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उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक देखते रहिए शुरू एप पर फर्रुखाबाद : गंगा के बढ़ते जलस्तर से एक्शन में प्रशासन, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने कायमगंज तहसील के शमसाबाद विकासखंड अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों का धरातल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले अजीजाबाद गांव का रुख किया, जहां बाढ़ की चपेट में आए परिवारों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही 50 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। स्वास्थ्य, सफाई और शिक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की इस घड़ी में आमजन को कोई असुविधा न हो। उन्होंने स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया कि हर तीन दिन के अंतराल पर प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही गांव में दवाओं व कीटनाशकों के छिड़काव, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और बेसिक शिक्षा अधिकारी के जरिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। शरणालय और ढाई घाट पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा इसके बाद जिलाधिकारी ने शमसाबाद मंडी स्थित शरणालय स्थल और ढाई घाट का रुख किया। मंडी शरणालय में उन्होंने पेयजल, भोजन, प्रकाश, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और नावों, नाविकों व बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

7 hrs ago
user_Rahul katheriya
Rahul katheriya
Samaj Sevak फर्रुखाबाद, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
7 hrs ago

उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक देखते रहिए शुरू एप पर फर्रुखाबाद : गंगा के बढ़ते जलस्तर से एक्शन में प्रशासन, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा नरौरा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने कायमगंज तहसील के शमसाबाद विकासखंड अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों का धरातल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले अजीजाबाद गांव का रुख किया, जहां बाढ़ की चपेट में आए परिवारों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही 50 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। स्वास्थ्य, सफाई और शिक्षा को लेकर कड़े दिशा-निर्देश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा की इस घड़ी में आमजन को कोई असुविधा न हो। उन्होंने स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग को निर्देश दिया कि हर तीन दिन के अंतराल पर प्रभावित गांवों में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही गांव में दवाओं व कीटनाशकों के छिड़काव, शुद्ध पेयजल आपूर्ति और बेसिक शिक्षा अधिकारी के जरिए बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने के कड़े निर्देश जारी किए। शरणालय और ढाई घाट पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा इसके बाद जिलाधिकारी ने शमसाबाद मंडी स्थित शरणालय स्थल और ढाई घाट का रुख किया। मंडी शरणालय में उन्होंने पेयजल, भोजन, प्रकाश, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए और नावों, नाविकों व बचाव टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

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  • CITY NEWS जेएस ग्रुप में नवप्रवेशित बीएएमएस छात्रों का हुआ स्वागत
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    CITY NEWS जेएस ग्रुप में नवप्रवेशित बीएएमएस छात्रों का हुआ स्वागत
    user_CITY NEWS
    CITY NEWS
    Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    13 hrs ago
  • फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट अमृतपुर में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है बाढ़ का पानी आप गांव और घरों से निकलकर प्रमुख मार्गो तक पहुंच गया है।
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    फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट अमृतपुर में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है बाढ़ का पानी आप गांव और घरों से निकलकर प्रमुख मार्गो तक पहुंच गया है।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Farrukhabad, Uttar Pradesh•
    14 hrs ago
  • तीन महीने में ही दम तोड़ने लगी नई सड़क, पुलिया भी ध्वस्त होने की कगार पर भाऊपुर चौरासी मार्ग पर उखड़ी गिट्टियों ने खोली निर्माण गुणवत्ता की पोल, ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का लगाया आरोप फर्रुखाबाद। सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बदायूं स्टेट हाईवे से भाऊपुर चौरासी जाने वाले मार्ग पर करीब तीन महीने पहले कराया गया निर्माण अभी से उखड़ने लगा है। सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर गायब हो गई है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। वहीं इसी मार्ग पर बनाई गई पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। सड़क और पुलिया की हालत को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। मौके की तस्वीरें भी सड़क की बदहाल स्थिति की गवाही दे रही हैं। सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां बिखरी हैं और कई हिस्सों में ऊपरी परत उखड़ चुकी है। पुलिया के आसपास भी पानी भरा हुआ है। महज तीन महीने के भीतर सड़क और पुलिया की ऐसी हालत होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पूछा-तीन महीने में ही क्यों उखड़ गई सड़क? भाऊपुर निवासी अनूप मिश्रा, नसीम खान, छोटू सिंह, मोहन, नितिन कुमार, श्यामवीर, बृजेश, मनीष, ताबिश खान, अली मोहम्मद, रवि, मोहम्मद जुम्मन खान, गरीब खान और वाशिद खां समेत अन्य ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में धांधली का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका असर निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद दिखाई देने लगा। उनका कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया गया होता तो महज तीन महीने में सड़क की ऊपरी परत इस तरह नहीं उखड़ती और पुलिया में दरारें नहीं आतीं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क अभी नई है तो इतनी जल्दी उसकी मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ गई? उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, सड़क की मोटाई और पुलिया निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। क्रैक भरने के साथ सड़क पर डाली गई गिट्टी ग्रामीण नजीम खान ने बताया कि विभाग की ओर से शनिवार को पुलिया में आए क्रैक को भरने का काम कराया गया। सड़क पर भी कुछ गिट्टी डाली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल दरार भरने और सड़क पर गिट्टी डालने से मामले का स्थायी समाधान नहीं होगा। यदि निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामी है तो उसकी जांच कराकर मूल समस्या को दूर किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करे और यह पता लगाया जाए कि निर्माण में निर्धारित मानकों और सामग्री का पालन किया गया था या नहीं। पीडब्ल्यूडी ने बाढ़ के पानी को बताया वजह वहीं मामले में निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने सड़क और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के पीछे बाढ़ के पानी को वजह बताया। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों ओर बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जिसके कारण पुलिया और सड़क क्षतिग्रस्त हुई हैं। शनिवार को इसका मरम्मत कार्य भी कराया गया है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि पानी भरा होने के कारण फिलहाल रोड रोलर मौके तक पहुंचाना संभव नहीं है। रोड रोलर चलाने से सड़क के और धंसने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़क और पुलियाओं की मरम्मत कराई जाएगी। बाढ़ की वजह या निर्माण की खामी, जांच से साफ होगी तस्वीर विभाग सड़क और पुलिया की क्षति के लिए जहां बाढ़ के पानी को जिम्मेदार बता रहा है, वहीं ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सड़क और पुलिया बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुईं या निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी का भी इसमें योगदान है? ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, सड़क की मोटाई, पुलिया की मजबूती और निर्माण के दौरान हुई विभागीय निगरानी की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में मानकों की अनदेखी या निर्माण संबंधी अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महज तीन महीने में नई सड़क का उखड़ना और पुलिया का क्षतिग्रस्त होना सरकारी निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन मामले की तकनीकी जांच कराकर निर्माण की असलियत सामने लाता है या बाढ़ का हवाला देकर मामला केवल मरम्मत तक सीमित रह जाएगा।
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    तीन महीने में ही दम तोड़ने लगी नई सड़क, पुलिया भी ध्वस्त होने की कगार पर
भाऊपुर चौरासी मार्ग पर उखड़ी गिट्टियों ने खोली निर्माण गुणवत्ता की पोल, ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का लगाया आरोप

फर्रुखाबाद। सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बदायूं स्टेट हाईवे से भाऊपुर चौरासी जाने वाले मार्ग पर करीब तीन महीने पहले कराया गया निर्माण अभी से उखड़ने लगा है। सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर गायब हो गई है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। वहीं इसी मार्ग पर बनाई गई पुलिया भी क्षतिग्रस्त होकर गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। सड़क और पुलिया की हालत को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
मौके की तस्वीरें भी सड़क की बदहाल स्थिति की गवाही दे रही हैं। सड़क पर जगह-जगह गिट्टियां बिखरी हैं और कई हिस्सों में ऊपरी परत उखड़ चुकी है। पुलिया के आसपास भी पानी भरा हुआ है। महज तीन महीने के भीतर सड़क और पुलिया की ऐसी हालत होने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने पूछा-तीन महीने में ही क्यों उखड़ गई सड़क?
भाऊपुर निवासी अनूप मिश्रा, नसीम खान, छोटू सिंह, मोहन, नितिन कुमार, श्यामवीर, बृजेश, मनीष, ताबिश खान, अली मोहम्मद, रवि, मोहम्मद जुम्मन खान, गरीब खान और वाशिद खां समेत अन्य ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में धांधली का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुलिया निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका असर निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद दिखाई देने लगा। उनका कहना है कि यदि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया गया होता तो महज तीन महीने में सड़क की ऊपरी परत इस तरह नहीं उखड़ती और पुलिया में दरारें नहीं आतीं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क अभी नई है तो इतनी जल्दी उसकी मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ गई? उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, सड़क की मोटाई और पुलिया निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
क्रैक भरने के साथ सड़क पर डाली गई गिट्टी
ग्रामीण नजीम खान ने बताया कि विभाग की ओर से शनिवार को पुलिया में आए क्रैक को भरने का काम कराया गया। सड़क पर भी कुछ गिट्टी डाली गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल दरार भरने और सड़क पर गिट्टी डालने से मामले का स्थायी समाधान नहीं होगा। यदि निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामी है तो उसकी जांच कराकर मूल समस्या को दूर किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करे और यह पता लगाया जाए कि निर्माण में निर्धारित मानकों और सामग्री का पालन किया गया था या नहीं।
पीडब्ल्यूडी ने बाढ़ के पानी को बताया वजह
वहीं मामले में निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने सड़क और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने के पीछे बाढ़ के पानी को वजह बताया। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों ओर बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जिसके कारण पुलिया और सड़क क्षतिग्रस्त हुई हैं। शनिवार को इसका मरम्मत कार्य भी कराया गया है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि पानी भरा होने के कारण फिलहाल रोड रोलर मौके तक पहुंचाना संभव नहीं है। रोड रोलर चलाने से सड़क के और धंसने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई सड़क और पुलियाओं की मरम्मत कराई जाएगी।
बाढ़ की वजह या निर्माण की खामी, जांच से साफ होगी तस्वीर
विभाग सड़क और पुलिया की क्षति के लिए जहां बाढ़ के पानी को जिम्मेदार बता रहा है, वहीं ग्रामीण निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सड़क और पुलिया बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुईं या निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी का भी इसमें योगदान है?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, सड़क की मोटाई, पुलिया की मजबूती और निर्माण के दौरान हुई विभागीय निगरानी की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में मानकों की अनदेखी या निर्माण संबंधी अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
महज तीन महीने में नई सड़क का उखड़ना और पुलिया का क्षतिग्रस्त होना सरकारी निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन मामले की तकनीकी जांच कराकर निर्माण की असलियत सामने लाता है या बाढ़ का हवाला देकर मामला केवल मरम्मत तक सीमित रह जाएगा।
    user_पत्रकार गोपाल सक्सेना
    पत्रकार गोपाल सक्सेना
    अमृतपुर, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • तालाब में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की मौत, परिजनों में मचा कोहराम छिबरामऊ, कन्नौज। नगर के गंगेश्वर नाथ मंदिर के पास नगर पालिका द्वारा सुंदरीकरण के तहत बनवाए गए ताल में शनिवार शाम नहाते समय 12 वर्षीय छात्र डूब गया। घटना करीब शाम पांच बजे की है। बच्चे के डूबने की सूचना पर पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद उसे सौ शैया अस्पताल ले जाया गया, यहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामपुर बैजू गांव निवासी बबलू शर्मा के 12 वर्षीय पुत्र शिवम के रूप में हुई। शिवम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता बबलू शर्मा बढ़ई का काम करते हैं। मृतक की मां का नाम मीना है। शिवम के दो भाई सत्यम (4) और सूरज (13) हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तालाब में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की मौत, परिजनों में मचा कोहराम छिबरामऊ, कन्नौज। नगर के गंगेश्वर नाथ मंदिर के पास नगर पालिका द्वारा सुंदरीकरण के तहत बनवाए गए ताल में शनिवार शाम नहाते समय 12 वर्षीय छात्र डूब गया। घटना करीब शाम पांच बजे की है। बच्चे के डूबने की सूचना पर पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद उसे सौ शैया अस्पताल ले जाया गया, यहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामपुर बैजू गांव निवासी बबलू शर्मा के 12 वर्षीय पुत्र शिवम के रूप में हुई। शिवम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता बबलू शर्मा बढ़ई का काम करते हैं। मृतक की मां का नाम मीना है। शिवम के दो भाई सत्यम (4) और सूरज (13) हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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    तालाब में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
छिबरामऊ, कन्नौज। नगर के गंगेश्वर नाथ मंदिर के पास नगर पालिका द्वारा सुंदरीकरण के तहत बनवाए गए ताल में शनिवार शाम नहाते समय 12 वर्षीय छात्र डूब गया। घटना करीब शाम पांच बजे की है। बच्चे के डूबने की सूचना पर पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद उसे सौ शैया अस्पताल ले जाया गया, यहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामपुर बैजू गांव निवासी बबलू शर्मा के 12 वर्षीय पुत्र शिवम के रूप में हुई। शिवम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता बबलू शर्मा बढ़ई का काम करते हैं। मृतक की मां का नाम मीना है। शिवम के दो भाई सत्यम (4) और सूरज (13) हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
तालाब में डूबने से 12 वर्षीय छात्र की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
छिबरामऊ, कन्नौज। नगर के गंगेश्वर नाथ मंदिर के पास नगर पालिका द्वारा सुंदरीकरण के तहत बनवाए गए ताल में शनिवार शाम नहाते समय 12 वर्षीय छात्र डूब गया। घटना करीब शाम पांच बजे की है। बच्चे के डूबने की सूचना पर पुलिस और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद उसे सौ शैया अस्पताल ले जाया गया, यहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान रामपुर बैजू गांव निवासी बबलू शर्मा के 12 वर्षीय पुत्र शिवम के रूप में हुई। शिवम गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसके पिता बबलू शर्मा बढ़ई का काम करते हैं। मृतक की मां का नाम मीना है। शिवम के दो भाई सत्यम (4) और सूरज (13) हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
    user_पत्रकार Munish Singh
    पत्रकार Munish Singh
    Grain Wholesaler छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • विश्व हिंदू परिषद की जिला स्तरीय मासिक बैठक सम्पन्न,,,,,, जलालाबाद। नगर के ब्लॉक सभागार में विश्व हिंदू परिषद की जिला स्तरीय मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कार्यक्रमों एवं संगठन की गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने आगामी आयोजनों की तैयारियों, संगठन के विस्तार तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए हिंदू समाज को एकजुट करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। इस दौरान आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही उनकी सफलता के लिए जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गईं। बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    विश्व हिंदू परिषद की जिला स्तरीय मासिक बैठक सम्पन्न,,,,,,
जलालाबाद। नगर के ब्लॉक सभागार में विश्व हिंदू परिषद की जिला स्तरीय मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी कार्यक्रमों एवं संगठन की गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने आगामी आयोजनों की तैयारियों, संगठन के विस्तार तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए हिंदू समाज को एकजुट करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। इस दौरान आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही उनकी सफलता के लिए जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गईं।
बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_विमल गुप्ता पत्रकार
    विमल गुप्ता पत्रकार
    Advertising agency जलालाबाद, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • to kaimganj mishri mein badh a chuki hai dekhiae to kaise hain mere bhaiyon aaj ki taaja khabren badh ka ki badhane lagi Hai
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    to kaimganj mishri mein badh a chuki hai dekhiae to kaise hain mere bhaiyon
aaj ki taaja khabren badh ka ki badhane lagi Hai
    user_Arijit Singh
    Arijit Singh
    कायमगंज, फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ​9 अगस्त 1925 काकोरी कांड इस कांड के मुख्य चारों शहीदों में से तीन लाल शाहजहाँपुर के थे, जिन्होंने मातृभूमि के लिए हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया। सरकारी खजाना लूटकर ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने की पूरी योजना शाहजहाँपुर में ही रची गई।
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    ​9 अगस्त 1925 काकोरी कांड इस कांड के मुख्य चारों शहीदों में से तीन लाल शाहजहाँपुर के थे, जिन्होंने मातृभूमि के लिए हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया।
सरकारी खजाना लूटकर ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने की पूरी योजना शाहजहाँपुर में ही रची गई।
    user_Aawam ki Aawaz 24
    Aawam ki Aawaz 24
    Graphic designer कलां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • कन्नौज के तालग्राम के रसूलाबाद विवाद में एक पक्ष का बयान आया सामने चलिए सुनवाते है क्या कुछ कहना है पीड़ित के बयान पर आधारित है ये ख़बर
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    कन्नौज के तालग्राम के रसूलाबाद विवाद में
एक पक्ष का बयान आया सामने 
चलिए सुनवाते है क्या कुछ कहना है
पीड़ित के बयान पर आधारित है ये ख़बर
    user_पत्रकार कुनाल कश्यप
    पत्रकार कुनाल कश्यप
    छिबरामऊ, कन्नौज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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