अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे. कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा छोड़े जाने से रास्ते का बड़ा हिस्सा आज भी कच्चा पड़ा है। बारिश होते ही रास्ते पर जगह-जगह पानी भर जाता है और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। मंगलवार को समस्या से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण पूरा कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्ष पहले रास्ते को पक्का कराने की मांग तत्कालीन ग्राम प्रधान से की गई थी। इसके बाद इंटरलॉकिंग का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कुछ हिस्सा तैयार करने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में रास्ते पर कई फुट तक पानी भर जाता है, जिससे यह तालाब जैसा नजर आने लगता है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुनील कुमार, मुकेश कुमार, अलकेश कुमार, अनुज कुमार, राजेंद्र सिंह, अखलेश कुमार, रणवीर सिंह, सोनेलाल, अमित कुमार, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, देवेंद्र सिंह, सचिन कुमार, विनीता कुमारी, सीता देवी, संध्या देवी, आरती, सुनैना, मालती, बिट्टी देवी और कांति देवी ने बताया कि रास्ते की बदहाली से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। कई बार बच्चे और राहगीर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में कराए गए निर्माण कार्य को कागजों में पूरा दर्शाया गया, जबकि मौके पर सड़क अधूरी है। उन्होंने वर्तमान ग्राम प्रधान पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य को जल्द पूरा कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे. कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा छोड़े जाने से रास्ते का बड़ा हिस्सा आज भी कच्चा पड़ा है। बारिश होते ही रास्ते पर जगह-जगह पानी भर जाता है और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। मंगलवार को समस्या से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण पूरा कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्ष पहले रास्ते को पक्का कराने की मांग तत्कालीन ग्राम प्रधान से की गई थी। इसके बाद इंटरलॉकिंग का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कुछ हिस्सा तैयार करने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में रास्ते पर कई फुट तक पानी भर जाता है, जिससे यह तालाब जैसा नजर आने लगता है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुनील कुमार, मुकेश कुमार, अलकेश कुमार, अनुज कुमार, राजेंद्र सिंह, अखलेश कुमार, रणवीर सिंह, सोनेलाल, अमित कुमार, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, देवेंद्र सिंह, सचिन कुमार, विनीता कुमारी, सीता देवी, संध्या देवी, आरती, सुनैना, मालती, बिट्टी देवी और कांति देवी ने बताया कि रास्ते की बदहाली से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। कई बार बच्चे और राहगीर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में कराए गए निर्माण कार्य को कागजों में पूरा दर्शाया गया, जबकि मौके पर सड़क अधूरी है। उन्होंने वर्तमान ग्राम प्रधान पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य को जल्द पूरा कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।
- अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे. कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ अधूरी सड़क पर जलभराव से ग्रामीण परेशान कीरतपुर में इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा, बारिश में तालाब बन जाता है रास्ता जसवंतनगर। यमुना नदी किनारे बसे कीरतपुर गांव में अधूरी सड़क और जलभराव ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इंटरलॉकिंग कार्य अधूरा छोड़े जाने से रास्ते का बड़ा हिस्सा आज भी कच्चा पड़ा है। बारिश होते ही रास्ते पर जगह-जगह पानी भर जाता है और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। मंगलवार को समस्या से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण पूरा कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्ष पहले रास्ते को पक्का कराने की मांग तत्कालीन ग्राम प्रधान से की गई थी। इसके बाद इंटरलॉकिंग का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन कुछ हिस्सा तैयार करने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में रास्ते पर कई फुट तक पानी भर जाता है, जिससे यह तालाब जैसा नजर आने लगता है। पानी में गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण राहगीरों के गिरकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण सुनील कुमार, मुकेश कुमार, अलकेश कुमार, अनुज कुमार, राजेंद्र सिंह, अखलेश कुमार, रणवीर सिंह, सोनेलाल, अमित कुमार, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, देवेंद्र सिंह, सचिन कुमार, विनीता कुमारी, सीता देवी, संध्या देवी, आरती, सुनैना, मालती, बिट्टी देवी और कांति देवी ने बताया कि रास्ते की बदहाली से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है। कई बार बच्चे और राहगीर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व में कराए गए निर्माण कार्य को कागजों में पूरा दर्शाया गया, जबकि मौके पर सड़क अधूरी है। उन्होंने वर्तमान ग्राम प्रधान पर भी समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे इंटरलॉकिंग कार्य को जल्द पूरा कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- *इटावा में मासूमों की जान से खिलवाड़ ओवरलोड ई-रिक्शा में 12 से ज्यादा बच्चें रास्ते में बंद हुआ वाहन तो मासूमों से लगवाया धक्का* इटावा जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नौरंगाबाद क्षेत्र से मंगलवार सुबह सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए दिखाया गया है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ई-रिक्शा में 12 से अधिक छोटे-छोटे बच्चे सवार थे। बच्चों को वाहन में बेहद कम जगह में बैठाया गया था। इसी दौरान रास्ते में ई-रिक्शा बंद हो गया। इसके बाद चालक ने वाहन को स्टार्ट कराने के लिए बच्चों को नीचे उतार दिया और उनसे सड़क पर ई-रिक्शा को धक्का लगवाता नजर आया। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि स्कूली बच्चों को इस तरह क्षमता से अधिक संख्या में ई-रिक्शा में बैठाकर ले जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को ढोने वाले ऐसे ओवरलोड वाहनों पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं है? वायरल वीडियो ने परिवहन और यातायात व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग ई-रिक्शा चालक और वाहन के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- भिंड ब्रेकिंग 5000 के इनामी फरार आरोपी को किया गया गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया ब्रेकिंग न्यूज़ | भिंड ₹5 हजार का इनामी फरार आरोपी गिरफ्तार, एंडोरी पुलिस को मिली बड़ी सफलता भिंड जिले के एंडोरी थाना पुलिस ने ₹5,000 के इनामी फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, 20 मार्च 2026 को फरियादी की शिकायत पर थाना एंडोरी में अपराध क्रमांक 27/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 64(2)F, 64(2)K बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक भिंड सरोज कुमार वर्मा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल एवं एसडीओपी गोहद महेंद्र सिंह गौतम के मार्गदर्शन में एंडोरी थाना प्रभारी उनि. विवेक प्रभात ने पुलिस टीम गठित की। 9 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खनेता से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय गोहद में प्रस्तुत किया। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक भिंड द्वारा ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में थाना प्रभारी विवेक प्रभात सहित पुलिस टीम के जवानों की सराहनीय भूमिका रही।1
- पहले बीजेपी की सांसद और अब एक मुख्यमंत्री ने लगाई अधिकारिओ को फटकार!!! दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अफ़सरों को ग़ुस्से में खूब फटकार लगा रही हैं… ऐसे अधिकारिओ को तो तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए ( जनता की मांग) पहले बीजेपी की सांसद और अब एक मुख्यमंत्री ने लगाई अधिकारिओ को फटकार!!! दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अफ़सरों को ग़ुस्से में खूब फटकार लगा रही हैं… ऐसे अधिकारिओ को तो तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए ( जनता की मांग) देखते हैं मुख्यमंत्री की फटकार का क्या असर होता है...1
- भिंड:गोरई के पास स्कूल और डंम्पर में भिंड़त,6 बच्चे घायल रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोरई के पास स्कूल बस पर डंम्पर की भिंडन्त हो जाने से स्कूल में सबार करीब 6 बच्चे घायल हो गए।दरअसल बुधबार की रोज सुबह करीब 8 बजे अमर ज्योति स्कूल बस पढोरा से स्कूल के बच्चे लेकर रौन में अमर ज्योति स्कूल जा रही थी तभी अचानक सामने से आमने डंम्पर ओर स्कूल बस की आमने सामने भिंडन्त हो गई जिससे स्कूल बस में सबार करीब 6 बच्चे घायल हो गए जिन्हें रौन अस्प्ताल ले जाया गया तो मौके पर मौजूद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार देकर चार बच्चों की स्थित गम्भीर होने की बजह जिला अस्पताल रेफर कर दिया जिसके बाद घायल चार बच्चों को आगे के इलाज के लिए जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया है1
- रिश्तेदारी में आए युवक से मारपीट, सिर में लगी चोट पीड़ित ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की जसवंतनगर। नगला बांके समथर निवासी प्रदीप कुमार ग्राम निलोई में रिश्तेदारी में आया था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोककर मारपीट कर दी। मारपीट में उसके सिर में चोट लग गई। पीड़ित ने जसवंतनगर थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।1
- कब्रिस्तान में महिला की लाश के साथ रेप किया, लाश जिंदा हुई पुलिस और लोगों के भी होश उड़ गए1
- तेज रफ्तार बस ने डंपर में मारी टक्कर, 8 बच्चे घायल; चार जिला अस्पताल रेफर भिण्ड। रौन थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी बस और डंपर की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बस में सवार 38 बच्चों में से 8 बच्चे घायल हो गए। इनमें चार बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें रौन अस्पताल से जिला अस्पताल भिण्ड रेफर किया गया जहां उनका इलाज जारी है। वहीं अन्य घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।जानकारी के अनुसार अमर ज्योति पब्लिक स्कूल, रौन की बस सुबह करीब 7:30 बजे पड़ोरा से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। गौरई रोड पर सामने से आ रहे डंपर से बस की टक्कर हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार बस तेज गति में थी और गलत साइड जाकर डंपर से टकराई। पुलिस ने भी प्रारंभिक जांच में हादसे के लिए बस चालक की गलती बताई है। हादसे के बाद घायल बच्चों को पहले रौन अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया। स्कूल संचालक आरबीएस तोमर भी बच्चों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। यहां मीडिया कर्मियों से अभद्रता करने और स्कूल स्टाफ द्वारा एक चैनल के माइक को छीनकर फेंकने की बात सामने आई। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों से मीडिया की बातचीत भी नहीं होने दी।1