाढ़ी तोल' परंपरा का संकेत: इस बार सामान्य से अधिक बारिश और अच्छी पैदावार के आसार
रेलमगरा। राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखंड के गिलूण्ड कस्बे में करीब चार शताब्दियों से चली आ रही आस्था और लोकविश्वास से जुड़ी 'आषाढ़ी तोल' की अनूठी परंपरा का गुरुवार को विधिवत निर्वहन किया गया। लाल मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में विभिन्न कृषि उपज और अन्य वस्तुओं के पारंपरिक तोल के आधार पर इस वर्ष सामान्य से अधिक मानसूनी बारिश तथा बेहतर फसल उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया गया।
गुरु पूर्णिमा की संध्या आरती के बाद सोना तौलने वाले पारंपरिक तराजू से विभिन्न जिंसों का तोल कर उनकी पोटलियों को मिट्टी के कलश में रखकर मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखा गया। पूरी प्रक्रिया ग्रामीणों की उपस्थिति में संपन्न हुई तथा गर्भगृह को सील कर दिया गया। अगले दिन सुबह गर्भगृह खोला गया और विशेष पूजा-अर्चना के बाद सभी पोटलियों का पुनः तोल किया गया। इसी तुलना के आधार पर वर्षभर के मौसम और कृषि उत्पादन का पारंपरिक आकलन किया जाता है।
इस वर्ष के तोल में काबुली चना, आजवाइन, उड़द, जौ, सौंफ, कुल्थ, लाल मिर्च, पीली सरसों, ग्वार, मूंगफली और कपास के वजन में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसे इन फसलों के लिए शुभ संकेत माना गया। वहीं जीरा, तिल, देशी चना, बाजरा, अफीम, पोस्ता तथा विभिन्न किस्म के गेहूं का वजन समान रहने से इनकी स्थिति स्थिर रहने का अनुमान लगाया गया। दूसरी ओर देशी मूंगफली, चवला, सफेद मक्का, मोठ और सोयाबीन के वजन में कमी दर्ज होने से इनके उत्पादन पर असर की संभावना जताई गई।
परंपरा के अनुसार पीली मिट्टी के वजन में वृद्धि को पुरुष जन्म एवं मृत्यु दर में बढ़ोतरी, जबकि काली मिट्टी के वजन में कमी को महिला जन्म एवं मृत्यु दर में कमी का संकेत माना गया। नमक का वजन समान रहने से सामाजिक सौहार्द और आपसी सामंजस्य गत वर्ष की तरह बने रहने का संकेत माना गया।
ग्रामीणों का मानना है कि सदियों से चली आ रही यह परंपरा स्थानीय कृषि और मौसम संबंधी लोकज्ञान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इस बार अधिकांश प्रमुख जिंसों में बढ़ोतरी अथवा स्थिरता दर्ज होने से किसानों में अच्छी बारिश, भरपूर पैदावार और खुशहाल कृषि सीजन की उम्मीद जगी है।
इस अवसर पर पूर्व सरपंच रतनलाल जाट, राधेश्याम सोनी, लक्ष्मीलाल गेलड़ा, प्रकाशचंद्र आंचलिया, नंदलाल लढ़ा, सोहनदास वैष्णव, गोपाल तंबोली, रामदास वैष्णव, जगदीशचंद्र व्यास, डालचंद जाट, नाथूलाल जाट, कैलाशचंद्र जाट, गोविंदलाल शर्मा, मिठुलाल जाट, रमेशचंद्र जाट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
    user_रेलमगरा न्यूज़
    रेलमगरा न्यूज़
    Local News Reporter रेलमगरा, राजसमंद, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • ₹7,400 वेतन और 5 साल की संविदा भर्ती के विरोध में नाथद्वारा में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन नाथद्वारा। सफाईकर्मी भर्ती में ₹7,400 मासिक वेतन एवं 5 वर्ष की संविदा व्यवस्था के विरोध में वाल्मीकि समाज और सफाईकर्मियों ने नाथद्वारा नगर पालिका के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नाम ज्ञापन सौंपते हुए भर्ती शर्तों में बदलाव की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि महंगाई के दौर में ₹7,400 मासिक वेतन पर परिवार का पालन-पोषण करना संभव नहीं है। साथ ही, 5 वर्ष तक संविदा पर नियुक्ति को कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सफाईकर्मियों को सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार और भर्ती नियमों में संशोधन किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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    ₹7,400 वेतन और 5 साल की संविदा भर्ती के विरोध में नाथद्वारा में सफाईकर्मियों का प्रदर्शन


नाथद्वारा। सफाईकर्मी भर्ती में ₹7,400 मासिक वेतन एवं 5 वर्ष की संविदा व्यवस्था के विरोध में वाल्मीकि समाज और सफाईकर्मियों ने नाथद्वारा नगर पालिका के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नाम ज्ञापन सौंपते हुए भर्ती शर्तों में बदलाव की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि महंगाई के दौर में ₹7,400 मासिक वेतन पर परिवार का पालन-पोषण करना संभव नहीं है। साथ ही, 5 वर्ष तक संविदा पर नियुक्ति को कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सफाईकर्मियों को सम्मानजनक वेतन, स्थायी रोजगार और भर्ती नियमों में संशोधन किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • rupnarayan Bhagwan Darshan 73 reporter Nandlal purbiya new dwarkesh news channel nandoli Rajsamand Rajasthan dwara janhit mein prasarit
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    rupnarayan Bhagwan Darshan 73 reporter Nandlal purbiya new dwarkesh news channel nandoli Rajsamand Rajasthan dwara janhit mein prasarit
    user_फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांद
    Photographer राजसमंद, राजसमंद, राजस्थान•
    6 hrs ago
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