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रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है। रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

6 hrs ago
user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
रेणुका, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
6 hrs ago

रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है। रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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  • रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है। रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं। अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है। काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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    रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं।


अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है।

आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है।

काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रेणुका जी हुआ यहां पर लुटेरे पैदा सिरमौर के प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले से आ रही है। 2026 के मेले को लेकर विकास बोर्ड पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बोर्ड द्वारा प्रत्येक पंचायत से 2000 रुपये की राशि मांगी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं क्योंकि वर्तमान में रेणुका विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद पर क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ही विराजमान हैं।
अंतर्राष्ट्रीय रेणुका जी मेले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राचीन परंपरा के अनुसार यहां पूरी रात मेला चलता था, लेकिन आज स्थिति बदल गई है।
आरोप है कि मां रेणुका जी के मेले को ठेके पर ठेकेदारों को दिया जाता है और इससे मिलने वाली राशि का सही हिसाब नहीं मिलता। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले डीसी सिरमौर इस बोर्ड के अध्यक्ष होते थे, लेकिन अब राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में कमान है।
काला आम के प्रधान द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद यह मामला और गरमा गया है। लोगों का कहना है कि यह आस्था का विषय है, यहां हिंदू-मुस्लिम सभी मन्नत मांगने आते हैं और भगवान परशुराम के आशीर्वाद से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि 2000 रुपये की राशि मांगने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी? स्थानीय लोग न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इस पूरे मामले पर रेणुका विकास बोर्ड और विधायक विनय कुमार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। हमारी टीम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
    user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    रेणुका, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • 🚨 #विकासनगर में सड़क पर बने 'मौत के कुएं', कब जागेगा प्रशासन 📍 #स्थान: अजीतनगर से जाने वाला पीछे का बाईपास मार्ग। ⚠️ #जमीनी हकीकत: सड़क के बीचो-बीच और किनारे पर 10 फीट से भी गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। यह कोई सामान्य गड्ढे नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हादसों को न्योता दे रहे हैं। ❓ #सबसे बड़ा सवाल: #संबंधित विभाग को शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। • आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? • क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन की आंखें खुलेंगी?
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    🚨 #विकासनगर में सड़क पर बने 'मौत के कुएं', कब जागेगा प्रशासन
📍 #स्थान: अजीतनगर से जाने वाला पीछे का बाईपास मार्ग।
⚠️ #जमीनी हकीकत:
सड़क के बीचो-बीच और किनारे पर 10 फीट से भी गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। यह कोई सामान्य गड्ढे नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हादसों को न्योता दे रहे हैं।
❓ #सबसे बड़ा सवाल:
#संबंधित विभाग को शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
• आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
• क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन की आंखें खुलेंगी?
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • यह जनता है साहेब अगर अपनी पर आये तो आसमान में चढ़ा देती है! और वही जनता अगर किसी से नाराज़ हो जाये तो जमीन पर गिरने में भी समय नहीं लगाती बाकी समझदार को इशारा ही काफी है।
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    यह जनता है साहेब 
अगर अपनी पर आये तो आसमान में चढ़ा देती है!
और वही जनता अगर किसी से नाराज़ हो जाये तो जमीन पर गिरने में भी समय नहीं लगाती बाकी समझदार को इशारा ही काफी है।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • शासन व प्रशासन को चेतावनी के साथ संपन्न हुआ त्यागी ब्राह्मण भूमिहार सम्मेलन सरकारें ब्राह्मणों का शोषण करना करें बंद: मांगेराम त्यागी यमुनानगर भगवान परशुराम भवन गोविंदपुरी में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज का सम्मेलन संपन्न हुआ। इस मौके पर भारी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए तथा अन्य समाज के लोगों ने भी भाईचारे का परिचय देते हुए सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी उपस्थित रहे जबकि उनके अतिरिक्त मार्केट कमेटी यमुनानगर के अध्यक्ष राकेश त्यागी, ब्राह्मण शिरोमणि जिले सिंह पिचौलिया, ब्राह्मण धर्मशाला कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष पवन शर्मा पहलवान, त्यागी समाज हरियाणा के अध्यक्ष पुनीत त्यागी, पानीपत सतीश गौतम, अंबाला से जय भगवान शर्मा आदि भी बतौर वशिष्ठ अतिथि उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ आदि बद्री के मुख्य पुजारी पंडित राजेश्वर शास्त्री एवं गुरुकुल के बच्चों द्वारा स्वस्तिवाचन तथा अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। मंच का संचालन आयोजन समिति के वीरेंद्र त्यागी तथा जितेंद्र त्यागी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि मांगेराम त्यागी ने सभा को संबोधित करते हुए सभी ब्राह्मणों को एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि हम सभी भगवान परशुराम के वंशज है और हम सब ब्राह्मणों में रोटी बेटी का रिश्ता है और होना चाहिए। उन्होंने शासन व प्रशासन को भी चेतावनी दी है कि अब ब्राह्मण का शोषण और अधिक बर्दाश्त नहीं होगा। उनका कहना था कि लगातार सरकारी ब्राह्मणों का शोषण कर रहे हैं लेकिन अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूजीसी जैसे काले कानून सरकार ला रही है जिन्हें सरकार को वापस करना होगा तथा एससी एसटी एक्ट पर भी विचार करना होगा। इसे पूर्व मार्केट कमेटी के अध्यक्ष राकेश त्यागी तथा मंचासीन अन्य वक्ताओं ने समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। सभी भक्तों का कहना था कि ब्राह्मण समाज सबसे अग्रणी समाज है और हर किसी का हित चाहने वाला समाज है। ब्राह्मण समाज ने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा और यदि कोई ब्राह्मण का अवशोषण करेगा तो ब्राह्मण यह अत्याचार भी सहन नहीं करेगा। कार्यक्रम के अंत में त्यागी ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष उमेश त्यागी एवं उनकी टीम द्वारा मुजफ्फरनगर में बंद रहे भगवान परशुराम धर्मशाला के लिए आर्थिक रूप से मदद की गई तथा परसा देकर मांगेराम त्यागी जी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मनोज त्यागी, बिट्टू त्यागी, मुकेश त्यागी, अजय त्यागी, अरुण त्यागी, परीक्षित त्यागी, गौरव त्यागी, राकेश त्यागी, रमेश वशिष्ठ, राजेश कौशिक, पंडित उदयवीर कौशिक, सतपाल शर्मा, जैएन कश्यप, शिवकुमार शर्मा, पार्षद रुचि शर्मा, श्याम शर्मा, प्रियंक शर्मा, मनीष त्यागी, धन प्रकाश त्यागी, अशोक त्यागी, राजेश त्यागी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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    शासन व प्रशासन को चेतावनी के साथ संपन्न हुआ त्यागी ब्राह्मण भूमिहार सम्मेलन 

सरकारें ब्राह्मणों का शोषण करना करें बंद: मांगेराम त्यागी

यमुनानगर

भगवान परशुराम भवन गोविंदपुरी में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज का सम्मेलन संपन्न हुआ। इस मौके पर भारी संख्या में समाज के लोग एकत्रित हुए तथा अन्य समाज के लोगों ने भी भाईचारे का परिचय देते हुए सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में त्यागी ब्राह्मण भूमिहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मांगेराम त्यागी उपस्थित रहे जबकि उनके अतिरिक्त मार्केट कमेटी यमुनानगर के अध्यक्ष राकेश त्यागी, ब्राह्मण शिरोमणि जिले सिंह पिचौलिया, ब्राह्मण धर्मशाला कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष पवन शर्मा पहलवान, त्यागी समाज हरियाणा के अध्यक्ष पुनीत त्यागी, पानीपत सतीश गौतम, अंबाला से जय भगवान शर्मा आदि भी बतौर वशिष्ठ अतिथि उपस्थित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ आदि बद्री के मुख्य पुजारी पंडित राजेश्वर शास्त्री एवं गुरुकुल के बच्चों द्वारा स्वस्तिवाचन तथा अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। मंच का संचालन आयोजन समिति के वीरेंद्र त्यागी तथा जितेंद्र त्यागी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि मांगेराम त्यागी ने सभा को संबोधित करते हुए सभी ब्राह्मणों को एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि हम सभी भगवान परशुराम के वंशज है और हम सब ब्राह्मणों में रोटी बेटी का रिश्ता है और होना चाहिए। उन्होंने शासन व प्रशासन को भी चेतावनी दी है कि अब ब्राह्मण का शोषण और अधिक बर्दाश्त नहीं होगा। उनका कहना था कि लगातार सरकारी ब्राह्मणों का शोषण कर रहे हैं लेकिन अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूजीसी जैसे काले कानून सरकार ला रही है जिन्हें सरकार को वापस करना होगा तथा एससी एसटी एक्ट पर भी विचार करना होगा। इसे पूर्व मार्केट कमेटी के अध्यक्ष राकेश त्यागी तथा मंचासीन अन्य वक्ताओं ने समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। सभी भक्तों का कहना था कि ब्राह्मण समाज सबसे अग्रणी समाज है और हर किसी का हित चाहने वाला समाज है। ब्राह्मण समाज ने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा और यदि कोई ब्राह्मण का अवशोषण करेगा तो ब्राह्मण यह अत्याचार भी सहन नहीं करेगा। कार्यक्रम के अंत में त्यागी ब्राह्मण समाज के जिला अध्यक्ष उमेश त्यागी एवं उनकी टीम द्वारा मुजफ्फरनगर में बंद रहे भगवान परशुराम धर्मशाला के लिए आर्थिक रूप से मदद की गई तथा परसा देकर मांगेराम त्यागी जी को सम्मानित किया गया। इस मौके पर मनोज त्यागी, बिट्टू त्यागी, मुकेश त्यागी, अजय त्यागी, अरुण त्यागी, परीक्षित त्यागी, गौरव त्यागी, राकेश त्यागी, रमेश वशिष्ठ, राजेश कौशिक, पंडित उदयवीर कौशिक, सतपाल शर्मा, जैएन कश्यप, शिवकुमार शर्मा, पार्षद रुचि शर्मा, श्याम शर्मा, प्रियंक शर्मा, मनीष त्यागी, धन प्रकाश त्यागी, अशोक त्यागी, राजेश त्यागी आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
    user_Jagadhri Breaking News
    Jagadhri Breaking News
    Local News Reporter जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • सोलन ,टीबी मुक्त अभियान के तहत सोलन में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर #solan #health #tb #hm #cmo #camp सोलन ,टीबी मुक्त अभियान के तहत सोलन में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर #solan #health #tb #hm #cmo #camp
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    सोलन ,टीबी मुक्त अभियान के तहत सोलन में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर #solan #health #tb #hm #cmo #camp 
सोलन ,टीबी मुक्त अभियान के तहत सोलन में लगाया गया निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर #solan #health #tb #hm #cmo #camp
    user_ARA NEWS NETWORK
    ARA NEWS NETWORK
    Voice of people सोलन, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था? विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया। इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था। सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा? 27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई। अब विवाद में नया मोड़ इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं। गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
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    दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा

देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई।
कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे।
मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।
मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी
मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की।
इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया।
इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था।
सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा?
27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई।
अब विवाद में नया मोड़
इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं।
गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया।
फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
    user_The India Vox
    The India Vox
    Media house देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • नालागढ़ नरसिंह मंदिर भूमि विवाद में हाई कोर्ट के फैसले पर बबलू पंडित ने जताया आभार, विधायक पर लगाए गंभीर आरोप शिमला। नालागढ़ में स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा श्री नरसिंह जी मंदिर भूमि विवाद पर अपने पक्ष में आए फैसले के लिए बजरंग सेना के राज्य उपाध्यक्ष बबलू पंडित ने माननीय हाई कोर्ट का आभार व्यक्त किया है। प्रकरण से पर्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1421 में राजा विक्रम चंद ने मंदिर निर्माण के लिए 1730 बीघा 12 बिस्वा जमीन दान दी थी, जिसके कानूनी मालिक स्वयं भगवान हैं। वर्ष 1972 में सरकार ने देखरेख के नाम पर 1564 बीघा 13 बिस्वा जमीन अपने सिस्टम में ले ली थी। जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक राम कुमार और उनकी पत्नी कुलदीप कौर उर्फ निधि ने 2017 में अधिकारियों से साठगांठ कर नियमों को दरकिनार कर मंदिर की 41 बीघा 10 बिस्वा जमीन का अवैध तबादला करा लिया। यही नहीं, कब्जे के बाद पहाड़ को काटकर समतल मैदान बना दिया गया और वहां हजारों हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई। रोजाना 80 टिपर खनन सामग्री की ढुलाई हुई, इस अवैध कार्य से 10 करोड़ का निजी लाभ और 125 करोड़ की निजी टाउनशिप काटी गई। इसे कानूनी रूप देने के लिए रद्द इंतकाल संख्या 1413 की जगह 1417 दिखाकर सार्वजनिक मंदिर को निजी मठ घोषित कर दिया गया। बबलू पंडित ने कहा कि माननीय विधायक पर ज्योति मर्डर केस से संबंधित एक आपराधिक मामला चल रहा है। न्याय का इंतजार करते हुए ज्योति के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन इस मामले की सुनवाई 2015 के बाद से लंबित है। उन्होंने मांग उठाई कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लगाकर पीड़ितों को न्याय प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि माननीय विधायक की संपत्ति 2017 में 40 लाख थी, जो 2022 के चुनावी हलफनामे में बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई और वर्तमान में विधायक की कुल संपत्ति का आकलन करीब 1000 करोड़ से 1500 करोड़ तक हो चुका है। राम कुमार के पूरे परिवार की कुल संपत्ति 7500 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इस संपत्ति मामले में गंभीर जांच की आवश्यकता है। बबलू पंडित ने कहा कि नालागढ़ और अर्की के अंतर्गत बहने वाली सरसा नदी और आसपास के नदी-नालों के एक बड़े भू-भाग को खनन के लिए पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लीज पर दिया गया था। यहां नदी-नालों का बेतरतीब दोहन किया गया, क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ गायब हैं और भूमि का जलस्तर कम हो गया है। वर्तमान में इस क्रशर के प्रदूषण से रिहायशी क्षेत्र और आसपास स्थित स्कूल-कॉलेज के हजारों बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सभी मामलों की जांच की मांग करते हुए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
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    नालागढ़ नरसिंह मंदिर भूमि विवाद में हाई कोर्ट के फैसले पर बबलू पंडित ने जताया आभार, विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
शिमला। नालागढ़ में स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा श्री नरसिंह जी मंदिर भूमि विवाद पर अपने पक्ष में आए फैसले के लिए बजरंग सेना के राज्य उपाध्यक्ष बबलू पंडित ने माननीय हाई कोर्ट का आभार व्यक्त किया है।
प्रकरण से पर्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1421 में राजा विक्रम चंद ने मंदिर निर्माण के लिए 1730 बीघा 12 बिस्वा जमीन दान दी थी, जिसके कानूनी मालिक स्वयं भगवान हैं। वर्ष 1972 में सरकार ने देखरेख के नाम पर 1564 बीघा 13 बिस्वा जमीन अपने सिस्टम में ले ली थी। जो नियमों के विरुद्ध है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक राम कुमार और उनकी पत्नी कुलदीप कौर उर्फ निधि ने 2017 में अधिकारियों से साठगांठ कर नियमों को दरकिनार कर मंदिर की 41 बीघा 10 बिस्वा जमीन का अवैध तबादला करा लिया। यही नहीं, कब्जे के बाद पहाड़ को काटकर समतल मैदान बना दिया गया और वहां हजारों हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई। रोजाना 80 टिपर खनन सामग्री की ढुलाई हुई,  इस अवैध कार्य से 10 करोड़ का निजी लाभ और 125 करोड़ की निजी टाउनशिप काटी गई। इसे कानूनी रूप देने के लिए रद्द इंतकाल संख्या 1413 की जगह 1417 दिखाकर सार्वजनिक मंदिर को निजी मठ घोषित कर दिया गया।
बबलू पंडित ने कहा कि माननीय विधायक पर ज्योति मर्डर केस से संबंधित एक आपराधिक मामला चल रहा है। न्याय का इंतजार करते हुए ज्योति के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन इस मामले की सुनवाई 2015 के बाद से लंबित है। उन्होंने मांग उठाई कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लगाकर पीड़ितों को न्याय प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि माननीय विधायक की संपत्ति 2017 में 40 लाख थी, जो 2022 के चुनावी हलफनामे में बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई और वर्तमान में विधायक की कुल संपत्ति का आकलन करीब 1000 करोड़ से 1500 करोड़ तक हो चुका है। राम कुमार के पूरे परिवार की कुल संपत्ति 7500 करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इस संपत्ति मामले में गंभीर जांच की आवश्यकता है।
बबलू पंडित ने कहा कि नालागढ़ और अर्की के अंतर्गत बहने वाली सरसा नदी और आसपास के नदी-नालों के एक बड़े भू-भाग को खनन के लिए पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लीज पर दिया गया था। यहां नदी-नालों का बेतरतीब दोहन किया गया, क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ गायब हैं और भूमि का जलस्तर कम हो गया है। वर्तमान में इस क्रशर के प्रदूषण से रिहायशी क्षेत्र और आसपास स्थित स्कूल-कॉलेज के हजारों बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने सभी मामलों की जांच की मांग करते हुए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
    user_Vijayendra datt gautam
    Vijayendra datt gautam
    Court reporter शिमला (शहरी), शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं। रेणुका जी सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं।
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    सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली।

पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे।

पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी।

उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं।
रेणुका जी सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली।
पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे।
पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी।
उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं।
    user_राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    राजेंद्र सिंह रिपोर्टर
    रेणुका, सिरमौर, हिमाचल प्रदेश•
    18 hrs ago
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