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तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर!! जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है

4 hrs ago
user_Harsh Samvad
Harsh Samvad
Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर!! जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है

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  • 🏍️ जालौन में सेवा संकल्प बाइक यात्रा का भव्य स्वागत! कोंच चौराहे पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाइक यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा मौजूद रहे। 🇮🇳 🏍️ जालौन में सेवा संकल्प बाइक यात्रा का भव्य स्वागत! कोंच चौराहे पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाइक यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा मौजूद रहे। 🇮🇳
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    🏍️ जालौन में सेवा संकल्प बाइक यात्रा का भव्य स्वागत!

कोंच चौराहे पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाइक यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा मौजूद रहे। 🇮🇳

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    user_AMIT KUMAR
    AMIT KUMAR
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर!! जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है
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    तालाब में मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत, किनारे बसे परिवारों को सता रहा हादसे का डर!!
जालौन। तहसील क्षेत्र के हथना गांव में उस समय ग्रामीणों में दहशत फैल गई, जब गांव के तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं, जिनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ऐसे में ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के आसपास परिवारों की आवाजाही रहती है और बच्चे भी अक्सर आसपास खेलते हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान आशीष पांचाल का कहना है कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है और पानी खाली होने के बाद ही मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकेगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए कब तक ठोस कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराया जाता है
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखनऊ - उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक कला से मजबूत हो रही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाएं अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही हस्तशिल्प, हथकरघा, लोककला और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पहचान देश-विदेश में अपनी विविध लोककलाओं और हस्तशिल्प के लिए रही है। बनारसी वस्त्र, चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल शिल्प, कालीन, काष्ठ कला, मिट्टी के उत्पाद और अन्य पारंपरिक कलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती हैं। इन कलाओं से जुड़े कारीगर अपने हुनर के माध्यम से न केवल संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और कारीगरों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर दिए जाने से ग्रामीण एवं छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल रहा है। डिजिटल माध्यमों और ऑनलाइन बाजार के विस्तार से स्थानीय उत्पादों को प्रदेश के बाहर और देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब स्थानीय हुनर को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और उचित प्रशिक्षण का सहयोग मिलता है, तो पारंपरिक कला केवल विरासत नहीं रहती, बल्कि आय और रोजगार का प्रभावी माध्यम बन जाती है। यही बदलाव आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आर्थिक अवसरों से जोड़ना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल सकता है। इस तरह प्रदेश की कला, संस्कृति और कारीगरों का हुनर ‘विरासत से विकास और हुनर से आत्मनिर्भरता’ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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    लखनऊ - उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक कला से मजबूत हो रही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव
उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाएं अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पीढ़ियों से चली आ रही हस्तशिल्प, हथकरघा, लोककला और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिलने से स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश की पहचान देश-विदेश में अपनी विविध लोककलाओं और हस्तशिल्प के लिए रही है। बनारसी वस्त्र, चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल शिल्प, कालीन, काष्ठ कला, मिट्टी के उत्पाद और अन्य पारंपरिक कलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती हैं। इन कलाओं से जुड़े कारीगर अपने हुनर के माध्यम से न केवल संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रहे हैं। पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और कारीगरों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर जोर दिए जाने से ग्रामीण एवं छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिल रहा है। डिजिटल माध्यमों और ऑनलाइन बाजार के विस्तार से स्थानीय उत्पादों को प्रदेश के बाहर और देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब स्थानीय हुनर को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और उचित प्रशिक्षण का सहयोग मिलता है, तो पारंपरिक कला केवल विरासत नहीं रहती, बल्कि आय और रोजगार का प्रभावी माध्यम बन जाती है। यही बदलाव आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे आर्थिक अवसरों से जोड़ना आने वाली पीढ़ियों के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खोल सकता है। इस तरह प्रदेश की कला, संस्कृति और कारीगरों का हुनर ‘विरासत से विकास और हुनर से आत्मनिर्भरता’ की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी। उरई (जालौन) ➡️ राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी। ➡️ पोस्टर-बैनर लेकर कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे छात्र; मेडिकल प्रशासन के खिलाफ की उग्र नारेबाजी। ➡️ नर्सिंग छात्रों का गंभीर आरोप— "अस्पताल व कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस छात्रों को बचाने का कर रहा प्रयास!" ➡️ एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप; नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा बुरा असर। ➡️ मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात; आला अधिकारियों की दखल के बाद भी गतिरोध बरकरार।
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    राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी।
उरई (जालौन)
➡️ राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में नर्सिंग इंटर्न छात्रों का कार्य बहिष्कार और हड़ताल दूसरे दिन भी जारी।
➡️ पोस्टर-बैनर लेकर कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे छात्र; मेडिकल प्रशासन के खिलाफ की उग्र नारेबाजी।
➡️ नर्सिंग छात्रों का गंभीर आरोप— "अस्पताल व कॉलेज प्रशासन एमबीबीएस छात्रों को बचाने का कर रहा प्रयास!"
➡️ एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप; नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा बुरा असर।
➡️ मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात; आला अधिकारियों की दखल के बाद भी गतिरोध बरकरार।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जालौन जिले में विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खबरनामा नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले में विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खबरनामा दिखाने जा रहे हैं तो आप शुरू एप्प पर देखें खास खबरनामा
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    जालौन जिले में विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खबरनामा 
नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले में विभिन्न स्थानों पर घटित घटनाक्रम को लेकर खबरनामा दिखाने जा रहे हैं तो आप शुरू एप्प पर देखें खास खबरनामा
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 min ago
  • जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया। भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
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    जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया।
भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
जालौन। 22 फुटा हनुमान मंदिर पर धार्मिक आयोजन का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में हनुमान जी का गुणगान किया।
भजन-कीर्तन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और 22 फुटा हनुमान जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं में धार्मिक आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सीएमओ की रूटीन चेकिंग के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल हेल्थ एटीएम नदारद, खाली फायर सिलेंडर, कैंटीन और गेट व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
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    सीएमओ की रूटीन चेकिंग के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल
हेल्थ एटीएम नदारद, खाली फायर सिलेंडर, कैंटीन और गेट व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
    user_अखिलेश सोनी
    अखिलेश सोनी
    Court reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • जालौन के हथेरी गांव में अजगर निकलने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना!! जालौन। ग्राम हथेरी में मंगलवार को अजगर सांप निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अजगर दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से अजगर को पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में सांप और अन्य वन्यजीव भोजन की तलाश में गांव और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है। रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल संबंधित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
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    जालौन के हथेरी गांव में अजगर निकलने से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने वन विभाग को दी सूचना!!
जालौन। ग्राम हथेरी में मंगलवार को अजगर सांप निकलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अजगर दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंचे रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से अजगर को पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में सांप और अन्य वन्यजीव भोजन की तलाश में गांव और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहे हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।
रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल संबंधित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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