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रीवा में हाइवोल्टेज ड्रामा का डॉक्टर के बाद अब मास्टर जी
पत्रकार,Kuber Tomar
रीवा में हाइवोल्टेज ड्रामा का डॉक्टर के बाद अब मास्टर जी
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी द्बारा प्रेसवार्ता बुलाया गया जिसमें बजट2026-27का विष्लेषण की जानकारी दी गई1
- डॉक्टर के बाद अब मास्टर जी1
- Post by Tikar se desh duniya ki khabar1
- सतना-रामपुर बाघेलान जनपद सदस्य वार्ड क्रमांक 6 एवं सभापति जैव विविधता प्रबंधन समिति विनो तिवारी खम्हरिया द्वारा हर माह चलाए जा रहे निशुल्क नेत्र शिविर अभियान के अंतर्गत 19 फरवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरईया में नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 386 लोगों ने आंखो की जांच कराई। जांच उपरांत 110 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। वहीं 26 लोगों में मोतियाबिंद पाया गया, जिनमें से 16 मरीजों को इलाज हेतु चित्रकूट भेजा गया।1
- मैहर। वार्ड क्रमांक 15, विवेक नगर निवासी व्यापारी अजय कुमार गुप्ता एवं उनके परिवार ने मैहर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि घर में हुई चोरी की घटना की संतोषजनक जांच न होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन (181) में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। पीड़ित अजय गुप्ता का आरोप है कि मैहर थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के निर्देश पर लाइन हाजिर बताए जा रहे पुलिसकर्मी संजय तिवारी बार-बार उनके घर पहुंच रहे हैं। बिना किसी लिखित नोटिस, वारंट या पूर्व सूचना के घर और दुकान में आकर काउंटर की तलाशी ली जा रही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस से पूछा कि क्या उनके विरुद्ध कोई वारंट या शिकायत है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। अजय गुप्ता का आरोप है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि मोबाइल फोन छीनकर ओटीपी मांगा गया ताकि शिकायत ऑनलाइन वापस कराई जा सके। परिवार के अनुसार, पुलिसकर्मी राजेंद्र (बैच नंबर 897) ने कथित रूप से उनके हाथ से मोबाइल छीना। वहीं, श्याम सुंदर कुशवाहा पर लॉकअप में मारपीट का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन एमएलसी दर्ज करने में भी कथित रूप से टालमटोल की गई। मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस ने उत्तम गुप्ता के विरुद्ध धारा 151 के तहत चालानी कार्रवाई की। परिवार का आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के उन्हें आरोपी बनाकर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुचलके पर रिहाई के नाम पर एक हजार रुपये लिए गए। परिवार ने यह भी आशंका जताई कि बार-बार बिना वारंट घर में प्रवेश करना उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश हो सकती है। पीड़ित की माता पुष्पा गुप्ता और परिजन किशन गुप्ता ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि “जब हमारे बच्चे की कोई गलती नहीं है तो उसे बार-बार पकड़कर क्यों ले जाया जा रहा है? चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही, उल्टा फरियादी को ही मुल्जिम बनाया जा रहा है।” परिवार ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश के डीजीपी एवं स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था आमजन को न्याय दिलाने के लिए है, लेकिन यदि शिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाया जाए तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इस संबंध में मैहर थाना पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन स्तर पर निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वार्ड 15 विवेक नगर का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- विधायक नागेन्द्र सिंह ने धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी को दी श्रद्धांजलि आज गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम परिसर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक ने कहा कि श्रद्धेय महाराज जी का आध्यात्मिक जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल यादव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।1
- *मेयर इन काउंसिल की बैठक में कई कार्यों को मिली स्वीकृति* *महापौर की अध्यक्षता में हुई बैठक, शामिल रहे आयुक्त के अलावा काउंसिल सदस्य* रीवा। नगर पालिक निगम रीवा के मेयर-इन-काउंसिल की बैठक महापौर अजय मिश्रा (बाबा) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में निगम आयुक्त डॉ. सौरभ संजय सोनवणे एवं मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य श्री धनेन्द्र सिंह बघेल, श्रीमती रमा दुबे, श्री रवि तिवारी, श्री मनीष नामदेव, श्री गुलाम अहमद, श्रीमती नीतू अशोक पटेल, श्रीमती नजमा बेगम, श्रीमती सूफिया सहफूज खान, श्रीमती गायत्री लखन खण्डेलवाल, सुश्री आरती बक्सरिया उपस्थित रहें। बैठक में चर्चा उपरांत कई प्रस्तावों पर निर्णय लिये गए। रीवा शहर में 100 सीटर श्रमिक विश्राम गृह (रैन बसेरा) भवन निर्माण के प्राक्कलन (रू. 616 लाख) की स्वीकृति प्रदान की गई। नगर पालिक निगम रीवा क्षेत्रान्तर्गत सफाई गोदाम भूमि पर प्रस्तावित आवासीय, व्यावसायिक काम्पलेक्स का निर्माण ईपीसी मोड पर किए जाने हेतु डीपीआर रू. 1980.12 लाख का अनुमोदन, तकनीकी, प्रशासकीय, वित्तीय स्वीकृति तथा परियोजना क्रियान्वयन की स्वीकृति प्रदान की गई। नगर पालिक निगम रीवा टाउन हॉल में गीता भवन परियोजना हेतु प्राक्कलन राशि रू. 789.72 लाख की तकनीकी, प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। नगर पालिक निगम रीवा द्वारा निर्मित व संचालित सामुदायिक भवनों का किराया पुनर्निर्धारण परिषद को अग्रेषित किया गया। शहर के मुख्य मार्गों की सफाई व्यवस्था आउटसोर्स एजेन्सी के माध्यम से कराए जाने अनुमति दी गई। नगर पालिक निगम रीवा के स्वामित्व का मिहिर सेन तरण ताल के संचालन-संधारण का कार्य ठेका पर दिये जाने हेतु प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई। नगर पालिक निगम रीवा कार्यालय में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की योजना की स्वीकृति दी गई। रानी तालाब का संचालन एवं संधारण किये जाने हेतु पुनरीक्षित योजना परिषद के समक्ष अनुमोदन हेतु अग्रेषित की गई। मल्टीलेवल पार्किंग योजना क्रियान्वयन का आर.एफ.पी. अनुमोदित करते हुए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2024-25 तक के सम्पत्तिकर के बकायादारां को एकमुश्त राशि जमा करने पर सम्पत्तिकर पर 5 प्रतिशत की छूट प्रदान करने हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव प्रेषित किये जाने हेतु प्रकरण परिषद के समक्ष रखे जाने अग्रेषित किया गया। नगर पालिक निगम रीवा के स्वामित्व के गांधी काम्पलेक्स ब्लॉक-’’सी’’ में स्वयं वित्तीय योजना अंतर्गत निर्माणाधीन भूतल की दुकान क्रमांक 04 एवं 09 की अधिकतम मूल्य की निविदाएं स्वीकृत की गई। दुकान क्र.6 भूतल की 25 प्रतिशत राशि समय पर जमा नहीं होने के कारण, निविदा निरस्त कर जमा प्रतिभूति राशि राजसात कर प्राप्त दर अनुसार ई-निविदा बुलाने की अनुमति दी गई। भूतल की दुकान क्रमांक 05, प्रथम तल की दुकान क्रमांक 04, 05, 06 एवं द्वितीय तल की दुकान क्रमांक 05, 06, भूतल की दुकान क्रमांक 03 एवं 08 की ई-नीलामी में प्रथम अवसर में प्राप्त उच्चतम दर से द्वितीय एवं तृतीय अवसर की निविदा दर अपेक्षाकृत बहुत कम प्राप्त हुई, जबकि स्थल व साइज लगभग समान है, जिस कारण इनकी निविदा निरस्त कर इन दुकानो हेतु प्राप्त उच्चतम दर को बेस प्राइज बनाकर पुनः ई-निविदा आमंत्रण की अनुमति दी गई। योजना क्रमांक-8 नेहरू नगर रीवा के रिक्त 02 भूखंडों की निविदा स्वीकृत की गई। वित्तीय वर्ष 2026-2027 हेतु विभिन्न प्रकार के ठेका-टैम्पो-टैक्सी स्टैण्ड फीस वसूली एवं व्यावसायिक वाहनों से व्यवसायशुल्क वसूली, समान फ्लाई ओवर ब्रिज के नीचे, सिरमौर चौराहा फ्लाई ओवर ब्रिज के नीचे, डॉ0 अम्बेडकर बाजार के पीछे एवं शिल्पी प्लाजा ब्लाक ए व बी के पीछे, अशोक मिष्ठान मण्डार के बगल स्थित वाहन पार्किंग फीस वसूली का प्रीमियम, शर्तें निर्धारण एवं ई-निविदा आमंत्रण की अनुमति दी जाकर अनुमोदन हेतु प्रस्ताव निगम परिषद में भेजे जाने का निर्णय लिया गया। नगर पालिक निगम रीवा द्वारा संचालित स्कूल का संचालन, आउटसोर्स के माध्यम से किये जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जाकर, आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर अग्रिम कार्यवाही किये जाने की अनुमति दी गई। मत्स्य बाजार केन्द्र झिरिया में मछली व्यवसायियों को रिक्त 07 दुकानों का आवंटन लॉटरी पद्धति से समिति बनाकर किये जाने हेतु परिषद के समक्ष प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत गोल क्वार्टर, एस.ए.एफ., सुन्दर नगर में निर्मित दुकानों के अंतरण हेतु प्राप्त निविदाओं की स्वीकृति दी गई, प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत (शहरी) एएचपी 2.0 के अंतर्गत नवीन परियोजना की स्वीकृति दी गई4
- मैहर। क्षेत्र के एक गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कोटेदार अनुज सोनी पर एक माह के खाद्यान्न वितरण में लाखों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि दिसंबर माह के राशन वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और पात्र हितग्राहियों को पूरा खाद्यान्न नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं दिया गया। गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी हुई है, तो इसकी जांच प्रशासन को मौके पर जाकर करनी चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा कि यदि चोरी या गबन जैसा गंभीर मामला है, तो इसके भौतिक साक्ष्य भी मिल सकते हैं — जैसे आवागमन के निशान, बड़े वाहन की आवाजाही या अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण। उनका कहना है कि “इतना बड़ा मामला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।” कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार ने हाल ही में चारपहिया वाहन खरीदा है, जिसे वे कथित अनियमितताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर समय पर संज्ञान न लिए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गांव के लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।2