बबेरू पुरानी तहसील रोड पर पुलिया निर्माण व रास्ता बनने में देरी से बढ़ी चिंता, बाराफात जुलूस को लेकर एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, मामला बबेरू तहसील परिसर कर है जहाँ मुस्लिम समुदाय के विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों द्वारा आगामी बाराफात के जुलूस के मार्ग में आ रही बाधा को लेकर आज सोमवार की दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी अवनीश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी तहसील रोड पर चल रहे पुलिया निर्माण व सड़क नाली निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। कमेटी के पदाधिकारियो ने ज्ञापन के माध्यम बताया गया है कि पुरानी तहसील रोड से सुंदर कुआं रोड होते हुए बाराफात का जुलूस निकाला जाता है। पुरानी तहसील रोड पर पिछले कई दिनों से पुलिया का निर्माण के बाद नाली सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा जिससे ठेकेदार के द्वारा कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो आगामी जो 25 या 26 अगस्त को निकलने वाले बाराफात के जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जिससे ध्यान में रखते हुए संबंधित ठेकेदार को त्वरित गति से कार्य पूरा करने का आदेश देने की कृपा की जाए, ताकि समय रहते रास्ता सही हो सके। इस मौके पर अंजुमन रजा मुस्तफा शहर कमेटी, जश्न-ए-चिरागा कमेटी के पदाधिकारियों कासिम खांन, मोनिश खांन,शफीक अहमद, सद्दाम, परवेज, मो. आसिफ, गुलाम गफूर, इमरान खान, अबरार खान, अमन राजा आदि लोग मौजूद रहे।
बबेरू पुरानी तहसील रोड पर पुलिया निर्माण व रास्ता बनने में देरी से बढ़ी चिंता, बाराफात जुलूस को लेकर एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, मामला बबेरू तहसील परिसर कर है जहाँ मुस्लिम समुदाय के विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों द्वारा आगामी बाराफात के जुलूस के मार्ग में आ रही बाधा को लेकर आज सोमवार की दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी अवनीश कुमार को एक
ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी तहसील रोड पर चल रहे पुलिया निर्माण व सड़क नाली निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। कमेटी के पदाधिकारियो ने ज्ञापन के माध्यम बताया गया है कि पुरानी तहसील रोड से सुंदर कुआं रोड होते हुए बाराफात का जुलूस निकाला जाता है। पुरानी तहसील रोड पर पिछले कई
दिनों से पुलिया का निर्माण के बाद नाली सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा जिससे ठेकेदार के द्वारा कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो आगामी जो 25 या 26 अगस्त को निकलने वाले बाराफात के जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता
है। जिससे ध्यान में रखते हुए संबंधित ठेकेदार को त्वरित गति से कार्य पूरा करने का आदेश देने की कृपा की जाए, ताकि समय रहते रास्ता सही हो सके। इस मौके पर अंजुमन रजा मुस्तफा शहर कमेटी, जश्न-ए-चिरागा कमेटी के पदाधिकारियों कासिम खांन, मोनिश खांन,शफीक अहमद, सद्दाम, परवेज, मो. आसिफ, गुलाम गफूर, इमरान खान, अबरार खान, अमन राजा आदि लोग मौजूद रहे।
- aap logon se ek anrodh hai hare yahan par nali ki shbhida uplabdh nahi hai ise banwane ki kosish ki jaye1
- क्या महापुरुषों का सम्मान केवल भाषण तक सीमित? है खेत सिंह खंगार की खंडित प्रतिमा ने व्यवस्था से पूछा असहज सवाल? बांदा। पत्थर की प्रतिमा टूटने से अधिक पीड़ादायक तब होता है, जब उसके साथ जुड़ी एक पूरी पीढ़ी की स्मृतियां और स्वाभिमान भी उपेक्षा की धूल में दबे दिखाई दें। महाराज खेत सिंह खगार की खंडित प्रतिमा आज केवल प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक नहीं, बल्कि उन दावों पर भी प्रश्नचिह्न है जिनमें संस्कृति, विरासत और महापुरुषों के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं। प्रतिमा की बदहाल स्थिति देखकर समाजसेवी यशवंत सिंह राणा स्वयं को संभाल नहीं सके। उनकी आंखों से छलके आंसू केवल व्यक्तिगत भावुकता नहीं थे, बल्कि उस पीड़ा की अभिव्यक्ति थे जिसे समाज लंबे समय से महसूस कर रहा है।मौके पर मौजूद नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "सत्ता के काफिले जिस सड़क से गुजरते हैं, वहां विकास रातों-रात दिखाई देने लगता है। लेकिन वर्षों से टूटी पड़ी महाराज खेत सिंह खगार की प्रतिमा किसी की संवेदना नहीं जगा पाती। आखिर यह भेदभाव क्यों?" यशवंत सिंह राणा ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान केवल जयंती और पुण्यतिथि पर माल्यार्पण से नहीं होता, बल्कि उनके प्रतीकों की सुरक्षा और संरक्षण से होता है। यदि समाज अपने इतिहास के प्रहरी महापुरुषों की प्रतिमाएं तक सुरक्षित नहीं रख सकता, तो विरासत बचाने के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए, उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई हो तथा तत्काल नई प्रतिमा स्थापित कर उसकी स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौन और लापरवाही ऐसे कृत्यों को अप्रत्यक्ष संरक्षण देने का काम करती है।स्थानीय लोगों ने भी एक स्वर में कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का नहीं, बल्कि समाज के सम्मान का प्रश्न है। यदि आज भी जिम्मेदार तंत्र नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ियां यह सवाल अवश्य पूछेंगी कि आखिर अपने इतिहास और महापुरुषों की रक्षा करने में हम इतने असहाय क्यों साबित हुए।1
- बांदा डीएम ने बाम्बेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक जनकल्याण की कामना बांदा। बांदा के जिलाधिकारी अमित आसेरी ने आज जनपद के सुप्रसिद्ध आस्था केंद्र बाम्बेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान जिलाधिकारी ने देवाधिदेव महादेव से जनपद के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान शिव की कृपा सभी पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। सावन के पावन माह में डीएम के इस धार्मिक दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।1
- बांदा प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने जिलाधिकारी से रोडवेज बसों और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। बांदा प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने जिलाधिकारी से रोडवेज बसों और डग्गामार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।1
- बबेरू पुरानी तहसील रोड पर पुलिया निर्माण व रास्ता बनने में देरी से बढ़ी चिंता, बाराफात जुलूस को लेकर एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन, मामला बबेरू तहसील परिसर कर है जहाँ मुस्लिम समुदाय के विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों द्वारा आगामी बाराफात के जुलूस के मार्ग में आ रही बाधा को लेकर आज सोमवार की दोपहर करीब 12:30 बजे उपजिलाधिकारी अवनीश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी तहसील रोड पर चल रहे पुलिया निर्माण व सड़क नाली निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है। कमेटी के पदाधिकारियो ने ज्ञापन के माध्यम बताया गया है कि पुरानी तहसील रोड से सुंदर कुआं रोड होते हुए बाराफात का जुलूस निकाला जाता है। पुरानी तहसील रोड पर पिछले कई दिनों से पुलिया का निर्माण के बाद नाली सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा जिससे ठेकेदार के द्वारा कार्य बहुत धीमी गति से किया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई, तो आगामी जो 25 या 26 अगस्त को निकलने वाले बाराफात के जुलूस के दौरान स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जिससे ध्यान में रखते हुए संबंधित ठेकेदार को त्वरित गति से कार्य पूरा करने का आदेश देने की कृपा की जाए, ताकि समय रहते रास्ता सही हो सके। इस मौके पर अंजुमन रजा मुस्तफा शहर कमेटी, जश्न-ए-चिरागा कमेटी के पदाधिकारियों कासिम खांन, मोनिश खांन,शफीक अहमद, सद्दाम, परवेज, मो. आसिफ, गुलाम गफूर, इमरान खान, अबरार खान, अमन राजा आदि लोग मौजूद रहे।4
- *जनता की आवाज़ उठाना लोकतंत्र का हिस्सा* बांदा। जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड संगठन प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का सहयोगी दल है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि सत्ता पक्ष का जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं पर मौन हो जाए। उन्होंने कहा कि जब भी वे जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन देती हैं, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति एवं संबंधित विभागों तक जनहित के मुद्दे पहुँचाती हैं, तब कुछ लोग इसे सरकार का विरोध बताकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं, जबकि लोकतंत्र में सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना जनप्रतिनिधि का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने संसदीय परंपराओं में रचनात्मक आलोचना के महत्व पर बल दिया था, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखने को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया था, लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सत्ता से ऊपर जनता की सर्वाेच्चता का संदेश दिया था तथा इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी अपने लेखन में लोकतंत्र को संवाद, असहमति और जवाबदेही से मजबूत होने वाला बताया है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि वह वर्षों से पत्रकारों, महिलाओं, किसानों, युवाओं, मजदूरों, दिव्यांगजनों और समाज के हर वर्ग की आवाज़ उठाती रही हैं, आज भी उठा रही हैं और आगे भी उठाती रहेंगी, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। उन्होंने कहा कि अपनी सरकार से सवाल करना गलत नहीं है, सरकार तक जनता की आवाज़ पहुँचाना गलत नहीं है और जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग करना सरकार का विरोध नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनता की आवाज़ उठाने को विपक्ष की भूमिका मानता है तो यह उसकी सोच हो सकती है, लेकिन उनके लिए जनता सर्वाेपरि है और जनहित की लड़ाई भविष्य में भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगी।1
- *चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना* *चकबंदी विभाग के भ्रष्टाचार के खिलाफ लखनऊ में किसानों का धरना* आज इंदिरा भवन, लखनऊ में चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अमली-कौर लोहरा के सैकड़ों किसान धरने पर बैठ गए हैं। धरने का नेतृत्व बलराम तिवारी, किसान सेवक रोहित द्विवेदी, अर्पित, जय राम निषाद, राम लखन, अवधेश तिवारी, रविंद्र सिंह, जमुना और अमन सिंह कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसी को लेकर सैकड़ों किसान इंदिरा भवन पर जमा होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान तब तक धरने पर डटे रहने की बात कह रहे हैं जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती।2
- मटौंध क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका बांदा। जनपद के थाना मटौंध क्षेत्र में एक व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मृतक के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान हैं। घटनास्थल से शराब की खाली बोतलें और नमकीन के पैकेट भी बरामद हुए हैं, जिन्हें साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया गया है। पुलिस की जांच में मृतक की पहचान थाना तिंदवारी क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ गुड्डू के रूप में हुई है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है तथा साक्ष्य संकलन एवं अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है। सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक ने बताया कि मामले के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। #bandanews #chiitranshtv1