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लखीमपुर खीरी - निघासन क्षेत्र में तेंदुए का एक बार फिर हमला, सिंगाही थाना क्षेत्र के अयोध्या पुरवा सिंहौना गांव का मामला बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार तेंदुए के हमले में 7 साल की एक बच्ची की मौत की खबर है, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कल भी खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों पर तेंदुए ने हमला किया था, जिसके बाद लगातार हमलों से लोगों में भय बढ़ गया है घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने की मांग तेज हो गई है
Rahul Gupta
लखीमपुर खीरी - निघासन क्षेत्र में तेंदुए का एक बार फिर हमला, सिंगाही थाना क्षेत्र के अयोध्या पुरवा सिंहौना गांव का मामला बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार तेंदुए के हमले में 7 साल की एक बच्ची की मौत की खबर है, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कल भी खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों पर तेंदुए ने हमला किया था, जिसके बाद लगातार हमलों से लोगों में भय बढ़ गया है घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने की मांग तेज हो गई है
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- लखीमपुर-खीरी। नवरात्रि के अंतिम दिन जनपद के मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के संकटा देवी मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों में सुबह से ही महिला और पुरुष भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए और पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा। वहीं पलिया क्षेत्र के पाण्डेय बाबा मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने माता रानी के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर पूजा-पाठ और दर्शन का क्रम चलता रहा। नवरात्रि के समापन पर श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इसके बाद कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराया और श्रद्धापूर्वक दक्षिणा देकर नवरात्रि व्रत का पारण किया। पूरे जिले में नवरात्रि के अंतिम दिन भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- उत्तर प्रदेश – आगरा में 8 वर्षीय बच्ची प्रज्ञा की हत्या करके लाश आटे के कनस्तर में पैक कर दी गई। ये कनस्तर किरायेदार सुनील के कमरे में रखा था। सुनील लापता है, उसी पर हत्या करने का शक है।1
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- लखीमपुर खीरी - निघासन क्षेत्र में तेंदुए का एक बार फिर हमला, सिंगाही थाना क्षेत्र के अयोध्या पुरवा सिंहौना गांव का मामला बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार तेंदुए के हमले में 7 साल की एक बच्ची की मौत की खबर है, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल कल भी खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों पर तेंदुए ने हमला किया था, जिसके बाद लगातार हमलों से लोगों में भय बढ़ गया है घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तेंदुए को पकड़ने की मांग तेज हो गई है1
- लखीमपुर खीरी - पलिया निघासन और गोला क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के लगातार हमलों से दहशत के साथ ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है, वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं एक दिन पहले खेतों में हमला करने वाले तेंदुए को ग्रामीणों ने साहस दिखाकर पकड़ लिया और बिना नुकसान पहुंचाए वन विभाग को सौंप दिया, इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा ग्रामीण पर मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कहने से लोगों में नाराजगी है ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों ने अपने लोगों को इन हमलों में खोया है, वही इस दर्द को समझ सकते हैं,1
- लखीमपुर। लखीमपुर की पुण्यभूमि ने एक बार फिर उस अद्भुत क्षण को साकार होते देखा, जब आस्था ने रंगों का रूप धारण कर लिया और भक्ति ने फूलों की वर्षा में अपनी मधुर अभिव्यक्ति दी। स्थानीय एलआरपी चौराहे के निकट स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में 25 मार्च को आयोजित “फूलों की होली - ब्रह्मोत्सव” ने श्रद्धा, संस्कृति और आध्यात्मिक उल्लास का ऐसा संगम रचा, जिसने उपस्थित हर हृदय को राधा-कृष्ण प्रेम में सराबोर कर दिया। सायं 4 बजे जैसे ही उत्सव का शुभारंभ हुआ, वातावरण “हरे कृष्ण” महामंत्र के दिव्य उद्घोषों से गूंज उठा।भक्ति की इस सुरसरिता में जब 501 किलोग्राम पुष्पों की वर्षा आरंभ हुई, तो हर ओर रंगों के स्थान पर फूलों की सुगंधित छटा बिखर गई, एक ऐसा दृश्य, जिसने समय को भी ठहरने पर विवश कर दिया। इस भव्य आयोजन की गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब परम पूज्य संत भक्ति आश्रय वैष्णव स्वामी महाराज जी का प्रथम बार लखीमपुर आगमन हुआ। उनके सान्निध्य एवं प्रवचन ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। साथ ही, प्रेम हरिनाम प्रभु (अध्यक्ष, इस्कॉन कानपुर) की पावन उपस्थिति ने भक्तों के उत्साह को और भी ऊँचाइयों तक पहुंचा दिया। कानपुर से पधारी कीर्तन मण्डली ने जब मृदंग और झांझ की थाप पर संकीर्तन प्रारंभ किया, तो भक्तजन स्वयं को थिरकने से रोक न सके। फूलों की वर्षा के बीच नृत्य करती श्रद्धा, झूमते भाव और भक्ति में डूबे चेहरे, यह सब मिलकर एक ऐसा अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे, जिसे शब्दों में बाँध पाना कठिन था। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत मधुर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। उनकी निष्कलुष अभिव्यक्तियों में भक्ति की सरलता और सच्चाई स्पष्ट झलक रही थी। इस अवसर पर मंदिर के नित्य सेवक भक्तों को विशेष उपहार भेंट कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई, यह भाव अपने आप में सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल बना। आयोजन के समापन पर भव्य भंडारे के माध्यम से सभी को प्रसाद वितरण किया गया, जहां हर श्रद्धालु ने प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण कर इस दिव्य अनुभव को अपने हृदय में संजो लिया। इस संपूर्ण आयोजन को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने में संयोजक सुनील मुकुंद प्रभु की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। उनके कुशल संयोजन और इस्कॉन परिवार के समर्पित प्रयासों ने इस ब्रह्मोत्सव को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति और प्रेम का जीवंत उत्सव बना दिया। यह “फूलों की होली” केवल रंगों का उत्सव नहीं थी, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक सेतु थी, एक ऐसा अनुभव, जिसने लखीमपुर की धरा को भक्ति के सुगंधित पुष्पों से सदा के लिए महका दिया। उक्त जानकारी नूतन मिश्रा, मीडिया प्रभारी एवं स्पर्श सिन्हा सह मीडिया प्रभारी द्वारा दी गई।4
- अंकित संवाद-शाहिद लखाही ASTv24 digital सिंगाही खीरी। थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक स्थानीय व्यक्ति ने थाने में तैनात दरोगा मोहित पर ₹6000 रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने घटनाक्रम को बताकर बनवाया वीडियो। पीड़ित ने बताया कि, 8 मार्च को उसके खेत में कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग बकरियां चरा रहे थे। जब उसका नाबालिग बेटा बकरियों को भगाने गया, तभी एक बकरी खेत के पास लगे तार में फंसकर मर गई। आरोप है कि इस बात को लेकर दबंगों ने बच्चे को बेरहमी से मारा, जिससे उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पड़ गए। घटना के बाद पीड़ित ने 8 मार्च को थाने में तहरीर दी। तहरीर आधार पर 9 मार्च को दर्ज मुकदमे में पुलिस ने पीड़ित के नाबालिग बेटे और आरोपियों—दोनों पर समान धाराएं लगा दीं। इससे पीड़ित ने न्याय न मिलने की बात कही।जिसपर घटना समय मौजूदा थाना प्रभारी ने मामले की विवेचना दरोगा मोहित को दी, मोहित दरोगा पीड़ित के घर पहुंचे, जहां उन्होंने उसे डराया-धमकाया और धाराएं हटाने के नाम पर ₹6000 ले लिए। जिसका वीडियो पीड़ित ने स्वतंत्रता पूर्वक बनवाकर कबूला। पीड़ित ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर उच्च अधिकारियों को ट्वीट के माध्यम से अवगत कराया। ट्वीट के बाद गुस्साए दरोगा मोहित फिर से पीड़ित के घर पहुंचे और उसपर वर्दी की धौंस दिखाते हुए दबाव बनाने लगे कि लिखित में दो की हमने कोई पैसा नहीं लिया। पीड़ित दरोगा के दबाव के कारण परेशान होकर पीड़ित घर से कहीं निकल गया रात भर घर नही आया।मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- पलिया (खीरी)। वर्ष 2012 में आई भीषण बाढ़ ने पलिया क्षेत्र के सिख फार्मरों की कमर तोड़ दी थी। ग्राम खैराना में शारदा नदी के उफान ने सैकड़ों एकड़ फसल को तबाह कर दिया था। हालात ऐसे हो गए थे कि किसानों को अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा था। हर साल आने वाली बाढ़ किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी थी। इस आपदा से परेशान सिख फार्मरों ने बाढ़ के प्रकोप से बचाव के लिए आस्था का सहारा लिया और ग्राम पंचायत निबुआबोझ के खैराना गांव में एक विशाल मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर में मां शारदा की स्थापना की गई। ग्रामीणों का मानना है कि मंदिर बनने के बाद से क्षेत्र में बाढ़ का संकट पूरी तरह थम गया है। निबुआबोझ की ग्राम प्रधान प्रभुजोत कौर और सन्दीप सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद से न तो बाढ़ आई और न ही किसानों की फसलें बर्बाद हुईं। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां भी नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। हर वर्ष 10 मई को यहां खेल प्रतियोगिता (टूर्नामेंट) का आयोजन होता है, जबकि 14 अगस्त को विशाल भंडारा आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मंदिर के नाम कई एकड़ जमीन दर्ज है, जिस पर खेती भी की जाती है। इसके लिए मंदिर के नाम एक ट्रैक्टर भी खरीदा गया है। मंदिर में एक पुजारी नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं, जबकि सेवादार भी व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं। ग्रामीणों के लिए यह मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आपदा से मुक्ति का प्रतीक बन चुका है।1