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टीकमगढ़ में अंकित पाराशर द्वारा राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों से यू-टर्न लेने के बाद, अब राकेश गिरी का बयान सामने आया है। राकेश गिरी ने कहा कि अंकित पाराशर उनके छोटे भाई जैसे हैं और वे उनके स्पष्टीकरण का सम्मान करते हैं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में कई बार गलतफहमियाँ पैदा हो जाती हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति सच्चाई को स्वीकार कर अपनी बात स्पष्ट करता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। राकेश गिरी ने ज़ोर देकर कहा, "अंकित मेरे छोटे भाई जैसा है। सुबह का भूला शाम को वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते।" राकेश गिरी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विवाद रखना नहीं है, बल्कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी लोग मिलकर क्षेत्र के हित में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले अंकित पाराशर ने राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट किया था।

1 hr ago
user_Mahendra Kumar Dubey
Mahendra Kumar Dubey
Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

टीकमगढ़ में अंकित पाराशर द्वारा राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों से यू-टर्न लेने के बाद, अब राकेश गिरी का बयान सामने आया है। राकेश गिरी ने कहा कि अंकित पाराशर उनके छोटे भाई जैसे हैं और वे उनके स्पष्टीकरण का सम्मान करते हैं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में कई बार गलतफहमियाँ पैदा हो जाती हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति सच्चाई को स्वीकार कर अपनी बात स्पष्ट करता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। राकेश गिरी ने ज़ोर देकर कहा, "अंकित मेरे छोटे भाई जैसा है। सुबह का भूला शाम को वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते।" राकेश गिरी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विवाद रखना नहीं है, बल्कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी लोग मिलकर क्षेत्र के हित में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले अंकित पाराशर ने राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट किया था।

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  • टीकमगढ़ में अंकित पाराशर द्वारा राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों से यू-टर्न लेने के बाद, अब राकेश गिरी का बयान सामने आया है। राकेश गिरी ने कहा कि अंकित पाराशर उनके छोटे भाई जैसे हैं और वे उनके स्पष्टीकरण का सम्मान करते हैं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में कई बार गलतफहमियाँ पैदा हो जाती हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति सच्चाई को स्वीकार कर अपनी बात स्पष्ट करता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। राकेश गिरी ने ज़ोर देकर कहा, "अंकित मेरे छोटे भाई जैसा है। सुबह का भूला शाम को वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते।" राकेश गिरी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विवाद रखना नहीं है, बल्कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी लोग मिलकर क्षेत्र के हित में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले अंकित पाराशर ने राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट किया था।
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    टीकमगढ़ में अंकित पाराशर द्वारा राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों से यू-टर्न लेने के बाद, अब राकेश गिरी का बयान सामने आया है। राकेश गिरी ने कहा कि अंकित पाराशर उनके छोटे भाई जैसे हैं और वे उनके स्पष्टीकरण का सम्मान करते हैं।

उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि राजनीति और सामाजिक जीवन में कई बार गलतफहमियाँ पैदा हो जाती हैं, लेकिन जब कोई व्यक्ति सच्चाई को स्वीकार कर अपनी बात स्पष्ट करता है, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। राकेश गिरी ने ज़ोर देकर कहा, "अंकित मेरे छोटे भाई जैसा है। सुबह का भूला शाम को वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते।"

राकेश गिरी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से व्यक्तिगत विवाद रखना नहीं है, बल्कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सभी लोग मिलकर क्षेत्र के हित में कार्य करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले अंकित पाराशर ने राकेश गिरी पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट किया था।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां अस्पताल में गंभीर अव्यवस्था और मनमानी के आरोप लगे हैं, जहां मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इन्हीं तमाम शिकायतों के बाद अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने अस्पताल का अचानक भ्रमण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को फोन पर इसकी जानकारी दी। आरोपों के अनुसार, डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी अस्पताल की ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार करते पाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंधपत्र समाप्त होने के बाद भी डॉक्टर साहू सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां भी लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद बना हुआ है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी के बीच घंटों तक परेशान होना और इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ड्यूटी पर कुछ डॉक्टर टी-शर्ट और चढ़ा पहने हुए पाए गए, जिससे उनकी पहचान भी स्पष्ट नहीं होती। डॉक्टर अंकित राजपूत एवं डॉक्टर महेंद्र पटेल के नाम भी इस पूरे मामले में चर्चा में हैं, और कुछ दिन पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
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    मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां अस्पताल में गंभीर अव्यवस्था और मनमानी के आरोप लगे हैं, जहां मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इन्हीं तमाम शिकायतों के बाद अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने अस्पताल का अचानक भ्रमण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को फोन पर इसकी जानकारी दी।

आरोपों के अनुसार, डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी अस्पताल की ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार करते पाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंधपत्र समाप्त होने के बाद भी डॉक्टर साहू सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां भी लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद बना हुआ है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी के बीच घंटों तक परेशान होना और इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ड्यूटी पर कुछ डॉक्टर टी-शर्ट और चढ़ा पहने हुए पाए गए, जिससे उनकी पहचान भी स्पष्ट नहीं होती। डॉक्टर अंकित राजपूत एवं डॉक्टर महेंद्र पटेल के नाम भी इस पूरे मामले में चर्चा में हैं, और कुछ दिन पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
    user_Anil Mishra patrkar
    Anil Mishra patrkar
    Photographer जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • राजधानी भोपाल स्थित विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव कार्य परिषद द्वारा शासन को भेजा गया है। भाजपा ने इस कदम को जनभावना और सनातन संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बताया है। यह प्रस्ताव भोपाल के बुद्धिजीवी वर्ग, आमजन और प्रबुद्ध जनों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर आधारित है, जिसमें विश्वविद्यालय का नाम महान शासक राजा भोज और विद्या की देवी बागदेवी के नाम पर रखने की बात कही गई थी। भाजपा के अनुसार, यह नामकरण भोपाल की विरासत और सनातन संस्कृति के लिए एक बड़ी सौगात होगा, क्योंकि राजा भोज भोपाल के गौरव हैं और बागदेवी विद्या की अधिष्ठात्री हैं। भाजपा ने इस पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति में अंधी होकर भोपाल की विरासत, संस्कृति और सनातन तक का विरोध कर रही है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से जनभावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया है। वर्तमान में, कार्य परिषद द्वारा भेजा गया यह प्रस्ताव राज्य सरकार के अंतिम निर्णय के लिए लंबित है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विश्वविद्यालय का आधिकारिक नाम 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' हो जाएगा।
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    राजधानी भोपाल स्थित विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' करने का प्रस्ताव कार्य परिषद द्वारा शासन को भेजा गया है। भाजपा ने इस कदम को जनभावना और सनातन संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बताया है। यह प्रस्ताव भोपाल के बुद्धिजीवी वर्ग, आमजन और प्रबुद्ध जनों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर आधारित है, जिसमें विश्वविद्यालय का नाम महान शासक राजा भोज और विद्या की देवी बागदेवी के नाम पर रखने की बात कही गई थी।

भाजपा के अनुसार, यह नामकरण भोपाल की विरासत और सनातन संस्कृति के लिए एक बड़ी सौगात होगा, क्योंकि राजा भोज भोपाल के गौरव हैं और बागदेवी विद्या की अधिष्ठात्री हैं। भाजपा ने इस पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति में अंधी होकर भोपाल की विरासत, संस्कृति और सनातन तक का विरोध कर रही है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से जनभावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया है।

वर्तमान में, कार्य परिषद द्वारा भेजा गया यह प्रस्ताव राज्य सरकार के अंतिम निर्णय के लिए लंबित है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विश्वविद्यालय का आधिकारिक नाम 'राजा भोज-बागदेवी विश्वविद्यालय' हो जाएगा।
    user_Manish Yadav
    Manish Yadav
    पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले में, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने घोषणा की है कि बम्होरी खास पंचायत कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान प्राप्त करेगी। यह कदम पंचायत को अपशिष्ट प्रबंधन में आदर्श बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
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    टीकमगढ़ जिले में, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने घोषणा की है कि बम्होरी खास पंचायत कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक अग्रणी स्थान प्राप्त करेगी। यह कदम पंचायत को अपशिष्ट प्रबंधन में आदर्श बनाने की दिशा में उठाया जा रहा है।
    user_MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    MUHAMMAD KHWAJA JOURNALIST
    Media company पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • टीकमगढ़ जिले के जतारा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिदारी, शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। एक खास रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों यह पंचायत इन बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। राम सिंह यादव जी के साथ इस खास रिपोर्ट में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है।
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    टीकमगढ़ जिले के जतारा विकास खंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिदारी, शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। एक खास रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों यह पंचायत इन बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। राम सिंह यादव जी के साथ इस खास रिपोर्ट में यह गंभीर मुद्दा उठाया गया है।
    user_राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़
    Spa पलेरा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • टीकमगढ़ में 04 जून 2026 को, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ तहसील में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें सभी प्रकरणों का निराकरण तहसील स्तर पर ही करने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, तहसीलदार बल्देवगढ़ डॉ. अनिल गुप्ता, नायब तहसीलदार, रीडर और समस्त राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्रोत्रिय ने राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुसार अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए पूर्व में भी अभियान चलाए गए हैं, और अभी भी प्रतिमाह दर्ज होने वाले प्रकरणों से अधिक का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की और तहसीलदार को इसे जल्द से जल्द बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि 15 दिन बाद इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फॉर्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए आधारभूत है और भविष्य में खाद वितरण तथा योजनाओं का लाभ लेने में यह बेहद उपयोगी सिद्ध होगी। पूर्व में लगाए गए शिविर में रिकॉर्ड सुधार के जो प्रकरण बाद में कार्यवाही के लिए लंबित थे, उनकी जानकारी सम्बंधित रीडर से ली गई और एसडीएम व तहसीलदार को ऐसे प्रकरणों का एक माह के भीतर निराकरण करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ एसडीएम और तहसीलदार को यह भी निर्देश दिया कि 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों के कामों को तत्परता से प्राथमिकता दें और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने पुन: सुनिश्चित करने को कहा कि बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र के सभी प्रकरणों का निराकरण तहसील मुख्यालय पर ही हो, ताकि किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
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    टीकमगढ़ में 04 जून 2026 को, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ तहसील में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें सभी प्रकरणों का निराकरण तहसील स्तर पर ही करने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, तहसीलदार बल्देवगढ़ डॉ. अनिल गुप्ता, नायब तहसीलदार, रीडर और समस्त राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्रोत्रिय ने राज्य शासन की प्राथमिकता के अनुसार अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए पूर्व में भी अभियान चलाए गए हैं, और अभी भी प्रतिमाह दर्ज होने वाले प्रकरणों से अधिक का निराकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री की प्रगति की भी समीक्षा की और तहसीलदार को इसे जल्द से जल्द बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि 15 दिन बाद इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फॉर्मर रजिस्ट्री किसानों के लिए आधारभूत है और भविष्य में खाद वितरण तथा योजनाओं का लाभ लेने में यह बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

पूर्व में लगाए गए शिविर में रिकॉर्ड सुधार के जो प्रकरण बाद में कार्यवाही के लिए लंबित थे, उनकी जानकारी सम्बंधित रीडर से ली गई और एसडीएम व तहसीलदार को ऐसे प्रकरणों का एक माह के भीतर निराकरण करने का निर्देश दिया गया। कलेक्टर श्रोत्रिय ने बल्देवगढ़ एसडीएम और तहसीलदार को यह भी निर्देश दिया कि 5 एकड़ से कम भूमि वाले छोटे किसानों के कामों को तत्परता से प्राथमिकता दें और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने पुन: सुनिश्चित करने को कहा कि बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र के सभी प्रकरणों का निराकरण तहसील मुख्यालय पर ही हो, ताकि किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
    user_ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    Farmer बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    50 min ago
  • खरगापुर/कुड़ीला से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कुड़ीला थाना क्षेत्र के ग्राम बरमे में बीमारी से परेशान एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने आत्मघाती कदम उठाते हुए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम खरगापुर में कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरमे की निवासी श्रीमती बाई सेन (62 वर्ष), जो छबिलाल सेन की पत्नी थीं, लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं। बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण वे अत्यधिक परेशान और मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने घर पर फाँसी लगा ली, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को फाँसी के फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खरगापुर भेजा, जहाँ पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है।
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    खरगापुर/कुड़ीला से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कुड़ीला थाना क्षेत्र के ग्राम बरमे में बीमारी से परेशान एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने आत्मघाती कदम उठाते हुए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम खरगापुर में कराया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरमे की निवासी श्रीमती बाई सेन (62 वर्ष), जो छबिलाल सेन की पत्नी थीं, लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं। बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण वे अत्यधिक परेशान और मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने घर पर फाँसी लगा ली, जिससे उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को फाँसी के फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खरगापुर भेजा, जहाँ पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है।
    user_रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जतारा क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही विद्युत व्यवस्था पर वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह गौर ने सख्त रुख अपनाया है। बिजली कटौती और खराब आपूर्ति से परेशान लोगों की शिकायतों के बाद, गौर ने संबंधित विद्युत अधिकारी को फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "15 मिनट में लाइट चालू होनी चाहिए, जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।" गौर ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी। मौके पर मौजूद लोगों ने गोविंद सिंह गौर के इस सख्त तेवर की सराहना की। आमजन ने उनके सक्रिय और कड़े रवैये को पसंद किया और इसे जनहित में उठाया गया एक प्रभावी कदम बताया। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
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    जतारा क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही विद्युत व्यवस्था पर वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह गौर ने सख्त रुख अपनाया है। बिजली कटौती और खराब आपूर्ति से परेशान लोगों की शिकायतों के बाद, गौर ने संबंधित विद्युत अधिकारी को फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "15 मिनट में लाइट चालू होनी चाहिए, जनता को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।" गौर ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी। मौके पर मौजूद लोगों ने गोविंद सिंह गौर के इस सख्त तेवर की सराहना की। आमजन ने उनके सक्रिय और कड़े रवैये को पसंद किया और इसे जनहित में उठाया गया एक प्रभावी कदम बताया। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि इस पहल से विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
    user_Mahendra Kumar Dubey
    Mahendra Kumar Dubey
    Voice of people जतारा, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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