शिवपुरी- केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की जनसुनवाई, मौके पर किया आवेदकों की समस्याओं का निराकरण आज जनसुनवाई में 782 आवेदन प्राप्त, टोकन प्रणाली से पारदर्शी समाधान केंद्रीय संचार एवं पूर्वाेत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने शिवपुरी प्रवास के तीसरे दिन शिवपुरी के कोटा-भगोरा क्षेत्र में आयोजित आज की जनसुनवाई में लगभग 782 आवेदनों को सुना। इनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रत्येक आवेदन को टोकन प्रणाली के अंतर्गत पंजीकृत कर ऑनलाइन ट्रैकिंग से जोड़ा गया है, जिससे हर प्रकरण की पारदर्शी और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित हो सके। आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड, प्रमाण पत्र, लाड़ली लक्ष्यमी योजना, पीएम आवास योजना पंजीयन तथा विभिन्न जांच संबंधी मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न हितग्राहियों का मौके पर ही निराकरण किया गया। उनमें इंदर सिंह आदिवासी, जूली जाटव, नंदकिशोर को तुरंत संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र प्रदाय किया गया। अमर सिंह आदिवासी, राजकुमार के आवेदन का तुरंत निराकरण कर फौती नामांतरण दिया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना में मनीषा ओझा, हरिवल्लभ-नंदनी, मृगेन्द्र गुर्जर को मौके पर ही प्रमाण पत्र दिया गया। नानू आदिवासी को तुरंत वृद्धा पेंशन का प्रमाण पत्र दिया गया। जतनाम सिंह, ग्यासी बंजारा को जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। मोहन को तुरंत मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को निशुल्क साइकिल का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि यह जनसुनवाई दूसरे चरण की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें पिछले तीन दिनों में शिवपुरी जिले में तीन बड़े जनसुनवाई शिविर- लुकवासा, भोंती और कोटा में आयोजित किए गए। इन शिविरों में 3000 से अधिक नागरिकों की समस्याएं सीधे केंद्रीय मंत्री, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनी गईं।
शिवपुरी- केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने की जनसुनवाई, मौके पर किया आवेदकों की समस्याओं का निराकरण आज जनसुनवाई में 782 आवेदन प्राप्त, टोकन प्रणाली से पारदर्शी समाधान केंद्रीय संचार एवं पूर्वाेत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने शिवपुरी प्रवास के तीसरे दिन शिवपुरी के कोटा-भगोरा क्षेत्र में आयोजित आज
की जनसुनवाई में लगभग 782 आवेदनों को सुना। इनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रत्येक आवेदन को टोकन प्रणाली के अंतर्गत पंजीकृत कर ऑनलाइन ट्रैकिंग से जोड़ा गया है,
जिससे हर प्रकरण की पारदर्शी और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित हो सके। आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड, प्रमाण पत्र, लाड़ली लक्ष्यमी योजना, पीएम आवास योजना पंजीयन तथा विभिन्न जांच संबंधी मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न हितग्राहियों का मौके पर ही निराकरण किया गया। उनमें इंदर
सिंह आदिवासी, जूली जाटव, नंदकिशोर को तुरंत संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र प्रदाय किया गया। अमर सिंह आदिवासी, राजकुमार के आवेदन का तुरंत निराकरण कर फौती नामांतरण दिया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना में मनीषा ओझा, हरिवल्लभ-नंदनी, मृगेन्द्र गुर्जर को मौके पर ही प्रमाण पत्र दिया
गया। नानू आदिवासी को तुरंत वृद्धा पेंशन का प्रमाण पत्र दिया गया। जतनाम सिंह, ग्यासी बंजारा को जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। मोहन को तुरंत मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को निशुल्क साइकिल का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि यह जनसुनवाई दूसरे चरण की
श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें पिछले तीन दिनों में शिवपुरी जिले में तीन बड़े जनसुनवाई शिविर- लुकवासा, भोंती और कोटा में आयोजित किए गए। इन शिविरों में 3000 से अधिक नागरिकों की समस्याएं सीधे केंद्रीय मंत्री, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनी गईं।
- पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा यातायात व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने एवं वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए दो पहिया वाहनों पर हेलमेट लगाने की अनिवार्यता हेतु अभियान चलाया जा रहा है, उक्त अभियान मे पुलिस अधीक्षक शिवपुरी अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में शिवपुरी पुलिस द्वारा जिले में अभियान के अंतर्गत दो पहिया वाहन पर चलने वाले लोगों को हेलमेट पहनने की हिदायत दी जा रही है एवं आवश्यकता अनुसार चालानी कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 26-4-26 से 10-5-2026 तक हेलमेट का विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके तारतम्य में आज यातायात पुलिस शिवपुरी द्वारा ग्वालियर बायपास पर हेलमेट न धारण करने वाले लगभग 500 वाहन चालकों को हेलमेट धारण करने हेतु जागरूक किया गया। हेलमेट धारण नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जाएगी एवं हेलमेट न धारण करने वाले सभी वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित भी किए जाएंगे। यह अभियान संपूर्ण जिले में चलाया जा रहा है।8
- कार्तिक प्रजापति ने बताया कि रेलगाड़ी को हिंदी में लौह पथ गामिनी कहा जाता है क्या यह आंसर सही है आप कमेंट बॉक्स में बताएं1
- Post by Ranu rajput पत्रकार1
- समझाइश के बाद टावर से उतरा प्रेमी जोड़ा शिवपुरी। कोलारस क्षेत्र के ग्राम गणेशखेड़ा में मोबाइल टावर पर चढ़े प्रेमी जोड़े का ड्रामा आखिरकार समाप्त हो गया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद प्रेमी जोड़ा मोहरसिंह आदिवासी और ललिता आदिवासी सुरक्षित नीचे उतर आए। मौके पर मौजूद आरक्षक महेंद्र यादव सहित पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक दोनों को समझाया, जिसके बाद वे मान गए। घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए थे, जिससे कुछ देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ से मामला शांतिपूर्वक निपट गया और किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।1
- झाँसी। समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए डॉ. संदीप सरावगी द्वारा एक जरूरतमंद परिवार की बेटी की शादी में सहयोग प्रदान किया गया। बबीना निवासी ताशू, पिता राजेंद्र (पेशा—मजदूरी) एवं माता ममता की शादी 25 अप्रैल को संपन्न हुई। इस अवसर पर संघर्ष सेवा समिति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डॉ. सरावगी ने परिणय सूत्र में बंधने जा रही वधु को फुल साइज ट्रॉली बैग, साड़ी, पर्स सहित अन्य आवश्यक उपहार भेंट कर आशीर्वाद दिया। इस सराहनीय पहल से न केवल परिवार को आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी गया कि सामूहिक प्रयास से जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। कार्यक्रम में ऐश्वर्य सरावगी, संदीप नामदेव, राजू सेन, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, शुभांशु वर्मा, पवा बाल्मीकि, साहिल, बसंत गुप्ता, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, सुशांत गुप्ता, मास्टर मुन्नालाल, प्रतीम सिंह, प्रमेन्द्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने नवदंपति को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए समाज में इस तरह के सहयोगात्मक कार्यों को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।1
- झांसी-कानपुर हाईवे पर आपे पलटा, चालक की मौत, दो घायल मोठ (झांसी)। झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे-27 पर मोठ कोतवाली क्षेत्र के जौरा ओवरब्रिज के पास रविवार को एक आपे अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, आपे में सवार तीन लोग उन्नाव जनपद के पुरवा थाना क्षेत्र के गढ़कोला गांव के निवासी थे, जो महाराष्ट्र जा रहे थे। जौरा ओवरब्रिज के पास वाहन पहले रेलिंग से टकराया और उसके बाद अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में आपे चला रहे जंग बहादुर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि विनोद और घनश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोठ ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बायपास रोड किनारे गिट्टी और बालू का अवैध रूप से भंडारण किया गया था, जिससे रेलिंग स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। इसके कारण चालक को सड़क का सही दिशा-निर्देशन समझ में नहीं आ सका और हादसा हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ऑटो हंसारी से झांसी की ओर जा रहा था और उसमें क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां बैठी थीं। बताया जा रहा है कि ऑटो में कुल 11 वयस्क और 3 बच्चे सवार थे, जबकि ऑटो का परमिट केवल 3 सवारियों का है। आगे ड्राइवर के साथ दो बुजुर्ग और एक बच्चा बैठा था, जबकि पीछे करीब 9 सवारियां ठूंस-ठूंस कर बैठाई गई थीं। हादसे का कारण ऑटो चालक के अनुसार, आगे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति को चलते वाहन में झपकी आ गई और उनका हाथ अचानक हैंडल से टकरा गया, जिससे ऑटो का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार के कारण वाहन पलट गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि पलटने के बाद ऑटो का मुंह झांसी से उलटकर बबीना की दिशा में हो गया। मची चीख-पुकार, राहगीरों ने बचाई जान ऑटो पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दौड़कर ऑटो को सीधा किया और उसमें फंसी सवारियों को बाहर निकाला। कई यात्री घायल हुए, जिनमें कुछ गंभीर रूप से चोटिल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव घटना की सूचना तत्काल प्रेमनगर थाना पुलिस को दी गई। साथ ही आम नागरिकों ने 108 Ambulance Service पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों और ऑटो चालकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि झांसी-जेल चौराहे पर तैनात यातायात पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ऑटो में 12 से 16 सवारियां भरकर खुलेआम संचालन होता है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि झांसी से बबीना रूट पर ऑटो चालकों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। इसके अलावा नगर निगम की पार्किंग के नाम पर प्रतिदिन 20 रुपये भी लिए जाते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि सोनू नाम का एक व्यक्ति जेल चौराहे पर दिनभर ऑटो चालकों से पैसे वसूलता नजर आता है और यातायात पुलिसकर्मियों से बातचीत करता रहता है। यह हादसा एक बार फिर ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर करता है। यदि ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां न होतीं, तो संभवतः यह दुर्घटना टल सकती थी।1
- केंद्रीय संचार एवं पूर्वाेत्तर क्षेत्र विकास मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने शिवपुरी प्रवास के तीसरे दिन शिवपुरी के कोटा-भगोरा क्षेत्र में आयोजित आज की जनसुनवाई में लगभग 782 आवेदनों को सुना। इनमें से कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रत्येक आवेदन को टोकन प्रणाली के अंतर्गत पंजीकृत कर ऑनलाइन ट्रैकिंग से जोड़ा गया है, जिससे हर प्रकरण की पारदर्शी और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित हो सके। आयुष्मान कार्ड, बीपीएल कार्ड, प्रमाण पत्र, लाड़ली लक्ष्यमी योजना, पीएम आवास योजना पंजीयन तथा विभिन्न जांच संबंधी मामलों पर विशेष रूप से सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न हितग्राहियों का मौके पर ही निराकरण किया गया। उनमें इंदर सिंह आदिवासी, जूली जाटव, नंदकिशोर को तुरंत संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र प्रदाय किया गया। अमर सिंह आदिवासी, राजकुमार के आवेदन का तुरंत निराकरण कर फौती नामांतरण दिया गया। लाड़ली लक्ष्मी योजना में मनीषा ओझा, हरिवल्लभ-नंदनी, मृगेन्द्र गुर्जर को मौके पर ही प्रमाण पत्र दिया गया। नानू आदिवासी को तुरंत वृद्धा पेंशन का प्रमाण पत्र दिया गया। जतनाम सिंह, ग्यासी बंजारा को जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया। मोहन को तुरंत मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को निशुल्क साइकिल का भी वितरण किया गया। उल्लेखनीय है कि यह जनसुनवाई दूसरे चरण की श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें पिछले तीन दिनों में शिवपुरी जिले में तीन बड़े जनसुनवाई शिविर- लुकवासा, भोंती और कोटा में आयोजित किए गए। इन शिविरों में 3000 से अधिक नागरिकों की समस्याएं सीधे केंद्रीय मंत्री, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुनी गईं।6