logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मैहर में कोटेदार पर खाद्यान्न घोटाले के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग मैहर। क्षेत्र के एक गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कोटेदार अनुज सोनी पर एक माह के खाद्यान्न वितरण में लाखों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि दिसंबर माह के राशन वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और पात्र हितग्राहियों को पूरा खाद्यान्न नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं दिया गया। गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी हुई है, तो इसकी जांच प्रशासन को मौके पर जाकर करनी चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा कि यदि चोरी या गबन जैसा गंभीर मामला है, तो इसके भौतिक साक्ष्य भी मिल सकते हैं — जैसे आवागमन के निशान, बड़े वाहन की आवाजाही या अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण। उनका कहना है कि “इतना बड़ा मामला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।” कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार ने हाल ही में चारपहिया वाहन खरीदा है, जिसे वे कथित अनियमितताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर समय पर संज्ञान न लिए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गांव के लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

10 hrs ago
user_विंध्य वसुंधरा समाचार
विंध्य वसुंधरा समाचार
Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

मैहर में कोटेदार पर खाद्यान्न घोटाले के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग मैहर। क्षेत्र के एक गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कोटेदार अनुज सोनी पर एक माह के खाद्यान्न वितरण में लाखों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि दिसंबर माह के राशन वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और पात्र हितग्राहियों को पूरा खाद्यान्न नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं दिया गया। गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी हुई है, तो इसकी जांच प्रशासन को मौके पर जाकर करनी चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा कि यदि चोरी या गबन जैसा गंभीर मामला है, तो इसके भौतिक साक्ष्य भी मिल सकते हैं — जैसे आवागमन के निशान, बड़े वाहन की आवाजाही या अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण। उनका कहना है कि “इतना बड़ा मामला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने

39ffcffc-a9b0-4b79-a07b-29e6f378f844

आ सके।” कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार ने हाल ही में चारपहिया वाहन खरीदा है, जिसे वे कथित अनियमितताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर समय पर संज्ञान न लिए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गांव के लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मैहर। वार्ड क्रमांक 15, विवेक नगर निवासी व्यापारी अजय कुमार गुप्ता एवं उनके परिवार ने मैहर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि घर में हुई चोरी की घटना की संतोषजनक जांच न होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन (181) में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। पीड़ित अजय गुप्ता का आरोप है कि मैहर थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के निर्देश पर लाइन हाजिर बताए जा रहे पुलिसकर्मी संजय तिवारी बार-बार उनके घर पहुंच रहे हैं। बिना किसी लिखित नोटिस, वारंट या पूर्व सूचना के घर और दुकान में आकर काउंटर की तलाशी ली जा रही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस से पूछा कि क्या उनके विरुद्ध कोई वारंट या शिकायत है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। अजय गुप्ता का आरोप है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि मोबाइल फोन छीनकर ओटीपी मांगा गया ताकि शिकायत ऑनलाइन वापस कराई जा सके। परिवार के अनुसार, पुलिसकर्मी राजेंद्र (बैच नंबर 897) ने कथित रूप से उनके हाथ से मोबाइल छीना। वहीं, श्याम सुंदर कुशवाहा पर लॉकअप में मारपीट का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन एमएलसी दर्ज करने में भी कथित रूप से टालमटोल की गई। मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस ने उत्तम गुप्ता के विरुद्ध धारा 151 के तहत चालानी कार्रवाई की। परिवार का आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के उन्हें आरोपी बनाकर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुचलके पर रिहाई के नाम पर एक हजार रुपये लिए गए। परिवार ने यह भी आशंका जताई कि बार-बार बिना वारंट घर में प्रवेश करना उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश हो सकती है। पीड़ित की माता पुष्पा गुप्ता और परिजन किशन गुप्ता ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि “जब हमारे बच्चे की कोई गलती नहीं है तो उसे बार-बार पकड़कर क्यों ले जाया जा रहा है? चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही, उल्टा फरियादी को ही मुल्जिम बनाया जा रहा है।” परिवार ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश के डीजीपी एवं स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था आमजन को न्याय दिलाने के लिए है, लेकिन यदि शिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाया जाए तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इस संबंध में मैहर थाना पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन स्तर पर निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वार्ड 15 विवेक नगर का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
    1
    मैहर। वार्ड क्रमांक 15, विवेक नगर निवासी व्यापारी अजय कुमार गुप्ता एवं उनके परिवार ने मैहर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि घर में हुई चोरी की घटना की संतोषजनक जांच न होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन (181) में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
पीड़ित अजय गुप्ता का आरोप है कि मैहर थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के निर्देश पर लाइन हाजिर बताए जा रहे पुलिसकर्मी संजय तिवारी बार-बार उनके घर पहुंच रहे हैं। बिना किसी लिखित नोटिस, वारंट या पूर्व सूचना के घर और दुकान में आकर काउंटर की तलाशी ली जा रही है। परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस से पूछा कि क्या उनके विरुद्ध कोई वारंट या शिकायत है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
अजय गुप्ता का आरोप है कि उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया और सीएम हेल्पलाइन की शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि मोबाइल फोन छीनकर ओटीपी मांगा गया ताकि शिकायत ऑनलाइन वापस कराई जा सके। परिवार के अनुसार, पुलिसकर्मी राजेंद्र (बैच नंबर 897) ने कथित रूप से उनके हाथ से मोबाइल छीना। वहीं, श्याम सुंदर कुशवाहा पर लॉकअप में मारपीट का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन एमएलसी दर्ज करने में भी कथित रूप से टालमटोल की गई।
मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस ने उत्तम गुप्ता के विरुद्ध धारा 151 के तहत चालानी कार्रवाई की। परिवार का आरोप है कि बिना किसी ठोस आधार के उन्हें आरोपी बनाकर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि मुचलके पर रिहाई के नाम पर एक हजार रुपये लिए गए। परिवार ने यह भी आशंका जताई कि बार-बार बिना वारंट घर में प्रवेश करना उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश हो सकती है।
पीड़ित की माता पुष्पा गुप्ता और परिजन किशन गुप्ता ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि “जब हमारे बच्चे की कोई गलती नहीं है तो उसे बार-बार पकड़कर क्यों ले जाया जा रहा है? चोरी के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही, उल्टा फरियादी को ही मुल्जिम बनाया जा रहा है।”
परिवार ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश के डीजीपी एवं स्थानीय विधायक से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था आमजन को न्याय दिलाने के लिए है, लेकिन यदि शिकायतकर्ता पर ही दबाव बनाया जाए तो यह व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
इस संबंध में मैहर थाना पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन स्तर पर निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल वार्ड 15 विवेक नगर का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Tikar se desh duniya ki khabar
    1
    Post by Tikar se desh duniya ki khabar
    user_Tikar se desh duniya ki khabar
    Tikar se desh duniya ki khabar
    Artist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विधायक नागेन्द्र सिंह ने धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी को दी श्रद्धांजलि आज गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम परिसर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक ने कहा कि श्रद्धेय महाराज जी का आध्यात्मिक जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल यादव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
    1
    विधायक नागेन्द्र सिंह ने धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी को दी श्रद्धांजलि
आज गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी धारकुंडी आश्रम पहुंचकर श्रद्धेय महाराज जी के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम परिसर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विधायक ने कहा कि श्रद्धेय महाराज जी का आध्यात्मिक जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री बाबूलाल यादव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने समाधि स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और संत परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • डॉक्टर के बाद अब मास्टर जी
    1
    डॉक्टर के बाद अब मास्टर जी
    user_पत्रकार,Kuber Tomar
    पत्रकार,Kuber Tomar
    पत्रकार, संवाददाता,रिपोर्टर Huzur Nagar, Rewa•
    10 hrs ago
  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल: ट्रक चालकों ने सड़क पर खड़े कर दिए वाहन, लगा लंबा जाम, गाली-गलौज, धमकी और फिर झोपड़ी में आगजनी से मचा हड़कंप दीपक सिंह गहरवार विस्तार न्यूज़ मऊगंज मो.8965074130
    1
    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल: ट्रक चालकों ने सड़क पर खड़े कर दिए वाहन, लगा लंबा जाम, गाली-गलौज, धमकी और फिर झोपड़ी में आगजनी से मचा हड़कंप
दीपक सिंह गहरवार 
विस्तार न्यूज़ मऊगंज
मो.8965074130
    user_Lavkesh singh
    Lavkesh singh
    Media Consultant मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी द्बारा प्रेसवार्ता बुलाया गया जिसमें बजट2026-27का विष्लेषण की जानकारी दी गई
    1
    उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी द्बारा प्रेसवार्ता बुलाया गया जिसमें बजट2026-27का विष्लेषण की जानकारी दी गई
    user_Praveen Shukla
    Praveen Shukla
    Insurance Agent हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Bablu Namdev
    1
    Post by Bablu Namdev
    user_Bablu Namdev
    Bablu Namdev
    Photographer मऊगंज, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मैहर। क्षेत्र के एक गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कोटेदार अनुज सोनी पर एक माह के खाद्यान्न वितरण में लाखों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि दिसंबर माह के राशन वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और पात्र हितग्राहियों को पूरा खाद्यान्न नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं दिया गया। गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी हुई है, तो इसकी जांच प्रशासन को मौके पर जाकर करनी चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा कि यदि चोरी या गबन जैसा गंभीर मामला है, तो इसके भौतिक साक्ष्य भी मिल सकते हैं — जैसे आवागमन के निशान, बड़े वाहन की आवाजाही या अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण। उनका कहना है कि “इतना बड़ा मामला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।” कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार ने हाल ही में चारपहिया वाहन खरीदा है, जिसे वे कथित अनियमितताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर समय पर संज्ञान न लिए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गांव के लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
    2
    मैहर। क्षेत्र के एक गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कोटेदार अनुज सोनी पर एक माह के खाद्यान्न वितरण में लाखों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि दिसंबर माह के राशन वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं और पात्र हितग्राहियों को पूरा खाद्यान्न नहीं मिला।
ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों से अंगूठा लगवाने के बाद भी उन्हें निर्धारित मात्रा में अनाज नहीं दिया गया। गांव में आयोजित एक बैठक के दौरान कुछ ग्रामीणों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि लाखों रुपये के खाद्यान्न की कथित हेराफेरी हुई है, तो इसकी जांच प्रशासन को मौके पर जाकर करनी चाहिए। एक ग्रामीण ने कहा कि यदि चोरी या गबन जैसा गंभीर मामला है, तो इसके भौतिक साक्ष्य भी मिल सकते हैं — जैसे आवागमन के निशान, बड़े वाहन की आवाजाही या अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण। उनका कहना है कि “इतना बड़ा मामला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके।”
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कोटेदार ने हाल ही में चारपहिया वाहन खरीदा है, जिसे वे कथित अनियमितताओं से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे गांव में आक्रोश का माहौल है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों पर समय पर संज्ञान न लिए जाने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि आरोप गलत हैं तो स्थिति स्पष्ट की जाए, और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गांव के लोगों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
    user_विंध्य वसुंधरा समाचार
    विंध्य वसुंधरा समाचार
    Local News Reporter मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.