भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर सहजनवा, गोरखपुर। ऋषि सेवा समिति, सहजनवा के तत्वावधान में मंडी समिति पूर्वी गेट स्थित एक मैरेज हॉल में आयोजित शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस काशी से पधारे प्रख्यात संत राघव ऋषि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि श्रावण मास में शिवमहापुराण कथा का श्रवण करने से मनुष्य के साधन और साधना दोनों को स्थिरता प्राप्त होती है तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। संत राघव ऋषि जी ने कहा कि शिवमहापुराण में 24 हजार श्लोक और सात संहिताएं वर्णित हैं। तीर्थ स्नान से जहां शरीर पवित्र होता है, वहीं शिवपुराण कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म को पवित्र बनाकर सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति कराता है। उन्होंने कथा के दौरान देवराज नामक ब्राह्मण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सांसारिक मोह और दुर्गुणों में फंसा व्यक्ति भी यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवपुराण का श्रवण करे तो भगवान शिव की कृपा से उसे मुक्ति प्राप्त हो सकती है। कथा प्रारंभ होने से पूर्व सहजनवा कस्बे के काली मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई। संत राघव ऋषि जी के नेतृत्व में निकली यह शोभायात्रा थाना चौराहा एवं तहसील मार्ग से होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ इसका समापन हुआ। कलश यात्रा में 108 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किया, जबकि पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्मध्वजा लेकर नंदी महाराज की प्रतिमा के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। बैंड-बाजों, वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीतों और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रमेश प्रताप सिंह सपत्नीक शिवपुराण की पवित्र पोथी एवं प्रधान कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर घघसरा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दूबे, श्रीप्रकाश शुक्ल, नागेंद्र सिंह, सुधाकर पांडेय, अरविंद तिवारी, अजय यादव, राकेश दूबे, हनुमान अग्रहरि, महेश कसौधन, राजन मिश्र, अशोक अग्रहरि, भगीरथ पाठक, ज्ञान अग्रहरि, विष्णु सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर सहजनवा, गोरखपुर। ऋषि सेवा समिति, सहजनवा के तत्वावधान में मंडी समिति पूर्वी गेट स्थित एक मैरेज हॉल में आयोजित शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस काशी से पधारे प्रख्यात संत राघव ऋषि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि श्रावण मास में शिवमहापुराण कथा का श्रवण करने से मनुष्य के साधन और साधना दोनों को स्थिरता प्राप्त होती है तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। संत राघव ऋषि जी ने कहा कि शिवमहापुराण में 24 हजार श्लोक और सात संहिताएं वर्णित हैं। तीर्थ स्नान से जहां शरीर पवित्र होता है, वहीं शिवपुराण कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म को पवित्र बनाकर सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति कराता है। उन्होंने कथा के दौरान देवराज नामक ब्राह्मण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सांसारिक मोह और दुर्गुणों में फंसा व्यक्ति भी यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवपुराण का श्रवण करे तो भगवान शिव की कृपा से उसे मुक्ति प्राप्त हो सकती है। कथा प्रारंभ होने से पूर्व सहजनवा कस्बे के काली मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई। संत राघव ऋषि जी के नेतृत्व में निकली यह शोभायात्रा थाना चौराहा एवं तहसील मार्ग से होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ इसका समापन हुआ। कलश यात्रा में 108 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किया, जबकि पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्मध्वजा लेकर नंदी महाराज की प्रतिमा के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। बैंड-बाजों, वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीतों और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रमेश प्रताप सिंह सपत्नीक शिवपुराण की पवित्र पोथी एवं प्रधान कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर घघसरा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दूबे, श्रीप्रकाश शुक्ल, नागेंद्र सिंह, सुधाकर पांडेय, अरविंद तिवारी, अजय यादव, राकेश दूबे, हनुमान अग्रहरि, महेश कसौधन, राजन मिश्र, अशोक अग्रहरि, भगीरथ पाठक, ज्ञान अग्रहरि, विष्णु सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
- भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर भव्य कलश यात्रा के साथ सहजनवा में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ, शिवमय हुआ नगर सहजनवा, गोरखपुर। ऋषि सेवा समिति, सहजनवा के तत्वावधान में मंडी समिति पूर्वी गेट स्थित एक मैरेज हॉल में आयोजित शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस काशी से पधारे प्रख्यात संत राघव ऋषि जी महाराज ने श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि श्रावण मास में शिवमहापुराण कथा का श्रवण करने से मनुष्य के साधन और साधना दोनों को स्थिरता प्राप्त होती है तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। संत राघव ऋषि जी ने कहा कि शिवमहापुराण में 24 हजार श्लोक और सात संहिताएं वर्णित हैं। तीर्थ स्नान से जहां शरीर पवित्र होता है, वहीं शिवपुराण कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म को पवित्र बनाकर सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति कराता है। उन्होंने कथा के दौरान देवराज नामक ब्राह्मण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि सांसारिक मोह और दुर्गुणों में फंसा व्यक्ति भी यदि श्रद्धा और विश्वास के साथ शिवपुराण का श्रवण करे तो भगवान शिव की कृपा से उसे मुक्ति प्राप्त हो सकती है। कथा प्रारंभ होने से पूर्व सहजनवा कस्बे के काली मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य कलश यात्रा निकाली गई। संत राघव ऋषि जी के नेतृत्व में निकली यह शोभायात्रा थाना चौराहा एवं तहसील मार्ग से होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ इसका समापन हुआ। कलश यात्रा में 108 महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण किया, जबकि पुरुष श्रद्धालु हाथों में धर्मध्वजा लेकर नंदी महाराज की प्रतिमा के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। बैंड-बाजों, वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीतों और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान रमेश प्रताप सिंह सपत्नीक शिवपुराण की पवित्र पोथी एवं प्रधान कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। इस अवसर पर घघसरा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभाकर दूबे, श्रीप्रकाश शुक्ल, नागेंद्र सिंह, सुधाकर पांडेय, अरविंद तिवारी, अजय यादव, राकेश दूबे, हनुमान अग्रहरि, महेश कसौधन, राजन मिश्र, अशोक अग्रहरि, भगीरथ पाठक, ज्ञान अग्रहरि, विष्णु सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।1
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- दुष्कर्म और हत्या की शिकार 10 वर्षीय मासूम बच्ची के लिए सपा नेत्री ने उठाई कड़ी आवाज। मुख्यमंत्री योगी का शहर कहे जाने वाले गोरखपुर में विकृत मानसिकता से लबरेज यूपी पुलिस के सिपाही ने 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद मौत के घाट उतार दिया। यह घटना कानून व्यवस्था पर कड़े सवाल खड़ा करती है। समाजवादी पार्टी की महिला नेत्री ने बच्ची के गरीब माता-पिता को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा बलात्कारी को कड़ी सजा देने की मांग उठाई है।1
- झंगहा में वन विभाग की बड़ी छापेमारी,80 बोटा साखू-सागौन व 20 कुंतल जलौनी लकड़ी बरामद,वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर लकड़ी जब्त,3 दिन में कागजात नहीं दिए तो होगी सख्त कार्रवाई....1
- गोरखपुर पुलिस के बहादुर श्वान ‘वैनमोर’ को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि गोरखपुर, 04 अगस्त 2026। गोरखपुर पुलिस के श्वान दस्ते के बहादुर श्वान ‘वैनमोर’ के दुखद निधन पर पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गोरखपुर द्वारा वैनमोर को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइन, प्रतिसार निरीक्षक, डॉग स्क्वाड की टीम समेत अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्वान ‘वैनमोर’ वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद गोरखपुर पुलिस के श्वान दस्ते में शामिल हुआ था। अपने सेवाकाल के दौरान वैनमोर ने श्री गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा ड्यूटी, वीआईपी/वीवीआईपी ड्यूटी, महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा जांच, घटनास्थलों के निरीक्षण और खोजी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वैनमोर ने विभिन्न घटनाओं के सफल अनावरण में भी सराहनीय योगदान दिया। गोरखपुर पुलिस ने उसके समर्पण, साहस और सेवाओं को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- दिव्यांश एजेंसी गिड़ा गोरखपुर एसिड फिनाइल टॉयलेट क्लीनर के थोक विक्रेता1
- पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी पाली क्षेत्र में तेज उमस के बाद झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले, राहगीरों और ठेला कारोबारियों को हुई परेशानी गोरखपुर। पाली क्षेत्र में मंगलवार को शाम करीब 4:00 बजे अचानक मौसम ने करवट ली। दिनभर की भीषण उमस और गर्मी के बाद आसमान में बादल छाए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होते ही सड़क पर चल रहे राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। लोग भीगने से बचने के लिए आसपास की दुकानों और छज्जों के नीचे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते नजर आए। अचानक हुई बारिश का सबसे अधिक असर सड़क किनारे ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे कारोबारियों पर पड़ा। टिकिया, पकौड़ी और अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले ठेला संचालकों को करीब आधे घंटे तक अपना कारोबार बंद करना पड़ा। बारिश के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी थम गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इस बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी लौटा दी। पिछले कई दिनों से उमस और बारिश की कमी के कारण खेतों में सिंचाई की चिंता बढ़ रही थी। किसानों का कहना है कि यदि बारिश नहीं होती तो उन्हें खेतों में पानी चलाकर सिंचाई करनी पड़ती, जिससे अतिरिक्त खर्च आता। प्राकृतिक वर्षा होने से सिंचाई का खर्च बच गया और फसलों को भी पर्याप्त नमी मिल गई। स्थानीय किसान उमेश, रमेश, मोहन, जगबीर, सुखी और जगमोहन सहित अन्य किसानों ने बताया कि यह बारिश खेती के लिए काफी लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे धान सहित अन्य फसलों को फायदा मिलेगा और किसानों को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी। किसानों ने उम्मीद जताई कि यदि आने वाले दिनों में भी समय-समय पर ऐसी बारिश होती रही तो फसलों की पैदावार बेहतर होगी।4