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मोटर चलाने खेत पर गया था, शादी की खुशियां मातम में बदली गहरे कुएं में गिरने से युवक की मौत, आठ घंटे बाद निकाला शव राजगढ़ टहला थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव के हल्कारा का बास में खेत पर बोरिंग की मोटर चलाने गया युवक पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिर गया, जिससे डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। कुआं करीब 175 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 60 फीट पानी भरा हुआ था। थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली कि मंडावरी निवासी रामोतार मीना (22) पुत्र फैलीराम मीना कुएं में गिर गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। राजगढ़ सीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल कुएं के पास मिला, तब हुआ शक परिजनों के अनुसार रामोतार सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे खेत पर मोटर चलाने की कहकर गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने

4 hrs ago
user_Neeraj Maheshwari
Neeraj Maheshwari
Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
4 hrs ago

मोटर चलाने खेत पर गया था, शादी की खुशियां मातम में बदली गहरे कुएं में गिरने से युवक की मौत, आठ घंटे बाद निकाला शव राजगढ़ टहला थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव के हल्कारा का बास में खेत पर बोरिंग की मोटर चलाने गया युवक पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिर गया, जिससे डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। कुआं करीब 175 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 60 फीट पानी भरा हुआ था। थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली कि मंडावरी निवासी रामोतार मीना (22) पुत्र फैलीराम मीना कुएं में गिर गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। राजगढ़ सीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल कुएं के पास मिला, तब हुआ शक परिजनों के अनुसार रामोतार सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे खेत पर मोटर चलाने की कहकर गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने

More news from राजस्थान and nearby areas
  • झालावाड़ जिले की डग पुलिस ने ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत ड्रग माफिया पर आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उनकी काली कमाई से अर्जित की हुई करोड़ की संपत्ति को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। डग पुलिस द्वारा काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति वाले ड्रग माफिया लियाक़त खांन चाचुर्णी व राजपुरा मे 2 करोड़ 52 लाख के दो मकान को NDPS के तहत स्थाई किया फ्रिज। साथ ही आरोपी के 4 करोड़ 68लाख कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चुरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, 2लाख की एक बुलेट, 38लाख कीमत की चौपहिया वाहन ट्रक जप्त। जिला पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा तस्करों को जड़ से समाप्त करने के लिए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत तस्कर जिस काली कमाई के दम पर समाज में अपना रसूख जमते थे इसी काली कमाई को आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। जिसके तहत पुलिस की गठित टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से ड्रग माफिया लियाकत खान की चाचूर्णी व राजपुरा स्थित लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपए कीमत के दो मकानों को एनडीपीएस की धारा 68 के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। साथ ही बताया की कार्यवाही के दौरान आरोपी से 4 करोड़ 68 लाख रुपए कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, ₹2 लाख कीमत की एक बुलेट मोटरसाइकिल व 38 लाख रुपए कीमत का चौपाहिया वाहन ट्रक जप्त किया गया था।
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    झालावाड़ जिले की डग पुलिस ने ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 के तहत ड्रग माफिया पर आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए उनकी काली कमाई से अर्जित की हुई करोड़ की संपत्ति को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है।
डग पुलिस द्वारा   काली कमाई से अर्जित सम्पत्ति वाले ड्रग माफिया लियाक़त खांन चाचुर्णी व राजपुरा मे 2 करोड़ 52 लाख के दो मकान को NDPS के तहत स्थाई किया फ्रिज। साथ ही आरोपी के 4 करोड़ 68लाख कीमत का 3120 किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चुरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, 2लाख की एक बुलेट, 38लाख कीमत की चौपहिया वाहन ट्रक जप्त।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने बताया कि नशा तस्करों को जड़ से समाप्त करने के लिए ऑपरेशन दिव्य प्रहार 2.0 प्रारंभ किया गया है, जिसके तहत तस्कर जिस काली कमाई के दम पर समाज में अपना रसूख जमते थे इसी काली कमाई को आर्थिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। जिसके तहत पुलिस की गठित टीम ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहयोग से ड्रग माफिया लियाकत खान की चाचूर्णी व राजपुरा स्थित लगभग 2 करोड़ 52 लाख रुपए कीमत के दो मकानों को एनडीपीएस की धारा 68 के तहत स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया। साथ ही बताया की कार्यवाही के दौरान आरोपी से 4 करोड़ 68 लाख रुपए कीमत का 3120  किलो अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा, 15 लाख रुपए कीमत का 3 किलो अफीम, ₹2 लाख कीमत की एक बुलेट मोटरसाइकिल व 38 लाख रुपए कीमत का चौपाहिया वाहन ट्रक जप्त किया गया था।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • धौलपुर में बीकानेर मिष्ठान भंडार की लापरवाही उजागर नाश्ते में लाईट कीड़ा मिलने पर ग्राहक का हंगामा धौलपुर शहर में खाद्य स्वच्छता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुलाब बाग क्षेत्र स्थित बीकानेर मिष्ठान भंडार में नाश्ते में लाईट कीड़ा मिलने की घटना सामने आने के बाद ग्राहक ने जमकर विरोध जताया। इस घटना ने न केवल दुकान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार एक ग्राहक देर शाम कुछ खाने के लिए दुकान पर पहुंचा था। उसने दो समोसा ऑर्डर दिया। जब उसे खाद्य सामग्री परोसी गई और वह खाने बैठा, तभी उसकी नजर प्लेट में पड़े खाने पर गई, जहां उसे साफ तौर पर कीड़ा दिखाई दिया। यह देखते ही ग्राहक भड़क गया और उसने तुरंत इसकी शिकायत दुकान कर्मचारियों से की। शिकायत मिलते ही दुकान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन ग्राहक का आक्रोश कम नहीं हुआ। ग्राहक ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी यहां खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों ने भी मिष्ठान भंडार की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दुकान में साफ-सफाई का अभाव है और कर्मचारी स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं करते। बाहर से आकर्षक दिखने वाली दुकान के अंदर की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। यह मामला खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। साथ ही, यह घटना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच क्यों नहीं हो रही है। ग्राहकों ने संबंधित विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आम जनता का भरोसा खाद्य प्रतिष्ठानों से उठ सकता है।
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    धौलपुर में बीकानेर मिष्ठान भंडार की लापरवाही उजागर
नाश्ते में लाईट कीड़ा मिलने पर ग्राहक का हंगामा
धौलपुर  शहर में खाद्य स्वच्छता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुलाब बाग क्षेत्र स्थित बीकानेर मिष्ठान भंडार में नाश्ते में लाईट कीड़ा
मिलने की घटना सामने आने के बाद ग्राहक ने जमकर विरोध जताया। इस घटना ने न केवल दुकान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार एक ग्राहक देर शाम कुछ खाने के लिए दुकान पर पहुंचा था। उसने    दो समोसा ऑर्डर दिया। जब उसे खाद्य सामग्री
परोसी गई और वह खाने बैठा, तभी उसकी नजर प्लेट में पड़े खाने पर गई, जहां उसे साफ तौर पर कीड़ा दिखाई दिया। यह देखते ही ग्राहक भड़क गया और उसने
तुरंत इसकी शिकायत दुकान कर्मचारियों से की। शिकायत मिलते ही दुकान में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन ग्राहक का आक्रोश कम नहीं हुआ। ग्राहक ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी यहां खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों ने भी मिष्ठान भंडार की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दुकान में साफ-सफाई का अभाव है और कर्मचारी स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं करते। बाहर से आकर्षक दिखने वाली
दुकान के अंदर की स्थिति को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है।
यह मामला खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। साथ ही, यह घटना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है कि ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच क्यों नहीं हो रही है। ग्राहकों ने संबंधित विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आम जनता का भरोसा खाद्य प्रतिष्ठानों से उठ सकता है।
    user_Rajasthan lok news 24x7
    Rajasthan lok news 24x7
    Court reporter मंडावर, दौसा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है। पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे। इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
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    बांदीकुई।।अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर स्थित पीचूपाड़ा टोल पर लाठी-डंडों से मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस इस वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस घटना को लेकर बांदीकुई थाने में टोलकर्मियों के खिलाफ एक मामला भी दर्ज कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, बांदीकुई निवासी सुनील कुमार गुर्जर ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल की रात करीब 9 बजे वे अपने दोस्त सज्जन सिंह के साथ कार से सिकंदरा से बांदीकुई आ रहे थे।
इस दौरान, फास्टैग में कम बैलेंस होने के कारण उन्होंने टोलकर्मियों से खुद को बांदीकुई का स्थानीय निवासी बताते हुए जाने देने का अनुरोध किया। आरोप है कि टोलकर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी और उनसे 500 रुपए मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
सुनील कुमार गुर्जर ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि टोलकर्मियों के कहने पर कुछ लोग एक जीप में सवार होकर आए और लाठी-डंडों से उनके साथ मारपीट की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17 अप्रैल की रात का है, जिसे वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बनाया था।
    user_अमर चन्द बैरवा
    अमर चन्द बैरवा
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    5 hrs ago
  • प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
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    प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में  लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
    user_Raj Kumar Chaturvedi
    Raj Kumar Chaturvedi
    Local News Reporter Bandikui, Dausa•
    13 hrs ago
  • कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महिला कॉलेज, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल, चुंगी क्षेत्र एवं नेहरू पार्क गुप्तेश्वर मंदिर में महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून संबंधी अधिकारों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में बताया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, आत्म सुरक्षा के उपाय तथा महिला हेल्पलाइन 1090/1091 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके। इस अवसर पर महिलाओं को महिला डेस्क, ऑपरेशन गरिमा, ऑपरेशन लाडली, सुरक्षा सखी अभियान एवं ऑपरेशन जागृति के बारे में भी अवगत कराया गया तथा बताया गया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस निरंतर प्रयासरत है। इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। दौसा पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं व छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
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    कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, दौसा द्वारा आज महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा व जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान महिला कॉलेज, इंपीरियल इंटरनेशनल स्कूल, चुंगी क्षेत्र एवं नेहरू पार्क गुप्तेश्वर मंदिर में महिलाओं व छात्राओं को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं व छात्राओं को महिला सुरक्षा, कानून संबंधी अधिकारों एवं पुलिस द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें राजकोप सिटिजन ऐप के उपयोग के बारे में बताया गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पुलिस से तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इसके साथ ही यातायात नियमों का पालन, सड़क सुरक्षा, आत्म सुरक्षा के उपाय तथा महिला हेल्पलाइन 1090/1091 व पुलिस कंट्रोल रूम 112 के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके।
इस अवसर पर महिलाओं को महिला डेस्क, ऑपरेशन गरिमा, ऑपरेशन लाडली, सुरक्षा सखी अभियान एवं ऑपरेशन जागृति के बारे में भी अवगत कराया गया तथा बताया गया कि इन अभियानों के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस निरंतर प्रयासरत है।
इसके अतिरिक्त चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गुड टच–बैड टच तथा पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देकर बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
दौसा पुलिस द्वारा इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं व छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
    user_Mukesh Kumar Saini
    Mukesh Kumar Saini
    Electrician सैंथल, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • वर्तमान में स्कूल का नया सत्र शुरू हो गया है ऐसे में अब गर्मी भी सताने लगी है तेज धूप क्षेत्र में देखी जा रही है सिकराय उपखंड क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे धूप से और गर्मी से परेशान दिखने लगे हैं अभिभावकों का कहना है कि बच्चे जब स्कूल से वापस लौटते हैं तो दोपहर करीब 2:00 बज जाते हैं इस दौरान वह गर्मी में चलकर आते हैं और आते ही कलर या एसी के ठंडी हवा में बैठ जाते हैं जिसके कारण उनका स्वास्थ्य खराब होने का डर बना रहता है ऐसे में अब स्कूली बच्चों का समय बदल जाए या फिर स्कूली छोटे बच्चों की छुट्टी की जाए
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    वर्तमान में स्कूल का नया सत्र शुरू हो गया है ऐसे में अब गर्मी भी सताने लगी है तेज धूप क्षेत्र में देखी जा रही है सिकराय उपखंड क्षेत्र के छोटे-छोटे बच्चे धूप से और गर्मी से परेशान दिखने लगे हैं अभिभावकों का कहना है कि बच्चे जब स्कूल से वापस लौटते हैं तो दोपहर करीब 2:00 बज जाते हैं इस दौरान वह गर्मी में चलकर आते हैं और आते ही कलर या एसी के ठंडी हवा में बैठ जाते हैं जिसके कारण उनका स्वास्थ्य खराब होने का डर बना रहता है ऐसे में अब स्कूली बच्चों का समय बदल जाए या फिर स्कूली छोटे बच्चों की छुट्टी की जाए
    user_पुष्पेन्द्र घूमना
    पुष्पेन्द्र घूमना
    Sikrai, Dausa•
    3 hrs ago
  • उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं। मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते? जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?” डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?” उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।” मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।* उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना— _*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_ जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं— “तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।” यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं। मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है। — *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*
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    उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं।
मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते?
जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?”
डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?”
उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।”
मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।*
उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना—
_*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_
जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं—
“तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।”
यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं।
मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है।
— *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • राजगढ़ टहला थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव के हल्कारा का बास में खेत पर बोरिंग की मोटर चलाने गया युवक पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिर गया, जिससे डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। कुआं करीब 175 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 60 फीट पानी भरा हुआ था। थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली कि मंडावरी निवासी रामोतार मीना (22) पुत्र फैलीराम मीना कुएं में गिर गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। राजगढ़ सीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल कुएं के पास मिला, तब हुआ शक परिजनों के अनुसार रामोतार सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे खेत पर मोटर चलाने की कहकर गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने
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    राजगढ़ टहला थाना क्षेत्र के मंडावरी गांव के हल्कारा का बास में खेत पर बोरिंग की मोटर चलाने गया युवक पैर फिसलने से गहरे कुएं में गिर गया, जिससे डूबने से उसकी मृत्यु हो गई। कुआं करीब 175 फीट गहरा बताया जा रहा है, जिसमें लगभग 60 फीट पानी भरा हुआ था।
थाना प्रभारी मुकेश कुमार मीना ने बताया कि सोमवार सुबह सूचना मिली कि मंडावरी निवासी रामोतार मीना (22) पुत्र फैलीराम मीना कुएं में गिर गया है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने करीब आठ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। राजगढ़ सीएचसी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मोबाइल कुएं के पास मिला, तब हुआ शक
परिजनों के अनुसार रामोतार सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे खेत पर मोटर चलाने की कहकर गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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