सरगुजा में साइबर ठगी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी अंबिकापुर, 30 मार्च 2026। जिला सरगुजा में साइबर ठगी से अर्जित रकम के हेरफेर के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी आपस में मिलकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करते थे। आरोपियों ने एक प्रार्थी के खाते के माध्यम से 48,500 रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल ली थी। मामले में गांधीनगर निवासी प्रार्थी शौर्य प्रताप ने 29 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका परिचित ऋत्विक सिंह, जो डेयरी और चाय दुकान चलाता था, ने दिसंबर 2024 में उसे झांसे में लेकर 48,500 रुपये मंगवाए और एटीएम के जरिए रकम निकाल ली। बाद में खाते में साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों के कारण खाता होल्ड हो गया। जांच के दौरान सामने आया कि ऋत्विक सिंह अपने साथी अमन गुप्ता के साथ मिलकर कई लोगों के खातों का उपयोग ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन के लिए कर रहा था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक खातों के माध्यम से फ्रॉड करने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस ने पियुष तिवारी को भी गिरफ्तार किया, जिसके खाते में भी कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और लेन-देन से संबंधित डाटा जब्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम की भूमिका इस कार्रवाई में थाना गांधीनगर के उप निरीक्षक दिलीप दुबे, एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस की अपील: साइबर ठगी से बचने के लिए अपने बैंक खाते, एटीएम और व्यक्तिगत जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।
सरगुजा में साइबर ठगी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी अंबिकापुर, 30 मार्च 2026। जिला सरगुजा में साइबर ठगी से अर्जित रकम के हेरफेर के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा की गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी आपस में मिलकर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करते थे। आरोपियों ने एक प्रार्थी के खाते के माध्यम से 48,500 रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन कर रकम निकाल ली थी। मामले में गांधीनगर निवासी प्रार्थी शौर्य प्रताप ने 29 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका परिचित ऋत्विक सिंह, जो डेयरी और चाय दुकान चलाता था, ने दिसंबर 2024 में उसे झांसे में लेकर 48,500 रुपये मंगवाए और एटीएम के जरिए रकम निकाल ली। बाद में खाते में साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों के कारण खाता होल्ड हो गया। जांच के दौरान सामने आया कि ऋत्विक सिंह अपने साथी अमन गुप्ता के साथ मिलकर कई लोगों के खातों का उपयोग ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन के लिए कर रहा था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक खातों के माध्यम से फ्रॉड करने की बात स्वीकार की। इस मामले में पुलिस ने पियुष तिवारी को भी गिरफ्तार किया, जिसके खाते में भी कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और लेन-देन से संबंधित डाटा जब्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस टीम की भूमिका इस कार्रवाई में थाना गांधीनगर के उप निरीक्षक दिलीप दुबे, एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। पुलिस की अपील: साइबर ठगी से बचने के लिए अपने बैंक खाते, एटीएम और व्यक्तिगत जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- साइबर ठगी का बड़ा खुलासा बैंक खातों की खरीद फरोख्त करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार...... डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा मामले मे आरोपियों के विरुद्ध की गई सख्त वैधानिक कार्यवाही। आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री कर घटना कर रहे थे कारित। आरोपियों द्वारा प्रार्थी के एकाउंट मे अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम कुल 48500/- रुपये का ट्रांजेक्शन करवाकर रकम निकलावकर कारित की गई थी घटना। मामले मे शामिल अन्य आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा है, फरार आरोपियों कों शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायगा। मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी शौर्य प्रताप साकिन गांधीनगर हनुमान मंदिर के पास थाना गांधीनगर द्वारा दिनांक 29/03/26 को थाना गांधीनगर आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी का ऋत्विक सिंह निवासी सब्जी मार्केट के पीछे गांधीनगर से बहुत पहले से परिचय है जो दुध डेयरी और चाय दुकान का संचालन करता था। इस दौरान दिसम्बर 2024 मे ऋत्विक सिंह प्रार्थी के घर आकर उसका खाता काम नहीं करने की बात बोलकर झांसे मे लेकर 48500/- रुपये डेयरी का रकम बोलकर मंगा लिया एवं एटीएम लेकर उक्त रकम निकाल लिया, उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी का खाता होल्ड हो गया था। खाता के सम्बन्ध मे अग्रिम जानकारी लेने पर अपराध/साइबर ठगी से सम्बंधित रकम लेंन देन करने पर खाता होल्ड होने की जानकारी प्रार्थी को प्राप्त हुई है, इसी दौरान प्रार्थी को जानकारी मिला कि रित्विक सिंह अपने दोस्त अमन गुप्ता निवासी देवीगंज रोड अम्बिकापुर के साथ मिलकर इसी प्रकार से कई लोगों के खाता में रूपये मंगाये है। मामले मे प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर मे अपराध क्रमांक 168/26 धारा 318(4),3(5) बी. एन. एस. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। मामले को संज्ञान मे लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा थाना गांधीनगर पुलिस टीम को मामले मे सख़्ती से कार्यवाही कर प्रकरण मे शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा दौरान विवेचना प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया, खाता में ट्रांसफर रकम के संबंध में ऑनलाईन पोर्टल पर चेक किये जाने पर शिकायत दर्ज होना पाया गया, विवेचना दौरान आरोपी ऋत्विक सिंह और अमन गुप्ता को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम (01) ऋत्विक सिंह आत्मज नरेन्द्र कुमार सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी गांधीनगर हाई स्कूल के पिछे थाना गांधीनगर (02)अमन कुमार गुप्ता आत्मज स्व० चंद्रशेखर गुप्ता उम्र 24 वर्ष निवासी देवीगंज रोड, थाना कोतवाली अंबिकापुर का होना बताये, आरोपियों से पूछताछ किये जाने पर बताये कि आरोपीगण मामले मे शामिल अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फ्रॉड के रकम लेन देन हेतु बैंक खाता की खरीद विक्री किया करते थे। आरोपी रित्विक सिंह के द्वारा अपना तीन खाता एवं प्रार्थी का खाता और अमन गुप्ता के द्वारा अपना एक करेंट अकाउंट मय सीम के मामले मे शामिल अन्य आरोपी को दिया गया है। जिन खातों में ऑनलाईन फ्रॉड के माध्यम से रकम ट्रांसफर होना पाया गया। इसके अलावा पियुष तिवारी के खाता में भी रूपये ट्रांसफर कराकर नगदी आहरण कर नगदी प्राप्त कर सीडीएम मशीन के माध्यम से ट्रांसफर करना बताया गया, मामले मे शामिल आरोपी पियुष तिवारी को तलब कर पुछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम (03) पियुष तिवारी आत्मज कृपा शंकर तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी सत्तीपारा थाना अम्बिकापुर* का होना बताया, आरोपी से घटना के सम्बन्ध मे पूछताछ किये जाने पर अपराध घटित करना स्वीकार किया गया, पियुश कुमार तिवारी के खाता में कई ऑनलाईन शिकायतो का रकम ट्रांसफर होना पाया गया। आरोपीगण एक साथ मिलकर फ्रॉड से संबंधित रकम को प्राप्त करने हेतु अपने और अन्य लोगों के बैंक खाता का उपयोग किये है। जो प्रकरण में धारा 317(4) बी.एन.एस. जोड़ा गया, आरोपियों के मोबाईल से खाता एवं रकम लेन देन का डाटा संधारित कर मय मोबाईल के जप्त किया गया। आरोपियों के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। सम्पूर्ण कार्यवाही मे थाना गांधीनगर से उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक वीरेंद्र पैकरा, लालदेव, अशोक यादव, घनश्याम देवांगन, राहुल केरकेट्टा, अमन पुरी, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े सक्रिय रहे।1
- 🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | अंबिकापुर 🛑 ग्राम पंचायत लबजी के आंगनबाड़ी केंद्र की जर्जर हालत, किराए के कच्चे मकान में चल रहा संचालन अंबिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत लबजी में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र बदहाली के आंसू रो रहा है। केंद्र की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि बच्चों और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र को मजबूरी में पास ही एक किराए के कच्चे मकान में संचालित किया जा रहा है। नया भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण न तो बच्चों को सही सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कार्यकर्ता एवं सहायिका को उचित कार्यस्थल। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच, सचिव और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार शिकायत के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नए भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र को सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान पर संचालित किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। 📢 रिपोर्टर: हिमांशु राज md news Vice Bureau, Ambikapur (छत्तीसगढ़) 📞 78058380764
- Post by हमर जशपुर1
- चैनपुर (गुमला): अब बेटियों की सेहत को लेकर चैनपुर में एक अहम पहल शुरू की गई है। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई।1
- Post by Pooja Jaiswal Journalist1
- बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत सिंदूर में निर्माण कार्य भारी अनियमित जल संसाधन के द्वारा कराए जा रहे काम गुणवत्ताहीन एवं घाटिया की सिम के नहर निर्माण किया जा रहा है जिसके लेकर ग्रामीणों ने जताया दुख1
- अवैध शराब तस्कर का गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के साथ फोटो1
- सिमडेगा:- जिले में तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण, कोटपा अधिनियम 2003 एवं तम्बाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के प्रभावी अनुपालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सिविल सर्जन की अध्यक्षता एवं जिला नोडल पदाधिकारी (एनटीपीसी) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सिमडेगा प्रकाश चन्द्र गुग्गी एवं चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक राज (ठेठईटांगर) द्वारा शिक्षा विभाग के बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी को कोटपा 2003 एवं संशोधित 2021 अधिनियम तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान से संबंधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।प्रशिक्षण के दौरान तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों एवं उसके रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जिले के सभी विद्यालयों को तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान घोषित कराने की प्रक्रिया एवं आवश्यक मानकों को भी समझाया गया।अधिकारियों ने उपस्थित प्रतिभागियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं एवं स्कूल के छात्र-छात्राओं को तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को “जिंदगी चुने, तंबाकू नहीं” की शपथ दिलाई गई।1