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सिमडेगा जिले के वार्ड नंबर 08 स्थित थानाटोली में पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। यह कार्य मनोज बड़ाईक के घर से अजित जी के घर तक किया जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल और वार्ड पार्षद कुलदीप किंडो ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस अवसर पर मनोज बड़ाईक, प्रभुदान केरकेट्टा, मोo सैमुलाह, अनिमा बिलुंग, सुशांति कुल्लू, अमित तिर्की सहित अन्य स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
Satyam kumar keshri
सिमडेगा जिले के वार्ड नंबर 08 स्थित थानाटोली में पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। यह कार्य मनोज बड़ाईक के घर से अजित जी के घर तक किया जाएगा। इस परियोजना का शिलान्यास नगर परिषद अध्यक्ष ओलिभर लकड़ा, उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल और वार्ड पार्षद कुलदीप किंडो ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस अवसर पर मनोज बड़ाईक, प्रभुदान केरकेट्टा, मोo सैमुलाह, अनिमा बिलुंग, सुशांति कुल्लू, अमित तिर्की सहित अन्य स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
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- गुमला के डुमरी प्रखंड में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पर्याप्त वर्षा होने के कारण खेतों में नमी आ गई है, जिससे खरीफ फसलों की खेती के लिए अनुकूल माहौल बन गया है। बुधवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, बारिश के बाद बड़ी संख्या में किसान हल, बैल और कृषि यंत्रों के साथ अपने खेतों में जुताई का कार्य शुरू करने में जुट गए हैं। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस वर्षा से धान की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा। खेतों में जुताई शुरू होने के साथ ही बीज की तैयारी और रोपाई की योजनाओं ने भी गति पकड़ ली है। गांवों में सुबह से ही खेतों की ओर जाते किसानों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह संतुलित बारिश होती रही तो इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद है। इस बारिश ने न केवल खेतों में नई जान फूंकी है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी का उत्साह भी बढ़ा दिया है। पूरे क्षेत्र में खेती के अनुकूल वातावरण बनने से किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद के साथ खरीफ मौसम की तैयारियों में जुट गए हैं।1
- देवेंद्रनाथ महतो ने कोयला आंदोलन के संबंध में एक सशक्त घोषणा की है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा है कि यह आंदोलन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। महतो ने चुनौती देते हुए कहा कि चाहे उन्हें जेल में डाल दिया जाए या उनका एनकाउंटर ही क्यों न कर दिया जाए, वे पीछे नहीं हटेंगे। यह बयान झारखंड के लातेहार क्षेत्र में चल रहे इस आंदोलन की अडिग भावना को दर्शाता है।1
- Post by Har Har🚩 Mahadev🛐1
- झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत चांपी गांव में WCSF CharitySpirit Foundation ने "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पलांडू, रांची के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़कर खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना था। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 200 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ICAR, पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित पोषण प्रबंधन, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती जैसी उन्नत कृषि तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से धान, दलहन, तिलहन और सब्जी फसलों की उन्नत खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल चक्र के बारे में प्रशिक्षित किया। वैज्ञानिकों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को अपनाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करें। कार्यक्रम के दौरान, किसानों के बीच धान, सोयाबीन, उड़द, खीरा, कद्दू, लाल भाजी, गांधारी साग, लाल भंडारी साग, मिर्च, टमाटर, बैंगन और धनिया सहित विभिन्न उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण बीजों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। WCSF CharitySpirit Foundation के संस्थापक श्री जितेंद्र कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का लक्ष्य किसानों को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ही प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। संस्था की स्टेट कोऑर्डिनेटर सुश्री प्रियंका कुमारी ने भी उपस्थित रहकर किसानों को संस्था के कृषि, महिला सशक्तिकरण, आजीविका एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी और वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के समापन पर, किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और संस्था तथा कृषि वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें आधुनिक खेती की नई तकनीकों से अवगत कराते हैं, जिससे वे अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। WCSF CharitySpirit Foundation की यह पहल किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने, कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।1
- एक ज़मीन विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, जहाँ दोनों पक्षों ने फ़ोन पर क्रोध व्यक्त किया है। विवाद के बढ़ने से भयावह स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में, जिला प्रशासन से अपील की गई है कि वे इस मामले का संज्ञान लें ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।1
- छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में जनसुनवाई के दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- शाला प्रवेश उत्सव के दौरान एक बार फिर माहौल गरमा गया। इस कार्यक्रम में विधायक के गुस्से के कारण काफी हलचल मच गई, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।1
- झारखंड के चौपारण स्थित सियारकोनी की ओर जाते समय एक बेहद चौंकाने वाला नज़ारा सामने आया। इस दृश्य ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इसी तरह से पर्यावरण को दूषित किया जा रहा है।1