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दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था? विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया। इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था। सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा? 27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई। अब विवाद में नया मोड़ इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं। गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।

18 hrs ago
user_The India Vox
The India Vox
Media house देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
18 hrs ago

दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था? विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया। इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था। सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा? 27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई। अब विवाद में नया मोड़ इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं। गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।

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  • यह जनता है साहेब अगर अपनी पर आये तो आसमान में चढ़ा देती है! और वही जनता अगर किसी से नाराज़ हो जाये तो जमीन पर गिरने में भी समय नहीं लगाती बाकी समझदार को इशारा ही काफी है।
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    यह जनता है साहेब 
अगर अपनी पर आये तो आसमान में चढ़ा देती है!
और वही जनता अगर किसी से नाराज़ हो जाये तो जमीन पर गिरने में भी समय नहीं लगाती बाकी समझदार को इशारा ही काफी है।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
  • दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था? विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है। मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की। इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया। इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था। सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा? 27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई। अब विवाद में नया मोड़ इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं। गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया। फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
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    दलेर मेहंदी विवाद में फिर गरमाई उत्तराखंड की सियासत, सुबोध उनियाल बोले- माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा दे दूंगा

देहरादून। पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। कुंजापुरी मेले में गायक के लाइव कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद मामला कलाकारों के सम्मान, कार्यक्रम की जिम्मेदारी और राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने माफी मांगने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं है। उनका तर्क है कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।
18 अक्टूबर को कुंजापुरी मेले में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर 2026 को टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान हुई।
कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई। वायरल वीडियो में मंत्री को गायक से यह कहते सुना गया कि जब उनसे ठीक से बोला नहीं जा रहा तो वह गाना कैसे गाएंगे।
मंत्री ने गायक की शारीरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नशे में होने और लिप-सिंक करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, नशे में होने का आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुआ है।
मिका सिंह ने किया भाई का बचाव, मांगी माफी
मामले ने तूल पकड़ा तो दलेर मेहंदी के भाई और गायक मिका सिंह खुलकर उनके समर्थन में सामने आए। मिका ने कहा कि उनके भाई शराब का सेवन नहीं करते और हाल ही में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उन्होंने मंत्री से सार्वजनिक व्यवहार के लिए माफी मांगने की मांग की।
इसके बाद अभिनेता अनुपम खेर समेत मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने भी दलेर मेहंदी के समर्थन में प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री धामी ने भी किया था हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दलेर मेहंदी और मिका सिंह से संपर्क किया था। मिका सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और दोनों कलाकारों को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया।
इसके बाद 25 अक्टूबर को मिका सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने इस पहल का स्वागत करते हुए कलाकारों के सम्मान को महत्वपूर्ण बताया था।
सुबोध उनियाल ने माफी की खबरों को क्यों नकारा?
27 अक्टूबर को सुबोध उनियाल ने मीडिया से बातचीत में माफी मांगने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। मंत्री ने उल्टा सवाल किया कि उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
उनियाल ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दर्शकों को देनी चाहिए थी। उन्होंने कार्यक्रम के लिए गायक को भुगतान किए जाने और दर्शकों की अपेक्षाओं का हवाला देते हुए अपनी नाराजगी दोहराई।
अब विवाद में नया मोड़
इस पूरे मामले में एक तरफ कलाकार के सम्मान और सार्वजनिक मंच पर उनके साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंत्री कार्यक्रम की गुणवत्ता और दर्शकों के पैसे के बदले उचित प्रस्तुति मिलने की जिम्मेदारी की बात कर रहे हैं।
गायक मनींदर बुट्टर ने भी मंत्री से 2019 के अपने कार्यक्रम की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और व्यापक हो गया।
फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि क्या मंत्री ने वास्तव में दलेर मेहंदी से माफी मांगी थी या नहीं। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए बयानों ने इस मामले को और चर्चा में ला दिया है।
    user_The India Vox
    The India Vox
    Media house देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश जारी, 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट और बैग The Aman Times केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश जारी, 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट और बैग उत्तरकाशी। केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश में SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। अभियान के दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर केदार खड़क के समीप लापता ट्रैकर्स का टेंट, कुछ सामान और एक बैग बरामद हुआ है। हालांकि, अभी तक ट्रैकर्स का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। क्षेत्र में लगातार बर्फबारी और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो रहा है। SDRF टीम ने मौके पर सुरक्षित कैंप स्थापित कर रात्रि विश्राम किया है। मौसम अनुकूल होते ही दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
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    केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश जारी, 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट और बैग

The Aman Times 
केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश जारी, 4000 मीटर की ऊंचाई पर मिला टेंट और बैग
उत्तरकाशी। 
केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रैकर्स की तलाश में SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। 
अभियान के दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर केदार खड़क के समीप लापता ट्रैकर्स का टेंट, कुछ सामान और एक बैग बरामद हुआ है।
हालांकि, अभी तक ट्रैकर्स का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। क्षेत्र में लगातार बर्फबारी और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो रहा है।
SDRF टीम ने मौके पर सुरक्षित कैंप स्थापित कर रात्रि विश्राम किया है। मौसम अनुकूल होते ही दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जनता दरबार में सुनी जनसमस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस अवसर पर कुल 37 शिकायत / मांग पत्र प्राप्त हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम हेल्पलाइन एवं जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयान्तर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जिन प्रकरणों का समाधान हो चुका है, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपडेट किया जाए। जिला योजना की समीक्षा के दौरान समय पर धनराशि खर्च करने तथा बकाया धनावंट हेतु मांग पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए । इस अवसर पर तहसील कण्डीसौड के ग्राम कन्स्यूड़ निवासी सुन्दर सिंह द्वारा उनकी पैतृक भूमि का सही से सीमांकन करवाने की मांग पर एसडीएम टिहरी को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बौराड़ी निवासी फगण सिंह तथा सोवन सिंह द्वारा बौराडी बस अड्डे पर खोखा आंवटन करने की मांग पर प्रभारी अधिकारी पुनर्वास को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। ग्राम कोटी, थाती बूढ़ाकेदार, सत्यवीर सिंह रावत द्वारा बताया कि झाला कोटी रोड़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड का ढलान जंगल से उनके मकान की तरफ होने के कारण नहर तथा बारिश में पानी रोड़ से मकान की तरफ बहने के कारण मकान में दरार पड़ मकान को क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है, जिसपर लोक निर्माण विभाग घनसाली को तत्काल उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जसवन्त सिंह रावत निवासी ओपन मार्केट बौराड़ी, नई टिहरी द्वारा उनकी दुकान के आगे आने-जाने वाले आम रास्ते पर साइड से साड़ियां टांगकर रास्ते को रोकने तथा दुकान को ढ़कने के सम्बन्ध में शिकायत की जिस पर एसडीएम तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टिहरी को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । तहसील टिहरी के ग्राम स्वाड़ी निवासी अनिल सुयाल द्वारा बताया की वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है तथा फिंगरप्रिंट की समस्या के कारण बैंक में केवाईसी नही हो पाने के कारण किसान सम्मान निधि एवं बैंकिंग सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है जिस पर सीएमओ एवं समाज कल्याण अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए । इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, सीएमओ डॉ राम प्रकाश, एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, डीडीओ मो असलम सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने जनता दरबार में सुनी जनसमस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में  जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार कार्यक्रम में विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया। इस अवसर पर कुल 37 शिकायत / मांग पत्र प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के दौरान सीएम हेल्पलाइन एवं जन समर्पण पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयान्तर्गत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा जिन प्रकरणों का समाधान हो चुका है, उन्हें तत्काल पोर्टल पर अपडेट किया जाए। जिला योजना की समीक्षा के दौरान समय पर धनराशि खर्च करने तथा बकाया धनावंट हेतु मांग पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए । 
इस अवसर पर तहसील कण्डीसौड के ग्राम कन्स्यूड़ निवासी सुन्दर सिंह द्वारा उनकी पैतृक भूमि का सही से सीमांकन करवाने की मांग पर एसडीएम टिहरी को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बौराड़ी निवासी फगण सिंह तथा सोवन सिंह द्वारा बौराडी बस अड्डे पर खोखा आंवटन करने की मांग पर प्रभारी अधिकारी पुनर्वास को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम कोटी, थाती बूढ़ाकेदार, सत्यवीर सिंह रावत द्वारा बताया कि झाला कोटी रोड़ में लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड का ढलान जंगल से उनके मकान की तरफ होने के कारण नहर तथा बारिश में पानी रोड़ से मकान की तरफ बहने के कारण मकान में दरार पड़ मकान को क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है, जिसपर लोक निर्माण विभाग घनसाली को तत्काल उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 
जसवन्त सिंह रावत निवासी ओपन मार्केट बौराड़ी, नई टिहरी द्वारा उनकी दुकान के आगे आने-जाने वाले आम रास्ते पर साइड से साड़ियां टांगकर रास्ते को रोकने तथा दुकान को ढ़कने के सम्बन्ध में शिकायत की जिस पर एसडीएम तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका टिहरी को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए ।
तहसील टिहरी के ग्राम स्वाड़ी निवासी अनिल सुयाल द्वारा बताया की वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है तथा फिंगरप्रिंट की समस्या के कारण बैंक में केवाईसी नही हो पाने के कारण किसान सम्मान निधि एवं बैंकिंग सुविधाओं का लाभ नही मिल पा रहा है जिस पर सीएमओ एवं समाज कल्याण अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए । 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल,  सीएमओ डॉ राम प्रकाश, एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता, डीडीओ मो असलम सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_Uklive Uttrakhand
    Uklive Uttrakhand
    टिहरी, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • 🚨 #विकासनगर में सड़क पर बने 'मौत के कुएं', कब जागेगा प्रशासन 📍 #स्थान: अजीतनगर से जाने वाला पीछे का बाईपास मार्ग। ⚠️ #जमीनी हकीकत: सड़क के बीचो-बीच और किनारे पर 10 फीट से भी गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। यह कोई सामान्य गड्ढे नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हादसों को न्योता दे रहे हैं। ❓ #सबसे बड़ा सवाल: #संबंधित विभाग को शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। • आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? • क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन की आंखें खुलेंगी?
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    🚨 #विकासनगर में सड़क पर बने 'मौत के कुएं', कब जागेगा प्रशासन
📍 #स्थान: अजीतनगर से जाने वाला पीछे का बाईपास मार्ग।
⚠️ #जमीनी हकीकत:
सड़क के बीचो-बीच और किनारे पर 10 फीट से भी गहरे जानलेवा गड्ढे बन चुके हैं। यह कोई सामान्य गड्ढे नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हादसों को न्योता दे रहे हैं।
❓ #सबसे बड़ा सवाल:
#संबंधित विभाग को शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
• आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
• क्या किसी की जान जाने के बाद ही प्रशासन की आंखें खुलेंगी?
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • अपराध होने से पहले महिलाओं को सुरक्षा देगा दीपक बड़ोनी का SOS ऐप, उत्तराखंड से राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा प्रोजेक्ट पौड़ी गढ़वाल के ग्रामीण युवक की अनूठी पहल, परिवार को मिलेगी महिला की लाइव लोकेशन और खतरे का अलर्ट उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो महिला सुरक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगा सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवा दीपक बड़ोनी ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नया SOS ऐप तैयार किया है। दीपक का दावा है कि उनका यह ऐप केवल आपातकालीन स्थिति में मदद मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरे के समय ही परिवार को सतर्क करने में मदद कर सकता है। दीपक बड़ोनी के अनुसार, इस ऐप की खासियत यह है कि इसके माध्यम से महिला की लोकेशन लगातार ट्रैक की जा सकती है और उसकी लोकेशन परिवार के सदस्यों तक पहुंचती रहती है। इसके साथ ही अलर्ट साउंड की सुविधा भी दी गई है, जिससे परिवार को महिला की स्थिति और उसके रास्ते की जानकारी मिलती रहेगी। दीपक का कहना है कि सामान्य SOS ऐप में अक्सर आपात स्थिति आने के बाद मदद के लिए अलर्ट भेजा जाता है, जबकि उनके बनाए ऐप का उद्देश्य संभावित खतरे से पहले ही परिवार को सतर्क करना और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करना है। महिला आयोग ने भी प्रोजेक्ट में दिखाई रुचि अपने इस प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाने तथा इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावनाओं को लेकर दीपक बड़ोनी उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल से मिले। दीपक के मुताबिक, कुसुम कंडवाल ने ऐप की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और इस पहल को सराहा। इसके बाद दीपक बड़ोनी को राष्ट्रीय महिला आयोग तक भी अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के सामने SOS ऐप की विशेषताओं और महिला सुरक्षा में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। दीपक के अनुसार, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी इस प्रोजेक्ट को बेहतर पहल बताया। ग्रामीण युवा की तकनीकी पहल बनी चर्चा का विषय एक ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर तकनीकी समाधान तैयार करने वाले दीपक बड़ोनी की यह पहल चर्चा का विषय बन रही है। अब देखना होगा कि इस ऐप को किस तरह और बेहतर बनाया जाता है तथा भविष्य में इसे कितने बड़े स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। महिला सुरक्षा की दिशा में दीपक बड़ोनी की यह कोशिश निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
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    अपराध होने से पहले महिलाओं को सुरक्षा देगा दीपक बड़ोनी का SOS ऐप, उत्तराखंड से राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा प्रोजेक्ट
पौड़ी गढ़वाल के ग्रामीण युवक की अनूठी पहल, परिवार को मिलेगी महिला की लाइव लोकेशन और खतरे का अलर्ट
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो महिला सुरक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगा सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवा दीपक बड़ोनी ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नया SOS ऐप तैयार किया है। दीपक का दावा है कि उनका यह ऐप केवल आपातकालीन स्थिति में मदद मांगने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरे के समय ही परिवार को सतर्क करने में मदद कर सकता है।
दीपक बड़ोनी के अनुसार, इस ऐप की खासियत यह है कि इसके माध्यम से महिला की लोकेशन लगातार ट्रैक की जा सकती है और उसकी लोकेशन परिवार के सदस्यों तक पहुंचती रहती है। इसके साथ ही अलर्ट साउंड की सुविधा भी दी गई है, जिससे परिवार को महिला की स्थिति और उसके रास्ते की जानकारी मिलती रहेगी।
दीपक का कहना है कि सामान्य SOS ऐप में अक्सर आपात स्थिति आने के बाद मदद के लिए अलर्ट भेजा जाता है, जबकि उनके बनाए ऐप का उद्देश्य संभावित खतरे से पहले ही परिवार को सतर्क करना और महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करना है।
महिला आयोग ने भी प्रोजेक्ट में दिखाई रुचि
अपने इस प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाने तथा इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावनाओं को लेकर दीपक बड़ोनी उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल से मिले। दीपक के मुताबिक, कुसुम कंडवाल ने ऐप की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और इस पहल को सराहा।
इसके बाद दीपक बड़ोनी को राष्ट्रीय महिला आयोग तक भी अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के सामने SOS ऐप की विशेषताओं और महिला सुरक्षा में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।
दीपक के अनुसार, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी इस प्रोजेक्ट को बेहतर पहल बताया।
ग्रामीण युवा की तकनीकी पहल बनी चर्चा का विषय
एक ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर तकनीकी समाधान तैयार करने वाले दीपक बड़ोनी की यह पहल चर्चा का विषय बन रही है। अब देखना होगा कि इस ऐप को किस तरह और बेहतर बनाया जाता है तथा भविष्य में इसे कितने बड़े स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
महिला सुरक्षा की दिशा में दीपक बड़ोनी की यह कोशिश निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • मेयर की कुर्सी पर बैठकर हंगामा करने वाले युवक की जनता ने की जमकर पिटाई, पुलिस बचाती रही! मारपीट का वीडियो वायरल नगर निगम में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक युवक मेयर की कुर्सी पर बैठकर हंगामा करने लगा। युवक की इस हरकत से नाराज लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी युवक को भीड़ से बचाने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन लोग लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल घटना के पीछे की पूरी वजह और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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    मेयर की कुर्सी पर बैठकर हंगामा करने वाले युवक की जनता ने की जमकर पिटाई, पुलिस बचाती रही! मारपीट का वीडियो वायरल
नगर निगम में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक युवक मेयर की कुर्सी पर बैठकर हंगामा करने लगा। युवक की इस हरकत से नाराज लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी युवक को भीड़ से बचाने का प्रयास करते नजर आए, लेकिन लोग लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल घटना के पीछे की पूरी वजह और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
    user_सुमित सैनी पत्रकार
    सुमित सैनी पत्रकार
    Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • कोई बड़े घमंड और अकड़ में कह रहा था कौन राहुल! आज रामलीला मैदान में लाखों की तादाद में पहुंची जनता और रामलीला मैदान के बाहर लाखों की तादाद में लोकतंत्र की आवाज को दबाने के खिलाफ पहुंचे युवाओं ने बता दिया है कि कौन है राहुल।
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    कोई बड़े घमंड और अकड़ में कह रहा था कौन राहुल! 
आज रामलीला मैदान में लाखों की तादाद में पहुंची जनता और रामलीला मैदान के बाहर लाखों की तादाद में लोकतंत्र की आवाज को दबाने के खिलाफ पहुंचे युवाओं ने बता दिया है कि कौन है राहुल।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
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