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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26903/26904) को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद, अब मेवाड़ और वागड (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र के लोगों के लिए मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी की राह भी आसान हो गई है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की संभावनाओं को जोड़कर एक संक्षिप्त ब्रीफ (Brief) नीचे दिया गया है: सूरत-उदयपुर वंदे भारत: मुंबई और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी का आधार दक्षिण भारत से सीधा जुड़ाव आसान: मेवाड़ और वागड क्षेत्र के हजारों लोग व्यापार, कपड़ा उद्योग और रोजगार के सिलसिले में सूरत और दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहते हैं। अब उदयपुर से डूंगरपुर, हिम्मतनगर और असारवा (अहमदाबाद) होते हुए सीधे सूरत तक प्रीमियम ट्रेन मिलने से दक्षिण भारत की अन्य ट्रेनों को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा। * सूरत बनेगा मुख्य हब: [सूरत रेलवे स्टेशन]) को वैसे भी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उदयपुर से चलकर यह ट्रेन रात 11:00 बजे सूरत पहुंचेगी, जहाँ से यात्री मुंबई या दक्षिण भारत के लिए आसानी से रात की कनेक्टिंग ट्रेनें ले सकेंगे। डूंगरपुर-हिम्मतनगर-असारवा रूट पर मुंबई और दक्षिण की ट्रेनों की उठती मांग * * ब्रॉडगेज ट्रैक का पूरा फायदा: उदयपुर-असारवा (अहमदाबाद) आमान परिवर्तन (ब्रॉडगेज) पूरा होने के बाद से ही इस रूट (वाया डूंगरपुर और हिम्मतनगर) पर मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत के लिए सीधी सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मांग लंबे समय से हो रही है। * लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद: स्थानीय संगठनों और जनता की मांग है कि साप्ताहिक या दैनिक रूप से कुछ ट्रेनों को सीधे मुंबई (बांद्रा/मुंबई सेंट्रल) या बेंगलुरु/चेन्नई की तरफ इस रूट से डायवर्ट या नई शुरुआत की जाए। चूंकि वंदे भारत ने इस नए ट्रैक की क्षमता और गति (यह ट्रैक 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए उपयुक्त है) को साबित कर दिया है, इसलिए रेलवे बोर्ड के लिए इस रूट पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें मंजूर करना अब तकनीकी रूप से बहुत आसान हो गया है। रूट का वर्तमान स्टेटस और प्रभाव | पैरामीटर | सूरत-उदयपुर वंदे भारत (मंजूर) | मुंबई व दक्षिण की ट्रेनों की मांग (प्रस्तावित/मांग) | |---|---|---| | मुख्य रूट | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा ➡️ वडोदरा ➡️ सूरत | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा (अहमदाबाद) ➡️ मुंबई/दक्षिण भारत | | वर्तमान स्थिति | मंजूर, नवरात्रि से पहले नियमित संचालन की उम्मीद | जन प्रतिनिधियों द्वारा रेल मंत्रालय के समक्ष प्रक्रियाधीन | | किसे होगा फायदा | मेवाड़-वागड के कपड़ा व्यापारी, हीरा कारोबारी और पर्यटक | प्रवासी राजस्थानी (जो मुंबई, पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में बसे हैं) | | बसों पर निर्भरता खत्म | अब तक यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों का सहारा लेना पड़ता था | मुंबई के लिए वर्तमान ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी | निष्कर्ष: उदयपुर-असारवा वंदे भारत का सूरत तक विस्तार करना, रेलवे द्वारा इस रूट को मुख्यधारा के बड़े नेटवर्क से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। यह मंजूरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि रेल मंत्रालय इस ट्रैक की उपयोगिता को समझ चुका है, जिससे वागड (डूंगरपुर) और मेवाड़ की जनता की मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेनों की मांग भी जल्द ही पूरी होने की प्रबल संभावना बन गई है।

3 hrs ago
user_वागड़ NEWS 24
वागड़ NEWS 24
Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
3 hrs ago

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26903/26904) को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद, अब मेवाड़ और वागड (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र के लोगों के लिए मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी की राह भी आसान हो गई है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की संभावनाओं को जोड़कर एक संक्षिप्त ब्रीफ (Brief) नीचे दिया गया है: सूरत-उदयपुर वंदे भारत: मुंबई और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी का आधार दक्षिण भारत से सीधा जुड़ाव आसान: मेवाड़ और वागड क्षेत्र के हजारों लोग व्यापार, कपड़ा उद्योग और रोजगार के सिलसिले में सूरत और दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहते हैं। अब उदयपुर से डूंगरपुर, हिम्मतनगर और असारवा (अहमदाबाद) होते हुए सीधे सूरत तक प्रीमियम ट्रेन मिलने से दक्षिण भारत की अन्य ट्रेनों को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा। * सूरत बनेगा मुख्य हब: [सूरत रेलवे स्टेशन]) को वैसे भी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उदयपुर से चलकर यह ट्रेन रात 11:00 बजे सूरत पहुंचेगी, जहाँ से यात्री मुंबई या दक्षिण भारत के लिए आसानी से रात की कनेक्टिंग ट्रेनें ले सकेंगे। डूंगरपुर-हिम्मतनगर-असारवा रूट पर मुंबई और दक्षिण की ट्रेनों की उठती मांग * * ब्रॉडगेज ट्रैक का पूरा फायदा: उदयपुर-असारवा (अहमदाबाद) आमान परिवर्तन (ब्रॉडगेज) पूरा होने के बाद से ही इस रूट (वाया डूंगरपुर और हिम्मतनगर) पर मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत के लिए सीधी सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मांग लंबे समय से हो रही है। * लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद: स्थानीय संगठनों और जनता की मांग है कि साप्ताहिक या दैनिक रूप से कुछ ट्रेनों को सीधे मुंबई (बांद्रा/मुंबई सेंट्रल) या बेंगलुरु/चेन्नई की तरफ इस रूट से डायवर्ट या नई शुरुआत की जाए। चूंकि वंदे भारत ने इस नए ट्रैक की क्षमता और गति (यह ट्रैक 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए उपयुक्त है) को साबित कर दिया है, इसलिए रेलवे बोर्ड के लिए इस रूट पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें मंजूर करना अब तकनीकी रूप से बहुत आसान हो गया है। रूट का वर्तमान स्टेटस और प्रभाव | पैरामीटर | सूरत-उदयपुर वंदे भारत (मंजूर) | मुंबई व दक्षिण की ट्रेनों की मांग (प्रस्तावित/मांग) | |---|---|---| | मुख्य रूट | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा ➡️ वडोदरा ➡️ सूरत | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा (अहमदाबाद) ➡️ मुंबई/दक्षिण भारत | | वर्तमान स्थिति | मंजूर, नवरात्रि से पहले नियमित संचालन की उम्मीद | जन प्रतिनिधियों द्वारा रेल मंत्रालय के समक्ष प्रक्रियाधीन | | किसे होगा फायदा | मेवाड़-वागड के कपड़ा व्यापारी, हीरा कारोबारी और पर्यटक | प्रवासी राजस्थानी (जो मुंबई, पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में बसे हैं) | | बसों पर निर्भरता खत्म | अब तक यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों का सहारा लेना पड़ता था | मुंबई के लिए वर्तमान ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी | निष्कर्ष: उदयपुर-असारवा वंदे भारत का सूरत तक विस्तार करना, रेलवे द्वारा इस रूट को मुख्यधारा के बड़े नेटवर्क से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। यह मंजूरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि रेल मंत्रालय इस ट्रैक की उपयोगिता को समझ चुका है, जिससे वागड (डूंगरपुर) और मेवाड़ की जनता की मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेनों की मांग भी जल्द ही पूरी होने की प्रबल संभावना बन गई है।

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  • सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26903/26904) को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद, अब मेवाड़ और वागड (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र के लोगों के लिए मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी की राह भी आसान हो गई है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की संभावनाओं को जोड़कर एक संक्षिप्त ब्रीफ (Brief) नीचे दिया गया है: सूरत-उदयपुर वंदे भारत: मुंबई और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी का आधार दक्षिण भारत से सीधा जुड़ाव आसान: मेवाड़ और वागड क्षेत्र के हजारों लोग व्यापार, कपड़ा उद्योग और रोजगार के सिलसिले में सूरत और दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहते हैं। अब उदयपुर से डूंगरपुर, हिम्मतनगर और असारवा (अहमदाबाद) होते हुए सीधे सूरत तक प्रीमियम ट्रेन मिलने से दक्षिण भारत की अन्य ट्रेनों को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा। * सूरत बनेगा मुख्य हब: [सूरत रेलवे स्टेशन]) को वैसे भी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उदयपुर से चलकर यह ट्रेन रात 11:00 बजे सूरत पहुंचेगी, जहाँ से यात्री मुंबई या दक्षिण भारत के लिए आसानी से रात की कनेक्टिंग ट्रेनें ले सकेंगे। डूंगरपुर-हिम्मतनगर-असारवा रूट पर मुंबई और दक्षिण की ट्रेनों की उठती मांग * * ब्रॉडगेज ट्रैक का पूरा फायदा: उदयपुर-असारवा (अहमदाबाद) आमान परिवर्तन (ब्रॉडगेज) पूरा होने के बाद से ही इस रूट (वाया डूंगरपुर और हिम्मतनगर) पर मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत के लिए सीधी सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मांग लंबे समय से हो रही है। * लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद: स्थानीय संगठनों और जनता की मांग है कि साप्ताहिक या दैनिक रूप से कुछ ट्रेनों को सीधे मुंबई (बांद्रा/मुंबई सेंट्रल) या बेंगलुरु/चेन्नई की तरफ इस रूट से डायवर्ट या नई शुरुआत की जाए। चूंकि वंदे भारत ने इस नए ट्रैक की क्षमता और गति (यह ट्रैक 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए उपयुक्त है) को साबित कर दिया है, इसलिए रेलवे बोर्ड के लिए इस रूट पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें मंजूर करना अब तकनीकी रूप से बहुत आसान हो गया है। रूट का वर्तमान स्टेटस और प्रभाव | पैरामीटर | सूरत-उदयपुर वंदे भारत (मंजूर) | मुंबई व दक्षिण की ट्रेनों की मांग (प्रस्तावित/मांग) | |---|---|---| | मुख्य रूट | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा ➡️ वडोदरा ➡️ सूरत | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा (अहमदाबाद) ➡️ मुंबई/दक्षिण भारत | | वर्तमान स्थिति | मंजूर, नवरात्रि से पहले नियमित संचालन की उम्मीद | जन प्रतिनिधियों द्वारा रेल मंत्रालय के समक्ष प्रक्रियाधीन | | किसे होगा फायदा | मेवाड़-वागड के कपड़ा व्यापारी, हीरा कारोबारी और पर्यटक | प्रवासी राजस्थानी (जो मुंबई, पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में बसे हैं) | | बसों पर निर्भरता खत्म | अब तक यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों का सहारा लेना पड़ता था | मुंबई के लिए वर्तमान ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी | निष्कर्ष: उदयपुर-असारवा वंदे भारत का सूरत तक विस्तार करना, रेलवे द्वारा इस रूट को मुख्यधारा के बड़े नेटवर्क से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। यह मंजूरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि रेल मंत्रालय इस ट्रैक की उपयोगिता को समझ चुका है, जिससे वागड (डूंगरपुर) और मेवाड़ की जनता की मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेनों की मांग भी जल्द ही पूरी होने की प्रबल संभावना बन गई है।
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    सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। 
सूरत-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 26903/26904) को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद, अब मेवाड़ और वागड (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) क्षेत्र के लोगों के लिए मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी की राह भी आसान हो गई है। 
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की गई इस रूट विस्तार की मांग के बाद, इसे वागड और मेवाड़ क्षेत्र के विकास के लिए एक 'गेम चेंजर' कदम माना जा रहा है। 
इस पूरे घटनाक्रम और भविष्य की संभावनाओं को जोड़कर एक संक्षिप्त ब्रीफ (Brief) नीचे दिया गया है:
सूरत-उदयपुर वंदे भारत: मुंबई और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी का आधार
दक्षिण भारत से सीधा जुड़ाव आसान: मेवाड़ और वागड क्षेत्र के हजारों लोग व्यापार, कपड़ा उद्योग और रोजगार के सिलसिले में सूरत और दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहते हैं। अब उदयपुर से डूंगरपुर, हिम्मतनगर और असारवा (अहमदाबाद) होते हुए सीधे सूरत तक प्रीमियम ट्रेन मिलने से दक्षिण भारत की अन्य ट्रेनों को पकड़ना बेहद आसान हो जाएगा। 
* सूरत बनेगा मुख्य हब: [सूरत रेलवे स्टेशन]) को वैसे भी मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उदयपुर से चलकर यह ट्रेन रात 11:00 बजे सूरत पहुंचेगी, जहाँ से यात्री मुंबई या दक्षिण भारत के लिए आसानी से रात की कनेक्टिंग ट्रेनें ले सकेंगे। 
डूंगरपुर-हिम्मतनगर-असारवा रूट पर मुंबई और दक्षिण की ट्रेनों की उठती मांग
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* ब्रॉडगेज ट्रैक का पूरा फायदा: उदयपुर-असारवा (अहमदाबाद) आमान परिवर्तन (ब्रॉडगेज) पूरा होने के बाद से ही इस रूट (वाया डूंगरपुर और हिम्मतनगर) पर मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत के लिए सीधी सुपरफास्ट या एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मांग लंबे समय से हो रही है।
* लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद: स्थानीय संगठनों और जनता की मांग है कि साप्ताहिक या दैनिक रूप से कुछ ट्रेनों को सीधे मुंबई (बांद्रा/मुंबई सेंट्रल) या बेंगलुरु/चेन्नई की तरफ इस रूट से डायवर्ट या नई शुरुआत की जाए। चूंकि वंदे भारत ने इस नए ट्रैक की क्षमता और गति (यह ट्रैक 160 किमी/घंटा तक की गति के लिए उपयुक्त है) को साबित कर दिया है, इसलिए रेलवे बोर्ड के लिए इस रूट पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें मंजूर करना अब तकनीकी रूप से बहुत आसान हो गया है। 
रूट का वर्तमान स्टेटस और प्रभाव
| पैरामीटर | सूरत-उदयपुर वंदे भारत (मंजूर) | मुंबई व दक्षिण की ट्रेनों की मांग (प्रस्तावित/मांग) |
|---|---|---|
| मुख्य रूट | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा ➡️ वडोदरा ➡️ सूरत | उदयपुर ➡️ डूंगरपुर ➡️ हिम्मतनगर ➡️ असारवा (अहमदाबाद) ➡️ मुंबई/दक्षिण भारत |
| वर्तमान स्थिति | मंजूर, नवरात्रि से पहले नियमित संचालन की उम्मीद | जन प्रतिनिधियों द्वारा रेल मंत्रालय के समक्ष प्रक्रियाधीन |
| किसे होगा फायदा | मेवाड़-वागड के कपड़ा व्यापारी, हीरा कारोबारी और पर्यटक | प्रवासी राजस्थानी (जो मुंबई, पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में बसे हैं) |
| बसों पर निर्भरता खत्म | अब तक यात्रियों को मजबूरी में निजी बसों का सहारा लेना पड़ता था | मुंबई के लिए वर्तमान ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी |
निष्कर्ष:
उदयपुर-असारवा वंदे भारत का सूरत तक विस्तार करना, रेलवे द्वारा इस रूट को मुख्यधारा के बड़े नेटवर्क से जोड़ने का पहला बड़ा कदम है। यह मंजूरी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि रेल मंत्रालय इस ट्रैक की उपयोगिता को समझ चुका है, जिससे वागड (डूंगरपुर) और मेवाड़ की जनता की मुंबई और दक्षिण भारत के लिए सीधी ट्रेनों की मांग भी जल्द ही पूरी होने की प्रबल संभावना बन गई है।
    user_वागड़ NEWS 24
    वागड़ NEWS 24
    Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • डुंगरपुर नगर पालिका के चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा डुंगरपुर नगर पालिका के चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा । नगर पालिका चुनाव के वार्ड पार्षद को पार्टी ने मनमर्जी से टिकट वितरण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का भाजपा कार्यालय के बहार हंगामा का विडियो वायरल हुआ
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    डुंगरपुर नगर पालिका के चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा 
डुंगरपुर नगर पालिका के चुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा । नगर पालिका चुनाव के वार्ड पार्षद को पार्टी ने मनमर्जी से टिकट वितरण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं का  भाजपा कार्यालय के बहार हंगामा का 
विडियो वायरल हुआ
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • गनोड़ा में सात दिवसीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति, श्रद्धालुओं ने सृष्टि कल्याण का लिया संकल्प गनोड़ा। कस्बे में पिछले सात दिनों से चल रहे गायत्री परिवार के आध्यात्मिक एवं जनजागरण कार्यक्रम का रविवार को पूर्णाहुति यज्ञ के साथ समापन हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर सभी के मंगल और सृष्टि के कल्याण की कामना की। पूर्णाहुति यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने मानव कल्याण के लिए कार्य करने, जीवन में सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। यज्ञ के मंत्रोच्चार एवं आध्यात्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। सात दिनों तक जीवन जीने की कला का दिया संदेश गनोड़ा में सात दिनों तक चले कार्यक्रम में हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी ने जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को सकारात्मक एवं संस्कारवान जीवन जीने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में बच्चों के लिए बाल संस्कारशाला आयोजित की गई, जिसमें नन्हे बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन, संयम और सदाचार का महत्व समझाया गया। वहीं महिलाओं के लिए आयोजित ‘बहनों से अपनी बात’ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें महिलाओं को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, परिवार एवं समाज में अपनी भूमिका को समझने तथा सतमार्ग पर चलते हुए जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा दी गई। आध्यात्मिक आयोजन ने छोड़ी विशेष छाप सात दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान ग्रामीणों में आध्यात्मिक चेतना के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया गया। कार्यक्रम में प्रभु लाल व्यास, पर्वत सिंह चौहान, मनोहर सिंह राणावत, नारायण सिंह चौहान, रामू भाई चरपोटा, चंपालाल जोशी, रमेश चंद्र व्यास, तोलाराम व्यास, नारायण लाल व्यास, राजेश जोशी, कृष्ण शंकर जोशी, केशव चंद्र व्यास, जवाहरलाल व्यास एवं देव शंकर मेहता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गुरुजी एवं दीदी को आसोड़ा तक कराया विहार कार्यक्रम की पूर्णाहुति के बाद शांतिकुंज हरिद्वार से आए हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी को गनोड़ा से आसोड़ा तक विहार कराया गया। इस दौरान गायत्री परिवार के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उनके साथ रहे। रामलाल मसार, हीरालाल पांचाल, पर्वत सिंह चौहान, मनोहर सिंह राणावत, नारायण सिंह चौहान, लोकेश अलावत, प्रकाश जोशी एवं जितेश व्यास सहित कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सात दिनों तक चले इस कार्यक्रम ने गनोड़ा में आध्यात्मिक वातावरण के साथ बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को संस्कार, सदाचार एवं मानव कल्याण का संदेश दिया।
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    गनोड़ा में सात दिवसीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति, श्रद्धालुओं ने सृष्टि कल्याण का लिया संकल्प

गनोड़ा। कस्बे में पिछले सात दिनों से चल रहे गायत्री परिवार के आध्यात्मिक एवं जनजागरण कार्यक्रम का रविवार को पूर्णाहुति यज्ञ के साथ समापन हुआ। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर सभी के मंगल और सृष्टि के कल्याण की कामना की।
पूर्णाहुति यज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने मानव कल्याण के लिए कार्य करने, जीवन में सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया। यज्ञ के मंत्रोच्चार एवं आध्यात्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया।
सात दिनों तक जीवन जीने की कला का दिया संदेश
गनोड़ा में सात दिनों तक चले कार्यक्रम में हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी ने जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालते हुए लोगों को सकारात्मक एवं संस्कारवान जीवन जीने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में बच्चों के लिए बाल संस्कारशाला आयोजित की गई, जिसमें नन्हे बच्चों को अच्छे संस्कार, अनुशासन, संयम और सदाचार का महत्व समझाया गया।
वहीं महिलाओं के लिए आयोजित ‘बहनों से अपनी बात’ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें महिलाओं को जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, परिवार एवं समाज में अपनी भूमिका को समझने तथा सतमार्ग पर चलते हुए जीवन को सार्थक बनाने की प्रेरणा दी गई।
आध्यात्मिक आयोजन ने छोड़ी विशेष छाप
सात दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान ग्रामीणों में आध्यात्मिक चेतना के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया गया।
कार्यक्रम में प्रभु लाल व्यास, पर्वत सिंह चौहान, मनोहर सिंह राणावत, नारायण सिंह चौहान, रामू भाई चरपोटा, चंपालाल जोशी, रमेश चंद्र व्यास, तोलाराम व्यास, नारायण लाल व्यास, राजेश जोशी, कृष्ण शंकर जोशी, केशव चंद्र व्यास, जवाहरलाल व्यास एवं देव शंकर मेहता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
गुरुजी एवं दीदी को आसोड़ा तक कराया विहार
कार्यक्रम की पूर्णाहुति के बाद शांतिकुंज हरिद्वार से आए हेमंत भट्ट गुरुजी एवं वनिता दीदी को गनोड़ा से आसोड़ा तक विहार कराया गया। इस दौरान गायत्री परिवार के कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उनके साथ रहे। रामलाल मसार, हीरालाल पांचाल, पर्वत सिंह चौहान, मनोहर सिंह राणावत, नारायण सिंह चौहान, लोकेश अलावत, प्रकाश जोशी एवं जितेश व्यास सहित कार्यकर्ताओं ने सहभागिता निभाई।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने सात दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। सात दिनों तक चले इस कार्यक्रम ने गनोड़ा में आध्यात्मिक वातावरण के साथ बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को संस्कार, सदाचार एवं मानव कल्याण का संदेश दिया।
    user_Harendra Vyas
    Harendra Vyas
    गनोड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • भोईवाड़ा में बिना चुनाव लड़े मनन कलासुआ की जीत, कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज डूंगरपुर। नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 23 भोईवाड़ा से बड़ा चुनावी उलटफेर सामने आया है। यहां मनन कलासुआ निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन खारिज होने के बाद वार्ड में मुकाबला खत्म हो गया और मनन कलासुआ को निर्विरोध जीत मिली। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में ऐसी धाराएं थीं, जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान बताया गया। इसी आधार पर जांच के बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। मनन कलासुआ निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे हैं। निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद मनन ने अपने पिता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने उन्हें जीत की बधाई दी। वार्ड 23 में चुनावी मुकाबला होने से पहले ही खत्म होने के बाद अब मनन कलासुआ की निर्विरोध जीत नगर परिषद चुनाव में चर्चा का विषय बन गई है।
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    भोईवाड़ा में बिना चुनाव लड़े मनन कलासुआ की जीत, कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज
डूंगरपुर। नगर परिषद चुनाव में वार्ड नंबर 23 भोईवाड़ा से बड़ा चुनावी उलटफेर सामने आया है। यहां मनन कलासुआ निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा का नामांकन खारिज होने के बाद वार्ड में मुकाबला खत्म हो गया और मनन कलासुआ को निर्विरोध जीत मिली। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी गणेश कटारा के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में ऐसी धाराएं थीं, जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान बताया गया। इसी आधार पर जांच के बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया।
मनन कलासुआ निवर्तमान सभापति अमृत कलासुआ के बेटे हैं। निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद मनन ने अपने पिता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान पार्टी के नेताओं और समर्थकों ने उन्हें जीत की बधाई दी। वार्ड 23 में चुनावी मुकाबला होने से पहले ही खत्म होने के बाद अब मनन कलासुआ की निर्विरोध जीत नगर परिषद चुनाव में चर्चा का विषय बन गई है।
    user_Naresh Bhoi
    Naresh Bhoi
    पत्रकार डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • भीलप्रदेश मुक्ति मोर्चा की प्रतिनियुक्ति पर गए व्याख्याताओं को मूल महाविद्यालय में वापस लाने की मांग प्रतिनियुक्ति पर गए व्याख्याताओं को मूल महाविद्यालय में वापस लाने की मांग डूंगरपुर के श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने आवाज उठाई। निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार परमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में रैली निकालकर प्राचार्य के माध्यम से कॉलेज आयुक्त, जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन की प्रमुख मांगें— प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए सभी असिस्टेंट प्रोफेसरों को वापस मूल महाविद्यालय में लगाया जाए। नियुक्ति के बाद कम से कम 5 वर्ष तक शिक्षकों को मूल महाविद्यालय में कार्यरत रखने के आदेश दिए जाएं। जिले के महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही शिक्षण व्यवस्था को सुधारा जाए। महाविद्यालय में करीब 8 हजार से अधिक नियमित विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ने की बात संगठन ने उठाई है।
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    भीलप्रदेश मुक्ति मोर्चा की प्रतिनियुक्ति पर गए व्याख्याताओं को मूल महाविद्यालय में वापस लाने की मांग
प्रतिनियुक्ति पर गए व्याख्याताओं को मूल महाविद्यालय में वापस लाने की मांग
डूंगरपुर के श्री भोगीलाल पंड्या राजकीय महाविद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने आवाज उठाई।
निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष तुषार परमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कॉलेज परिसर में रैली निकालकर प्राचार्य के माध्यम से कॉलेज आयुक्त, जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन की प्रमुख मांगें—  प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए सभी असिस्टेंट प्रोफेसरों को वापस मूल महाविद्यालय में लगाया जाए।  नियुक्ति के बाद कम से कम 5 वर्ष तक शिक्षकों को मूल महाविद्यालय में कार्यरत रखने के आदेश दिए जाएं। जिले के महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही शिक्षण व्यवस्था को सुधारा जाए।
महाविद्यालय में करीब 8 हजार से अधिक नियमित विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ने की बात संगठन ने उठाई है।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • संवाददाता: भरत पंड्या (डूंगरपुर) संपर्क: 9829264909 डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव: "शहर में इस बार फिर पूर्ण बहुमत से बनेगा बोर्ड" — केके गुप्ता का बड़ा दावा संवाददाता: भरत पंड्या (डूंगरपुर) संपर्क: 9829264909 डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव: "शहर में इस बार फिर पूर्ण बहुमत से बनेगा बोर्ड" — केके गुप्ता का बड़ा दावा ​डूंगरपुर। आगामी नगर परिषद चुनाव की घोषणा से पहले ही डूंगरपुर की सियासी फिजाओं में हलचल तेज हो गई है। स्वच्छ राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर एवं डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व सभापति केके गुप्ता ने निकाय चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि इस बार शहर की जनता फिर से विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी और डूंगरपुर में पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड का गठन होगा। ​केके गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर की जागरूक जनता हमेशा से विकास कार्यों, स्वच्छता मॉडल और पारदर्शी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए थे, जिनकी बदौलत शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। जनहित के इन कार्यों के बल पर आज भी जनता का विश्वास उनके साथ मजबूती से बना हुआ है। ​चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आह्वान किया कि वे अभी से धरातल पर जुट जाएं और जन-जन तक पिछले विकास कार्यों और भावी योजनाओं का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि जनता के अपार स्नेह और समर्थन के दम पर इस बार भी पूर्ण बहुमत के साथ परिषद में बोर्ड बनेगा। ​पूर्व सभापति के इस आत्मविश्वास से भरे बयान के बाद डूंगरपुर के राजनीतिक गलियारों में चुनावी चर्चाएं गरमा गई हैं। माना जा रहा है कि गुप्ता के इस रुख के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी बिसात बिछाने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट जाएंगे।
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    संवाददाता: भरत पंड्या (डूंगरपुर)
संपर्क: 9829264909

डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव: "शहर में इस बार फिर पूर्ण बहुमत से बनेगा बोर्ड" — केके गुप्ता का बड़ा दावा
संवाददाता: भरत पंड्या (डूंगरपुर)
संपर्क: 9829264909
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव: "शहर में इस बार फिर पूर्ण बहुमत से बनेगा बोर्ड" — केके गुप्ता का बड़ा दावा
​डूंगरपुर। आगामी नगर परिषद चुनाव की घोषणा से पहले ही डूंगरपुर की सियासी फिजाओं में हलचल तेज हो गई है। स्वच्छ राजस्थान के ब्रांड एंबेसडर एवं डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व सभापति केके गुप्ता ने निकाय चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए दावा किया है कि इस बार शहर की जनता फिर से विकास और सुशासन के पक्ष में मतदान करेगी और डूंगरपुर में पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड का गठन होगा।  
​केके गुप्ता ने कहा कि डूंगरपुर की जागरूक जनता हमेशा से विकास कार्यों, स्वच्छता मॉडल और पारदर्शी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि नगर परिषद द्वारा शहर को स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए गए थे, जिनकी बदौलत शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। जनहित के इन कार्यों के बल पर आज भी जनता का विश्वास उनके साथ मजबूती से बना हुआ है।
​चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आह्वान किया कि वे अभी से धरातल पर जुट जाएं और जन-जन तक पिछले विकास कार्यों और भावी योजनाओं का संदेश पहुंचाएं। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि जनता के अपार स्नेह और समर्थन के दम पर इस बार भी पूर्ण बहुमत के साथ परिषद में बोर्ड बनेगा।
​पूर्व सभापति के इस आत्मविश्वास से भरे बयान के बाद डूंगरपुर के राजनीतिक गलियारों में चुनावी चर्चाएं गरमा गई हैं। माना जा रहा है कि गुप्ता के इस रुख के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी बिसात बिछाने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट जाएंगे।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सावन पूर्णाहुति पर फतेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, यज्ञ से गूंजा महादेव धाम पवित्र श्रावण मास की पूर्णाहुति पर फतेश्वर धाम में श्रद्धा और भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। सर्वजन कल्याण, सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा की मंगलकामना के साथ फतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य यज्ञ आयोजित हुआ। पंडित हेमेंद्र पंड्या एवं पंडित विपिन भट्ट के सानिध्य में पंडित दीपेश भट्ट, पंडित सुनील भट्ट एवं विशाल उपाध्याय ने धार्मिक विधियां संपन्न कराईं। मुख्य जजमान मातृश्री बोरवेल एवं श्री दर्शन सिंह चौहान परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान फतेश्वर महादेव से क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भगवान फतेश्वर महादेव की आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस दौरान षट् व्रतधारी भक्तों ने भी विशेष पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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    सावन पूर्णाहुति पर फतेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, यज्ञ से गूंजा महादेव धाम
पवित्र श्रावण मास की पूर्णाहुति पर फतेश्वर धाम में श्रद्धा और भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। सर्वजन कल्याण, सुख-समृद्धि, शांति और अच्छी वर्षा की मंगलकामना के साथ फतेश्वर महादेव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य यज्ञ आयोजित हुआ।
पंडित हेमेंद्र पंड्या एवं पंडित विपिन भट्ट के सानिध्य में पंडित दीपेश भट्ट, पंडित सुनील भट्ट एवं विशाल उपाध्याय ने धार्मिक विधियां संपन्न कराईं। मुख्य जजमान मातृश्री बोरवेल एवं श्री दर्शन सिंह चौहान परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर भगवान फतेश्वर महादेव से क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की।
यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद भगवान फतेश्वर महादेव की आरती उतारी गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस दौरान षट् व्रतधारी भक्तों ने भी विशेष पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • बेड़ियों में कैद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ड्राइवर:30 सूत्रीय मांगों को लेकर किया अनोखा प्रदर्शन, पीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन डूंगरपुर जिले में ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। एसोसिएशन से जुड़े ड्राइवर बेड़ियों में बंधकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी 30 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गणेश कटारा के नेतृत्व में चालक कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। इस दौरान बेड़ियों में बंधे चालकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने देशभर के चालकों के लिए कई महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सुरक्षा की मांग की। 1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने की मांग इस मौके पर अध्यक्ष गणेश कटारा ने कहा कि व्यावसायिक चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन उन्हें सही सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि देश की परिवहन व्यवस्था को ठीक रखने में चालक अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन ड्यूटी के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों और खतरों का सामना करना पड़ता है। कटारा ने सरकार से चालकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक हितों को लेकर कड़े कदम उठाने की अपील की। ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने एडीएम को सौंपे ज्ञापन में 1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने और चालकों के हितों के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग की स्थापना करने की मुख्य रूप से मांग की है। इसके साथ ही ज्ञापन में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में चालक की मौत होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग की गई है। वहीं, हादसे में चालक के दिव्यांग होने पर 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने सहित कई और मांगे भी रखी गई हैं।
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    बेड़ियों में कैद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे ड्राइवर:30 सूत्रीय मांगों को लेकर किया अनोखा प्रदर्शन, पीएम के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन
डूंगरपुर जिले में ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। एसोसिएशन से जुड़े ड्राइवर बेड़ियों में बंधकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी 30 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने एडीएम को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गणेश कटारा के नेतृत्व में चालक कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। इस दौरान बेड़ियों में बंधे चालकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने देशभर के चालकों के लिए कई महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सुरक्षा की मांग की।
1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने की मांग इस मौके पर अध्यक्ष गणेश कटारा ने कहा कि व्यावसायिक चालक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन उन्हें सही सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि देश की परिवहन व्यवस्था को ठीक रखने में चालक अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन ड्यूटी के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों और खतरों का सामना करना पड़ता है।
कटारा ने सरकार से चालकों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक हितों को लेकर कड़े कदम उठाने की अपील की। ऑल ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने एडीएम को सौंपे ज्ञापन में 1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस घोषित करने और चालकों के हितों के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग की स्थापना करने की मुख्य रूप से मांग की है।
इसके साथ ही ज्ञापन में ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में चालक की मौत होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग की गई है। वहीं, हादसे में चालक के दिव्यांग होने पर 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने सहित कई और मांगे भी रखी गई हैं।
    user_वागड़ NEWS 24
    वागड़ NEWS 24
    Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
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