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मथुरा के बसोती गाँव में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की भव्य पदाधिकारी बैठक और नियुक्ति बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
Brajvir Singh
मथुरा के बसोती गाँव में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की भव्य पदाधिकारी बैठक और नियुक्ति बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
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- मथुरा के बसोती गाँव में राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की भव्य पदाधिकारी बैठक और नियुक्ति बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।1
- मथुरा में इलाज के दौरान 28 वर्षीय प्रीति की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है। प्रीति की असामयिक मृत्यु के कारण उनके तीन मासूम बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया है। परिजन अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रहे हैं और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराया है, जिसके चलते इस मामले पर काफी बवाल देखा जा रहा है।1
- मथुरा के ऐतिहासिक होली गेट पर समाजवादी नेता सेनापति कुंतल और बिहार के चर्चित भरत तिवारी हत्याकांड के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया, जिससे वहां का माहौल गर्म हो गया। प्रदर्शनकारियों ने दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी सजा देने की जोरदार मांग उठाई। इस दौरान, प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चाहे मथुरा के सेनापति कुंतल का मामला हो या बिहार के भरत तिवारी का, इन दोनों घटनाओं ने आम जनता के मन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कठघरे में खड़ा किया जाए। मथुरा के होली गेट से उठी यह न्याय की मांग अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न्याय की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1
- मथुरा जनपद की छाता तहसील स्थित उप निबंधन कार्यालय में निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। आंदोलनरत दस्तावेज लेखक संघ और अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली, जिसमें उन्होंने अपने गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील परिसर से रैली निकालकर उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला दहन किया। उन्होंने सरकार पर रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। इस दौरान तहसील परिसर में काफी संख्या में दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। पूर्व जिला अध्यक्ष सपा लोकमणिकांत जादौन ने मीडिया से बात करते हुए वकीलों की 14 वेतन हड़ताल जारी होने और राज्य मंत्री का फूखा पुतला फूंके जाने की जानकारी दी। हड़ताल पर बैठे संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण के फैसले को वापस लेने तक उनका संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा। फिलहाल, इस हड़ताल के कारण उप निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।4
- मथुरा के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही और पुलिस प्रशासन पर प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। परिजनों का दावा है कि यह घटना 20 जून को लक्ष्मी नगर चौराहे के पास हुए एक सड़क हादसे से जुड़ी है, जहाँ प्रीति नामक युवती ऑटो से गिरने के कारण अपने घुटने के नीचे के हिस्से में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल वर्मन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन की आवश्यकता बताई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि पैर में चोट होने के बावजूद युवती का कमर का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद 22 जून को प्रीति की अस्पताल में ही मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कथित तौर पर इस बात को छिपाते हुए उनकी हालत गंभीर बताई और उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, यह कहते हुए कि वे उन्हें वहां नहीं रख सकते। जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार को पता चला कि वह पहले ही मर चुकी थीं। मृतका प्रीति लक्ष्मी नगर निवासी भूपेंद्र कुमार की पत्नी थीं। इस घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अस्पताल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शव परिजनों को सौंप दिया। मामला बढ़ने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) आसना चौधरी को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें वहां से भी कोई राहत या न्याय का भरोसा नहीं मिला। फिलहाल, परिजन और ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं। नोट: अस्पताल और पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप परिजनों के कथन पर आधारित हैं। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।1
- हिन्दू धर्म के नाम पर जन मानस के दान से शराब पीने वाले एक फर्जी बाबा की कड़ी निंदा की गई है। आरोप है कि भगवा वस्त्र धारण कर साधु का रूप धरने वाला यह व्यक्ति शराब पीकर हिन्दू धर्म को कलंकित कर रहा है। इसी के चलते, लोगों से ऐसे अधर्मी व्यक्तियों को भीख या दान देना बंद करने की अपील की गई है। इसके बजाय, यह सुझाव दिया गया है कि यदि दान करना ही है तो वह गौ माता और गौशालाओं को दिया जाना चाहिए।1
- वृंदावन स्थित बिरला मंदिर के पास दारू के ठेके को लेकर साधु-संतों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। साधु-संतों ने इस शराब की दुकान को मंदिर परिसर के निकट से हटाने की माँग की है।1
- मथुरा थाना यमुना पार क्षेत्र की शिव नगर कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय प्रीति की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने बर्मन हॉस्पिटल के चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मिली जानकारी के अनुसार, प्रीति 20 जून को ऑटो से यात्रा कर रही थीं तभी वह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं। इस हादसे में उनके पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। सड़क हादसे के बाद महिला की मौत से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और परिजनों द्वारा बर्मन हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।4