logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बलरामपुर जिले में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहाँ जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के खेल मैदान में जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास में रेडक्रोस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, एसपी श्री वैभव बैंकर, डीएफओ श्री आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। जिले के योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रार्थना, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, योग निद्रासन, मकरासन जैसे विविध योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया, जिससे लोगों ने योग के महत्व को समझा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर, प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है और योग अब विश्व भर में स्वास्थ्य, संतुलन तथा मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन गया है। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम न मानकर शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान बताया, जो व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा देता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करने वाली प्राचीन भारतीय साधना बताया और सभी नागरिकों से इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नियमित रूप से योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी दिलाया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जनसमूह को 'नशामुक्त भारत' के निर्माण का संकल्प दिलाया, स्वस्थ और सशक्त समाज के लिए योग तथा नशामुक्त जीवनशैली के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं से योग अपनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही, जिले के विभिन्न विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धा आश्रमों और ऐतिहासिक धरोहरों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नियमित योग का संकल्प लिया। कार्यक्रम के पश्चात, प्रभारी मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल में अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के लिए जागरूकता फैलाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्काउट-गाइड, रोवर और रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना और अनुशासन, सेवा भावना व राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

2 hrs ago
user_ANIL XALXO
ANIL XALXO
Farmer राजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
99b3039f-a862-457f-872b-35dbdeb38865

बलरामपुर जिले में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहाँ जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के खेल मैदान में जिला स्तरीय सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास में रेडक्रोस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, उपाध्यक्ष श्रीमती बबली देवी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, एसपी श्री वैभव बैंकर, डीएफओ श्री आलोक वाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। जिले के योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रार्थना, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, योग निद्रासन, मकरासन जैसे विविध योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया, जिससे लोगों ने योग के महत्व को समझा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर, प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है और योग अब विश्व भर में स्वास्थ्य, संतुलन तथा मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन गया है। उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम न मानकर शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का

db26e9d8-e23c-4421-a19a-c3d83405f8de

विज्ञान बताया, जो व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा देता है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करने वाली प्राचीन भारतीय साधना बताया और सभी नागरिकों से इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को नियमित रूप से योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी दिलाया। वहीं, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जनसमूह को 'नशामुक्त भारत' के निर्माण का संकल्प दिलाया, स्वस्थ और सशक्त समाज के लिए योग तथा नशामुक्त जीवनशैली के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं से योग अपनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही, जिले के विभिन्न विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धा आश्रमों और ऐतिहासिक धरोहरों में भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नियमित योग का संकल्प लिया। कार्यक्रम के पश्चात, प्रभारी मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पहल में अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के लिए जागरूकता फैलाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्काउट-गाइड, रोवर और रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना और अनुशासन, सेवा भावना व राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।

More news from Chhattisgarh and nearby areas
  • गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र से हाल ही में एक हृदयस्पर्शी ट्रैप कैमरा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाथियों का एक झुंड अपने नन्हे शावकों के साथ लगभग 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटी झिरिया में पानी पीते और स्नान करते दिख रहा है। यह दृश्य भीषण गर्मी और जल संकट के दौरान प्रकृति-आधारित छोटे हस्तक्षेपों की जीवनदायिनी भूमिका को स्पष्ट करता है। 'झिरिया' रेतीली परतों को खोदकर प्राप्त होने वाला भूमिगत जल प्रवाह का एक पारंपरिक स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, लंबे शुष्क काल और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के मद्देनजर, यूएसटीआर ने अपने क्षेत्र में जल संवर्धन का व्यापक अभियान चलाकर 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया है, साथ ही वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने 'सुपर एल-नीनो' या 'गॉडज़िला एल-नीनो' की आशंका व्यक्त की है, जिससे असामान्य रूप से उच्च तापमान, अनियमित वर्षा, दीर्घकालीन सूखा और भीषण गर्मी हो सकती है। ऐसी चरम परिस्थितियों में जल और चारे की कमी से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की संभावना बढ़ती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हो सकती है। यूएसटीआर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के साथ-साथ 100 से अधिक गाँवों का भी आश्रय स्थल है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए यूएसटीआर दूरस्थ वन क्षेत्रों में 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण व रख-रखाव, 34 सौर ऊर्जा संचालित जल पंपों का संचालन, जल उपलब्धता और वन्यजीव गतिविधियों की निरंतर निगरानी, हाथियों की आवाजाही के लिए प्रारंभिक चेतावनी व संघर्ष न्यूनीकरण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा वन क्षेत्र के भीतर पर्याप्त जल एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर वन्यजीवों के गाँवों की ओर आने की संभावना को कम करने जैसे सक्रिय उपाय कर रहा है। इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व ने संरक्षण और गश्त को भी मजबूत किया है। इसी क्रम में, यूएसटीआर के कर्मचारियों ने हाल ही में ओडिशा के कटफाड़, कुसुमखुंटा और खिपरीमाल गाँवों के सात शिकारियों को झिरियाओं में जहरीले पदार्थ डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। यदि यह कृत्य सफल हो जाता, तो हाथियों, मांसाहारियों और शाकाहारी वन्यजीवों सहित अनेक प्रजातियों की सामूहिक मृत्यु हो सकती थी, जो इन जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सतत सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है। कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का आनंद लेते हुए यह दृश्य साफ दर्शाता है कि समय पर किए गए आवास प्रबंधन के प्रयास वन क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन की चरम परिस्थितियों के प्रति अधिक सक्षम और लचीला बनाते हैं। जैसा कि कहा गया है, "गर्मी के चरम समय में जल से भरी प्रत्येक झिरिया केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा है। ये झिरियाएँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।'' उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इसके भीतर एवं आसपास निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    1
    गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (यूएसटीआर) के कुल्हाड़ीघाट परिक्षेत्र से हाल ही में एक हृदयस्पर्शी ट्रैप कैमरा वीडियो सामने आया है, जिसमें हाथियों का एक झुंड अपने नन्हे शावकों के साथ लगभग 3,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित एक छोटी झिरिया में पानी पीते और स्नान करते दिख रहा है। यह दृश्य भीषण गर्मी और जल संकट के दौरान प्रकृति-आधारित छोटे हस्तक्षेपों की जीवनदायिनी भूमिका को स्पष्ट करता है। 'झिरिया' रेतीली परतों को खोदकर प्राप्त होने वाला भूमिगत जल प्रवाह का एक पारंपरिक स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, लंबे शुष्क काल और बढ़ते तापमान की चुनौतियों के मद्देनजर, यूएसटीआर ने अपने क्षेत्र में जल संवर्धन का व्यापक अभियान चलाकर 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण किया है, साथ ही वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 34 सौर ऊर्जा संचालित पंप भी स्थापित किए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने 'सुपर एल-नीनो' या 'गॉडज़िला एल-नीनो' की आशंका व्यक्त की है, जिससे असामान्य रूप से उच्च तापमान, अनियमित वर्षा, दीर्घकालीन सूखा और भीषण गर्मी हो सकती है। ऐसी चरम परिस्थितियों में जल और चारे की कमी से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की संभावना बढ़ती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में वृद्धि हो सकती है। यूएसटीआर की एक अनूठी विशेषता यह है कि यह हाथियों, बाघों, तेंदुओं और अन्य वन्य प्रजातियों के साथ-साथ 100 से अधिक गाँवों का भी आश्रय स्थल है, इसलिए यहाँ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों दोनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए यूएसटीआर दूरस्थ वन क्षेत्रों में 800 से अधिक झिरियाओं का निर्माण व रख-रखाव, 34 सौर ऊर्जा संचालित जल पंपों का संचालन, जल उपलब्धता और वन्यजीव गतिविधियों की निरंतर निगरानी, हाथियों की आवाजाही के लिए प्रारंभिक चेतावनी व संघर्ष न्यूनीकरण तंत्र को सुदृढ़ करना तथा वन क्षेत्र के भीतर पर्याप्त जल एवं चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कर वन्यजीवों के गाँवों की ओर आने की संभावना को कम करने जैसे सक्रिय उपाय कर रहा है।

इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए टाइगर रिजर्व ने संरक्षण और गश्त को भी मजबूत किया है। इसी क्रम में, यूएसटीआर के कर्मचारियों ने हाल ही में ओडिशा के कटफाड़, कुसुमखुंटा और खिपरीमाल गाँवों के सात शिकारियों को झिरियाओं में जहरीले पदार्थ डालने की कोशिश करते हुए पकड़ा। यदि यह कृत्य सफल हो जाता, तो हाथियों, मांसाहारियों और शाकाहारी वन्यजीवों सहित अनेक प्रजातियों की सामूहिक मृत्यु हो सकती थी, जो इन जल स्रोतों के पारिस्थितिक महत्व और उनकी सतत सुरक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

कुल्हाड़ीघाट की झिरिया में हाथियों और उनके शावकों का आनंद लेते हुए यह दृश्य साफ दर्शाता है कि समय पर किए गए आवास प्रबंधन के प्रयास वन क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन की चरम परिस्थितियों के प्रति अधिक सक्षम और लचीला बनाते हैं। जैसा कि कहा गया है, "गर्मी के चरम समय में जल से भरी प्रत्येक झिरिया केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जीवनरेखा है। ये झिरियाएँ मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करने, जैव विविधता के संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं।'' उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ इसके भीतर एवं आसपास निवास करने वाले लोगों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
    user_Www.Chirghar.com
    Www.Chirghar.com
    पत्रकार Bindranavagarh(Gariyaband), Chhattisgarh•
    23 hrs ago
  • बांदे थाना क्षेत्र में लंबित एक 20 साल पुराना भूमि विवाद पुलिस और सामाजिक पहल के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।
    1
    बांदे थाना क्षेत्र में लंबित एक 20 साल पुराना भूमि विवाद पुलिस और सामाजिक पहल के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया है।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    30 min ago
  • गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद पुलिस द्वारा 'मिशन जन मित्र' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत हथबाय के अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव चिखली में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिखली में लगभग 40-45 परिवार निवास करते हैं और यहाँ मुख्य रूप से विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग रहते हैं। इस गाँव में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पैरीघूमर भी है, जहाँ एक स्टाप डेम स्थित है। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हथबाय की सरपंच, गाँव के गणमान्य नागरिक, और बड़ी संख्या में महिलाएँ व बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना था। पुलिस अधिकारियों ने नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि यह पूरे परिवार व समाज के लिए घातक है, अपराधों को जन्म देता है और पारिवारिक कलह व बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। ग्रामीणों से अवैध नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग की अपील की गई। साइबर अपराधों के संबंध में, उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए और लालच, फर्जी लिंक या संदिग्ध कॉल से सावधान रहने को कहा गया। किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। यातायात सुरक्षा पर हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाने की सलाह दी गई, ताकि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर, ग्रामीणों को गरियाबंद पुलिस के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया; जिन लोगों के पास सोशल मीडिया अकाउंट थे, उनसे मौके पर ही आधिकारिक पेज को फॉलो भी करवाया गया। पुलिस ने बताया कि इन माध्यमों से जनहितकारी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाती हैं, जो नागरिकों के लिए उपयोगी होती हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को पैरीघूमर स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा छोटे-छोटे व्यवसाय एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और युवतियों को जिला मुख्यालय में संचालित सिलाई, कढ़ाई व अन्य कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने की जानकारी दी गई। प्रतिभावान विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यह जनजागरूकता कार्यक्रम पुलिस और ग्रामीणों के बीच आत्मीय संवाद और सक्रिय सहभागिता का एक मंच बना, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
    1
    गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन में गरियाबंद पुलिस द्वारा 'मिशन जन मित्र' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में, ग्राम पंचायत हथबाय के अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव चिखली में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिखली में लगभग 40-45 परिवार निवास करते हैं और यहाँ मुख्य रूप से विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग रहते हैं। इस गाँव में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पैरीघूमर भी है, जहाँ एक स्टाप डेम स्थित है। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हथबाय की सरपंच, गाँव के गणमान्य नागरिक, और बड़ी संख्या में महिलाएँ व बच्चों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यातायात नियमों, साइबर अपराधों और नशामुक्ति के प्रति जागरूक करना था। पुलिस अधिकारियों ने नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान पर प्रकाश डाला, यह भी बताया कि यह पूरे परिवार व समाज के लिए घातक है, अपराधों को जन्म देता है और पारिवारिक कलह व बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। ग्रामीणों से अवैध नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज बनाने में सहयोग की अपील की गई। साइबर अपराधों के संबंध में, उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए गए और लालच, फर्जी लिंक या संदिग्ध कॉल से सावधान रहने को कहा गया। किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। यातायात सुरक्षा पर हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन न चलाने की सलाह दी गई, ताकि स्वयं और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस अवसर पर, ग्रामीणों को गरियाबंद पुलिस के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया; जिन लोगों के पास सोशल मीडिया अकाउंट थे, उनसे मौके पर ही आधिकारिक पेज को फॉलो भी करवाया गया। पुलिस ने बताया कि इन माध्यमों से जनहितकारी और महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाती हैं, जो नागरिकों के लिए उपयोगी होती हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को पैरीघूमर स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा छोटे-छोटे व्यवसाय एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इसके अतिरिक्त, बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और युवतियों को जिला मुख्यालय में संचालित सिलाई, कढ़ाई व अन्य कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने की जानकारी दी गई। प्रतिभावान विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय में उपलब्ध निःशुल्क कोचिंग सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

यह जनजागरूकता कार्यक्रम पुलिस और ग्रामीणों के बीच आत्मीय संवाद और सक्रिय सहभागिता का एक मंच बना, जिससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं समन्वय को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    30 min ago
  • केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम ने हाल ही में बीजापुर के स्थानीय पुनर्वास केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने 107 आत्मसमर्पित लोगों से आत्मीय संवाद किया। योग कार्यक्रम के बाद पुनर्वास केंद्र पहुँचे विधायक ने उन सभी से बातचीत की, जो पहले नक्सली संगठन का हिस्सा थे लेकिन अब हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने आत्मसमर्पितों का हालचाल जाना और केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण भी किया। विधायक टेकाम ने इस मुलाकात के बाद कहा कि उनके चेहरों पर दिख रहा बदलाव का भरोसा ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर में भय और अशांति के दिन अब इतिहास बन रहे हैं। विधायक ने इस ऐतिहासिक परिणाम का श्रेय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन और प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार की सुदृढ़ सुरक्षा एवं पुनर्वास नीति को दिया, जिसके चलते भटके हुए लोग मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी डबल-इंजन सरकार इन सभी युवाओं को न केवल सुरक्षा की गारंटी दे रही है, बल्कि उनके बेहतर रोजगार, कौशल विकास और एक सम्मानजनक भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विधायक टेकाम ने कहा कि अब बीजापुर बंदूक से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास से आगे बढ़ेगा।
    2
    केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीलकंठ टेकाम ने हाल ही में बीजापुर के स्थानीय पुनर्वास केंद्र का दौरा किया, जहाँ उन्होंने 107 आत्मसमर्पित लोगों से आत्मीय संवाद किया। योग कार्यक्रम के बाद पुनर्वास केंद्र पहुँचे विधायक ने उन सभी से बातचीत की, जो पहले नक्सली संगठन का हिस्सा थे लेकिन अब हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने आत्मसमर्पितों का हालचाल जाना और केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण भी किया।

विधायक टेकाम ने इस मुलाकात के बाद कहा कि उनके चेहरों पर दिख रहा बदलाव का भरोसा ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर में भय और अशांति के दिन अब इतिहास बन रहे हैं। विधायक ने इस ऐतिहासिक परिणाम का श्रेय आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन और प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार की सुदृढ़ सुरक्षा एवं पुनर्वास नीति को दिया, जिसके चलते भटके हुए लोग मुख्यधारा में वापस आ रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि उनकी डबल-इंजन सरकार इन सभी युवाओं को न केवल सुरक्षा की गारंटी दे रही है, बल्कि उनके बेहतर रोजगार, कौशल विकास और एक सम्मानजनक भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विधायक टेकाम ने कहा कि अब बीजापुर बंदूक से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास से आगे बढ़ेगा।
    user_Hemraj Bhardwaj
    Hemraj Bhardwaj
    सवांददाता फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    52 min ago
  • नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
    1
    नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
    user_Atul Netam
    Atul Netam
    Local News Reporter नारायणपुर, नारायणपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • नाप तौल विभाग ने शास्त्री मार्केट में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
    1
    नाप तौल विभाग ने शास्त्री मार्केट में एक बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, विभाग ने महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की है, जिसमें यह बताया गया है कि उपभोक्ताओं और दुकानदारों को किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
    user_सत्य के अंजोर न्यूज
    सत्य के अंजोर न्यूज
    TV News Anchor औदगी, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • अंतागढ़ पुलिस ने हाल ही में 10 लाख रुपये से अधिक की शराब और अन्य सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
    1
    अंतागढ़ पुलिस ने हाल ही में 10 लाख रुपये से अधिक की शराब और अन्य सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है।
    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।
    1
    फरसगांव नगर के बड़ेडोंगर रोड पर स्थित एक चिकन-मटन दुकान के पास शनिवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पैदल जा रहे अंकित बघेल को बाइक सवार प्रवेश मंडावी और शिवलाल ने टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित हो गई।

अनियंत्रित हुई बाइक इसके तुरंत बाद एक पिकअप वाहन से जा भिड़ी। इस पूरे हादसे में तीनों युवक घायल हो गए, जिनमें से दो को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव रेफर किया गया है।
    user_Tomesh Rana
    Tomesh Rana
    फरसगाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.